MP News: राजधानी भोपाल में गुरुवार (19 मार्च 2026) को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्कूल शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल में हुए टेंडरों को लेकर बड़ा आरोप लगाया।
पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने पत्रकार वार्ता में वर्ष 2023 से 2025 के बीच टेंडर प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और संगठित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ पुराने टेंडरों तक सीमित नहीं है, बल्कि 2026 में जारी नई प्रक्रिया में भी वही गड़बड़ियां दोहराए जाने की आशंका है।
“पुरानी गड़बड़ियां, नए टेंडर में दोहराने की तैयारी”
मुकेश नायक ने कहा कि कांग्रेस यह मुद्दा इसलिए उठा रही है ताकि सरकार को पहले ही चेताया जा सके। उनका कहना है कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो आने वाले टेंडरों में भी करोड़ों का घोटाला हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि तकनीकी शर्तों के जरिए प्रतिस्पर्धा को सीमित कर ठेके पहले से तय किए जाते हैं।
जल संसाधन विभाग का भी दिया हवाला
कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे को पहले सामने आए जल संसाधन विभाग के मामलों से जोड़ते हुए कहा कि वहां भी फर्जी बैंक गारंटी और टेंडर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि अश्विन नाटू और नौशाद जैसे नाम बार-बार क्यों सामने आते हैं और उनका विभागों से क्या संबंध है, इस पर सरकार अब तक चुप क्यों है।
2023 का टेंडर: 40 करोड़ से 90 करोड़ तक पहुंची लागत
मुकेश नायक ने बताया कि वर्ष 2023 में माध्यमिक शिक्षा मंडल के तहत 3500 कंप्यूटर, यूपीएस और प्रिंटर की खरीदी के लिए टेंडर जारी हुआ था।
शुरुआती लागत: करीब 40 करोड़ रुपये
अंतिम लागत: लगभग 90 करोड़ रुपये
आरोप: बाजार मूल्य से 200-250% अधिक कीमत पर खरीदी
उन्होंने कहा कि तत्कालीन अध्यक्ष वीणा राणा के कार्यकाल में टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें जोड़ी गईं, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई। इस मामले में ठेकेदार प्रीति चतुर्वेदी द्वारा पीएमओ में शिकायत भी की गई थी और केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की बात सामने आई।
2025 का इंटरएक्टिव बोर्ड टेंडर भी सवालों में
वर्ष 2025 में DPI के तहत इंटरएक्टिव बोर्ड की खरीदी में भी अनियमितताओं के आरोप लगे। मुकेश नायक के मुताबिक, डायरेक्टर शिल्पा गुप्ता के कार्यकाल में ऐसे टेंडर बनाए गए जिनमें प्रतिस्पर्धा को सीमित किया गया।
60-70 हजार के उपकरण
खरीदे गए 1.10 लाख रुपये से अधिक कीमत पर
उन्होंने इसे “पूर्व निर्धारित खेल” बताते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई।
Acer कंपनी को बाहर कर, उसी के उपकरण खरीदे?
कांग्रेस ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस Acer कंपनी को टेंडर प्रक्रिया से बाहर किया गया था, अंत में उसी कंपनी के उपकरणों की सप्लाई करवाई गई। मुकेश नायक ने कहा कि इससे साफ है कि पूरी प्रक्रिया पहले से तय थी और टेंडर केवल दिखावा था।
2026 के नए टेंडर पर भी उठे सवाल
वर्तमान में प्रदेश स्तर पर इंटरएक्टिव बोर्ड की केंद्रीकृत खरीदी के लिए नया टेंडर जारी किया गया है। कांग्रेस ने आशंका जताई है कि:
तकनीकी शर्तों के जरिए प्रतिस्पर्धा फिर सीमित की जाएगी
उपकरणों की कीमत 200-250% तक बढ़ाई जा सकती है
पुराने पैटर्न को दोहराया जा सकता है
‘विंध कोठी’ कनेक्शन पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले में “विंध कोठी” का नाम बार-बार सामने आने पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं:
यहां बड़े ठेकेदारों का जमावड़ा क्यों लगता है?
अश्विन नाटू किस अधिकार से ठेकेदारों को बुलाते हैं?
उनका इस स्थान से आधिकारिक संबंध क्या है?
हर विभाग के टेंडर में इस जगह का नाम क्यों जुड़ रहा है?
मुकेश नायक ने कहा कि इस “कनेक्शन” की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने इस मामले में सरकार से कई बड़ी मांगें रखी हैं:
2023 से अब तक के सभी टेंडरों की SIT से जांच
सभी भुगतानों का फॉरेंसिक ऑडिट
संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की जांच
दोषियों पर सख्त कार्रवाई
बड़ा घोटाला या सियासी आरोप?
स्कूल शिक्षा विभाग के टेंडरों पर लगे ये आरोप प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। जहां कांग्रेस इसे संगठित भ्रष्टाचार बता रही है, वहीं अब सरकार और जांच एजेंसियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। अगर इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
Mumbai Indians Squad Analysis: पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के लिए आईपीएल 2026 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि अपनी बादशाहत वापस पाने की जंग है। पिछले कुछ सीजन उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं, लेकिन इस बार ब्लू ब्रिगेड एक नए जोश और बदली हुई रणनीति के साथ मैदान पर उतरने को तैयार है। वानखेड़े के शोर के बीच क्या हार्दिक पांड्या अपनी टीम को उस ऐतिहासिक छठे खिताब तक ले जा पाएंगे, जिसका इंतजार फैंस बेसब्री से कर रहे हैं?
मुंबई इंडियंस की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से उनकी बल्लेबाजी रही है। इस बार भी टीम का टॉप और मिडिल ऑर्डर किसी भी विपक्षी टीम के लिए बुरे सपने जैसा है। अनुभवी रोहित शर्मा और क्विंटन डी कॉक की ओपनिंग जोड़ी विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने के लिए तैयार है। इसके बाद दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव और युवा सनसनी तिलक वर्मा पारी को संभालने और उसे बड़े स्कोर में बदलने का माद्दा रखते हैं।
निचले क्रम में कप्तान हार्दिक पांड्या और शेरफेन रदरफोर्ड जैसे पावर-हिटर मौजूद हैं, जो आखिरी ओवरों में मैच का पासा पलटने की काबिलियत रखते हैं। रदरफोर्ड का हालिया टी20 फॉर्म मुंबई के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
गेंदबाजी: बुमराह और बोल्ट की घातक जोड़ी फिर साथ
मुंबई इंडियंस के फैंस के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट की जोड़ी एक बार फिर साथ है। बुमराह की सटीक यॉर्कर और बोल्ट की स्विंग गेंदबाजी शुरुआती ओवरों में किसी भी बल्लेबाजी लाइनअप को तहस-नहस कर सकती है। साथ ही, टीम में दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर जैसे अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भी शामिल हैं, जो न सिर्फ विकेट चटकाते हैं, बल्कि निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं।
कमजोरी: क्या स्पिन विभाग बनेगा गले की फांस?
तमाम खूबियों के बाद भी मुंबई के स्क्वाड में एक बड़ी कमजोरी नजर आ रही है-वह है एक ‘मैच विनर’ स्पिनर की कमी। टीम के पास मिचेल सेंटनर और मयंक मारकंडे जैसे विकल्प तो हैं, लेकिन अगर इनमें से कोई चोटिल होता है या खराब फॉर्म से गुजरता है, तो बैकअप के तौर पर बड़े नामों की कमी खल सकती है। हालांकि, विल जैक्स जैसे पार्ट-टाइम स्पिनर इस कमी को पूरा करने की कोशिश करेंगे, लेकिन चेपॉक या कोटला जैसी पिचों पर मुंबई को मुश्किल हो सकती है।
चुनौतियां और अवसर
मुंबई के पास आईपीएल इतिहास की पहली ऐसी टीम बनने का मौका है जो 6 खिताब अपने नाम करे। फिलहाल वे सीएसके के साथ 5-5 की बराबरी पर हैं। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रमुख खिलाड़ियों (जैसे बुमराह और चाहर) की फिटनेस और चोटों से बचना होगा। अगर मुंबई अपनी पूरी ताकत के साथ खेलती है, तो उन्हें फाइनल तक पहुंचने से रोकना नामुमकिन होगा।
Fake Notes With Face Value Of Rs 2 Crore 38 Lakhs Seized In Ahmedabad, 7 Held
अहमदाबाद19 मिनट पहले
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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। नकली नोट छापने का काम सूरत के एक आश्रम में हो रहा था। पुलिस ने यहां छापेमारी कर नोट छापनें की की मशीनों के साथ 2.38 करोड़ रुपए के नकली नोट जब्त किए।
इस रैकेट का मुख्य आरोपी और तथाकथित योग गुरु प्रदीप जोटांगिया समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक की जांच में पता चला है कि नकली नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला खास कागज चीन से मंगाया जाता था। इसका पेमेंट क्रिप्टो करंसी के जरिए किया गया था।
पुलिस हिरासत में अन्य 6 आरोपी।
कार रोकते ही रैकेट का पर्दाफाश हुआ
क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली नोटों की हेराफेरी कर रहे हैं। इसी आधार पर एसीपी और पीआई की एक टीम गठित की गई और अहमदाबाद के अमराईवाड़ी इलाके में एक फॉर्च्यूनर कार रोकी गई। तलाशी के दौरान गाड़ी से 2.38 करोड़ रुपए कीमत के 500 रुपए के नकली नोट बरामद हुए।
पुलिस जांच में पता चला है कि सत्यम योग फाउंडेशन के वाहन में नकली नोटों की तस्करी की जा रही थी। नोटों की सप्लाई के लिए कर पर भारत सरकार और आयुष मंत्रालय के नाम लिखे हुए थे। क्राइम ब्रांच ने अहमदाबाद और सूरत में छापेमारी की तो इस पूरे रैकेट का खुलासा हुआ।
रैकेट का मुख्य आरोपी प्रदीप जोटांगिया को ‘गुरुजी’ के नाम से पहचाना जाता है।
विदेश से मंगवाए गए प्रिंटर भी जब्त
आश्रम में छापे गए ये सभी नोट 500 रुपए के हैं। नकली नोट सूरत में बनाए गए थे और इन्हें खपाने के लिए अहमदाबाद लाया जाता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस नोट खपाए जाने वाली जगहों की जांच में जुटी है। आशंका है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो धीरे-धीरे कर नोट मार्केट में खपाया करते थे।
सूरत के आश्रम से क्या-क्या मिला?
रैकेट का मुख्य आरोपी प्रदीप जोटांगिया को ‘गुरुजी’ के नाम से पहचाना जाता है। प्रदीप सूरत में ‘सत्यम योग फाउंडेशन’ नाम से आश्रम चला रहा था। आश्रम से नकली नोट छापने की कई मशीनें, विदेश से मंगवाए गए प्रिंटर भी जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया कि आश्रम का इस्तेमाल आध्यात्मिक गतिविधियों के बजाय नकली नोटों की छपाई के लिए हो रहा था।
सूरत में ‘सत्यम योग फाउंडेशन’ नाम के इस आश्रम में छापे जा रहे थे नकली नोट।
‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ के फर्जी ने प्लेट वाली कार से होती थी सप्लाई
क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक, यह रैकेट करीब छह महीनों से सक्रिय था और इस दौरान 20 लाख रुपए की कीमत से ज्यादा के नकली नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं। नोटों की सप्लाई के लिए आयुष मंत्रालय ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ के फर्जी नेम प्लेट लगी कार का इस्तेमाल किया जाता था।
आयुष मंत्रालय, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया लिखी इसी कार से करते थे नोटों की सप्लाई।
प्रदीप के एक साथी के घर से भी मिली फेक करंसी
सूरत अपराध शाखा ने सूरत शहर के सारथाना इलाके में कृष्णा रो हाउस के मकान नंबर 77 पर छापा मारा। यहां से भी लाखों रुपए के नकली नोट और प्रिंटर जब्त किए गए हैं। इस मकान में योग गुरु प्रदीप का एक साथी मुकेश पटेल रहता था। मुकेश पटेल को हिरासत में लेकर रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है।
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अशोक खरात एक रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अफसर है। वह खुद को कैप्टन कहता था।
महाराष्ट्र के नासिक में एक 35 साल की महिला से बार-बार रेप और ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने बुधवार को एक मशहूर ज्योतिषी अशोक खरात (67) को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, ज्योतिषी कई महिलाओं का यौन उत्पीड़न कर चुका है।
FIR के अनुसार, खरात खुद को कैप्टन कहता था क्योंकि वह रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अफसर है। वह महिलाओं को उनकी समस्याएं हल करने का झांसा देकर अपने ऑफिस बुलाता था। वहां पहुंचने के बाद वह उन्हें नशीला पदार्थ देकर सम्मोहित करता था।
वह महिलाओं को डराकर खासकर उनके पति की मौत की धमकी देकर या तंत्र-मंत्र के डर का हवाला देकर रेप करता था। जांच में यह भी सामने आया कि खरात ने अपने ऑफिस में हिडन CCTV कैमरे लगा रखे थे।
पुलिस को एक पेन ड्राइव मिली है, जिसमें 58 अलग-अलग महिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो होने की बात कही जा रही है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए IPS अधिकारी तेजस्विनी सातपुते के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी पहचान एक सिद्ध ज्योतिषी के रूप में बना ली थी।
महिला का आरोप- भविष्यवाणियों से डराता, धमकी देता था
FIR दर्ज कराने वाली एक महिला का आरोप है ज्योतिषी ने नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 के बीच कई बार यौन शोषण किया। पीड़िता का आरोप है कि पूजा-पाठ के बहाने ज्योतिषी उसे नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके स्थित अपने ऑफिस में बुलाता था।
FIR के अनुसार, ज्योतिषी महिला से कहता था कि उसकी भविष्यवाणी के अनुसार उसके पति की जान को खतरा है। इसके बाद वह महिला को नशीला पेय पिलाकर उसके साथ रेप करता था। पुलिस ने बताया कि वह महिला को अपनी भविष्यवाणियों और धमकियों के जरिए डराता भी था।
खरात के राजनीतिक संबंध दिल्ली से महाराष्ट्र तक फैले
खरात नासिक जिले के सिन्नर तालुका के मिरगांव स्थित श्री ईशनेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट का चेयरमैन है। वहां उसका एक आलीशान फार्महाउस है, जहां कई प्रभावशाली लोग आते-जाते थे। आरोपी नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके में ‘ओकस प्रॉपर्टी डीलर्स एंड डेवलपर्स’ नाम से ऑफिस चलाता था।
आरोप है कि वहां असल में आपराधिक गतिविधियां होती थीं। उसने खुद को समाज में एक शक्तिशाली और सिद्ध ज्योतिषी के रूप में स्थापित कर लिया था। कहा जाता है कि उसके राजनीतिक संबंध दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र की सत्ता तक फैले हुए थे।
बताया गया कि अतीत में कई राजनेता और चर्चित लोग इस ज्योतिषी से मिलने आते रहे हैं। उसे कई नेताओं, सेलिब्रिटीज और उद्योगपतियों का आध्यात्मिक मार्गदर्शक माना जाता था। नवंबर 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उनके कैबिनेट सहयोगी राधाकृष्ण विखे पाटिल और दीपक केसरकर के साथ खरात से मिरगांव मंदिर में मिले थे।
पुलिस ने आरोपी को उसके बेडरूम से गिरफ्तार किया
नासिक पुलिस ने बुधवार को खरात की गिरफ्तारी के लिए एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया था। रात के अंधेरे में पुलिस ने आरोपी के घर के बाहर चोर-चोर चिल्लाकर अफरा-तफरी का माहौल बनाया। इसी बहाने टीम घर के अंदर पहुंची और आरोपी को उसके बेडरूम से गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान खरात के फार्महाउस से एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और इस्तेमाल किए गए कारतूस भी बरामद हुए। मिरगांव स्थित मंदिर और आश्रम में भी तलाशी ली गई, जहां कई संदिग्ध दस्तावेज मिले। पुलिस के मुताबिक महाराष्ट्र में उसकी कई संपत्तियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं।
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FIR के अनुसार, खरात खुद को कैप्टन कहता था क्योंकि वह रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अफसर है। वह महिलाओं को उनकी समस्याएं हल करने का झांसा देकर अपने ऑफिस बुलाता था। वहां पहुंचने के बाद वह उन्हें नशीला पदार्थ देकर सम्मोहित करता था।
वह महिलाओं को डराकर खासकर उनके पति की मौत की धमकी देकर या तंत्र-मंत्र के डर का हवाला देकर रेप करता था। जांच में यह भी सामने आया कि खरात ने अपने ऑफिस में हिडन CCTV कैमरे लगा रखे थे।
पुलिस को एक पेन ड्राइव मिली है, जिसमें 58 अलग-अलग महिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो होने की बात कही जा रही है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए IPS अधिकारी तेजस्विनी सातपुते के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी पहचान एक सिद्ध ज्योतिषी के रूप में बना ली थी।
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योग गुरु ने आश्रम में छापे 2 करोड़ की नकली नोट, 6 गिरफ्तार
अहमदाबाद: गुजरात में नकली नोटों के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसने कानून-व्यवस्था एजेंसियों को भी चौंका दिया. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 2 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं. इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक तथाकथित ‘योग गुरु’ भी शामिल है.
पुलिस के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था. कार्रवाई अमराईवाड़ी इलाके में की गई, जहां से 500 रुपये के बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए. इसके अलावा सूरत में भी छापेमारी की गई, जहां से करीब 80 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए गए.
‘गुरुजी’ के आश्रम से क्या-क्या मिला? इस रैकेट का मुख्य आरोपी प्रदीप जोटांगिया बताया जा रहा है, जो ‘गुरुजी’ के नाम से जाना जाता है और ‘सत्यम योग फाउंडेशन’ नामक आश्रम चलाता था. पुलिस ने जब आश्रम में छापा मारा तो वहां से नकली नोट छापने की मशीनें भी बरामद हुईं. जांच में सामने आया कि आश्रम का इस्तेमाल आध्यात्मिक गतिविधियों के बजाय नकली नोटों की छपाई के लिए किया जा रहा था.
क्या है सबसे चौंकाने वाला खुलासा? सबसे चौंकाने वाला खुलासा इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को लेकर हुआ है. जांच में पता चला है कि नकली नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला खास कागज चीन से मंगाया जाता था. पुलिस को एक चीनी नागरिक का संपर्क नंबर भी मिला है, जिसके जरिए यह सप्लाई होती थी. इस इनपुट को केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया गया है, ताकि इस नेटवर्क की गहराई तक जांच की जा सके.
कब से सक्रिय था ये रैकेट क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, यह रैकेट पिछले करीब छह महीनों से सक्रिय था और इस दौरान लाखों रुपये के नकली नोट बाजार में खपाए जा चुके थे. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 20 लाख रुपये के नकली नोट पहले ही बाजार में चलाए जा चुके थे, जिससे आम लोगों और व्यापारियों को नुकसान हो सकता था. गिरोह के काम करने का तरीका भी बेहद शातिराना था. आरोपी ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ और आयुष मंत्रालय के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी सरकारी गाड़ियों का उपयोग करते थे. इन गाड़ियों के जरिए नकली नोटों की सप्लाई की जाती थी, ताकि किसी को शक न हो. पुलिस का मानना है कि सरकारी पहचान का दुरुपयोग कर यह गिरोह लंबे समय तक पकड़ से बचा रहा.
कौन-कौन शामिल जांच में जुटी एजेंसियां जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और इसका मास्टरमाइंड कौन है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली नोट किन-किन राज्यों में सप्लाई किए गए. इस पूरे मामले ने एक बार फिर दिखा दिया है कि नकली नोटों का कारोबार अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी सक्रिय हैं. पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और इस रैकेट के कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं.
Tamil Nadu school exams 2026,”तमिलनाडु स्कूलों में चुनाव से पहले कक्षा 1-9 की परीक्षाओं का नया शेड्यूल—क्या छात्रों को मिलेगा कम समय में तैयारी का मौका?”
IPL 2026: आईपीएल 2026 का बिगुल बजने ही वाला है, लेकिन उससे ठीक पहले ऋतुराज गायकवाड़ और एमएस धोनी की पलटन के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। चेन्नई सुपर किंग्स से एक तूफानी खिलाड़ी बाहर हो गया है, इवेंट शुरू होने से पहले यह चिंताजनक खबर है।
नाथन एलिस को चेन्नई ने अपनी गेंदबाजी को धार देने के लिए टीम में शामिल किया था, वह बाहर हो गए हैं। अपनी सटीक यॉर्कर और स्लोअर बॉल्स के लिए मशहूर एलिस चेपॉक की धीमी पिच पर काफी असरदार साबित हो सकते थे। उनके बाहर होने से अब सीएसके को विदेशी तेज गेंदबाज के विकल्प के तौर पर एक बड़ा शून्य नजर आ रहा है।
इंजरी बनी विलेन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलिस को एक घरेलू मैच के दौरान पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिससे उबरने में उन्हें लंबा समय लगेगा। मेडिकल टीम ने उन्हें आराम की सलाह दी है, जिसका मतलब है कि वे इस साल पीली जर्सी में नजर नहीं आएंगे।
अब कौन होगा रिप्लेसमेंट?
नाथन एलिस के बाहर होने के बाद अब चर्चा इस बात पर है कि चेन्नई उनकी जगह किसे शामिल करेगी। क्या टीम किसी अनकैप्ड विदेशी खिलाड़ी पर दांव खेलेगी या फिर नीलामी में अनसोल्ड रहे किसी अनुभवी गेंदबाज को मौका देगी? जो भी हो, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले यह खबर चेन्नई के खेमे में मायूसी लेकर आई है।
टीम में भी हुआ है बड़ा बदलाव
इस बार नीलामी से पहले राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच एक ऐसा ‘ट्रेड’ हुआ है जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। राजस्थान के दिल की धड़कन कहे जाने वाले संजू सैमसन अब चेन्नई की पीली जर्सी में नजर आएंगे। वहीं, दूसरी ओर सीएसके के दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा राजस्थान रॉयल्स में आ गए हैं।
ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स इस सीजन जीत दर्ज करना चाहेगी। धोनी का यह अंतिम आईपीएल हो सकता है, शायद वह अगले सीजन में नजर नहीं आएंगे।
MP News: मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र में एक नाबालिग आदिवासी लड़की के अपहरण मामले ने तूल पकड़ लिया है। 17 वर्षीय लड़की को 11 मार्च की शाम बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पीड़िता परिवार की महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिछौंदना चौकी प्रभारी लगातार समझौता करने का दबाव बना रहा है। आरोप है कि आरोपी पक्ष से मिले-जुले होने के कारण जांच में लापरवाही बरती जा रही है।
गुरुवार (19 मार्च 2026) को पीड़िता की मां, बहनें और अन्य महिलाओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक दांगी बगदा के नेतृत्व में पुरानी कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसपी कार्यालय का घेराव किया। महिलाओं ने नारेबाजी की, बैनर लगाए और न्याय की गुहार लगाई। प्रदर्शनकारियों ने एसपी को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि लड़की को जल्द बरामद किया जाए, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो।
घटना का पूरा विवरण
पीड़िता की मां के अनुसार, 11 मार्च की शाम उनकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को भांडेर के गद्दीपुर मोहल्ला निवासी कल्लू कुशवाहा ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। अगले दिन 12 मार्च को भांडेर थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। लेकिन अब तक लड़की का कोई पता नहीं चला है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत से ही गंभीरता नहीं दिखाई।
17 मार्च को भी पीड़िता की मां को थाने बुलाया गया और राजीनामा करने के लिए दबाव बनाया गया। मना करने पर अभद्र व्यवहार किया गया। महिलाओं ने कहा कि बिछौंदना चौकी प्रभारी आरोपी पक्ष से मिला हुआ है, जिससे परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
एसपी कार्यालय पर घेराव और ज्ञापन
घेराव के दौरान महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी की-“नाबालिग बेटी लौटाओ”, “पुलिस मिली हुई है”, “न्याय दो, न्याय दो”। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक दांगी बगदा ने कहा कि पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने एसपी से मांग की कि:
नाबालिग लड़की को तत्काल बरामद कर सुरक्षित परिवार को सौंपा जाए।
आरोपी कल्लू कुशवाहा के खिलाफ POCSO एक्ट और अपहरण की सख्त धाराओं में कार्रवाई हो।
संबंधित चौकी प्रभारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो और उचित कार्रवाई की जाए।
परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
ज्ञापन में लिखा गया है कि परिवार अब तक भयभीत है और पुलिस की लापरवाही से न्याय की उम्मीद कम हो रही है।
पुलिस का पक्ष
एसपी दतिया ने कहा कि मामला दर्ज है और जांच चल रही है। लड़की की तलाश के लिए टीम गठित की गई है। आरोपों की जांच की जाएगी और किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई होगी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही लड़की बरामद की जाएगी।
आदिवासी परिवार की पीड़ा
पीड़िता आदिवासी डेरा में रहने वाले परिवार से है। परिवार का कहना है कि लड़की नाबालिग है और POCSO एक्ट लागू होना चाहिए। लेकिन पुलिस ने अभी तक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की। महिलाओं ने कहा कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन तेज करेंगी। यह मामला नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। दतिया जिले में अपहरण के मामले बढ़ रहे हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
West Bengal Election 2026 BJP Women Candidate List: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल गरम है और इस बार भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए महिला उम्मीदवारों पर खास दांव खेला है। पार्टी ने दो सूचियों में कुल 31 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जो सीधे तौर पर ममता बनर्जी की राजनीति को चुनौती देती नजर आ रही हैं। बीजेपी की यह रणनीति सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश भी मानी जा रही है।
बीजेपी ने पहली सूची में 11 और दूसरी सूची में 20 महिलाओं को टिकट दिया। यह साफ संकेत है कि पार्टी इस बार महिला वोट बैंक को साधने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है। खास बात यह है कि इन उम्मीदवारों में जमीनी कार्यकर्ता, सामाजिक चेहरों से लेकर चर्चित और फायरब्रांड नेता तक शामिल हैं। आइए जानें कौन हैं ये 31 महिला उम्मीदवार?
कौन हैं फायरब्रांड चेहरे?
इस लिस्ट में सबसे चर्चित नाम रूपा गांगुली (सोनारपुर दक्षिण) और प्रियंका टिबरेवाल (एन्टाली) का है। रूपा गांगुली जहां टॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं, वहीं प्रियंका टिबरेवाल अपनी आक्रामक कानूनी लड़ाइयों और राजनीतिक तेवर के लिए जानी जाती हैं। इसके अलावा चंदना बाउरी (सालतोरा), जो अपनी सादगी और संघर्ष की कहानी से चर्चा में आईं, और अग्निमित्रा पॉल (आसनसोल दक्षिण) जैसी नेता भी बीजेपी के मजबूत चेहरे हैं।
जमीनी से ग्लैमरस तक संतुलन
बीजेपी ने इस बार सिर्फ बड़े चेहरों पर भरोसा नहीं किया, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ाया है। जैसे मिताली मल (खरग्राम) और मल्लिका पाइक (मंदिरबाजार) लंबे समय से संगठन से जुड़ी रही हैं। वहीं मयना मुर्मू (मानबाजार) आदिवासी समाज की मजबूत आवाज मानी जाती हैं।
रूपा गांगुली भारतीय राजनीति और मनोरंजन जगत का जाना-पहचाना नाम हैं। वे राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं और पश्चिम बंगाल में बीजेपी का प्रमुख चेहरा हैं। उनके चुनावी हलफनामों के अनुसार, उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि स्नातक स्तर की है और वे पेशे से अभिनेत्री रही हैं। 1980-90 के दशक में टीवी शो “महाभारत” से लोकप्रियता मिली। राजनीति में आने के बाद उन्होंने महिला सुरक्षा और बंगाल में कानून-व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाया है।
2. प्रियंका टिबरेवाल
प्रियंका टिबरेवाल पेशे से वकील हैं और कोलकाता हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं। वे 2021 में भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। हलफनामे के अनुसार, उन्होंने कानून की पढ़ाई की है और उनके पास लीगल बैकग्राउंड है। वे बीजेपी की तेजतर्रार प्रवक्ता के रूप में जानी जाती हैं और बंगाल में महिला उत्पीड़न और राजनीतिक हिंसा के मुद्दों पर सक्रिय रही हैं।
3. चंदना बाउरी
चंदना बाउरी 2021 में सालतोरा सीट से विधायक बनी थीं और देशभर में अपनी सादगी के कारण चर्चा में आईं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी पारिवारिक आय बेहद सीमित थी और वे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आती हैं। उनकी शिक्षा सीमित है, लेकिन वे जमीनी स्तर की राजनीति का मजबूत चेहरा हैं। उनका चुनाव जीतना बीजेपी के “ग्रासरूट कनेक्ट” का बड़ा उदाहरण माना गया।
4. अग्निमित्रा पॉल
अग्निमित्रा पॉल फैशन डिजाइनर से राजनेता बनीं और वर्तमान में आसनसोल दक्षिण से विधायक हैं। उन्होंने NIFT से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की है। हलफनामे के अनुसार, वे उच्च शिक्षित उम्मीदवारों में गिनी जाती हैं। बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वे राज्य में महिला सुरक्षा और औद्योगिक विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही हैं।
5. शिखा चटर्जी
शिखा चटर्जी डाबग्राम-फूलबाड़ी सीट से विधायक हैं। उनके हलफनामे के अनुसार, वे स्नातक शिक्षित हैं और राजनीति में आने से पहले सरकारी सेवा से जुड़ी रही हैं। 2021 में उन्होंने टीएमसी के वरिष्ठ नेता को हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी। वे उत्तर बंगाल की राजनीति में एक अनुभवी और मजबूत संगठनात्मक चेहरा मानी जाती हैं।
6. सुमना सरकार
सुमना सरकार बालागढ़ (SC) सीट से उम्मीदवार हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, वे स्नातक शिक्षित हैं और सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला सार्वजनिक रिकॉर्ड में प्रमुख रूप से दर्ज नहीं है। वे अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक भागीदारी रखती हैं।
7. मिताली मल
मिताली मल खरग्राम (SC) सीट से उम्मीदवार हैं। उपलब्ध हलफनामा डेटा के अनुसार, उनकी शिक्षा माध्यमिक/उच्च माध्यमिक स्तर की है। वे स्थानीय राजनीति और पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। उनके नाम पर सीमित वित्तीय संपत्ति दर्ज है, जो उनकी जमीनी पृष्ठभूमि को दर्शाती है।
8. गार्गी दास घोष
गार्गी दास घोष कांदी सीट से उम्मीदवार हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार, वे शिक्षित उम्मीदवार हैं और स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी रखती हैं। उनके खिलाफ कोई प्रमुख आपराधिक मामला सार्वजनिक रूप से हाईलाइट नहीं हुआ है। वे शहरी और अर्ध-शहरी वोटर्स के बीच पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं।
9. अनामिका घोष
अनामिका घोष भरतपुर सीट से उम्मीदवार हैं। हलफनामे के अनुसार, उनकी शिक्षा और संपत्ति का विवरण मध्यम स्तर का है। वे पहली बार प्रमुख राजनीतिक मुकाबले में उतर रही हैं। उनके नाम पर कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड प्रमुख रूप से सामने नहीं आया है।
10. रेखा पात्रा
रेखा पात्रा हिंगलगंज (SC) सीट से उम्मीदवार हैं। चुनावी दस्तावेजों के अनुसार, वे अनुसूचित जाति वर्ग से आती हैं और स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनकी शिक्षा माध्यमिक स्तर की बताई जाती है। वे ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिनिधि उम्मीदवार के रूप में देखी जा रही हैं।
11. टुम्पा सरदार
टुम्पा सरदार बारुईपुर पूर्व (SC) सीट से उम्मीदवार हैं। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार, वे स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता माध्यमिक स्तर की बताई जाती है। वे अनुसूचित जाति समुदाय से आती हैं और क्षेत्र में पार्टी संगठन के साथ लंबे समय से जुड़ी हुई हैं।
12. सरबोरी मुखर्जी
सरबोरी मुखर्जी जादवपुर सीट से उम्मीदवार हैं। वे शिक्षित पृष्ठभूमि से आती हैं और शहरी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार, वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रही हैं। उनके खिलाफ कोई प्रमुख आपराधिक मामला हाईलाइट नहीं हुआ है।
13. पापिया (डे) अधिकारी
पापिया अधिकारी टॉलीगंज सीट से उम्मीदवार हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वे स्थानीय राजनीति में सक्रिय चेहरा हैं। उनकी शिक्षा और संपत्ति का विवरण चुनावी दस्तावेजों में दर्ज है, जिसमें वे मध्यम वर्गीय पृष्ठभूमि से आती हैं। वे पहली बार बड़े चुनावी मुकाबले में प्रमुख रूप से सामने आई हैं।
14. डॉ. शतरूपा
डॉ. शतरूपा बालीगंज सीट से उम्मीदवार हैं। वे पेशे से डॉक्टर हैं और उच्च शिक्षित उम्मीदवारों में गिनी जाती हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी पेशेवर पृष्ठभूमि मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी रही है। वे शहरी मतदाताओं के बीच स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों को उठा रही हैं।
15. पूर्णिमा चक्रवर्ती
पूर्णिमा चक्रवर्ती श्यामपुकुर सीट से उम्मीदवार हैं। वे स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, उनकी शिक्षा माध्यमिक/उच्च माध्यमिक स्तर की है। वे लंबे समय से संगठन से जुड़ी रही हैं और क्षेत्र में पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने में भूमिका निभा रही हैं।
16. बरनाली ढाली
बरनाली ढाली संकरैल (SC) सीट से उम्मीदवार हैं। वे अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं। चुनावी दस्तावेजों के अनुसार, वे सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता सीमित है लेकिन जमीनी नेटवर्क मजबूत माना जाता है।
17. बर्णाली दास
बर्णाली दास धानेखाली (SC) सीट से उम्मीदवार हैं। उपलब्ध हलफनामे के अनुसार, वे शिक्षित हैं और स्थानीय सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी रखती हैं। उनके नाम पर कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड प्रमुख रूप से सामने नहीं आया है।
18. स्वागता मन्ना
स्वागता मन्ना पिंगला सीट से उम्मीदवार हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार, वे स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। उनकी शिक्षा माध्यमिक स्तर की बताई जाती है। वे ग्रामीण इलाकों में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए जानी जाती हैं।
19. शुक्ला चटर्जी
शुक्ला चटर्जी बिश्नुपुर सीट से उम्मीदवार हैं। वे अनुभवी राजनीतिक चेहरा मानी जाती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वे लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और संगठनात्मक कार्यों में उनकी मजबूत पकड़ है।
20. मौमिता बिस्वास मिश्रा
मौमिता बिस्वास मिश्रा बर्धमान दक्षिण सीट से उम्मीदवार हैं। चुनावी दस्तावेजों के अनुसार, वे शिक्षित उम्मीदवार हैं और शहरी क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे पहली बार बड़े स्तर पर चुनावी मैदान में उतरी हैं।
21. रिंकी घोष
रिंकी घोष मुरारई सीट से उम्मीदवार हैं। वे अपेक्षाकृत नई और उभरती हुई राजनीतिक चेहरा हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, वे स्थानीय स्तर पर सक्रिय रही हैं और पार्टी संगठन से जुड़ी हैं।
22. सावित्री बर्मन
सावित्री बर्मन सीतलकुची सीट से उम्मीदवार हैं। वे उत्तर बंगाल के राजबंशी समुदाय से आती हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार, वे जमीनी स्तर की कार्यकर्ता हैं और स्थानीय सामाजिक मुद्दों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।
23. मालती रावा रॉय
मालती रावा रॉय तुफानगंज सीट से उम्मीदवार हैं। वे आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वे क्षेत्रीय मुद्दों और जनजातीय अधिकारों से जुड़े विषयों पर सक्रिय रही हैं।
24. सुमिता चटर्जी
सुमिता चटर्जी नैहाटी सीट से उम्मीदवार हैं। वे स्थानीय राजनीति में सक्रिय चेहरा हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी शिक्षा और संपत्ति का विवरण दर्ज है और वे मध्यम वर्गीय पृष्ठभूमि से आती हैं।
25. तरुणा कांति घोष
तरुणा घोष डेंगंगा सीट से उम्मीदवार हैं। वे जमीनी स्तर की कार्यकर्ता हैं और लंबे समय से संगठन से जुड़ी हुई हैं। उनकी शिक्षा माध्यमिक स्तर की बताई जाती है।
26. सुषमा मैती
सुषमा मैती पंसकुरा पूर्व सीट से उम्मीदवार हैं। वे ग्रामीण क्षेत्र की सक्रिय महिला नेता हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार, वे स्थानीय महिला समूहों और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी रखती हैं।
27. सिंधु सेनापति
सिंधु सेनापति पंसकुरा पश्चिम सीट से उम्मीदवार हैं। वे संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वे क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखती हैं।
28. सुमिता सिन्हा
सुमिता सिन्हा कांथी उत्तर सीट से उम्मीदवार हैं। वे शिक्षित उम्मीदवार हैं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीति से जुड़ी रही हैं। उनके खिलाफ कोई प्रमुख आपराधिक मामला सार्वजनिक रूप से नहीं दिखता।
29. अनीमा दत्ता
अनीमा दत्ता पलाशीपाड़ा सीट से उम्मीदवार हैं। वे स्वयं सहायता समूह (SHG) नेटवर्क से जुड़ी रही हैं। चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार, वे ग्रामीण महिलाओं के बीच सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
30. मयना मुर्मू
मयना मुर्मू मानबाजार (ST) सीट से उम्मीदवार हैं। वे आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वे जनजातीय अधिकारों और स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय रही हैं।
कब होंगे चुनाव? (West Bengal Election Dates)
पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा।
पहला चरण – 23 अप्रैल
दूसरा चरण – 29 अप्रैल
नतीजे – 4 मई
FAQs
1. बीजेपी ने कुल कितनी महिला उम्मीदवार उतारी हैं? कुल 31 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है।
2. कौन-कौन से बड़े महिला चेहरे इस लिस्ट में हैं? रूपा गांगुली, प्रियंका टिबरेवाल और चंदना बाउरी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
3. क्या यह रणनीति ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए है? हाँ, यह महिला वोट बैंक को साधने और सीधी चुनौती देने की रणनीति मानी जा रही है।
4. चुनाव कितने चरणों में होंगे? दो चरणों में चुनाव होंगे – 23 और 29 अप्रैल।