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The Bonus Market Update: शेयर बाजार पर जंग का साया; सेंसेक्स 2500 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 23000 के नीचे


भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। तीन दिन की लगातार बढ़त के बाद दोपहर के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 2,600 अंक गिरकर 74,070 पर और निफ्टी 50 23,000 से नीचे आ गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने इस गिरावट को और बढ़ा दिया । 

सेंसेक्स 1,953 अंक गिरकर 74,751 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 580 अंक से अधिक गिरकर 23,198 पर आ गया। इस भारी बिकवाली से बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई, जिससे यह घटकर 429 लाख करोड़ रुपये रह गया।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, क्योंकि अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए देश के दूसरे सबसे बड़े ऋणदाता के अध्यक्ष पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। लार्सन एंड टुब्रो, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल और बजाज फाइनेंस भी प्रमुख पिछड़ने वालों में शामिल थे। एनटीपीसी और पावर ग्रिड ही एकमात्र ऐसी कंपनियां थीं जिन्हें लाभ हुआ।

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जंग ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ाई 

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमलों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान के प्रमुख गैस उत्पादन क्षेत्र पर हमले और कतर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी उत्पादन सुविधा को निशाना बनाए जाने से ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका गहरा गई है।

बैंकिंग और मार्केट विशेषज्ञ अजय बग्गा ने एएनआई से बातचीत में कहा कि इन घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र के तनाव को बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है। उनके अनुसार, इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई में बाधा की आशंका बढ़ी है, जिसका असर महंगाई और बाजारों पर साफ दिख सकता है।

फेड ने ब्याज दरों को रखा स्थिर

इस बीच, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में “अनिश्चितता” शब्द का कई बार उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि टैरिफ और ऊर्जा संकट से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। उनका रुख अपेक्षाकृत सख्त (हॉकिश) माना जा रहा है।

एशियाई बाजारों में दिखी गिरावट 

शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में भी वैश्विक मंदी का असर देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2.18 प्रतिशत गिरकर 53,787 के स्तर पर आ गया, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स सूचकांक 0.47 प्रतिशत गिरकर 4,978 पर, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1.68 प्रतिशत गिरकर 25,587 पर, ताइवान का भारित सूचकांक 1.17 प्रतिशत गिरकर 33,946 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1.55 प्रतिशत गिरकर 5,836 पर आ गया।



अमेरिकी बाजारों में बुधवार रात से ही नकारात्मक रुझान दिख रहा था। बुधवार को डॉव जोन्स इंडेक्स 1.63 प्रतिशत गिरकर 46,225 पर, एसएंडपी 500 1.36 प्रतिशत गिरकर 6,624 पर और नैस्डैक 1.46 प्रतिशत गिरकर 22,152 पर आ गया, जो वैश्विक शेयर बाजारों में व्यापक बिकवाली के दबाव का संकेत देता है। 

ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 112 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

वैश्विक संकेतों ने निवेशकों के विश्वास को और भी कमजोर कर दिया। सुबह ब्रेंट क्रूड 112 अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की आशंकाओं को दर्शाता है। कमोडिटी बाजारों में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई, जहां 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,026 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई और यह 2,44,756 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।


 



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Gold Silver Price Today: आज सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी; जानें सोने-चांदी का ताजा अपडेट


मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुलियन बाजार दबाव में नजर आया। मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। एमसीक्स पर 24 कैरेट सोना 0.57% टूटकर 1,52,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी 1.21% गिरकर 2,45,197 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और इसका सीधा दबाव सोने-चांदी पर पड़ा।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ताजा मौद्रिक नीति फैसले का भी असर बाजार पर देखने को मिला। फेड ने लगातार दूसरी बैठक में ब्याज दरों को 3.5% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखा है। इससे पहले 2025 में सितंबर, अक्तूबर और दिसंबर में 0.25% की कटौती की गई थी। बाजार की नजर फेड चेयर जेरोम पॉवेल की टिप्पणियों पर भी रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 1.22% गिरकर 4,836 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर 2.25% से ज्यादा टूटकर 75.75 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। मार्च महीने में अब तक सोने की कीमतों में करीब 4% और चांदी में लगभग 16% की गिरावट आ चुकी है, जिससे निवेशकों की धारणा फिलहाल कमजोर बनी हुई है।



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सहारा रिफंड पोर्टल अपडेट: ₹10 लाख तक के क्लेम के लिए आवेदन कैसे करें? आसान सवालों में समझें पूरी प्रक्रिया


केंद्र सरकार ने सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों में फंसे निवेशकों के पैसे लौटाने की प्रक्रिया को और अधिक आसान और पारदर्शी बनाने की बात कही है। यदि आपके पिछले क्लेम आवेदन में कोई कमी पाई गई थी या भुगतान किसी कारणवश नहीं हो पाया था, तो अब आप सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए अपने क्लेम के लिए दोबारा आवेदन कर सकते हैं। आइए, इस महत्वपूर्ण बदलाव और इसकी प्रक्रिया को सवाल-जवाब के जरिए आसान भाषा में समझते हैं।

नया रिफंड पोर्टल क्या है और विशेष रूप से किसके लिए है?

सीआरसीएस सहारा री-सबमिशन रिफंड पोर्टल एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसे उन जमाकर्ताओं या सदस्यों के दावों को दोबारा प्रोसेस करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिन्हें पहले उनके आवेदनों में कमियों के बारे में सूचित किया गया था। यह पूरी धन वापसी की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की सख्त निगरानी में चल रही है।


पोर्टल पर कितने रुपये तक का क्लेम किया जा सकता है और पैसे कितने दिनों में आएंगे?

निवेशक अब 10 लाख रुपये तक के क्लेम के लिए दोबारा अपना विवरण जमा कर सकते हैं। री-सबमिट किए गए इन दावों को 45 कार्य दिवसों के भीतर प्रोसेस कर दिया जाएगा।

पोर्टल पर सफलतापूर्वक आवेदन करने के लिए कौन सी चीजें अनिवार्य हैं?

जमाकर्ता का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए। इसके साथ ही, बैंक अकाउंट का आधार से जुड़ा होना भी अनिवार्य है। इनके बिना रिफंड पोर्टल पर क्लेम रिक्वेस्ट फाइल नहीं की जा सकती है।

क्या रिफंड के लिए पैन कार्ड देना जरूरी है?

हां, यदि सभी सहारा समितियों को मिलाकर आपका कुल क्लेम अमाउंट 50,000 रुपये या उससे अधिक है, तो पैन कार्ड का विवरण देना अनिवार्य है।

क्लेम री-सबमिट करने की चरणवार प्रक्रिया क्या है?

सबसे पहले जमाकर्ता को अपना 14-अंकों का क्लेम रिक्वेस्ट नंबर (सीआरएन) दर्ज करना होगा और कैप्चा के जरिए उसे वैलिडेट करना होगा। सके बाद सिस्टम आपके लिंक्ड आधार रेफरेंस नंबर को प्राप्त करेगा। यदि नंबर सही है, तो आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। यदि नंबर अमान्य है, तो जमाकर्ता को वेरिफिकेशन के लिए अपना पूरा 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करना होगा।

क्या अपनी निजी जानकारी देने के लिए यह पोर्टल सुरक्षित है?

हां, यह पूरी तरह सुरक्षित है। सीआरसीएस री-सबमिशन रिफंड पोर्टल एक सुरक्षित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसके पास प्रामाणिक एसएसएल प्रमाणपत्र मौजूद है। सहारा के जिन निवेशकों का पैसा लंबे समय से फंसा हुआ है, उनके लिए यह सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग में जारी एक सुरक्षित व्यवस्था है। नए जमाकर्ता और री-सबमिशन करने वाले उपभोक्ता आधिकारिक वेबसाइट (https://mocrefund.crcs.gov.in/) पर जाकर अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।





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Ishan Kishan से पहले SRH की कमान संभाल चुके हैं ये 10 दिग्गज, कितने भारतीयों को मिला मौका, चेक करें पूरी List


Cricket

oi-Amit Kumar

IPL 2026 Ishan Kishan SRH Captain: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल (IPL) के 19वें सीजन के आगाज से ठीक पहले सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की टीम से एक बड़ी खबर सामने आई है। टीम के नियमित कप्तान और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज पैट कमिंस चोट के कारण टूर्नामेंट के शुरुआती कुछ मैचों से बाहर हो गए हैं। उनकी अनुपस्थिति में फ्रेंचाइजी ने भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन को कमान सौंपने का फैसला किया है। वहीं, युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को टीम का नया उप-कप्तान नियुक्त किया गया है।

सनराइजर्स हैदराबाद ने ईशान पर जताया भरोसा (IPL 2026 Ishan Kishan SRH Captain)

सनराइजर्स हैदराबाद ने आधिकारिक तौर पर एक्स के जरिए इस बदलाव की पुष्टि की है। टीम मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया कि जब तक कमिंस पूरी तरह फिट होकर वापसी नहीं करते, तब तक ईशान किशन कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे। ईशान किशन को पिछले साल (IPL 2025) की नीलामी में 11.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा गया था।

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SRH के इतिहास के 11वें कप्तान

साल 2013 में अपना सफर शुरू करने वाली सनराइजर्स हैदराबाद की टीम अब तक कुल 10 कप्तान देख चुकी है। ईशान किशन इस फेहरिस्त में 11वें नाम के रूप में जुड़ेंगे। दिलचस्प बात यह है कि वह टीम की कप्तानी करने वाले मात्र चौथे भारतीय खिलाड़ी होंगे। उनसे पहले शिखर धवन, भुवनेश्वर कुमार और मनीष पांडे (केवल एक मैच) ही यह गौरव हासिल कर पाए हैं।

हैदराबाद के लिए ये दिग्गज कर चुके हैं कप्तानी

साल 2013 में कुमार संगकारा और कैमरन व्हाइट ने टीम का नेतृत्व किया। इसके बाद 2013-14 के दौरान शिखर धवन ने 16 मैचों में टीम की कमान संभाली। साल 2015 में डेविड वॉर्नर कप्तान बने और 2016 में टीम को अपना पहला और इकलौता खिताब दिलाया। वॉर्नर ने सबसे अधिक 67 मैचों में कप्तानी की। वहीं केन विलियमसन (42 मैच), एडन मारक्रम और पैट कमिंस ने भी टीम की कप्तानी की है।



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UGC के नए नियमों पर आज फैसले की घड़ी! केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में देगी सफाई


India

oi-Sohit Kumar

Supreme Court UGC Rules Hearing: देश की बड़ी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में भेदभाव रोकने के लिए बने UGC के नए नियमों पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की बेंच आज यह तय करेगी कि ये नियम चलेंगे या नहीं। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीधे तौर पर चेतावनी दी थी कि अगर हम चुप रहे, तो इसके नतीजे ‘भयंकर’ होंगे और समाज में नफरत की दीवार खड़ी हो जाएगी।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने नियमों पर रोक लगाते हुए सरकार और यूजीसी को इन याचिकाओं पर जवाब देने के लिए कहा था। कोर्ट स्पष्ट कहा था कि UGC के इन नए नियमों (Equity Regulations 2026) की भाषा बहुत उलझी हुई है।

Supreme Court

कोर्ट ने कहा, ‘अगर इसमें सुधार नहीं किया गया, तो इसका गलत इस्तेमाल होगा और समाज बंट जाएगा।’ कोर्ट ने तुरंत इन नियमों पर रोक लगा दी और साल 2012 के पुराने कानून को फिर से लागू कर दिया।

विवाद की असली जड़ क्या है?

UGC ने जो नए नियम बनाए हैं, उनमें कहा गया है कि भेदभाव सिर्फ SC, ST और OBC के साथ होता है। याचिकाओं में इसी बात पर सवाल उठाया गया है कि क्या सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव नहीं हो सकता? कोर्ट ने भी माना कि नियमों की यह परिभाषा अधूरी है और इसमें ‘एक्सपर्ट्स’ को बैठकर दोबारा काम करना चाहिए।

आज क्या होने वाला है?

  • सरकार और UGC को आज 19 मार्च तक कोर्ट में अपनी सफाई देनी है।
  • चीफ जस्टिस चाहते हैं कि 2-3 बड़े जानकारों की एक कमेटी बने, जो समाज और कैंपस की हकीकत को समझते हों।
  • अगर कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ, तो UGC को ये नियम पूरी तरह बदलने पड़ सकते हैं।

UGC के नियमो को लेकर बवाल

इन नियमों को लेकर छात्र गुटों में दो फाड़ हो गई है। दिल्ली से लेकर पटना तक भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है। भीम आर्मी, आयसा (AISA) और कई संगठन सड़कों पर हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि ये नियम भेदभाव रोकने के लिए जरूरी हैं, तो कुछ का कहना है कि इनसे कॉलेजों का माहौल खराब होगा।



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सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने चाकू से कलाई और गला रेता; VIDEO: प्राइवेट पार्ट को भी नुकसान पहुंचाया, मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने खून से लथपथ शव देखा – Dhar News




धार शहर के आनंद चौपाटी क्षेत्र में खून से लथपथ शव मिला। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो पता चला कि युवक ने खुद पर हमला किया था, जिससे अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। घटना गुरुवार सुबह 5.30 बजे की बताई जा रही है। लोगों ने 6 बजे के करीब शव देखा था। कोतवाली थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान के मुताबिक, मृतक की पहचान आनंद चौपाटी के पास रहने वाले 35 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर कुणाल जोशी के रूप में हुई है। मौके पर सीएसपी सुजावल जग्गा और फॉरेंसिक टीम भी पहुंची है। शराब का आदी और मानसिक रूप से था परेशान सीएसपी सुजावल जग्गा ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। फुटेज में युवक खुद अपने आप का चाकू से गला काटते हुए दिखाई दे रहा है। इसके बाद उसने अपने शरीर को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया। सीएसपी ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला है कि मृतक शराब पीने का आदी था। कुछ समय से परेशान था। सीएसपी के मुताबिक, घटना स्थल से एक चाकू जब्त किया गया है। CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। देखिए तस्वीरें लकवाग्रस्त पिता की देखभाल के लिए छोड़ दी थी जॉब कुणाल जोशी पहले इंदौर की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। दो साल पहले उसके पिता सूर्यनारायण जोशी को पैरालिसिस हो गया था, जिससे वह बेड पर रहते हैं। उनकी देखभाल करने के लिए कुणाल ने करीब दो साल पहले अपनी जॉब छोड़ दी थी और धार में रहने लगा था। उसका छोटा भाई इंदौर में रहता है। पैदल चौपाटी पहुंचता है, चाकू निकालकर हमला शुरू कर देता है… सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि कुणाल पैदल चलते हुए आनंद चौपाटी पहुंचता है। कुछ देर तक चौराहे पर खड़ा रहता है। इधर-उधर देखता है। फिर चाकू निकाल कर खुद पर हमला शुरू कर देता है। पहले कलाई की नश काटता है। पैंट उतारता है। अपने प्राइवेट पार्ट पर भी हमला करता है। इसके बाद गर्दन पर चाकू से हमला करने लगता है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कुणाल पास की एक दुकान के चबूतरे पर जाकर बैठ जाता है। वह अपना पैंट उतार देता है और नग्न अवस्था में भी गर्दन पर चाकू से वार करता जाता है।



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Atanu Chakraborty quit HDFC: अतनु चक्रवर्ती ने छोड़ा पार्ट-टाइम चेयरमैन पद, बैंक के तौर-तरीकों पर कड़ी टिप्पणी


देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में से एक एचडीएफसी बैंक में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बैंक में कुछ घटनाओं और प्रथाओं को अपने व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं बताया है। उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे पत्र में क्या लिखा?

15 मार्च को लिखे अपने इस्तीफे पत्र में चक्रवर्ती ने कहा कि उन्होंने जो बदलाव और घटनाक्रम देखे, वे उनके सिद्धांतों से मेल नहीं खाते, इसलिए उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे के पीछे कोई अन्य कारण नहीं है। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में किसी खास मुद्दे का उल्लेख नहीं किया, लेकिन गवर्नेंस और आंतरिक प्रक्रियाओं को लेकर उनकी टिप्पणी बैंक के कामकाज पर सवाल खड़े कर सकती है।

अपने पत्र में चक्रवर्ती ने बोर्ड और प्रबंधन का सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और बैंक के मिडिल व जूनियर स्तर के कर्मचारियों की ऊर्जा और क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यही टीम भविष्य में एक नए और बेहतर संगठन की नींव रख सकती है।

चक्रवर्ती 2021 में बैंक के बोर्ड में हुए थे शामिल

चक्रवर्ती मई 2021 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे और उनके कार्यकाल के दौरान एचडीएफसी लिमिटेड के साथ बैंक का ऐतिहासिक विलय हुआ। इस विलय के बाद एचडीएफसी बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा कर्जदाता बनकर उभरा, हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस एकीकरण के पूरे लाभ अभी सामने आने बाकी हैं।

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बैंक ने इस इस्तीफे पर क्या कहा?

एचडीएफसी बैंक ने 18 मार्च को आधिकारिक बयान जारी कर इस्तीफे की पुष्टि की और कहा कि चक्रवर्ती द्वारा बताए गए कारणों के अलावा कोई अन्य वजह नहीं है। बैंक ने उनके कार्यकाल के दौरान दिए गए योगदान के लिए आभार भी जताया।

केकी मिस्त्री अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त 

इस्तीफे के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने केकी मिस्त्री को 19 मार्च 2026 से तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है।यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब बड़े वित्तीय संस्थानों में कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर लगातार निगरानी बढ़ रही है। ऐसे में नैतिक असंगति का हवाला देते हुए दिया गया यह इस्तीफा बाजार और निवेशकों के बीच कई सवाल खड़े कर सकता है।





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Weather Delhi-NCR: सावधान! अगले 48 घंटे आसमान से बरसेगी आफत, 50KM की रफ्तार से आएगा तूफान, IMD का अलर्ट


Delhi

oi-Sohit Kumar

Weather Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर में कल यानि 18 मार्च की शाम को अचानक हुई बारिश और आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। बुधवार शाम को धूल भरी आंधी और भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, और अधिकारियों और निवासियों को खराब मौसम की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।

पिछले चार दिनों में यह दूसरी बार है जब राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान आया है। IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश का यह सिलसिला जारी रहने वाला है जिससे न केवल बढ़ती गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि वायु गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार होने की उम्मीद है।

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आज दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, 19 मार्च को दिल्ली में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। दिन के शुरुआती में बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, दोपहर या शाम के समय मौसम अधिक एक्टिव होगा, जिसमें गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30-40 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है, जो झोंकों के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। आज अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर में कल और परसों का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में कल यानि 20 मार्च को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह के समय हल्की बारिश का एक दौर आ सकता है, जबकि दोपहर या शाम को गरज-चमक के साथ फिर से बारिश और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। अधिकतम तापमान गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। 21 मार्च यानि शनिवार को भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद 22 मार्च से मौसम धीरे-धीरे स्थिर होना शुरू होगा और आसमान आंशिक रूप से साफ होने लगेगा।

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों का हाल

  • Weather In North and North-West Delhi: उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली: 19 और 20 मार्च को रात के समय 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और मध्यम बारिश की संभावना है।
  • Weather In New Delhi and Central Delhi: नई दिल्ली और मध्य दिल्ली: यहां भी आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और 20 मार्च तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
  • Weather In South and South-West Delhi: दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली: इन इलाकों में आज यानि 19 मार्च की सुबह और दोपहर दोनों समय बारिश के एक-दो स्पेल आने की संभावना जताई गई है।
  • Weather In East Delhi and Shahdara: पूर्वी दिल्ली और शाहदरा: यहां 20 मार्च को दोपहर या शाम के वक्त बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं और बारिश होने के आसार हैं।

एनसीआर के शहरों में मौसम की स्थिति

  • Weather In Noida and Ghaziabad: नोएडा और गाजियाबाद: इन शहरों में 19 और 20 मार्च को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
  • Weather In Gurugram and Faridabad: गुरुग्राम और फरीदाबाद: हरियाणा से सटे इन इलाकों में भी 20 मार्च तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा, जहां हल्की बारिश और धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने पूरे दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट (Yellow) अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों जैसे हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 19 और 20 मार्च को ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी चेतावनी दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी का भी अनुमान है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्थान-विशिष्ट पूर्वानुमान के लिए ‘मौसम ऐप’ और बिजली की चेतावनी के लिए ‘दामिनी ऐप’ का उपयोग करें।



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Chaitra Navratri 2026 : कितने बजे होगी घटस्थापना? क्या है मुहूर्त?


Religion Spirituality

oi-Ankur Sharma

Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो गए हैं, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी से नवरात्रि पूजन की शुरुआत होती है।

कहते हैं इन दिनों जो भी मां दुर्गा की पूजा सच्चे मन से करता है उसे सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस बार घटस्थापना के दो खास मुहूर्त हैं जो कि निम्नलिखित हैं।

Chaitra Navratri 2026

Chaitra Navratri 2026 Date and Muhurat: कितने बजे होगी कलश स्थापना?

  • सुबह में कलश स्थापना मुहूर्त: 6:52 बजे से 7:43 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

Chaitra Navratri 2026 Puja Vidhi: कैसे करें चैत्र नवरात्रि की पूजा?

नवरात्रि की पूजा शुरू करने पर सबसे पहले घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में साफ-सफाई करें।एक पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ बो दें।कलश में गंगाजल और पानी भरें, उसमें सुपारी, लौंग, इलायची डालें। कलश के मुंह पर आम के पत्ते रखें और उसके ऊपर नारियल (लाल कपड़े में लपेटकर) रखें, दीप जलाएं, “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का जाप करें। मां को भोग लगाएं और आरती करें।

Ghatasthapana Significance: क्यों होती है घटस्थापना?

नवरात्रि में घटस्थापना को मां दुर्गा का घर में आगमन माना जाता है।कलश में स्थापित जल को देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। जौ बोने से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है। यह पूजा नए कार्यों की शुभ शुरुआत के लिए बेहद फलदायी मानी जाती है।

Nav Durga Puja :कौन-कौन से हां मां दुर्गा के 9 रूप?

दिन 1 – मां शैलपुत्री

  • रूप: पर्वतराज हिमालय की पुत्री
  • पूजा: घी का भोग लगाएं
  • फल: स्वास्थ्य और शक्ति प्राप्त होती है

दिन 2 – मां ब्रह्मचारिणी

  • पूजा: शक्कर और मिश्री का भोग
  • फल: तप, संयम और धैर्य की प्राप्ति

दिन 3 – मां चंद्रघंटा

  • पूजा: दूध या खीर का भोग
  • फल: भय से मुक्ति और साहस

दिन 4 – मां कूष्मांडा

  • पूजा: मालपुआ या मीठा भोग
  • फल: सुख-समृद्धि और आयु वृद्धि

दिन 5 – मां स्कंदमाता

  • पूजा: केले का भोग
  • फल: संतान सुख और शांति

दिन 6 – मां कात्यायनी

  • पूजा: शहद का भोग
  • फल: विवाह योग और सौंदर्य

दिन 7 – मां कालरात्रि

  • पूजा: गुड़ या गुड़ से बने प्रसाद
  • फल: नकारात्मक शक्तियों से रक्षा

दिन 8 – मां महागौरी (अष्टमी)

  • पूजा: नारियल और हलवा-पूरी
  • विशेष: कन्या पूजन (कन्याओं को भोजन कराएं)
  • फल: मनोकामना पूर्ति

दिन 9 – मां सिद्धिदात्री (नवमी)

  • पूजा: तिल और हलवा
  • फल: सिद्धि और सफलता

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।



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देहरादून में एलपीजी गैस सिलेंडर का संकट! 95 हजार पहुंचा बैकलाॅग, क्यूआरटी का एक्शन जारी, नई व्यवस्था लागू


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

LPG cylinder crisis in Dehradun देहरादून में लगातार बढ़ रही घरेलू गैस की डिमांड से स्थिति बिगड़ती जा रही है। हालात ये हैं कि बैकलाॅग लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन की रिपोर्ट की मानें तो 18 मार्च बुधवार को जिले में लगभग 18546 अधिक उपभोक्ताओं कोे घरेलू तथा 239 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।

जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 95 हजार के लगभग बैकलाॅग है। एलपीजी का घरेलू 41348 तथा व्यवसायिक का 1821 स्टाॅक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड बढ गया है। उधर कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन की क्यूआरटी लगातार कार्रवाई कर रही है।

LPG cylinder crisis in Dehradun Backlog reaches 95 000 QRT action underway new system implemented

विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान तहसील सदर क्षेत्र से 22 तथा विकासनगर क्षेत्र में होटल, ढाबों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अवैध रूप से उपयोग किए जा रहे 10 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। जांच के दौरान व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। जिला प्रशासन की टीम द्वारा जिले की 16 गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया गया।

तुरंत करें कंप्लेन

निरीक्षण के दौरान गैस आपूर्ति, वितरण प्रणाली, ओटीपी आधारित डिलीवरी व्यवस्था तथा अभिलेखों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुसार पारदर्शी एवं सुचारू गैस वितरण सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग अथवा कालाबाजारी की सूचना प्राप्त हो, तो तत्काल प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

नई व्यवस्था लागू

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। उधर शासन स्तर से नई व्यवस्था लागू की गई है। कमर्शियल सिलेंडरों की एसओपी लागू होने के बाद एलपीजी का जनपदवार आवंटन शुरू हो गया है। हालांकि पहले दिन 19 किलो के 794 और 47.5 किलो के 85 सिलेंडर एजेंसियों को आवंटित किए गए।

एसओपी लागू
उत्तराखंड में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के वितरण को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के लागू होने के बाद तेल कंपनियों ने नई व्यवस्था के तहत जनपदवार आवंटन शुरू कर दिया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन अब शासन की एसओपी के अनुसार गैस एजेंसियों को सिलेंडर उपलब्ध करा रही हैं।

63,054 व्यावसायिक गैस कनेक्शन

अपर आयुक्त खाद्य पी.एस. पांगती ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक गैस एजेंसी को उसके पास उपलब्ध व्यावसायिक गैस कनेक्शनों की संख्या के अनुरूप सिलेंडरों का आवंटन किया जाएगा। इससे वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा आवश्यकतानुसार आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। राज्य में वर्तमान में 63,054 व्यावसायिक गैस कनेक्शन हैं, जिनकी आपूर्ति 311 गैस एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। एसओपी लागू होने के बाद व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता में सुधार आने की उम्मीद है।

घरेलू गैस की कोई कमी नहीं: अपर आयुक्त खाद्य

अपर आयुक्त खाद्य पी.एस. पांगती ने बताया कि राज्य में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व ही व्यावसायिक एलपीजी वितरण के लिए एसओपी जारी की गई है, जिसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे, अस्पताल और फार्मास्यूटिकल इकाइयों को उनकी दैनिक आवश्यकता के अनुसार गैस एजेंसियों द्वारा सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार सायं तक 19 किलोग्राम के 794 तथा 47.5 किलोग्राम के 85 बड़े व्यावसायिक सिलेंडर जनपदवार एजेंसियों को भेजे जा चुके हैं, जिससे व्यावसायिक क्षेत्र को राहत मिलने की संभावना है।



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