Home Blog Page 397

Chaitra Navratri 2026 Ghatasthapana: चैत्र नवरात्रि का पहला दिन आज, क्या है घटस्थापना का मुहूर्त?


Religion Spirituality

oi-Ankur Sharma

Chaitra Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat: चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ आज से हो चुका है और इसी दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष महत्व होता है। यह पूजा पूरे नवरात्रि उत्सव की शुरुआत मानी जाती है, इसलिए इसे शुभ मुहूर्त में करना जरूरी होता है।

Ghatasthapana Muhurat: घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

  • घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 06:20 बजे से 10:15 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त (वैकल्पिक): दोपहर 11:55 बजे से 12:45 बजे तक
Chaitra Navratri 2026

Ghatasthapana Significane: घटस्थापना का महत्व

घटस्थापना का अर्थ है मां दुर्गा के स्वागत के लिए कलश स्थापित करना। यह कलश भगवान मां दुर्गा का प्रतीक होता है और इसमें देवी की शक्ति का आह्वान किया जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से घटस्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, मां दुर्गा का आशीर्वाद पूरे 9 दिनों तक बना रहता है। चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की उपासना का विशेष समय होता है। इन 9 दिनों में कुछ नियमों का पालन करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

Chaitra Navratri 2026 do and donts: नवरात्रि में क्या करें और क्या न करें?

नवरात्रि में प्रतिदिन सुबह-शाम मां दुर्गा की पूजा करें दीपक जलाएं और दुर्गा चालीसा/आरती का पाठ करें, घर को स्वच्छ और पवित्र रखें, पूजा स्थान पर विशेष ध्यान दें, व्रत में फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू आदि का सेवन करें
प्याज-लहसुन से दूर रहें।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।



Source link

Banking: एचडीएफसी बैंक से इस्तीफे पर चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक चिंताओं का दिया हवाला, जानें सरकार का मत


भारत के वित्तीय परिदृश्य में गुरुवार को एक अभूतपूर्व परिदृश्य दिखा। देश के दूसरे सबसे बड़े ऋणदाता, एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने ‘नैतिक चिंताओं’ का हवाला देते हुए अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बैंक के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी पार्ट-टाइम चेयरमैन ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ दिया हो। इस अप्रत्याशित कदम से बैंक की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर उठे, लेकिन वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने त्वरित हस्तक्षेप करते हुए निवेशकों और बाजार को बैंक की मजबूती का भरोसा दिलाया है।

इस्तीफे का क्या कारण बताया गया?

अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च, 2026 से प्रभावी रूप से अपना पद छोड़ दिया है, जबकि 2024 में उनके कार्यकाल को 4 मई, 2027 तक के लिए विस्तार दिया गया था। 17 मार्च को गवर्नेंस, नॉमिनेशन और रिम्यूनरेशन कमेटी के चेयरमैन एच के भनवाला को लिखे गए अपने त्यागपत्र में चक्रवर्ती ने एक गंभीर टिप्पणी की है। 

उन्होंने अपने पत्र में साफ तौर पर लिखा, “पिछले दो वर्षों में मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और प्रथाएं देखी हैं, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं और यही मेरे इस निर्णय का आधार है”। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके इस इस्तीफे का इसके अलावा कोई और भौतिक कारण नहीं है। 

सरकार और रिजर्व बैंक की ओर से क्या कहा गया?

इस बड़े झटके के बाद, वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में साफ किया कि एचडीएफसी बैंक “मजबूत बुनियादी सिद्धांतों वाला एक मजबूत संस्थान” है। इसके साथ ही, आरबीआई ने भी एक विस्तृत बयान जारी कर स्थिति को स्पष्ट किया। केंद्रीय बैंक ने अपने आकलन के आधार पर कहा कि बैंक के आचरण या गवर्नेंस को लेकर कोई भी भौतिक चिंता रिकॉर्ड में नहीं है। 

आरबीआई ने बैंक की स्थिति पर जोर देते हुए निम्नलिखित प्रमुख बातें साझा कीं:


  • एचडीएफसी बैंक एक घरेलू प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक है, जिसके वित्तीय आंकड़े पूरी तरह से सुदृढ़ हैं।

  • बैंक का बोर्ड पेशेवर रूप से संचालित है और इसकी प्रबंधन टीम पूरी तरह सक्षम है।

  • बैंक के पास पर्याप्त पूंजी है और इसकी वित्तीय स्थिति व तरलता संतोषजनक बनी हुई है।

अंतरिम चेयरमैन की कमान किन्हें सौंपी गई?

वित्त वर्ष 2025-26 की समाप्ति से ठीक पहले हुए इस इस्तीफे के कारण पैदा हुए नेतृत्व संकट को टालने के लिए आरबीआई ने एक तात्कालिक व्यवस्था को मंजूरी दी है। बैंक के नियामक फाइलिंग के अनुसार, 19 मार्च, 2026 से केकी मिस्त्री को तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया है। 



उल्लेखनीय है कि 1985 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी और पूर्व आर्थिक मामलों के सचिव चक्रवर्ती को 5 मई, 2021 को बैंक का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। चक्रवर्ती के कार्यकाल के दौरान ही 1 जुलाई, 2023 को मूल इकाई एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक के साथ ऐतिहासिक विलय प्रभावी हुआ था। इस विलय ने 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संयुक्त बैलेंस शीट वाला एक विशाल वित्तीय संस्थान खड़ा किया था।

बैंक की ओर से पूरे प्रकरण पर क्या कहा गया?

एचडीएफसी बैंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती ने ‘मूल्यों और नैतिकता’ पर मतभेदों का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा दे दिया- देश के दूसरे सबसे बड़े ऋणदाता के प्रबंधन ने इस आधार को समझ से परे बताया, क्योंकि पूर्व नौकरशाह ने बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद कोई विशेष उदाहरण नहीं दिया।



एचडीएफसी बैंक समूह के एक अनुभवी व्यक्ति, केकी मिस्त्री को इस्तीफे के बाद अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि चक्रवर्ती और कार्यकारी नेतृत्व के बीच ‘संबंध संबंधी समस्याएं’ हो सकती हैं, लेकिन उन्हें इस्तीफे के पीछे कोई ‘ठोस’ कारण नहीं मिला। मिस्त्री ने इस बात पर जोर दिया कि बैंक का संचालन और प्रशासन स्थिर बना हुआ है।



यह पहली बार है कि एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष ने बीच में ही इस्तीफा दे दिया है, जिससे बैंक के कामकाज को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। उन्होंने 17 मार्च को लिखे अपने इस्तीफे पत्र में कहा, “पिछले दो वर्षों में मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और प्रथाएं देखी हैं जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे उपरोक्त निर्णय का आधार है।”



शासन, नामांकन, पारिश्रमिक समिति (एनआरसी) के अध्यक्ष एचके भानवाला को संबोधित एक पत्र में चक्रवर्ती ने कहा, “उपरोक्त कारणों के अलावा मेरे इस्तीफे के लिए कोई अन्य ठोस कारण नहीं हैं”।



बुधवार देर शाम दाखिल किए गए एक दस्तावेज में, एचडीएफसी बैंक ने कहा कि चक्रवर्ती ने 18 मार्च, 2026 को बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष और स्वतंत्र निदेशक के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि चक्रवर्ती को आर्थिक मामलों के सचिव पद से सेवानिवृत्ति के लगभग एक साल बाद, 5 मई, 2021 से अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।



उनका कार्यकाल 2024 में तीन साल के लिए बढ़ाकर 4 मई, 2027 तक कर दिया गया था। गुजरात कैडर के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी चक्रवर्ती अप्रैल 2020 में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए। इससे पहले वे निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव थे। ये दोनों विभाग वित्त मंत्रालय के अधीन आते हैं। चक्रवर्ती बैंक के मूल इकाई एचडीएफसी लिमिटेड, जो देश की एक प्रमुख बंधक फर्म है, के साथ रिवर्स मर्जर प्रक्रिया के दौरान अध्यक्ष बने।



एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक के साथ विलय 1 जुलाई, 2023 को प्रभावी हो गया, इससे 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संयुक्त बैलेंस शीट वाला एक विशाल वित्तीय संस्थान अस्तित्व में आया।

चेयरमैन के इस्तीफे का बैंक के शेयरों पर क्या असर पड़ा?

एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन के इस्तीफे के बाद गुरुवार को बैंक के शेयरों में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। ब्लू-चिप स्टॉक बीएसई पर 5.13 प्रतिशत गिरकर 799.70 रुपये पर बंद हुआ, जिससे शुरुआती तेज गिरावट में कुछ हद तक सुधार हुआ। दिन के दौरान, यह 8.41 प्रतिशत गिरकर 772 रुपये पर पहुंच गया, जो इसका 52 सप्ताह का न्यूनतम स्तर है। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने कहा कि बैंक मजबूत बुनियादी सिद्धांतों वाला एक मजबूत संस्थान है।



वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने कहा कि आरबीआई इस संबंध में पहले ही एक बयान जारी कर चुका है। उन्होंने कहा, “एचडीएफसी बैंक मजबूत बुनियाद वाला एक सशक्त संस्थान है।” इस अप्रत्याशित कदम के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए, एचडीएफसी बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीश ने कहा कि बोर्ड के अधिकांश सदस्यों ने चक्रवर्ती के इस कदम को ‘हैरान करने वाला’ बताया क्योंकि उन्होंने अपने इस्तीफे पत्र में जिन खास चिंताओं का जिक्र किया है, उनके बारे में उन्होंने पहले कभी नहीं बताया।



बैंक में कोई समस्या नहीं होने पर जोर देते हुए, इसके प्रबंधन ने विश्वास जताया कि यह समय के साथ अपनी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई करने में सक्षम होगा। जगदीश ने कहा, बोर्ड के हर सदस्य  ने चक्रवर्ती को अपना इस्तीफा वापस लेने या चिंताओं को विस्तार से बताने के लिए मनाने की कोशिश की ताकि उनका समाधान किया जा सके, लेकिन वह नहीं माने।



जगदीश ने बताया कि 17 मार्च को दिए गए इस्तीफे पर बुधवार को बोर्ड की नामांकन और पारिश्रमिक समिति की बैठक में चर्चा हुई और शाम करीब सात बजे, दो पूर्णकालिक सदस्यों और दो स्वतंत्र सदस्यों सहित चार बोर्ड सदस्यों ने घटनाक्रम के बारे में आरबीआई के साथ बातचीत शुरू की। जगदीश ने कहा कि पत्र में कुछ भाषा को वापस लेने के प्रयास भी किए गए थे, और उन्होंने सुझाव दिया कि इस पर मिली असफलता के कारण आरबीआई को ब्रीफिंग दी गई, और नियामक ने तीन महीने के लिए केकी मिस्त्री को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला लिया।



एचडीएफसी बैंक नेतृत्व संबंधी समस्याओं से जूझने वाला निजी क्षेत्र का बैंक है। पूर्व में आईसीआईसीआई बैंक के तत्कालीन सीईओ चंदा कोचर पर धोखाधड़ीपूर्ण ऋण प्रथाओं का आरोप लगा था, जबकि एक्सिस बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी शिखा शर्मा का कार्यकाल बढ़ते खराब ऋणों पर नियामकीय चिंताओं के कारण छोटा कर दिया गया था।





Source link

PM Kisan Yojana Online Support: क्या आपकी भी रुकी है किस्त? फोन से ही सीधे पोर्टल पर ऐसे दर्ज करें अपनी शिकायत


India

oi-Kumari Sunidhi Raj

PM Kisan Samman Nidhi Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) के करोड़ों लाभार्थियों के लिए साल 2026 में राहत की बड़ी खबर है। अब किसानों को अपनी किस्तों, आधार सुधार या बैंक खाते से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों या पटवारी के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने तकनीक को इतना सरल बना दिया है कि अब किसान अपने स्मार्टफोन के जरिए सीधे दिल्ली तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।

चाहे रुकी हुई किस्त का मामला हो या ई-केवाईसी (e-KYC) अपडेट करना, सब कुछ अब ऑनलाइन चुटकियों में संभव है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में, पीएम-किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप को नए फीचर्स के साथ अपडेट किया गया है, ताकि दूर-दराज के गांवों में बैठा किसान भी बिना किसी खर्च के अपनी शिकायतों का निवारण कर सके।

PM Kisan Yojana Online Support: क्या आपकी भी रुकी है किस्त? फोन से ही सीधे पोर्टल पर ऐसे दर्ज करें अपनी शिकायत

ऑनलाइन हेल्प डेस्क, शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका

अगर आपकी किस्त रुक गई है या डेटा में कोई गलती है, तो आप पोर्टल के ‘Help Desk’ का उपयोग कर सकते हैं:

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
  • ‘Farmers Corner’ में जाकर ‘Help Desk / Query Form’ पर क्लिक करें।
  • अपना आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर अपनी जानकारी सर्च करें।
  • अपनी समस्या (जैसे: Installment not received) चुनें और उसे सबमिट करें। आपको एक Grievance ID मिलेगी जिससे आप स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे।

फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) वाला नया ऐप

अब बिना ओटीपी और बिना फिंगरप्रिंट के भी ई-केवाईसी संभव है। PMKISAN GoI ऐप में अब ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ फीचर जोड़ दिया गया है।

  • किसान अपना चेहरा स्कैन करके घर बैठे ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं।

यह सुविधा उन बुजुर्ग किसानों के लिए वरदान है जिनके फिंगरप्रिंट घिस गए हैं या जिनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है।

आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर्स (24/7 सहायता)

किसी भी तकनीकी समस्या या जानकारी के लिए आप इन नंबरों पर सीधे कॉल कर सकते हैं:

  • पीएम-किसान टोल-फ्री: 1800-115-526
  • हेल्पलाइन नंबर: 155261 / 011-24300606
  • किसान कॉल सेंटर (KCC): 1800-180-1551 (सुबह 6 से रात 10 बजे तक)

CPGRAMS, जब पोर्टल पर सुनवाई न हो

यदि आपकी शिकायत का समाधान हेल्प डेस्क से नहीं होता, तो आप केंद्र सरकार के सार्वजनिक शिकायत पोर्टल pgportal.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यहाँ दर्ज शिकायतों की निगरानी सीधे उच्च अधिकारियों द्वारा की जाती है।

With AI Inputs

ये भी पढ़ें: PM Kisan Yojana 22वीं किस्त के बाद अब अगली किस्त की तैयारी, रजिस्ट्रेशन के लिए चाहिए कौन से डाक्यूमेंट्स?



Source link

हिमाचल में आज भारी बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट: रोहतांग-शिंकुला में 7 इंच ताजा हिमपात, किन्नौर को छोड़ सभी जिलों ओलावृष्टि-तूफान की चेतावनी – Shimla News




हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले भागों में बीती शाम से बर्फबारी हो रही है, जबकि मध्यम और निचले इलाकों में बारिश हो रही है। लाहौल स्पीति के अटल टनल रोहतांग में 4 इंच, कोकसर में 6 इंच, शिंकुला और रोहतांग दर्रा में 7-7 इंच फ्रेश स्नोफॉल हो चुका है। इसी तरह, प्रदेश के ज्यादातर भागों में बीती शाम से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने आज और कल दो दिन तक भारी बारिश व बर्फबारी की चेतावनी दे रखी है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल स्पीति, मंडी और शिमला जिला में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट दिया है। इन जिलों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का भी ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान चलने का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है। पर्यटकों को भी अधिक ऊंचे पहाड़ों की यात्रा टालने को कहा गया है। एक-दो स्पेल में भारी बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान प्रदेश में किन्नौर इकलौता ऐसा जिला है, जहां चेतावनी नहीं है। किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार आज और कल ऊंचे क्षेत्रों में एक-दो स्पेल में भारी बर्फबारी हो सकती है। जनवरी जैसी ठंड लौटी मौसम में आए बदलाव के बाद प्रदेश में जनवरी जैसी ठंड लौट आई है। ताजा बर्फबारी के बाद ऊंचे क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री नीचे गिर गया है। कई शहरों में यह सामान्य से 11 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर चुका है। चंबा के तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट चंबा के अधिकतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 11.1 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 16.8 डिग्री तक लुढ़क गया है। मंडी का तापमान सामान्य से 7.8 डिग्री नीचे गिरने के बाद 20.8 डिग्री, सोलन का 7.4 डिग्री की गिरावट के बाद 18.0 डिग्री, ऊना का 6.4 डिग्री की कमी के बाद 23.4 डिग्री और मनाली का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.9 डिग्री नीचे लुढ़कने के बाद 14.0 डिग्री सेल्सियस रह गया है। अगले तीन दिन के दौरान तापमान में और गिरावट होगी। मौसम विभाग के अनुसार- 21 मार्च से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा। इसके बाद अगले 4 दिन अधिक ऊंचे क्षेत्रों में ही हल्के हिमपात के आसार है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहेगा।



Source link

यूपी, दिल्ली और हरियाणा में तेज आंधी-बारिश: दिल्ली एयरपोर्ट पर 22 फ्लाइट्स डायवर्ट; राजस्थान में ओले गिरने का अलर्ट, हिमाचल में बर्फबारी


  • Hindi News
  • National
  • Delhi Airport Flights Diverted | Rajasthan Hail Alert, Himachal Snowfall

भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून57 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले कुछ दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने से उत्तर, मध्य और पूर्व भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है।

बुधवार शाम को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के कई इलाकों में बारिश हुई। दिल्ली में बुधवार शाम धूल भरी आंधी और तेज बारिश से उड़ानों पर असर पड़ा। खराब मौसम के कारण 22 फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट डायवर्ट करना पड़ा।

यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में आंधी के साथ बारिश हुई। मेरठ में भी बूंदाबांदी हुई। नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर 63 किमी की स्पीड से हवाएं रिकॉर्ड की गईं। वहीं गाजियाबाद के हिंडन में 44 की स्पीड से हवाएं चलीं। हरियाणा के रेवाड़ी में बुधवार शाम होते-होते तेज बारिश के साथ ओले गिरे। वहीं भिवानी, हिसार, सिरसा, पानीपत, नारनौल और महेंद्रगढ़ में भी बारिश हुई।

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और मनाली में बुधवार शाम बर्फबारी हुई। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है। साथ ही 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है।

देशभर में मौसम से जुड़ी 2 तस्वीरें…

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार शाम को तेज बारिश हुई।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार शाम को तेज बारिश हुई।

छत्तीसगढ़ के मैनपाट में ओले गिरे।

छत्तीसगढ़ के मैनपाट में ओले गिरे।

13 1773854425

नगालैंड में तूफान-बारिश से तबाही, 46 परिवार प्रभावित

नगालैंड में तेज तूफान और बारिश से 46 परिवार प्रभावित हुए हैं। चुमौकेडिमा और पेरेन जिलों में कई घरों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है। मोन जिले के एक सरकारी स्कूल को भी नुकसान हुआ, जिससे मिड-डे मील प्रभावित हुआ। हालांकि अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है।

अगले दो दिन मौसम का हाल

20-21 मार्च- मौसम विभाग ने दिल्ली में यलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। राजस्थान में ओले गिरने का अलर्ट। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी कर भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश में आंधी का अलर्ट है। नॉर्थ-ईस्ट में भी तेज बारिश की आशंका है।

2 14 1773854448

खबरें और भी हैं…



Source link

Oilmeal Export: चीन को ऑयलमील के निर्यात में 20 गुना उछाल, जानें कैसे भारत मिला इसका फायदा


चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों (अप्रैल 2025-फरवरी 2026) में भारत से चीन को ऑयलमील निर्यात में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के अनुसार, यह निर्यात 20 गुना से अधिक बढ़कर 7.79 लाख टन तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा केवल 38,240 टन था। ऑयलमील दरअसल तेल निकालने के बाद बचा हुआ ठोस हिस्सा होता है, जो बीजों (जैसे सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी आदि) से तेल निकालने के बाद बचता है।

रेपसीड मील और कैस्टरसीड मील का हुआ सबसे ज्यादा निर्यात 

इस दौरान चीन ने भारत से मुख्य रूप से 7,71,435 टन रेपसीड मील और 7,581 टन कैस्टरसीड मील आयात किया। SEA के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता के मुताबिक, भारतीय रेपसीड मील की प्रतिस्पर्धी कीमतें इस बढ़त की प्रमुख वजह रहीं। फिलहाल भारतीय रेपसीड मील की कीमत करीब 225 डॉलर प्रति टन है, जो यूरोपीय सप्लायर्स के मुकाबले काफी सस्ती है। रेपसीड मील सरसों या कैनोला के बीज से तेल निकालने के बाद बचा हुआ ठोस हिस्सा होता है। भारत में इसे आम बोलचाल में सरसों की खली भी कहा जाता है।

कनाडाई निर्यात महंगा होने से भारत को मिला फायदा 

मेहता ने बताया कि मार्च 2025 में चीन ने कनाडा के रेपसीड मील और ऑयल पर 100% टैरिफ लगाया था, जिससे कनाडाई निर्यात महंगा हो गया और चीन ने वैकल्पिक सप्लायर के तौर पर भारत का रुख किया। इसका सबसे ज्यादा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिला।

हालांकि, अब स्थिति बदल सकती है। चीन ने 1 मार्च 2026 से कनाडा पर लगाए गए 100% टैरिफ को 31 दिसंबर 2026 तक के लिए निलंबित कर दिया है। ऐसे में भारतीय निर्यातकों को चीनी बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।

कुल ऑयलमील निर्यात आंकड़े रहे कमजोर 

इस बीच, कुल ऑयलमील निर्यात के आंकड़े कमजोर रहे हैं। फरवरी 2026 में निर्यात 22% घटकर 2.57 लाख टन रह गया, जो एक साल पहले 3.30 लाख टन था। वहीं, पूरे वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में कुल निर्यात 11% घटकर 34.93 लाख टन रहा, जो पिछले साल 39.33 लाख टन था।



एसईए ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को भी बड़ी चिंता बताया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण रेड सी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे भारत के ऑयलमील निर्यात पर असर पड़ा है।



करीब 20% निर्यात, जो पश्चिम एशिया जाता है, और 15% निर्यात, जो यूरोप जाता है, लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण जोखिम में है। शिपिंग कंपनियां इन क्षेत्रों से बच रही हैं, जिससे जहाजों को केप ऑफ गुड होप के रास्ते जाना पड़ रहा है। इससे ट्रांजिट समय 10-15 दिन बढ़ रहा है और लागत भी बढ़ रही है।



उद्योग संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो भारत के कृषि निर्यात, खासकर ऑयलमील, की प्रतिस्पर्धा क्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है।





Source link

खबर हटके- चींटी चुराने पर शख्स गिरफ्तार: यूनिवर्सिटी ने छात्रों को रोमांस करने का निर्देश दिया; जासूसी के लिए मच्छर जैसा चीनी ड्रोन


चींटी चुराने पर पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया। वहीं एक चीनी यूनिवर्सिटी ने छात्रों को रोमांस करने का निर्देश दिया है। उधर चीन ने जासूसी करने के लिए मच्छर जैसा माइक्रो ड्रोन लॉन्च किया है।

.

आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें…

khabar hatke 18 march 1773865222
khabar hatke 18 march7 1773865200
khabar hatke 18 march2 1773865227
khabar hatke 18 march8 1773865200
khabar hatke 18 march3 1773865232
khabar hatke 18 march9 1773865200
khabar hatke 18 march4 1773865238
khabar hatke 18 march10 1773865200
khabar hatke 18 march5 1773865243

तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ…

खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…



Source link

The Bonus Market Update: बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार; सेंसेक्स 2500 अंक टूटा, निफ्टी 23100 के नीचे


हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक और निफ्टी में तीन प्रतिशत की ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक या 3.26 प्रतिशत गिरकर 74,207.24 पर बंद हुआ। जून 2024 के बाद यह इसकी सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट है। दिन के दौरान, यह 2,753.18 अंक या 3.58 प्रतिशत गिरकर 73,950.95 पर पहुंचा था। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 775.65 अंक या 3.26 प्रतिशत गिरकर 23,002.15 पर बंद हुआ।

निवेशकों को 11 लाख करोड़ का हुआ नुकसान

बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को आई बड़ी बिकवाली के बीच बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 11.5 लाख करोड़ रुपये घटकर करीब 427 लाख करोड़ रुपये रह गया। सेंसेक्स के सारे शेयर हरे निशान पर बंद हुए।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, इटरनल, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फिनसर्व प्रमुख पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती द्वारा नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए इस्तीफा देने के बाद बैंक के शेयरों में 5.13 प्रतिशत की गिरावट आई।

कीमती धातुओं में भारी गिरावट

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत 14230 रुपये गिरकर 2.33 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 5330 रुपये गिरकर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

जंग ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ाई 

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमलों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान के प्रमुख गैस उत्पादन क्षेत्र पर हमले और कतर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी उत्पादन सुविधा को निशाना बनाए जाने से ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका गहरा गई है।



बैंकिंग और मार्केट विशेषज्ञ अजय बग्गा ने एएनआई से बातचीत में कहा कि इन घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र के तनाव को बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है। उनके अनुसार, इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई में बाधा की आशंका बढ़ी है, जिसका असर महंगाई और बाजारों पर साफ दिख सकता है।

फेड ने ब्याज दरों को रखा स्थिर

इस बीच, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में “अनिश्चितता” शब्द का कई बार उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि टैरिफ और ऊर्जा संकट से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। उनका रुख अपेक्षाकृत सख्त (हॉकिश) माना जा रहा है।

यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक काफी नीचे बंद हुए। यूरोप के बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। बुधवार को अमेरिकी बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।

कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंची

ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,714.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को सेंसेक्स 633.29 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 76,704.13 पर बंद हुआ। निफ्टी 196.65 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 23,777.80 पर समाप्त हुआ।


 



Source link

LPG Crisis: पीएनजी नेटवर्क बढ़ाने में सहयोग करने वाले राज्यों को 10 फीसदी अतिरिक्त एलपीजी, जानिए क्या अपडेट


भारत सरकार ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) तंत्र के विस्तार में सहयोग करने वाली राज्य सरकारों को 10 फीसदी अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) देने की घोषणा की है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता में बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सुजाता शर्मा ने कहा कि इस पहल से राज्य सरकारों को पीएनजी बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी का आवंटन उन राज्यों को किया जाएगा जो पीएनजी कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने और वितरण तंत्र को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। 

उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में देशभर में सवा लाख नए घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। यह आंकड़ा ऊर्जा क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। इसके साथ ही, पिछले तीन दिनों के भीतर पांच हजार से अधिक ग्राहकों ने एलपीजी से पीएनजी में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया है। यह बदलाव पर्यावरण के अनुकूल ईंधन विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान को इंगित करता है। 

सुजाता शर्मा ने बताया कि कच्चे तेल की स्थिति और शोधन संयंत्रों का संचालन सामान्य बना हुआ है। उन्होंने पुष्टि की कि खुदरा पंपों पर तेल की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है और सभी आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। घरेलू पीएनजी और परिवहन के लिए सीएनजी की आपूर्ति बिना किसी कटौती के शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जा रही है। 

5600 से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने पीएनजी उपयोग शुरू किया

मंत्रालय ने वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से जहां संभव हो, सीएनजी पर स्विच करने की अपील की है, जिसके लिए कई कंपनियों ने प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है। सरकार ने पीएनजी नेटवर्क विस्तार में सहयोग करने वाली राज्य सरकारों को दस फीसदी अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी देने का वादा किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, पिछले दो सप्ताह में लगभग 125,000 नए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन जारी किए गए हैं। साथ ही, पिछले तीन दिनों में 5,600 से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने पीएनजी का उपयोग शुरू कर दिया है।



सुजाता शर्मा ने कहा, “लगातार जारी युद्ध के कारण एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि, किसी भी वितरक के पास कोई कमी नहीं है।” उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग में 94 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, लगभग 83 फीसदी रिफिल डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड का उपयोग करके की जा रही हैं। घबराहट में की जा रही बुकिंग में कमी आ रही है, और कल लगभग 57,000 रिफिल बुकिंग प्राप्त होने के बावजूद एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है।



लगभग 17 राज्य सरकारों ने व्यावसायिक एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति आवंटित कर दी गई है। इसी प्रकार, लगभग 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अतिरिक्त केरोसिन आवंटन के लिए आदेश जारी किए हैं। ये कदम देश भर में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।

पश्चिम एशिया में किसी भी तरह की समस्या का भारत पर पड़ता है असर

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में किसी भी तरह की समस्या का असर भारत पर पड़ता है। इसी कारण भारत ने अपने तेल और गैस आयात को विविध बनाया है। अब देश का लगभग 70 प्रतिशत तेल आयात मिडिल ईस्ट के बाहर के देशों से हो रहा है, जिसमें अमेरिका, रूस और अफ्रीकी देश जैसे नाइजीरिया शामिल हैं।



सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। बुधवार को देश भर में करीब 6,000 छापे मारे गए। उत्तर प्रदेश में 1,100 छापों के दौरान 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए, जबकि मध्य प्रदेश में 1,632 छापों में 2,300 सिलेंडर जब्त किए गए। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि जहां भी नियमों का उल्लंघन हो, वहां सख्त कार्रवाई की जाए।

25 राज्यों में जिला स्तर पर काम कर रहीं निगरानी समिति

राज्यों से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जबकि करीब 25 राज्यों में जिला स्तर पर निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं। इस बीच, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं।



उन्होंने बताया कि अभी 22 भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में मौजूद हैं और पिछले 24 घंटे में 16 से ज्यादा भारतीय नाविक अपने कार्यकाल पूरा करने के बाद भारत लौटे हैं। मंत्रालय इस पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।





Source link

Bihar News: गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान, 293 एलपीजी सिलेंडर जब्त


बिहार पुलिस ने एलपीजी सिलेंडर जमाखोरी के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान तेज कर दिया है, जिसमें 293 सिलेंडर जब्त किए गए हैं, 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सबसे बड़ी कार्रवाई अररिया में हुई, जहाँ 261 सिलेंडर जब्त किए गए। अधिकारी गैस आपूर्ति में हेरफेर करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकल्प लेते हैं।

India

-Oneindia Staff

बिहार में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ पुलिस ने राज्यव्यापी अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत अब तक 293 एलपीजी सिलेंडर जब्त, 10 एफआईआर दर्ज और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

LPG Cylinder Hoarding in Bihar Crackdown

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी जिलों में यह कार्रवाई तेज की गई। हाल ही में डीजीपी विनय कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलों को सख्त जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद छापेमारी अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया गया।

इस अभियान के तहत सबसे बड़ी कार्रवाई अररिया जिले के फारबिसगंज थाना क्षेत्र में हुई, जहां से 261 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

अन्य जिलों में भी कार्रवाई जारी

इसके अलावा विभिन्न जिलों में भी कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई की गई—

* शिवहर: 6 सिलेंडर जब्त, 2 गिरफ्तार
* मधेपुरा (सिंहेश्वर स्थान): 1 सिलेंडर, 1 गिरफ्तार
* बेगूसराय (लाखो थाना): 11 सिलेंडर, 1 गिरफ्तार
* सारण (हरिहरनाथ): 2 मामले दर्ज, 4 सिलेंडर जब्त, 2 गिरफ्तार
* सारण (नगर थाना): 3 सिलेंडर, 2 गिरफ्तार
* मुजफ्फरपुर (मिठनपुरा): 7 सिलेंडर, 1 गिरफ्तार

इसके अलावा सिवान और कटिहार जिलों में भी गैस सिलेंडर की जमाखोरी के मामलों में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है।

छापेमारी जारी, सख्त कार्रवाई के निर्देश

पुलिस ने बताया कि सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। अन्य जिलों में भी गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ छापेमारी अभियान जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कृत्रिम कमी पैदा कर गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

Read more about:

Read more about:



Source link