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बैंक मैनेजर की हत्या का आरोपी गार्ड और उसका साथी गिरफ्तार, छुट्टी के विवाद में सरेआम मारी थी गोली


छुट्टी को लेकर शुरू हुआ था खूनी विवाद
यह घटना गाजियाबाद जिले से सटे लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के बलराम नगर इलाके के ‘पंजाब एंड सिंध बैंक’ की है. मिली जानकारी के अनुसार, मृतक बैंक मैनेजर अभिषेक शर्मा (36) पिछले एक साल से इस शाखा में कार्यरत थे. वहीं, आरोपी गार्ड रवींद्र हुड्डा, जो मूल रूप से बागपत का रहने वाला है, पिछले तीन महीनों से वहां सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा था. बताया जा रहा है कि रवींद्र पिछले कई दिनों से छुट्टी की मांग कर रहा था.

वहीं, काम का लोड ज्यादा होने की वजह से मैनेजर अभिषेक शर्मा उसे छुट्टी नहीं दे पा रहे थे. इसी बात को लेकर दोनों (अभिषेक शर्मा-रवींद्र हुड्डा) के बीच पिछले कुछ दिनों से तनाव चल रहा था. सोमवार दोपहर करीब 1:45 बजे एक बार फिर छुट्टी को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते मौत के तांडव में बदल गई.

मैनेजर के केबिन में घुसकर दागी गोली, बैंक में मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बहस के दौरान रवींद्र हुड्डा इतना आगबबूला हो गया कि उसने अपना आपा खो दिया. वह अपनी डबल बैरल 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक लेकर सीधे मैनेजर के केबिन में घुसा और अभिषेक के सीने पर निशाना साधकर गोली चला दी. गोली की आवाज से पूरा बैंक गूंज उठा. वहां मौजूद कर्मचारी और ग्राहक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. खून से लथपथ अभिषेक फर्श पर गिर पड़े और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई.

सीसीटीवी में कैद हुई हत्यारे की बेखौफी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गार्ड रवींद्र हुड्डा डरा नहीं, बल्कि बड़े ही इत्मीनान से अपनी बंदूक लहराते हुए बैंक से बाहर निकला. बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है. फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि मैनेजर को गोली मारने के बाद रवींद्र अपने साथी (नौकर शीशपाल) के साथ पैदल ही वहां से फरार हो गया. इसके कुछ ही सेकंड बाद बैंक का स्टाफ घायल अभिषेक को उठाकर बाहर लाता हुआ दिखाई दे रहा है.

इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम
घटना के तुरंत बाद बैंक के कर्मचारी अभिषेक को बाइक पर बैठाकर पास के संयुक्त अस्पताल ले गए. हालत गंभीर होने के कारण उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद अभिषेक शर्मा को बचाया नहीं जा सका. अभिषेक की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था.

रवींद्र हुड्डा और नौकर शीशपाल को किया अरेस्ट
डीसीपी (ग्रामीण) सुरेंद्रनाथ तिवारी और एसीपी ज्ञान प्रकाश राय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश में चार टीमें गठित की थीं. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से फरार गार्ड रवींद्र हुड्डा को धर दबोचा. पुलिस ने उसके साथ उसके नौकर शीशपाल को भी गिरफ्तार किया है, जो वारदात के समय बैंक में उसके साथ ही मौजूद था और उसे भागने में मदद कर रहा था.

एसीपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि आरोपी से हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने साफ किया कि प्रथम दृष्टया यह मामला छुट्टी न मिलने के गुस्से और आपसी रंजिश का है. फिलहाल बैंक परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.



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North Korea Election: उत्तर कोरिया में 99% हुई वोटिंग, किम जोंग ने भी दिया वोट, क्या है चुनाव का पूरा प्रोसेस?


International

oi-Sumit Jha

North Korea Election 2026: उत्तर कोरिया में चुनावों का जिक्र होते ही पूरी दुनिया हैरान रह जाती है। हाल ही में वहां सर्वोच्च सदन (सुप्रीम पीपुल्स असेंबली) के लिए मतदान हुआ, जिसमें खुद किम जोंग उन ने एक कोयला खदान में जाकर अपना वोट डाला। लोकतंत्र वाले देशों के उलट, यहां चुनाव का मकसद सरकार बदलना नहीं, बल्कि किम जोंग उन की सत्ता पर मुहर लगाना होता है।

यहां वोट डालना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जिसे निभाना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि किम जोंग के इस देश में चुनाव की प्रक्रिया आखिर काम कैसे करती है।

North Korea Election 2026

Kim Jong Un voting: हर सीट पर केवल एक ही उम्मीदवार

उत्तर कोरिया में चुनाव का मतलब उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं होता। यहां हर सीट पर केवल एक ही उम्मीदवार खड़ा होता है, जिसे किम जोंग उन की पार्टी चुनती है। जनता के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं होता। वोट डालने का असली मकसद यह दिखाना होता है कि पूरी जनता अपने नेता के साथ खड़ी है। इसी वजह से वहां मतदान का प्रतिशत हमेशा 99% के ऊपर रहता है।

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North Korea voting process Hindi: वोट देना है मजबूरी

यहां 17 साल से ज्यादा उम्र के हर नागरिक के लिए वोट डालना जरूरी है। अगर कोई वोट नहीं डालता, तो इसे देशद्रोह माना जाता है। सरकार मतदान के जरिए यह भी चेक कर लेती है कि देश का कौन सा नागरिक कहां है। यहां तक कि दूसरे देशों (जैसे रूस या चीन) में काम कर रहे उत्तर कोरियाई नागरिकों को भी वोट डालना पड़ता है।

North Korea 99 percent voting: सीक्रेट बैलेट का दिखावा

कहने को तो मतदान बैलेट पेपर से होता है, लेकिन यहां ‘सीक्रेट’ जैसा कुछ नहीं है। पोलिंग बूथ पर एक ही डिब्बा होता है जिसमें उम्मीदवार के समर्थन वाला पर्चा डालना होता है। अगर कोई उम्मीदवार के खिलाफ वोट डालना चाहे, तो उसे एक अलग पेन का इस्तेमाल करके नाम काटना पड़ता है। ऐसा करना अपनी जान जोखिम में डालने जैसा है, क्योंकि वहां मौजूद अधिकारी सब देख रहे होते हैं।

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North korea election kim jong un hindi: सुप्रीम पीपुल्स असेंबली का रोल

उत्तर कोरिया की इस संसद में कुल 687 सीटें हैं। तकनीकी रूप से यह सदन कानून बनाता है, लेकिन असल में यहां वही होता है जो किम जोंग उन चाहते हैं। यह चुनाव हर 5 साल में होते हैं। संसद की बैठक साल में सिर्फ एक या दो बार होती है, जिसमें केवल सरकार के फैसलों पर बिना किसी विरोध के मुहर लगाई जाती है।

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क्यों कराए जाते हैं ऐसे चुनाव?

जब नतीजा पहले से तय है, तो चुनाव क्यों? जानकारों का मानना है कि किम जोंग उन इसके जरिए जनता की एकजुटता दुनिया को दिखाना चाहते हैं। साथ ही, स्थानीय स्तर पर चुनाव कराकर छोटे-मोटे मुद्दों की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं पर डाल दी जाती है, ताकि किम जोंग की छवि पर कोई आंच न आए।



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बिहार में भीषण गर्मी और लू से निपटने की तैयारी तेज, मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने का दिया निर्देश


बिहार सरकार ने मध्य वर्ष में संभावित गर्मी की लहर के लिए तैयारी के वास्ते दस विभागों में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा की। इसमें एसओपी सक्रियण, जल वितरण, स्वास्थ्य सुविधा की तैयारी, स्कूल और श्रम सुरक्षा, बिजली की विश्वसनीयता और गर्मी से संबंधित जोखिमों को कम करने के लिए परिवहन नियंत्रण जैसे कार्य शामिल हैं।

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-Oneindia Staff

बिहार में संभावित भीषण गर्मी और लू को देखते हुए राज्य सरकार ने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचईडी), परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा, नगर विकास एवं आवास सहित दस विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की और सभी विभागों को अलर्ट मोड में काम करने के सख्त निर्देश दिए।

Bihar Prepares for Summer Heatwave

बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि अप्रैल के मध्य से लेकर मई और जून तक राज्य में हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए सभी विभागों को पहले से तैयार मानक संचालन नियमावली (एसओपी) के आधार पर तुरंत काम शुरू करने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने बस स्टैंड, बाजार, चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति करने और सभी पेयजल पाइपलाइनों की मरम्मत समय रहते पूरा करने को कहा गया। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर तैयार रखने के भी निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि अप्रैल की शुरुआत से पहले सभी सिविल सर्जन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की जाए। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने और लू से प्रभावित लोगों के इलाज के लिए निर्धारित एसओपी का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

बच्चों की सुरक्षा लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। सभी स्कूलों में बच्चों को गर्मी और लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग को खुले में काम करने वाले मजदूरों, भवन निर्माण स्थलों और कारखानों में कार्यरत श्रमिकों के लिए पेयजल, आइस पैक, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही गर्मी के मौसम में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और ढीले बिजली तारों की मरम्मत करने का भी निर्देश दिया गया ताकि आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके।

मुख्य सचिव ने लू के दौरान सुबह 11 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सार्वजनिक परिवहन के परिचालन को नियंत्रित या सीमित करने का निर्देश भी दिया। साथ ही बसों में पेयजल, ओआरएस और प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराने और बस स्टैंडों पर खराब पड़े हैंडपंपों को समय रहते ठीक कराने को कहा गया है।

इसके अलावा मनरेगा और अन्य कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए पेयजल, छाया और लू लगने की स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और खासकर गर्भवती महिलाओं तथा नवजात बच्चों के लिए विशेष ध्यान देने को कहा गया है। पशु-पक्षियों को भी गर्मी से बचाने के लिए चिन्हित स्थानों पर गड्ढे खुदवाकर पानी जमा करने और चल चिकित्सा वाहनों के माध्यम से उनकी निगरानी व इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएचईडी को साप्ताहिक आधार पर जलस्तर की निगरानी करने और जलस्तर गिरने की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाने को कहा गया है। साथ ही सभी पानी के टैंकरों की मरम्मत और सफाई 10 से 15 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार और विशेष कार्य पदाधिकारी संदीप कुमार भी मौजूद रहे।

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IPL 2026: सनराइजर्स हैदराबाद को मिला नया कप्तान? पैट कमिंस की जगह 25 साल के युवा को बनाएंगे लीडर?


Cricket

oi-Naveen Sharma

IPL 2026: आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खेमे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। टीम के नियमित कप्तान और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज पैट कमिंस फिटनेस समस्याओं के चलते टूर्नामेंट के शुरुआती कुछ मैचों से बाहर रह सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो हैदराबाद की टीम को एक नए नेतृत्व में मैदान पर उतरना पड़ेगा।

रिपोर्ट्स की मानें तो पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में टीम मैनेजमेंट ने एक युवा और आक्रामक खिलाड़ी पर भरोसा जताने का मन बनाया है। अभिषेक शर्मा को सीजन के पहले कुछ मैचों के लिए कार्यवाहक कप्तान नियुक्त किया जा सकता है। कमिंस की वापसी तक वह कमान संभाल सकते हैं।

ipl 2026

अभिषेक शर्मा वर्तमान में आईसीसी टी20 रैंकिंग में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज हैं। उनकी निडर बल्लेबाजी और हालिया फॉर्म को देखते हुए मैनेजमेंट का मानना है कि वे टीम को आगे ले जाने के लिए सबसे सही विकल्प हैं।

पैट कमिंस को लेकर क्या है अपडेट

पैट कमिंस की रिकवरी पर टीम के डॉक्टर और मैनेजमेंट पैनी नजर बनाए हुए हैं। कमिंस ने अपनी कप्तानी में 2024 में टीम को फाइनल तक पहुंचाया था और उनकी कमी मैदान पर खलना तय है। टीम को उम्मीद है कि वे सीजन के दूसरे हाफ तक पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे। तब तक अभिषेक शर्मा को घरेलू और जूनियर क्रिकेट में कप्तानी का अपना अनुभव आईपीएल के बड़े मंच पर दिखाना होगा।

आईपीएल में कप्तानी बहुत बड़ी बात

अभिषेक की बैटिंग का जलवा तो हर बार देखने को मिलता है लेकिन वह लेफ्ट आर्म गेंदबाजी भी कर सकते हैं। हालांकि ज्यादा गेंदबाजी उन्होंने नहीं की है। मैनेजमेंट को भी लगता है कि उनके पास लीडरशिप के गुण हैं। आक्रामक अप्रोच से टीम को फायदा होता है। हालांकि कप्तानी में उनके तेवर देखने को नहीं मिले लेकिन आईपीएल से बेहतरीन मंच कप्तानी के लिए भी कुछ नहीं हो सकता। शुभमन गिल एक बहुत बड़ा उदाहरण सबसे सामने हैं।



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Rajya Sabha Elections 2026 Winning List: बिहार में NDA का डंका, देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट


India

oi-Ankur Sharma

Rajya Sabha Elections 2026 Winning List: देश में आज राज्यसभा की 37 सीटों के लिए आज मतदान हुआ, वोटिंग सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चली जबकि पहले से ही सात राज्यों की 26 सीटें निर्विरोध चुन ली गई थीं। शाम 5 बजे के बाद से मतगणना जारी है, बिहार से नतीजे सामने आ चुके हैं, यहां पर पांचों सीटें एनडीए ने जीत ली हैं।

Rajya Sabha Elections 2026 Winning List

Rajya Sabha Elections 2026 Winning List: निर्विरोध चुने लोगों की लिस्ट

  • असम 3- जोगन मोहन, तेराश गोवाल्ला, प्रमोद बोरो।
  • बिहार 5 -नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, नितिन नबीन, शिवेश कुमार; एक सीट पर उपेन्द्र कुशवाहा और अमरेन्द्र धारी सिंह के बीच मुकाबला
  • छत्तीसगढ़ 2- लक्ष्मी वर्मा, फूलो देवी नेताम
  • तमिलनाडु में डीएमके, एआईएडीएमके और कांग्रेस के 6 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए
  • पश्चिम बंगाल 5- बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार, मेनका गुरुस्वामी, कोयल मलिक, राहुल सिन्हा
  • तेलंगाना 2 -अभिषेक मनु सिंघवी, वेम नरेंद्र रेड्डी
  • हिमाचल प्रदेश 1- अनुराग शर्मा
  • शरद पवार
  • विनोद तावड़े
  • तिरुचि शिव
  • रामदास अठावले

एनडीए ने बिहार में सभी पांच सीटों पर जीत हासिल कर ली है, जदयू से सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम ने राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज की है, राजद के प्रत्याशी एडी सिंह चुनाव हार गए हैं।

Odisha Rajya Sabha Polls: ओडिशा राज्यसभा चुनाव में भाजपा की जीत

ओडिशा मैं भाजपा के वरिष्ठ नेता और ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल, मौजूदा राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार, भाजपा के समर्थन वाले निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय चुनाव जीत गए हैं, जबकि बीजू जनता दल के उम्मीदवार संत्रप्त मिश्रा ने भी जीत दर्ज की है।



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Rajya Sabha Election Result: ओडिशा में कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग, कौन सी सीट पर किसने दर्ज की जीत?


India

oi-Smita Mugdha

Rajya Sabha Election Result: देश के 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election 2026) के बीच ओडिशा की चार सीटों का मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में है। इनमें से दो सीटें सत्ताधारी बीजेपी के खाते में और एक सीट बीजेडी (Biju Janata Dal) के खाते में पहले से ही तय थी। ओडिशा राज्यसभा चुनाव में भाजपा के 2, बीजेडी के 1 और 1 निर्दलीय कैंडिडेट की जीत हुई है।

Rajya Sabha Election Result

Rajya Sabha Election Result: ओडिशा में क्रॉस वोटिंग

– राज्यसभा चुनाव के नियमों के अनुसार किसी उम्मीदवार को जीत के लिए 30 प्रथम वरीयता मत चाहिए। भाजपा के पास कुल 82 सदस्यों का समर्थन होने के कारण वह अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के बाद भी लगभग 22 अतिरिक्त वोट बचा सकती है।

– बीजेडी अपने एक उम्मीदवार को जिताने के बाद करीब 18 अतिरिक्त वोटों के साथ मैदान में रहेगी। इसी वजह से चौथी सीट के लिए समीकरण बेहद रोचक बन गया है और क्रॉस वोटिंग की वजह से मैच रोमांचक हो गया है।

Odisha Cross Voting: कांग्रेस के 3 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

कांग्रेस के तीन विधायकों रमेश जैना, दसरथो गोमागो और सोफिया फिरदौस ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया है। सूत्रों के मुताबिक इन विधायकों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाला, जिससे चुनावी गणित और दिलचस्प हो गया है। अब चौथी सीट भी बीजेपी के खाते में जाती दिख रही है।

Odisha Rajya Sabha Chunav: दिलीप रे पहुंचेंगे राज्यसभा?

उम्मीदवारों की बात करें तो भाजपा ने अपने राज्य अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार को मैदान में उतारा है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है। बीजेडी ने संतृप्त मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होता को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस और माकपा ने बीजद उम्मीदवारों को समर्थन देने का ऐलान किया था, लेकिन क्रॉस वोटिंग की खबरों ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।



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हार्दिक पांड्या को हरभजन ने दिया जीत का गुरुमंत्र, ऐसा करते ही मुंबई इंडियंस उठा सकती है छठी बार ट्रॉफी


Cricket

oi-Naveen Sharma

IPL 2026: आईपीएल 2026 के आगाज से पहले मुंबई इंडियंस (MI) के खेमे में हलचल तेज है। पांच बार की चैंपियन टीम पिछले कुछ सालों से ट्रॉफी के सूखे से जूझ रही है। इसी बीच टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज स्पिनर और मुंबई इंडियंस के पूर्व खिलाड़ी हरभजन सिंह ने कप्तान हार्दिक पांड्या को एक बड़ी नसीहत दी है।

भज्जी का मानना है कि अगर मुंबई को रिकॉर्ड छठी बार खिताब जीतना है, तो हार्दिक को अपना वह खतरनाक अवतार वापस लाना होगा जो हमने टी20 वर्ल्ड कप में देखा था। जियोहॉटस्टार के गेम प्लान शो में बातचीत करते हुए हरभजन सिंह ने कहा कि हार्दिक पांड्या की असली ताकत उनकी ऑलराउंडर क्षमता है।

IPL 2026

उन्होंने कहा कि हार्दिक को अपना असली ‘हार्दिक पांड्या वर्जन’ दुनिया को दिखाना होगा। उन्हें सिर्फ बल्ले से ही नहीं, बल्कि गेंद से भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। हमने टी20 वर्ल्ड कप में देखा कि उन्होंने कितनी शानदार गेंदबाजी की थी। जब एक कप्तान आगे बढ़कर नेतृत्व करता है और खुद परफॉर्म करता है, तो पूरी टीम उसका अनुसरण करती है।”

भरोसा ही दिलाएगा जीत

हरभजन सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि मुंबई इंडियंस के लिए सबसे जरूरी चीज विश्वास है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हार्दिक और उनके खिलाड़ी पहले दिन से यह मान लें कि वे सिर्फ हिस्सा लेने नहीं, बल्कि छठी बार ट्रॉफी उठाने आए हैं, तो मुंबई इंडियंस की किस्मत बहुत जल्द बदल सकती है।

कैसा रहा पिछला सीजन और क्या है आगे का प्लान?

आईपीएल 2025 में हार्दिक की कप्तानी में मुंबई इंडियंस का सफर प्लेऑफ तक तो पहुंचा, लेकिन एलिमिनेटर मैच में पंजाब किंग्स ने उनका सपना तोड़ दिया था। अब आईपीएल 2026 में मुंबई अपना पहला मैच 29 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेलेगी। फैंस को उम्मीद है कि इस बार ‘कैप्टन पांड्या’ अपनी वर्ल्ड कप वाली फॉर्म दोहराएंगे।



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LPG cylinder shortage कालाबाजारी रोकने और होम डिलिविरी को लेकर बड़ा एक्शन, क्यूआरटी गठित, 80 हजार का बैकलॉग


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

LPG cylinder shortage देहरादून में एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने और शत प्रतिशत होम डिलिविरी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। डीएम सविन बसंल के निर्देश पर देहरादून जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है।

गैस वितरण के सम्बन्ध में उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित क्यूआरटी टीम एवं एजेंसी वार नामित नोडल अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस फोर्स की आवश्यकता हेतु एसपी सिटी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।प्रशासन का दावा है कि घरेलू गैस सिलेंडर में 80 हजार के लगभग बैकलॉग है।

LPG cylinder shortage Major action stop black marketing ensure home delivery QRT formed backlog

एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, तथा मांग के अनुसार लोड बढाने के निर्देश कम्पनियों को दिए गए हैं। क्यूआरटी टीम क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी। जिलाधिकारी स्वयं जिलें में गैस आपूर्ति/वितरण बैकलॉक की स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे है। जिला प्रशासन की क्यूआरटी द्वारा जनपद देहरादून के अंतर्गत 69 गैस एजेंसियों के तथा 25 व्यवसायिक प्रतिष्ठानो का निरीक्षण किया गया है, क्यूआरटी द्वारा विकासनगर क्षेत्र में 5 घरेलू सिलेण्डर को जब्त किया गया है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के के मिश्रा कन्ट्रोलरूम से जिले में गैस वितरण, आपूर्ति की मॉनिटिरिंग जनमानस की समस्या के निस्तारण हेतु निगरानी बनाए हुए है। जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से 05 बजे तक कुल 64 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है।

कंट्रोल रूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 14899 अधिक उपभोक्ताओं कोे घरेलू तथा 63 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 80 हजार के लगभग बैकलॉग है। एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, तथा मांग के अनुसार लोड बढाने के निर्देश कम्पनियों को दिए गए हैं।



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8th Pay Commission Salary Hike: सरकारी कर्मचारियों की कितनी बढ़ेगी सैलरी? हो गया खुलासा


India

oi-Bhavna Pandey

8th Pay Commission Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में अपनी सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई है। यह उत्सुकता अब और बढ़ गई है। सरकार ने 3 नवंबर, 2025 को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया। इसका उद्देश्य वेतन, पेंशन और अन्य भत्तों की समीक्षा करना है। इस कदम से लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।

सरकार ने आयोग को 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस दौरान आयोग वेतन, पेंशन और भत्तों की पूरी समीक्षा करेगा। कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, कर्मचारी संघों और अन्य हितधारकों से सुझाव भी मांगे गए हैं, जो ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 30 अप्रैल, 2026 तक जमा किए जा सकते हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयोग की सिफारिशें अधिक समावेशी और कर्मचारियों के लिए हितकारी हों।

8th Pay Commission Salary Hike

कितनी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी?

विशेषज्ञों के अनुसार, आठवें वेतन आयोग के लागू होने पर कर्मचारियों के वेतन में 20 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। इसका निर्धारण फिटमेंट फैक्टर (2.4 से 3.0 के बीच अनुमानित) के आधार पर किया जाएगा।

किस आधार पर बढ़ेगी सैलरी?

न्‍यूज 18 को दिए इंटरव्‍यू में कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल के प्रतीक वैद्य ने बताया कि अंतिम निर्णय लेते समय कई कारक निर्णायक भूमिका निभाएंगे। “महंगाई की प्रवृत्ति, सरकार की वित्तीय स्थिति और भारत के वित्त आयोग की सिफारिशें” वेतन वृद्धि के निर्धारण में महत्वपूर्ण होंगी। ये सभी पहलू किसी भी बढ़ोतरी के दीर्घकालिक प्रभाव को सुनिश्चित करेंगे।

पिछले आयोगों में कितनी हुई थी बढ़ोत्‍तरी?

पिछले वेतन आयोगों के इतिहास पर गौर करें तो, छठे केंद्रीय वेतन आयोग के दौरान औसत वेतन वृद्धि लगभग 40 प्रतिशत थी, जबकि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग का प्रभाव लगभग 23 से 25 प्रतिशत रहा था। उस समय फिटमेंट फैक्टर 2.57 निर्धारित किया गया था। इन्हीं रुझानों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार भी वेतन में 20 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है।

यह महत्वपूर्ण निर्णय अगले 12 से 18 वर्षों में महंगाई की स्थिति, 16वें वित्त आयोग के बाद सरकार की वित्तीय स्थिति और कर संग्रह जैसे कारकों पर भी आधारित होगा। वित्तीय विशेषज्ञ इन सभी पहलुओं का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं, ताकि वेतन वृद्धि का देश की अर्थव्यवस्था पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

8वें वेतन आयोग के बाद सरकार के सामने क्‍या होगी चुनौतियां?

  • वेतन में इतनी वृद्धि करना कि कर्मचारियों को उसका लाभ स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
  • भत्तों व महंगाई भत्ते की संरचना में उपयुक्त समायोजन करना।
  • सरकार को इन दोनों के बीच संतुलन स्थापित करके ऐसा निर्णय लेना होगा, जो सभी के लिए न्यायसंगत हो
  • आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के निर्णय केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट?

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग की सिफारिशें केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं रहेंगी। इससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की भविष्य की वित्तीय सुरक्षा पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस आयोग का प्रभाव केवल वेतन वृद्धि तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह उनकी भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को भी प्रभावित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग की रिपोर्ट आने में भले ही समय लगे, लेकिन इसे जनवरी 2026 से लागू किए जाने की संभावना है।

आठवें वेतन आयोग से जुड़े सवालों के जवाब जानें?

Q1: आठवें वेतन आयोग कब लागू होगा?
A: रिपोर्ट आने के बाद इसे जनवरी 2026 से लागू किए जाने की संभावना है।

Q2: कितने कर्मचारी और पेंशनभोगी इससे लाभान्वित होंगे?
A: लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी।

Q3: वेतन वृद्धि कितनी हो सकती है?
A: विशेषज्ञों के अनुसार 20 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है।

Q4: सुझाव कैसे जमा किए जा सकते हैं?
A: कर्मचारी और पेंशनभोगी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 30 अप्रैल, 2026 तक सुझाव जमा कर सकते हैं।

Q5: अंतिम वेतन वृद्धि पर क्या कारक प्रभाव डालेंगे?
A: महंगाई, सरकार की वित्तीय स्थिति और वित्त आयोग की सिफारिश।



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