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Kavya Maran पर भड़के भारतीय फैंस, पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को किया टीम में शामिल, मचा बवाल


Cricket

oi-Amit Kumar

Kavya Maran Trolled: ‘द हंड्रेड’ 2026 के लिए हुए प्लेयर ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की मालकिन काव्या मारन एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। लेकिन इस बार वजह खेल नहीं बल्कि एक बेहद संवेदनशील विवाद है। काव्या की टीम ‘सनराइजर्स लीड्स’ ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को 1,90,000 पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ भारतीय रुपये) की बड़ी कीमत पर साइन किया है।

काव्या पर फूटा फैंस का गुस्सा (Kavya Maran Trolled)

अबरार को टीम में शामिल करने के इस फैसले ने भारतीय फैंस को नाराज कर दिया है, जिसकी वजह अबरार का पुराना भारत-विरोधी व्यवहार बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस ने अबरार अहमद के पुराने कारनामों के स्क्रीनशॉट शेयर करने शुरू कर दिए हैं। आरोप है कि अबरार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना का मजाक उड़ाते हुए चाय वाली पोस्ट शेयर की थी।

Kavya Maran 1

अबरार को खरीदने को लेकर मचा बवाल

इसके अलावा एशिया कप 2025 के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ उनके अनावश्यक और आक्रामक सेलिब्रेशन को लेकर भी फैंस में भारी गुस्सा है। अबरार की साइनिंग के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर काव्या मारन के खिलाफ प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूज़र ने लिखा कि काव्या मारन ‘ब्यूटी विद नो ब्रेन’ का सटीक उदाहरण हैं। उन्होंने उस खिलाड़ी को चुना जिसने हमारी सेना और खिलाड़ियों का अपमान किया।

अधिकतर पाकिस्तानी खिलाड़ी रहे अनसोल्ड

एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि जहां अन्य आईपीएल मालिकों (मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स) ने खुद को पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूर रखा। वहीं काव्या मारन ने अबरार को चुनकर गलत मिसाल पेश की है। हालांकि विरोध करने वालों की संख्या अधिक है, लेकिन कुछ फैंस ने काव्या मारन के इस फैसले का समर्थन भी किया है। उनके समर्थकों का मानना है कि काव्या ने राजनीति से ऊपर उठकर केवल खेल और प्रतिभा को प्राथमिकता दी है।

साल 2026 सीजन से ‘द हंड्रेड’ में चार बड़ी आईपीएल फ्रेंचाइजी (मुंबई इंडियंस, लखनऊ सुपर जायंट्स, सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स) बतौर मालिक या हिस्सेदार जुड़ी हैं। यह पहला मौका है जब किसी भारतीय स्वामित्व वाली टीम ने किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को इतनी बड़ी राशि में साइन किया है।

Knowing the potential backlash, they still boldly went for Abrar Ahmed in the Hundred auction without hesitation. Signing a talented mystery spinner like him for £190k shows real courage and commitment to cricket over politics.
Kavya Maran & team leading by example, putting… pic.twitter.com/4qUBvSm2oO

— Nibraz Ramzan (@nibraz88cricket) March 12, 2026 “>





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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास सफल, केंद्र सरकार ने कई योजनाओं को दी मंजूरी


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिल्ली दौरे के दौरान किसानों और ग्रामीण विकास के लिए केंद्रीय मंजूरी हासिल की। बातचीत में सरसों और तुअर की खरीद, फसल बीमा सुरक्षा, और त्वरित ग्रामीण योजनाओं को शामिल किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और गैस मिलावट को रोकते हुए एलपीजी और सीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

India

-Oneindia Staff

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से राज्य के किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को केंद्र सरकार से मंजूरी मिली है। नई दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर किसानों से जुड़े अहम मुद्दों को उठाया, जिस पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिए। बैठक में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

MP CM Mohan Yadav secures central approvals

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में प्रदेश के किसानों की समस्याओं और कृषि से जुड़े लंबित मुद्दों को विस्तार से रखते हुए उनके शीघ्र समाधान का आग्रह किया। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रगति संतोषजनक है और राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व में चल रहे खाड़ी युद्ध पर सरकार की नजर है और प्रदेश में गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाई गई है। राज्य में एलपीजी और सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आग्रह पर केंद्र सरकार ने सरसों की खरीद से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इससे राज्य के हजारों सरसों उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को तुअर (अरहर) की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का स्वीकृति पत्र भी सौंपा। इस निर्णय से तुअर उत्पादक किसानों की पूरी उपज का सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा और बाजार में कीमत गिरने का जोखिम कम होगा।

दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की रणनीति

बैठक में प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने पर भी चर्चा हुई। केंद्र और राज्य की संयुक्त टीम द्वारा मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और ऑयल पाम जैसी फसलों के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि सोयाबीन जैसी फसलों के नुकसान के आकलन में केवल सैटेलाइट डेटा के बजाय क्रॉप कटिंग और रिमोट सेंसिंग दोनों तरीकों का उपयोग किया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा मिल सके।

ग्रामीण विकास योजनाओं को मिलेगी गति

बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज गति देने के लिए केंद्र से आवश्यक सहयोग का आग्रह किया, जिस पर सकारात्मक आश्वासन मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।

केंद्र सरकार के साथ समन्वय से विकास को गति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ राज्य की योजनाओं और उनकी प्रगति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने, दालों और तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने और भावांतर योजना का दायरा बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, नागरिक आपूर्ति व्यवस्था और सिंहस्थ से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। साथ ही राज्य की वित्तीय व्यवस्था को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी बातचीत की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजनाओं को लेकर भी समीक्षा हुई है। उन्होंने कहा कि नल जल योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से काम करने वाला राज्य बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश में एलपीजी और सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और गैस की कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई गई है।

री भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से राज्य के किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को केंद्र सरकार से मंजूरी मिली है। नई दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर किसानों से जुड़े अहम मुद्दों को उठाया, जिस पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिए। बैठक में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में प्रदेश के किसानों की समस्याओं और कृषि से जुड़े लंबित मुद्दों को विस्तार से रखते हुए उनके शीघ्र समाधान का आग्रह किया। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रगति संतोषजनक है और राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व में चल रहे खाड़ी युद्ध पर सरकार की नजर है और प्रदेश में गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाई गई है। राज्य में एलपीजी और सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

सरसों और तुअर उत्पादक किसानों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आग्रह पर केंद्र सरकार ने सरसों की खरीद से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इससे राज्य के हजारों सरसों उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को तुअर (अरहर) की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का स्वीकृति पत्र भी सौंपा। इस निर्णय से तुअर उत्पादक किसानों की पूरी उपज का सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा और बाजार में कीमत गिरने का जोखिम कम होगा।

दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की रणनीति

बैठक में प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने पर भी चर्चा हुई। केंद्र और राज्य की संयुक्त टीम द्वारा मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और ऑयल पाम जैसी फसलों के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि सोयाबीन जैसी फसलों के नुकसान के आकलन में केवल सैटेलाइट डेटा के बजाय क्रॉप कटिंग और रिमोट सेंसिंग दोनों तरीकों का उपयोग किया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा मिल सके।

ग्रामीण विकास योजनाओं को मिलेगी गति

बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज गति देने के लिए केंद्र से आवश्यक सहयोग का आग्रह किया, जिस पर सकारात्मक आश्वासन मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।

केंद्र सरकार के साथ समन्वय से विकास को गति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ राज्य की योजनाओं और उनकी प्रगति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने, दालों और तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने और भावांतर योजना का दायरा बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, नागरिक आपूर्ति व्यवस्था और सिंहस्थ से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। साथ ही राज्य की वित्तीय व्यवस्था को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी बातचीत की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केन-बेतवा और पार्वती-кालीसिंध नदी जोड़ो परियोजनाओं को लेकर भी समीक्षा हुई है। उन्होंने कहा कि नल जल योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से काम करने वाला राज्य बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश में एलपीजी और सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और गैस की कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई गई है।

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Delhi LPG Shortage: ‘दिल्ली में LPG और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है’, CM रेखा बोलीं- अफवाहों से दूर रहें


Delhi

oi-Pallavi Kumari

Delhi LPG Shortage CM Rekha Gupta: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच देशभर में एलपीजी और ईंधन की सप्लाई को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। खासतौर पर राजधानी दिल्ली में गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की कमी की चर्चा ने लोगों को चिंतित कर दिया था। इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि राजधानी में किसी भी तरह की ईंधन की कमी नहीं है और लोगों को घबराने या ज्यादा स्टॉक जमा करने की जरूरत नहीं है।

11 मार्च को हुई एक अहम समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली सरकार ने बयान जारी कर कहा कि दिल्ली में LPG, पेट्रोल, डीजल और PNG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि गैस सप्लाई को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना वजह घबराकर सिलेंडर या ईंधन जमा करने से बचें।

Delhi LPG Shortage CM Rekha Gupta

उच्च स्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा

राजधानी में ईंधन की उपलब्धता को लेकर दिल्ली सरकार ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग, गैस कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और कई ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में अधिकारियों ने सरकार को भरोसा दिलाया कि दिल्ली में घरेलू PNG की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा उद्योगों के लिए गैस सप्लाई की प्राथमिकताओं में बदलाव करने के बाद करीब 80 प्रतिशत तक गैस की सप्लाई दोबारा सुचारु कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में भी राजधानी की गैस सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य तरीके से काम कर रही है।

दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक

बैठक में मौजूद तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और घरेलू LPG सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सप्लाई चेन पहले की तरह सुचारु रूप से चल रही है और फिलहाल किसी तरह की कमी का कोई खतरा नहीं है।

हालांकि सरकार ने एहतियात के तौर पर LPG सिलेंडर बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को सिलेंडर की डिलीवरी औसतन दो से तीन दिन के भीतर मिल रही है। यानी आम लोगों के लिए गैस की उपलब्धता पहले की तरह सामान्य बनी हुई है।

दिल्ली में स्कूल और अस्पतालों को प्राथमिकता

बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों के तहत शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।

इसके साथ ही सरकार ने गैस चोरी और कालाबाजारी की संभावनाओं को देखते हुए कड़े निर्देश भी जारी किए हैं। दिल्ली पुलिस और राजस्व विभाग को इस मामले में विशेष सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

भारत ने बढ़ाई LPG उत्पादन क्षमता, पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया लेटेस्ट अपडेट

इस पूरे मुद्दे पर केंद्र सरकार ने भी बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक आपूर्ति में संभावित बाधाओं से निपटने के लिए देश में घरेलू LPG उत्पादन में 25 से 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत LPG जरूरतों का आयात करता है और इनमें से लगभग 90 प्रतिशत आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है। ऐसे में किसी भी संभावित जोखिम को कम करने के लिए देश की रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (विपणन और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा, “हम अपनी LPG का लगभग 60% आयात करते हैं और इसका ज्यादातर, लगभग 90% स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है। यह एक मुश्किल स्थिति है, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई सुनिश्चित हो…हम रोजाना लगभग 50 लाख सिलेंडर डिलीवर करते हैं। वितरण पक्ष पर, कोई ड्राई आउट की खबर नहीं है। लेकिन घबराहट की वजह से बुकिंग में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। हम लोगों से घबराहट बुकिंग से बचने का अनुरोध हैं…राज्य सरकारों से लाभार्थियों की सूची पहचानने का अनुरोध किया गया है ताकि सिलेंडर, कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी प्राथमिकता आधार पर की जा सके…”

सुजाता शर्मा ने कहा, “9 मार्च को, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एक आदेश जारी किया है, जिसमें सभी रिफाइनरियों को LPG का उत्पादन ज़्यादा से ज़्यादा करने का निर्देश दिया गया है। इसके नतीजे में, उत्पादन बढ़ा है। कल, मैंने आपको 25% बताया था। अब, यह हमारे घरेलू उत्पादन का 28% है, जो एक बढ़ोतरी है। हमारे पास रिटेल आउटलेट्स का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है। देश में लगभग एक लाख रिटेल आउटलेट्स चल रहे हैं। इनमें से ज़्यादातर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के हैं। इनमें से किसी भी रिटेल आउटलेट पर कोई ड्राई आउट की खबर नहीं है।”

सरकार की अपील-घबराने की जरूरत नहीं

केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों का कहना है कि मौजूदा समय में गैस और ईंधन की सप्लाई पर कोई संकट नहीं है। सरकार ने लोगों से साफ अपील की है कि अफवाहों पर भरोसा न करें और अनावश्यक रूप से गैस या ईंधन का भंडारण न करें।

अधिकारियों के मुताबिक सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की डिलीवरी का औसत समय अभी भी करीब ढाई दिन ही है। इसलिए जल्दबाजी में अतिरिक्त सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है।

सरकार का कहना है कि दिल्ली में फिलहाल LPG, पेट्रोल, डीजल और PNG की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और सामान्य है और लोगों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।



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MP News: प्रदेश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश



मध्य प्रदेश घरेलू एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी की लगातार आपूर्ति बनाए हुए है, साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है।



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LPG Gas अवैध संग्रहण और कालाबाजारी पर अब सीधे जेल, देहरादून में प्रशासन ने जारी किए नंबर, यहां करें कंप्लेन


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

LPG gas एलपीजी गैस की किल्लत और ​डिमांड को देखते हुए ​देहरादून में प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस अवैध संग्रहण और कालाबाजारी को लेकर सख्ती दिखाई है। जिला प्रशासन ने इस तरह के मामलों में आरोपियों को सीधे जेल भेजने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 व बीएनएस के प्राविधानों के अन्तर्गत कार्रवाई करने के ​डीएम ने निर्देश दिए है। एजेसियों पर गैस वितरण का अवैध संग्रहण, व्ययपर्वतन बिचौंलियों की संलिप्तता, अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर गैस एजेंसियों को सील करने के निर्देश दिए हैं।

LPG gas Illegal storage black marketing direct jail Dehradun administration contact numbers complain

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बसंल ने एलपीजी गैस की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के संबंध में आयल कंपनियों के पदाधिकारियों एवं गैस एजेंसी के संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन आपदा कन्ट्रोलरूम में आयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों सहित प्रतिदिन 1 घंटा बैठकर वितरण/स्टॉक बैकलॉग की सूचना तथा एलपीजी गैस सम्बन्धी प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करेंगे।

  • जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एलपीजी गैस वितरण में प्रथम प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए।
  • घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित की जाए
  • आनलाईन साफ्टवेयर पर बुकिंग में व्यवधान आने पर गैस एजेंसी अपना सम्पर्क नम्बर तथा एजेंसी में मैन्यूवल बुकिंग करना सुनिश्चित करेंगे।
  • उपभोक्ताओं को बल्क एसएमएस के माध्यम से तथा एजेसियों पर सूचना हेतु जागरूकता फ्लैक्सी चस्पा करने के निर्देश दिए।
  • जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर निगरानी बनाए हुए है। 72 के 72 गैस एजेंसियों के गोदाम अब जिला प्रशासन के रडार पर हैं।
  • जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारियों संग अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत अवस्थित गैस एजेंसियों का रेंडमली स्टॉक, वितरण, बैकलॉग की जांच करेंगे।
  • एजेसियों पर गैस वितरण में अनियमितता एवं अवैध संग्रहण एवं बाहरी लोगों की संलिप्तता, अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर सम्बन्धित गैस एजेंसियों को सील करने के निर्देश।
  • घरेलू गैस का व्यवसायिक उपयोग पाए जाने पर जब्तीकरण की कार्यवाही करते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध सख्त एक्शन लिया जाए।
  • उप जिलाधिकारियों तथा जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए।
  • जनपद में वर्तमान में कुल 72 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ताओं तथा 19,624 व्यवसायिक उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की जाती है।
  • एलपीजी गैस वितरण समस्या को देखते हुए डीएम ने कन्ट्रोलरूम 1077, 0135-2626066,2726066 वाट्सएप्प नम्बर 7534826066 पर संपर्क करने की अपील की है।।



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DM Shruti Sharma कौन हैं? ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती जैसा IAS बनने का पकड़ा Shikha Gautam का झूठ, यूं खुली पोल


Uttar Pradesh

oi-Divyansh Rastogi

UPSC Civil Services Exam 2025 Result: UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट 6 मार्च 2026 को आया और पूरे देश में जश्न का माहौल था। लेकिन यूपी के बुलंदशहर में एक नाम ने सुर्खियां बटोरी- शिखा गौतम। चपरासी के घर की बेटी ने 113वीं रैंक हासिल करने का दावा किया।

दादा रो पड़े, ढोल-नगाड़े बजे, गांव-शहर में जुलूस निकला, मीडिया इंटरव्यू दिए। लेकिन कुछ दिनों बाद ही पूरा मामला फर्जी निकल गया। इसको उजागर करने में बुलंदशहर डीएम श्रुति शर्मा सुर्खियों में आ गईं। आइए जानते हैं आखिर कैसे डीएम ने किया दूध का दूध और पानी का पानी…

Who Is DM Shruti Sharma

UPSC ने मांगी जांच, DM श्रुति शर्मा ने की पूरी पड़ताल

दिल्ली की एक और शिखा ने भी 113वीं रैंक का दावा किया। असली शिखा ने UPSC को ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। आयोग ने तुरंत बुलंदशहर की डीएम श्रुति शर्मा (Bulandshahr DM Shruti Sharma) को जांच सौंप दी। डीएम श्रुति ने ADM प्रशासन को निर्देश दिए। ADM ने SDM सदर दिनेश चंद्र को मामले की जांच सौंपी। SDM ने सदर तहसीलदार मनोज रावत को शिखा गौतम के घर भेजा। तहसीलदार ने डॉक्यूमेंट्स की बारीकी से जांच की तो सारा राज खुल गया:-

  • शिखा गौतम UPSC की मुख्य परीक्षा (मेंस) ही पास नहीं कर पाई थीं।
  • इंटरव्यू के लिए चयन ही नहीं हुआ था।
  • उनके दस्तावेजों में नाम शिखा रानी लिखा मिला।

शिखा और उनके परिवार ने गलती मान ली। एसडीएम ने बताया, ‘उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है।’

Who Is Shikha Gautam: रोल नंबर चेक करना भी भूल गईं शिखा!

शिखा गौतम ने खुद कहा, ‘नाम सर्च किया, रोल नंबर नहीं देखा। घर को कॉल कर दिया। मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ था।’ पूरी जिंदगी UPSC रिजल्ट रोल नंबर से चेक करने वाली अभ्यर्थी रोल नंबर भूल गई! नाम मिलते ही खुशी में डूब गईं। परिवार और गांव वालों को अंधेरे में रखा। जब रिजल्ट आया तो बस इतना बताया- ‘मैं IAS बन गई।’

Who Is Real UPSC Cracker Shikha : असली 113वीं रैंक वाली शिखा कौन है?

दिल्ली की शिखा (शिखा सहरावत) वर्तमान में हरियाणा के रोहतक जिले के सांपला में ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) के पद पर तैनात हैं। द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बताया सोशल मीडिया पर बुलंदशहर वाली शिखा का वीडियो देखा तो होश उड़ गए। मेरिट लिस्ट में शिखा नाम की सिर्फ एक अभ्यर्थी है और रोल नंबर मेरा ही है।’

असली शिखा का बैकग्राउंड

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन।
  • CDS परीक्षा में 7वीं रैंक, लेकिन जॉइन नहीं किया।
  • उसी साल हरियाणा सिविल सेवा में चयन।
  • मई 2025 में हरियाणा सरकार जॉइन, जुलाई 2025 से सांपला में तैनात।

UPSC ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह क्लियर नहीं किया है, लेकिन जांच रिपोर्ट और मेरिट लिस्ट दोनों शिखाओं के दावों को साफ कर चुकी हैं।

Brahmeshwar Mukhiya Granddaughter Akanksha Singh Fake IAS Claim: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती वाली कहानी दोहराई?

शिखा गौतम का मामला ठीक वैसा ही लग रहा है, जैसे पहले ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह का फर्जी IAS दावा सामने आया था। नाम मिलने पर जश्न, फिर जांच में फर्जीवाड़ा। सोशल मीडिया पर लोग तुलना कर रहे हैं कि ‘नाम देखकर खुशी, रोल नंबर भूल गए।’ दरअसल, रैंक 301 पर यूपी की आकांक्षा सिंह और बिहार की आकांक्षा सिंह के बीच भी विवाद हुआ था। UPSC ने स्पष्ट किया कि रैंक 301 गाजीपुर (यूपी) की आकांक्षा सिंह का ही चयन हुआ है (रोल नंबर 0856794)। बिहार वाली ने गलती मानी।

🚨SHOCKING | Shikha Gautam from Bulandshahr claimed UPSC Rank 113.
But truth comes out: She did not even clear the mains exam. pic.twitter.com/wDc60EvEMK

— The Tatva (@thetatvaindia) March 12, 2026 “>

Who Is DM Shruti Sharma: कौन हैं वो DM श्रुति शर्मा, जिनकी जांच ने सारा खेल खोल दिया?

इस पूरे मामले में बुलंदशहर की डीएम श्रुति शर्मा की भूमिका काफी अहम रही। उन्होंने बहुत तेजी से जांच करवाई और कुछ ही घंटों में रिपोर्ट तैयार करके UPSC को भेज दी। श्रुति शर्मा पंजाब की रहने वाली 2011 बैच की IAS अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर से जुड़ी हैं। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में B.Tech किया है और UPSC परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 16 हासिल की थी। उनकी पहली पोस्टिंग 2017 में नेशनल हेल्थ मिशन में अपर मिशन डायरेक्टर के रूप में हुई थी।

Who Is DM Shruti Sharma

इसके बाद उन्होंने नोएडा अथॉरिटी में ACEO, बलरामपुर और फतेहपुर के जिलाधिकारी जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। जनवरी 2025 से वह बुलंदशहर की जिलाधिकारी के रूप में कार्य कर रही हैं और तेज फैसले लेने वाली अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं।

UPSC रिजल्ट में नाम मिलना काफी नहीं

शिखा गौतम का मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि UPSC जैसे एग्जाम में सिर्फ नाम देखकर जश्न मनाना खतरनाक हो सकता है। रोल नंबर, डॉक्यूमेंट्स और आधिकारिक वेरिफिकेशन जरूरी है। परिवार और समाज को भी अंधेरे में नहीं रखना चाहिए। असली शिखा आज BDPO के पद पर काम कर रही हैं, जबकि बुलंदशहर वाली शिखा ने गलती मानी और माफी मांगी।

UPSC ने दोनों मामलों (आकांक्षा और शिखा) में स्पष्ट कर दिया है कि मेरिट लिस्ट में एक ही नाम, एक ही रैंक, लेकिन सही अभ्यर्थी वही जिसका रोल नंबर मैच करता हो। अगर आप भी UPSC अभ्यर्थी हैं तो रिजल्ट चेक करते समय सिर्फ नाम नहीं, रोल नंबर और आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें।





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एयरपोर्ट से घर लौट रही थी फैमिली, पहुंचने से पहले बिछ गई लाशें, केरल में दर्दनाक हादसा


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एयरपोर्ट से घर लौट रही थी फैमिली, पहुंचने से पहले बिछ गई लाशें, केरल में दर्दनाक हादसा

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एयरपोर्ट से घर लौट रही थी फैमिली, पहुंचने से पहले बिछ गई लाशें, केरल में दर्दनाक हादसा

 

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केरल के मलप्पुरम जिले के मोरयूर में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक यह दुर्घटना उस समय हुई जब कोझिकोड एयरपोर्ट से लौट रही एक कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे एक निजी बस से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पांच लोगों में से तीन ने दम तोड़ दिया. मृतकों की पहचान पलक्कड़ के रहने वाले सकीना और शियास, तथा मलप्पुरम की बासिला के रूप में हुई है. हादसे में घायल दो अन्य यात्रियों, अफ़रीदा और इब्राहिम को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. प्रारंभिक जांच के अनुसार, दुर्घटना सुबह करीब 8 बजे हुई. कार शियास चला रहा था और मोरयूर पहुँचते ही वाहन पर से नियंत्रण खो जाने के कारण यह कोझिकोड-पलक्कड़ रूट पर चल रही बस से जा भिड़ी. कोंडोट्टी पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बस में लगे सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके. मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा.
केरल के मलप्पुरम जिले के मोरयूर में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक यह दुर्घटना उस समय हुई जब कोझिकोड एयरपोर्ट से लौट रही एक कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे एक निजी बस से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पांच लोगों में से तीन ने दम तोड़ दिया. मृतकों की पहचान पलक्कड़ के रहने वाले सकीना और शियास, तथा मलप्पुरम की बासिला के रूप में हुई है. हादसे में घायल दो अन्य यात्रियों, अफ़रीदा और इब्राहिम को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. प्रारंभिक जांच के अनुसार, दुर्घटना सुबह करीब 8 बजे हुई. कार शियास चला रहा था और मोरयूर पहुँचते ही वाहन पर से नियंत्रण खो जाने के कारण यह कोझिकोड-पलक्कड़ रूट पर चल रही बस से जा भिड़ी. कोंडोट्टी पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बस में लगे सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके. मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा.



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Mojtaba Khamenei First Message: ‘खाड़ी अरब पड़ोसी देशों पर हमले जारी रहेंगे’, US-Israel को चेतावनी-होर्मुज बंद


International

oi-Divyansh Rastogi

Mojtaba Khamenei First Message: ईरान के नए सर्वोच्च नेता इमाम सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने आज (12 मार्च 2026) अपना पहला आधिकारिक संदेश जारी कर दिया। राज्य टीवी पर पढ़े गए इस लिखित संदेश में उन्होंने साफ चेतावनी दी कि खाड़ी अरब पड़ोसी देशों पर हमले जारी रहेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य को दबाव का हथियार बनाकर बंद रखा जाएगा।

यह संदेश उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी-इजरायल हमले में मौत के बाद सत्ता संभालने के ठीक 4 दिन बाद आया है। ईरानी मीडिया ने इसे ‘इस्लामी क्रांति का नया संकल्प’ बताया।

Mojtaba Khamenei First Message

Mojtaba Khamenei Speech: मोजतबा ने क्या-क्या कहा?

राज्य टीवी पर प्रसारित संदेश के प्रमुख संदेश:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहना चाहिए – इसे दबाव का हथियार बनाकर रखा जाएगा।
  • क्षेत्र के सभी अमेरिकी ठिकानों को बंद कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन पर हमले होंगे।
  • शहीदों का बदला – खासकर मीनाब स्कूल हमले सहित सभी शहीदों के खून का बदला लिया जाएगा, कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
  • खाड़ी अरब पड़ोसी देशों पर हमले जारी रहेंगे।

संदेश में मोजतबा ने जोर दिया कि ईरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जंग में पीछे नहीं हटेगा।

युद्ध का ताजा अपडेट: तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर पार

मोजतबा के संदेश के कुछ घंटों बाद ही फारस की खाड़ी में ईरान के हमलों से तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं।

  • गुरुवार को ईरानी राजधानी तेहरान में कई शक्तिशाली विस्फोट हुए।
  • इजरायल ने ईरान भर में ‘व्यापक’ हमलों की नई लहर शुरू कर दी।
  • यरुशलम में ईरानी मिसाइलों की आवाजें सुनाई दीं।

ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि तेल की कीमत 200 डॉलर तक जा सकती है।

भारत पर क्या असर? तेल मंत्री का आश्वासन

भारत ने होर्मुज से बाहर के स्रोतों से कच्चा तेल आयात बढ़ाकर कुल आयात का 70% कर लिया है। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद को बताया कि देश की तेल आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।

मुंबई पोर्ट ट्रस्ट ने भी पुष्टि की कि लाइबेरियाई झंडे वाला एक टैंकर (कप्तान भारतीय) सऊदी अरब के रास तानूरा से होर्मुज रूट से गुजरकर मुंबई पहुंच गया। ईरान ने इस जहाज को रणनीतिक मार्ग से गुजरने की अनुमति दी थी।

पिता की मौत के बाद सत्ता संभाली

28 फरवरी 2026 को अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। 86 वर्षीय खामेनेई ने 37 साल से ज्यादा समय तक ईरान का नेतृत्व किया। हमलों में उनकी पत्नी मंसूरेह खोजास्तेह बघेरजादेह और मोजतबा की पत्नी जहरा आदेल भी हमले में शिकार बनीं।

इसके बाद ईरान की विशेषज्ञ सभा (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) ने 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को देश का तीसरा सर्वोच्च नेता चुना। यह फैसला 8 मार्च को लिया गया। मोजतबा को IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) का करीबी माना जाता है और वे पिता की हार्डलाइन नीतियों को जारी रखने वाले नेता के रूप में देखे जा रहे हैं।

युद्ध के बीच तेल संकट और वैश्विक असर

मोजतबा का संदेश ऐसे मौके पर आ रहा है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गया है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि दुनिया इतिहास के सबसे बड़े तेल आपूर्ति व्यवधान का सामना कर रही है।

आज सुबह ईरान द्वारा संदिग्ध हमलों में विस्फोटकों से लदी नौकाओं ने कई ईंधन टैंकरों को निशाना बनाया। इसके बाद तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं। गुरुवार को इराकी जलक्षेत्र में दो टैंकरों में आग लग गई। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हमलों की श्रृंखला में संयुक्त अरब अमीरात के तट पर एक मालवाहक जहाज भी प्रभावित हुआ। इस बीच इजरायल ने कहा है कि वह लेबनान में अपने अभियान का विस्तार करेगा और हिजबुल्लाह के खतरे के कारण क्षेत्र पर कब्जा करेगा।

Who Is Mojtaba Khamenei: मोजतबा खामेनेई कौन हैं?

  • उम्र: 56 वर्ष
  • पद: ईरान के नए सर्वोच्च नेता (तीसरे)
  • पिता: अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत
  • कम प्रोफाइल वाले कट्टरपंथी धर्मगुरु। IRGC से गहरे संबंध। पिता के सबसे करीबी सलाहकार रहे।

मोजतबा की नियुक्ति को ईरान की हार्डलाइन नीतियों का संकेत माना जा रहा है। उन्होंने अभी तक कोई सार्वजनिक भाषण नहीं दिया था, इसलिए यह पहला संदेश बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या होगा आगे?

यह संदेश ईरान के अंदरूनी एकता, प्रतिरोध की ताकत और दुश्मनों को जवाब देने का संदेश होगा। युद्ध के बीच तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को देखते हुए यह संदेश न सिर्फ ईरानियों बल्कि पूरे मध्य पूर्व और दुनिया के लिए अहम होगा।



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धामी सरकार का बड़ा फैसला, मिलावटखोरी और मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा, जानिए क्या है खास प्लानिंग


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

Dhami government big decision adulteration प्रदेश की धामी सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाने जा रही है। साथ ही विभाग में स्टाफ को भी दूर किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने गैरसेंण में बजट सत्र के दौरान ये जानकारी सदन में दी। प्रश्न काल के दौरान विधायकों के सवाल के जबाव में मंत्री ने ये जानकारी दी।

मंत्री ने बताया कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर त्योहारों के समय ही नहीं, बल्कि हर माह में एक सप्ताह खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलेगा। इसके अलावा, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशाासन विभाग में स्टाफ की कमी को भी दूर किया जाएगा।

Dhami government big decision adulteration tighten noose adulterators know what special planning

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कतई बख्शा न जाए। विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को सरकार ने साफ किया कि खाद्य पदार्थों की जांच का काम तेजी से चल रहा है। इसकी गति और तेज की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि हाट-मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को खास तौर पर चेक किया जाएगा।

प्रदेश में वर्तमान में 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए सरकार ने लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा है। सरकार का कहना है कि आयोग से भर्ती प्रक्रिया में यदि देर होती है, तो प्रतिनियुक्ति के जरिये भी इन पदों को भरने का प्रयास किया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के खाली पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि देहरादून में टेस्टिंग लैब का कार्य 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा।

खाद्य पदार्थों की जांच-दो वर्ष का हिसाब

वर्ष 2023-24-

  • इस वर्ष में खाद्य पदार्थों के कुल 1627 नमूने लिए गए, जिसमें से 171 फेल हुए। इसके आधार पर 171 वाद पंजीकृत कराए गए।

वर्ष 2024-25-

  • इस वर्ष में खाद्य पदार्थों के 1684 नमूने लिए गए, जिसमें से 159 फेल हुए। इस आधार पर 159 वाद दायर किए गए।



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IPL 2026 से पहले RCB को तगड़ा झटका, 18 साल बाद टीम को चैंपियन बनाने वाला खिलाड़ी होगा बाहर? बढ़ी टेंशन


Cricket

oi-Amit Kumar

IPL 2026, Josh Hazlewood: आईपीएल 2026 की धमाकेदार शुरुआत होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। लेकिन डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम से फैंस को निराश करने वाली खबर आ रही है। टीम के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की फिटनेस पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान लगी चोट से हेजलवुड अब तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, जिससे 28 मार्च को होने वाले ओपनिंग मैच में उनकी भागीदारी पर सवालिया निशान लग गया है।

आईपीएल खेलना लग रहा है मुश्किल (IPL 2026, Josh Hazlewood)

ऑस्ट्रेलियाई पेसर जोश हेजलवुड को टी20 वर्ल्ड कप के दौरान चोट लगी थी, जिसके चलते उन्हें बीच टूर्नामेंट में ही बाहर होना पड़ा था। उनकी जगह स्टीव स्मिथ को टीम में शामिल किया गया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हेजलवुड अभी भी फिजियो की देखरेख में हैं। आईपीएल में हिस्सा लेने के लिए उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड से फिटनेस क्लीयरेंस लेना होगा, जो फिलहाल मिलना मुश्किल लग रहा है।

IPL 2026 1

28 मार्च को होगी सनराइजर्स से पहली भिड़ंत

रजत पाटीदार की कप्तानी वाली आरसीबी अपने अभियान की शुरुआत 28 मार्च को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ करेगी। बीसीसीआई ने पहले 20 मैचों का शेड्यूल जारी कर दिया है। हेजलवुड की गैरमौजूदगी में आरसीबी के गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अब भुवनेश्वर कुमार, यश दयाल और नुवान तुषारा जैसे कंधों पर होगी। हालांकि, हेजलवुड का अनुभव और उनकी सटीक लाइन-लेंथ की कमी पावरप्ले में टीम को खल सकती है।

इस सीजन में आरसीबी की कमान रजत पाटीदार के हाथों में है। टीम ने विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल और कृणाल पंड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ एक संतुलित स्क्वाड तैयार किया है। लेकिन हेजलवुड का अनफिट होना टीम कॉम्बिनेशन को बिगाड़ सकता है।

आईपीएल 2026 के पहले चरण में आरसीबी के मैच

28 मार्च: बनाम सनराइजर्स हैदराबाद (बेंगलुरु)
05 अप्रैल: बनाम चेन्नई सुपर किंग्स (बेंगलुरु)
10 अप्रैल: बनाम राजस्थान रॉयल्स (गुवाहाटी)
12 अप्रैल: बनाम मुंबई इंडियंस (मुंबई)



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