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Iran Israel War: क्‍या सच में खत्‍म होने वाला है ईरान के साथ युद्ध? ट्रंप का आया बड़ा बयान


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oi-Bhavna Pandey

Iran Israel War: ईरान‑यूएस‑इजरायल युद्ध ने अब तक भयंकर तबाही मचा दी है। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर बड़ा दावा किया है। उन्‍होंने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध “जल्द समाप्त होगा”। एक्सियोस को दिए इंटरव्‍यू में उन्होंने कहा कि यह तभी खत्म होगा जब वह चाहेंगे, क्योंकि “निशाना बनाने के लिए व्यावहारिक रूप से कुछ भी नहीं बचा है।”

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, ट्रंप ने संकेत दिया कि उनके ऑपरेशन के उद्देश्य काफी हद तक हासिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “थोड़ा-बहुत इधर-उधर… जब भी मैं चाहूंगा, यह खत्म हो जाएगा।” हालाँकि, उनके इस दावे के बावजूद, क्षेत्र में हमले जारी हैं।

Iran Israel War

इसके विपरीत, इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि अमेरिका के साथ संयुक्त हमलावर अभियान “जब तक आवश्यक होगा, तब तक चलेगा”। एएफपी के हवाले से उन्होंने बताया, “यह अभियान बिना समय सीमा के, सभी उद्देश्य पूरे होने तक जारी रहेगा।”

क्‍या बोला ईरान?

काट्ज़ ने जोर देकर कहा कि तेहरान और पूरे देश में “दिन-ब-दिन, एक के बाद एक लक्ष्य पर” हमले जारी रहेंगे। उनका मकसद ईरानियों को खामनेई-नेतृत्व वाले शासन को हटाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा, “अंतत: यह उन पर निर्भर करता है।”

युद्ध समाप्त होने का ट्रंप का दावा, उनके उस बयान के एक दिन बाद आया जब उन्होंने सीबीएस न्यूज को कहा कि यह युद्ध “बहुत पूरा” है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास न नौसेना, न संचार व्यवस्था और न वायुसेना। सैनिक दृष्टि से तेहरान के पास अब कुछ भी शेष नहीं है।

ट्रंप बोले- अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो ईरान का अंत होगा

ट्रंप ने कहा कि “उनके मिसाइल बिखरे पड़े हैं व उनके ड्रोन हर जगह नष्ट हो रहे हैं।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को “कुछ भी शरारत न करने” की कड़ी चेतावनी दी। साफ शब्दों में उन्होंने धमकाया, “अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो ईरान का अंत होगा और आप फिर कभी उसका नाम नहीं सुनेंगे।”

ईरान‑यूएस‑इजरायल युद्ध

    • ईरान‑यूएस‑इजरायल युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक शुरू की।
    • ईरान के कई अधिकारी मारे गए, शहरों, स्कूलों और नागरिक इलाकों को गंभीर क्षति हुई।
    • लगभग 1,200 से अधिक लोग मारे गए, हजारों घायल।
    • 20,000 से अधिक इमारतें प्रभावित/नष्ट, सैकड़ों घर, अस्पताल और स्कूल क्षतिग्रस्त।
    • मिडिल ईस्‍ट के कई देशों में मिसाइल और ड्रोन हमलों से जान-माल का नुकसान और हजारों लोग बेघर।
    • तेल की शिपिंग बाधित, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि हुई।



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महाकुंभ की ‘वायरल गर्ल’ ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड से की शादी: केरल पुलिस से मांगी सुरक्षा, पिता से बताया खतरा; डायरेक्टर बोले- ये लव जिहाद – Madhya Pradesh News




प्रयागराज महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुई मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली मोनालिसा भोंसले ने केरल में अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान से मंदिर में शादी कर ली। शादी से पहले बुधवार को दोनों तिरुवनंतपुरम के थंपानूर पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। यहां मोनालिसा ने पुलिस से सुरक्षा मांगी और कहा कि उनके पिता उन्हें जबरन घर वापस ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, मोनालिसा ने कहा कि वह बालिग हैं और अपनी मर्जी से फरमान के साथ रहना और उससे शादी करना चाहती हैं। डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने इसे लव जिहाद बताया। देखिए तस्वीरें फिल्म शूटिंग के दौरान हुई मुलाकात मोनालिसा इन दिनों अपनी डेब्यू फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” की शूटिंग के सिलसिले में केरल आई हुई हैं। इसी दौरान फरमान खान से उनकी मुलाकात हुई। दोनों ने बताया कि फिल्म में साथ काम करने के दौरान बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे रिश्ता प्यार में बदल गया। फरमान खान ने कहा, “हम दोनों एक फिल्म में साथ काम कर रहे थे। वहीं हमारी बातचीत शुरू हुई। पहले मोनालिसा ने मुझे प्रपोज किया था। मैंने मना कर दिया, लेकिन बाद में हम दोनों को गहरा प्यार हो गया।” मोनालिसा के मुताबिक उनका और फरमान का रिश्ता करीब छह महीने पुराना है। उन्होंने बताया कि घरवाले गांव में ही किसी और से उनकी शादी कराना चाहते थे, जो उन्हें मंजूर नहीं था। डायरेक्टर ने लगाया साजिश का आरोप मोनालिसा को फिल्म में मौका देने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने इस शादी पर फेसबुक पोस्ट में नाराजगी जताई है। उन्होंने लिखा कि जिस लड़की को मौका देने के लिए उन्होंने 10 करोड़ रुपए का कर्ज लेकर फिल्म बनाई, उसने एक मुस्लिम युवक के साथ भागकर सब बर्बाद कर दिया। उन्होंने इसे “लव जिहाद” बताते हुए इसके पीछे साजिश होने का आरोप लगाया। मीडिया पर भड़के मोनालिसा के परिजन महेश्वर में बुधवार रात करीब 9:30 बजे जब स्थानीय मीडिया कर्मी मोनालिसा के परिवार से बात करने उनके घर पहुंचे, तो परिजन मीडिया को देखकर भड़क गए। उन्होंने पत्रकारों से अभद्र व्यवहार किया और वीडियो-फोटो बनाने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, कुछ मीडियाकर्मियों से वीडियो डिलीट करवाने की भी कोशिश की। ऐसे मिली थी मोनालिसा को पहचान रुद्राक्ष की माला बेचने गई थीं महाकुंभ मोनालिसा महेश्वर की रहने वाली हैं। वह परिवार के साथ प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचने गई थीं। इसी दौरान एक कंटेंट क्रिएटर ने उनका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो उनकी मुस्कान और आंखों की वजह से तेजी से वायरल हो गया। वह इतनी चर्चित हो गईं कि उनकी तस्वीरों वाली टी-शर्ट तक बिकने लगीं। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि भीड़ और लगातार घिरने की वजह से वह परेशान हो गई थीं और माला भी नहीं बेच पा रही थीं। इसी कारण वह महाकुंभ छोड़कर घर लौट आई थीं। इसके बाद डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उन्हें फिल्म का ऑफर दिया और वह रातोंरात चर्चा में आ गईं थी। मोनालिसा की पुरानी तस्वीरें



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मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव तैयार: लोकसभा के 120, राज्यसभा के 60 सांसदों ने दस्तखत किए, कल संसद में पेश किया जा सकता है




विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के लिए सांसदों के दस्तखत जुटा लिए हैं। सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव गुरुवार या शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में पेश किया जा सकता है। एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि हस्ताक्षर जुटाने का काम पूरा हो गया है। अब तक लोकसभा में प्रस्ताव देने के लिए लगभग 120 सांसदों और राज्यसभा में लगभग 60 सांसदों ने इस नोटिस पर दस्तखत किए हैं। नियम के अनुसार 100 सांसदों के दस्तखत जरूरी सूत्रों के मुताबिक यह नोटिस INDIA गठबंधन के सभी दलों के सांसदों ने मिलकर साइन किया है। यह पहली बार है जब मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसा नोटिस दिया जा रहा है। विपक्ष का आरोप-SIR केंद्र सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए विपक्ष का आरोप है कि CEC कई मौकों पर सत्तारूढ़ भाजपा को फायदा पहुंचाने में मदद कर रहे हैं, खासकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नाम की मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा रहा है। कानून के अनुसार प्रस्ताव मंजूर होने पर ही जांच समिति मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अन्य चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश जरूरी होती है। जजेज़ (इन्क्वायरी) एक्ट 1968 के अनुसार, अगर दोनों सदनों में एक ही दिन नोटिस दिया जाता है, तो जांच समिति तभी बनेगी जब दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाएंगे। ——————— ये खबर भी पढ़ें: मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- पात्र वोटर का नाम नहीं कटेगा:स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना प्राथमिकता, CEC के लौटते ही CM ममता ने धरना खत्म किया मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार(10 मार्च) को कहा कि किसी भी पात्र वोटर का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का मकसद है कि सभी सही वोटर को वोट देने का अधिकार मिले और कोई अयोग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल न हो। पढ़ें पूरी खबर…



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LPG की किल्‍लत के बीच बड़ी राहत! भारत आ रही गैस की भारी खेप, क्‍या और बढ़ेगें सिलेंडर के दाम?


India

oi-Bhavna Pandey

lpg crisis in India: देश में रसोई गैस की कमी को लेकर अफवाहें तेज हो रही थीं, लेकिन अब सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि दो LNG कार्गो भारत पहुँच रहे हैं और कच्चे तेल की आपूर्ति भी बिलकुल स्थिर है।

शर्मा ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाला तेल सामान्य से ज्यादा है, लेकिन देश अब 75% तेल आपूर्ति वैकल्पिक मार्गों से कर रहा है, पहले जहां केवल 55% तेल होर्मुज से आता था। यानी सप्लाई सोर्स में विविधता बढ़ी है और कोई कमी की चिंता नहीं।

lpg crisis

एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में धैर्य रखें

देश में सिलेंडर की बुकिंग को लेकर हो रही जल्दीबाजी को लेकर अधिकारी ने कहा कि साधारण डिलीवरी प्रक्रिया 2.5 दिन की ही है। ग्राहकों से अनुरोध किया गया कि अनावश्यक जल्दबाजी न करें, सरकार लगातार आपूर्ति की निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर विशेष कदम भी उठा रही है।

रिफाइनरियां 100% क्षमता पर काम कर रही

देश की रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर चल रही हैं, कुछ तो 100% से भी ज्यादा। भारत में गैस की कुल खपत 189 MSCMD है, जिसमें 97.5 MSCMD घरेलू उत्पादन से आता है और बाकी आयात किया जाता है। मध्य-पूर्व की स्थिति के कारण केवल 47.4 MSCMD की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

LPG के दाम क्‍या फिर बढ़ेगें?

सरकार के समय पर हस्तक्षेप की वजह से दिल्ली में घरेलू एलपीजी ₹913 पर स्थिर है। पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत की 30% गैस आपूर्ति प्रभावित होने पर भी कीमतों में उछाल नहीं आया। घरेलू उत्पादन में 25% की बढ़ोतरी और वैकल्पिक मार्गों से खरीद ने इस स्थिति को संभाला।



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LPG crisis India: कतर, यूएई या सऊदी अरब! कहां से आती है आपके घर की रसोई गैस? अब अमेरिका बनेगा सहारा!


International

oi-Sumit Jha

LPG supply crisis India: पश्चिम एशिया में छिड़े भीषण युद्ध ने भारत की रसोई के बजट और ऊर्जा सुरक्षा को हिलाकर रख दिया है। दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग, ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के 1 मार्च से बंद होने के कारण भारत की लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% से अधिक हिस्सा आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा इसी तनावग्रस्त क्षेत्र से आता है। घरेलू उत्पादन केवल 40% तक सीमित होने के कारण विदेशी निर्भरता अब एक बड़ी चुनौती बन गई है।

खाड़ी देशों में फंसे शिपमेंट और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच, भारत अब अमेरिका जैसे वैकल्पिक रास्तों और घरेलू संसाधनों की ओर देख रहा है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस संकट के पीछे के असल कारण क्या हैं।

LPG supply crisis India

Hormuz Strait closure news: सप्लाई का ‘बंद’ दरवाजा

ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है। भारत को मिलने वाली अधिकांश LPG इसी संकरे रास्ते से होकर आती है। युद्ध के कारण 1 मार्च से इस मार्ग के बंद होने से गैस टैंकरों की आवाजाही ठप हो गई है। चूंकि भारत के मुख्य सप्लायर इसी क्षेत्र में स्थित हैं, इसलिए इस रास्ते का बंद होना भारत के लिए सीधे तौर पर फ्यूल संकट का संकेत है।

LPG crisis India: विदेशों पर भारी निर्भरता

भारत की सालाना LPG खपत लगभग 31.3 मिलियन टन है, जिसका 87% हिस्सा घरों में इस्तेमाल होता है। देश अपनी जरूरत का लगभग 62% हिस्सा आयात से पूरा करता है। पिछले दशक में ‘क्लीन कुकिंग’ अभियान के कारण यह निर्भरता तीन गुना बढ़ गई है। घरेलू उत्पादन मांग के मुकाबले काफी कम होने के कारण, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर होने वाली छोटी सी हलचल भी सीधे भारतीय रसोई तक पहुंच जाती है।

खाड़ी देशों का दबदबा

भारत का LPG आयात मुख्य रूप से कतर (34%), यूएई (26%) और सऊदी अरब (15%) जैसे देशों पर टिका है। ये देश मिलकर भारत की 90% से ज्यादा विदेशी सप्लाई पूरी करते हैं। वर्तमान में ये सभी देश युद्ध की भौगोलिक सीमा के करीब हैं। सप्लाई के लिए किसी एक खास क्षेत्र पर इतनी अधिक निर्भरता ने भारत को इस संकट के समय में काफी संवेदनशील स्थिति में डाल दिया है।

ये भी पढ़ें: LPG Gas Crisis: देश में बढ़ते गैस संकट के बीच जानें आपके रसोई घरों तक कैसे पहुंचता है LPG सिलेंडर?

LPG import from USA: अमेरिका बना नया रणनीतिक विकल्प

संकट की गंभीरता को देखते हुए भारत ने अब अमेरिका के साथ हाथ मिलाया है। सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने अमेरिकी गल्फ कोस्ट से सालाना 2.2 मिलियन टन LPG मंगाने का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट किया है। जुलाई 2025 में भारतीय टीम ने अमेरिकी उत्पादकों के साथ सीधी डील की थी। सरकार की कोशिश है कि सप्लाई के लिए केवल खाड़ी देशों पर निर्भर न रहकर रूट में विविधता लाई जाए।

सरकारी सब्सिडी और बजट का बोझ

वैश्विक बाजार में गैस की कीमतें 60% से ज्यादा बढ़ने के बावजूद, सरकार ने आम आदमी को राहत देने के लिए भारी सब्सिडी जारी रखी है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को ₹1100 की लागत वाला सिलेंडर ₹500-550 में मिल रहा है। इस महंगाई को जनता से बचाने के लिए सरकार ने पिछले साल ₹40,000 करोड़ से ज्यादा खर्च किए हैं। हालांकि, युद्ध लंबा खिंचने पर यह वित्तीय बोझ सरकार के लिए चुनौती बन सकता है।

ये भी पढे़ं: LPG Gas Booking Number: इंडेन, भारत गैस और HP गैस सिलेंडर कैसे बुक करें? जानें सरकार की नई गाइडलाइन

घरेलू उत्पादन के मुख्य स्तंभ

भारत की घरेलू एनर्जी का मुख्य आधार अरब सागर का ‘मुंबई हाई’ और बंगाल की खाड़ी का ‘KG बेसिन’ है। मुंबई हाई देश का सबसे बड़ा ऑफशोर गैस क्षेत्र है, जबकि KG बेसिन को भविष्य का सबसे बड़ा उत्पादन केंद्र माना जा रहा है। सरकार अब इन क्षेत्रों में ड्रिलिंग और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है ताकि भविष्य में विदेशी संकटों के समय देश को ऊर्जा के लिए दूसरों का मुंह न ताकना पड़े।



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IPL 2026 Schedule: आईपीएल के शेड्यूल हुआ ऐलान, RCB का हैदराबाद से पहला मैच, 15 दिनों का कार्यक्रम जारी


Cricket

oi-Naveen Sharma

IPL 2026 Schedule: के आगामी सीज़न का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। टूर्नामेंट में सभी टीमें तय कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग शहरों में मुकाबले खेलती नजर आएंगी। फ़िलहाल 15 दिनों का शेड्यूल ही घोषित किया गया है। चार राज्यों में चुनाव की वजह से सिर्फ 20 मैचों का शेड्यूल जारी किया गया है। 15 दिनों के शेड्यूल में 4 डबल हेडर रखे गए हैं।

4 और 5 अप्रैल को दो डबल हेडर मुकाबले हैं, 11 और 12 अप्रैल को भी डबल हेडर है। इवेंट का पहला मुकाबला 28 मार्च को गत विजेता आरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। पंजाब किंग्स को पहले मैच में खेलने का मौका नहीं मिलेगा।

ipl 2026 schedule

पिछले साल आईपीएल की विक्ट्री परेड के दौरान बेंगलुरु में भगदड़ के बाद वहां कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं हुआ था। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में अब फिर से क्रिकेट लौट रहा है, पहले मैच से ही धमाल देखने को मिलेगा।

IPL 2026 Schedule (आईपीएल का शेड्यूल)

तारीख दिन टीमें स्थान
28/03/26 शनिवार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs सनराइजर्स हैदराबाद बेंगलुरु
29/03/26 रविवार मुंबई इंडियंस vs कोलकाता नाइट राइडर्स मुंबई
30/03/26 सोमवार राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स गुवाहाटी
31/03/26 मंगलवार पंजाब किंग्स vs गुजरात टाइटंस मुल्लांपुर
01/04/26 बुधवार लखनऊ सुपर जायंट्स vs दिल्ली कैपिटल्स लखनऊ
02/04/26 गुरुवार कोलकाता नाइट राइडर्स vs सनराइजर्स हैदराबाद कोलकाता
03/04/26 शुक्रवार चेन्नई सुपर किंग्स vs पंजाब किंग्स चेन्नई
04/04/26 शनिवार दिल्ली कैपिटल्स vs मुंबई इंडियंस दिल्ली
04/04/26 शनिवार गुजरात टाइटंस vs राजस्थान रॉयल्स अहमदाबाद
05/04/26 रविवार सनराइजर्स हैदराबाद vs लखनऊ सुपर जायंट्स हैदराबाद
05/04/26 रविवार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs चेन्नी सुपर किंग्स बेंगलुरु
06/04/26 सोमवार कोलकाता नाइट राइडर्स vs पंजाब किंग्स कोलकाता
07/04/26 मंगलवार राजस्थान रॉयल्स vs मुंबई इंडियंस गुवाहाटी
08/04/26 बुधवार दिल्ली कैपिटल्स vs गुजरात टाइटंस दिल्ली
09/04/26 गुरुवार कोलकाता नाइट राइडर्स vs लखनऊ सुपर जायंट्स कोलकाता
10/04/26 शुक्रवार राजस्थान रॉयल्स vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु गुवाहाटी
11/04/26 शनिवार पंजाब किंग्स vs सनराइजर्स हैदराबाद मुल्लांपुर
11/04/26 शनिवार चेन्नई सुपर किंग्स vs दिल्ली कैपिटल्स चेन्नई
12/04/26 रविवार लखनऊ सुपर जायंट्स vs गुजरात टाइटंस लखनऊ
12/04/26 रविवार मुंबई इंडियंस vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मुंबई

इन शहरों में होंगे पहले चरण के मुकाबले

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के पहले चरण के मुकाबले देश के कई बड़े शहरों में खेले जाएंगे। जारी शेड्यूल के अनुसार शुरुआती मैच बेंगलुरु, मुंबई, गुवाहाटी, मुल्लांपुर, लखनऊ, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद में आयोजित किए जाएंगे। इन सभी शहरों के मैदानों पर टूर्नामेंट के पहले 15 दिनों में अलग-अलग टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।



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Lok Sabha Speaker Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से कैसे खारिज हुआ? विपक्ष की 4 बड़ी चूक क्या?


India

oi-Divyansh Rastogi

Om Birla No-Confidence Motion Update: लोकसभा के बजट सत्र 2026 के दूसरे चरण में बुधवार (11 मार्च) को स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। विपक्ष ने स्पीकर पर पक्षपात और विपक्षी सदस्यों को बोलने न देने का आरोप लगाया था, लेकिन 10 घंटे की तीखी बहस के बाद सदन ने इसे नामंजूर कर दिया।

गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा, जबकि विपक्ष की रणनीति संख्या बल की कमी के कारण फेल हो गई। आपको बता दें कि आजादी के बाद स्पीकर कभी हटाए नहीं गए। आखिरी बार 1987 में ऐसा प्रस्ताव आया था, लेकिन गिर गया। यह 39 साल बाद का मामला है, जब स्पीकर के खिलाफ ऐसा पहला प्रस्ताव था, जो लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल उठाता है। आइए, इस घटना को स्टेप बाय स्टेप समझते हैं…

Lok Sabha Speaker No-Confidence Motion Defeated Reason

Om Birla No-Confidence Motion: क्या-क्या हुआ?

  • प्रस्ताव पेश: कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि ने 9 मार्च को नोटिस दिया। आरोप था कि स्पीकर ने सदन में भेदभाव किया, विपक्षी नेताओं (जैसे राहुल गांधी) को बोलने नहीं दिया, और सत्ताधारी पक्ष का साथ दिया। महिला सदस्यों के खिलाफ भी टिप्पणियां होने का जिक्र किया गया।
  • बहस का दौर: दो दिनों तक चली चर्चा में विपक्ष ने स्पीकर के आचरण पर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह प्रस्ताव व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सदन की निष्पक्षता के लिए है। लेकिन NDA ने स्पीकर का बचाव किया। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार पर तंज कसा कि वे खुद को ‘PM इन वेटिंग’ समझते हैं।
  • अमित शाह (Amit Shah) की स्पीच: गृह मंत्री ने 56 मिनट की स्पीच में राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर निशाना साधा। कहा कि राहुल की अटेंडेंस 15वीं लोकसभा में 43%, 16वीं में 52% और 17वीं में 51% रही, जबकि नेशनल एवरेज ज्यादा था। शाह ने चुटकी ली कि राहुल विदेश दौरे पर चले जाते हैं, और कांग्रेस वरिष्ठों जैसे शशि थरूर को उन्हें संसदीय नियम सिखाने चाहिए। उन्होंने स्पीकर को नियमों का पालन कराने का अधिकार बताया और कहा, ‘सदन मेला नहीं है, नियम तोड़ने पर माइक बंद होगा।’
  • खारिज कैसे हुआ अविश्वास प्रस्ताव?: बहस के बाद ध्वनिमत (वॉयस वोट) से प्रस्ताव गिरा। विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदन स्थगित किया, लेकिन प्रस्ताव पास नहीं हो सका।

No-Confidence Motion Procedure: अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया क्या है?

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत लाया जाता है।

  • नोटिस: कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी। यहां 118 सांसदों ने साइन किया।
  • चर्चा: स्पीकर खुद चेयर नहीं करते, पैनल से कोई सदस्य पीठासीन होता है।
  • वोटिंग: साधारण बहुमत (272 वोट) चाहिए। ध्वनिमत या डिविजन वोट से फैसला।

No-Confidence Motion Opposition Failure 4 Points: विपक्ष कहां-कहां चूका? 4 Point में समझें…

विपक्ष की रणनीति में कई कमियां रहीं, जो प्रस्ताव की असफलता का कारण बनीं:-

  • पहली चूक- संख्या बल की कमी: लोकसभा में कुल 543 सीटें। स्पीकर हटाने के लिए 272 वोट चाहिए, लेकिन विपक्ष के पास सिर्फ 118 हस्ताक्षर थे। TMC ने सपोर्ट दिया, लेकिन कुल भी 200 से कम। NDA का बहुमत मजबूत था।
  • दूसरी चूक- एकजुटता का अभाव: सभी विपक्षी दल पूरी तरह साथ नहीं आए। कांग्रेस ने लीड लिया, लेकिन कुछ दलों ने हंगामा किया, जिससे बहस प्रभावित हुई। राहुल गांधी की अनुपस्थिति ने भी कमजोरी दिखाई।
  • तीसरी चूक- रणनीतिक गलती: प्रस्ताव स्पीकर पर फोकस था, लेकिन विपक्षी वक्ताओं ने सरकार पर हमले ज्यादा किए। X (पूर्व में ट्विटर) पर यूजर्स ने इसे ‘नाकारा विपक्ष’ बताया। कांग्रेस को मालूम था कि पास नहीं होगा, लेकिन प्रतीकात्मक कदम से लोकतंत्र की छवि पर असर पड़ा।
  • चौथी चूक- टाइमिंग और तैयारी: बजट सत्र में लाना जोखिम भरा था, जहां सरकार मजबूत थी। विपक्ष बैठकें तो कीं, लेकिन व्हिप जारी करने में देरी हुई।

यह घटना दिखाती है कि संसद में अविश्वास प्रस्ताव राजनीतिक हथियार है, लेकिन बिना बहुमत के असरदार नहीं। विपक्ष को एकजुटता और रणनीति पर काम करना होगा। स्पीकर की भूमिका निष्पक्षता की है, और ऐसे प्रस्ताव लोकतंत्र की मजबूती दिखाते हैं।



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Israel Bunker Romance: इजराइल में बंकर बने नए ‘डेटिंग स्पॉट, मिसाइलों के डर के बीच रोमांस का मजेदार जुगाड़


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oi-Sumit Jha

Israel Bunker Romance: ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और मिसाइल हमलों के साये में इजराइल के नागरिकों का जीवन बंकरों और सुरक्षित कमरों (Mamads) में सिमट गया है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस खौफनाक माहौल में भी लोग प्यार और रोमांस के पल तलाश रहे हैं। युद्ध की अनिश्चितता ने रिश्तों में एक अजीब सी गहराई और जल्दबाजी भर दी है।

जहां बाहर सायरन और धमाकों का शोर है, वहीं बंकरों के भीतर कपल्स डर को मात देने के लिए एक-दूसरे के साथ को अपना हथियार बना रहे हैं।

Israel Bunker Romance

Israel Iran War: बंकर बना नया ‘डेटिंग स्पॉट’

युद्ध के कारण क्लब और रेस्टोरेंट बंद हैं, इसलिए इजराइल के युवाओं के लिए सुरक्षित बंकर ही अब मुलाकात की जगह बन गए हैं। कैंडललाइट डिनर की जगह अब डिब्बाबंद खाने और इमरजेंसी लाइट ने ले ली है। लोग तनाव कम करने के लिए बंकरों में ही फिल्में देख रहे हैं या साथ वक्त बिता रहे हैं। इस माहौल ने दिखावे को खत्म कर दिया है और रिश्तों में सादगी के साथ-साथ एक नई तरह की नजदीकी पैदा कर दी है।

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Dating in Bunkers: डर और रोमांस का अनोखा मेल

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जब जीवन पर संकट होता है, तो इंसान प्यार और सुरक्षा की तलाश और अधिक तीव्रता से करता है। इजराइल में ‘बंकर रोमांस’ इसी मानवीय स्वभाव का हिस्सा है। धमाकों की गूंज के बीच पार्टनर का हाथ थामना या साथ बैठना उन्हें मानसिक सुकून देता है। यह सिर्फ आकर्षण नहीं, बल्कि मौत के डर के खिलाफ जीवन का जश्न मनाने और एक-दूसरे को भावनात्मक सहारा देने का एक तरीका बन गया है।

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युद्ध के बीच शादियों का चलन

तनावपूर्ण माहौल के बावजूद इजराइल में कई जोड़े बंकरों या छोटे निजी समारोहों में शादियां कर रहे हैं। वे भविष्य की अनिश्चितता के कारण अपने फैसलों को टालना नहीं चाहते। ‘आज में जीने’ की इस चाहत ने रोमांस को और भी गंभीर बना दिया है। सेना की वर्दी में छुट्टी पर आए जवान और उनके पार्टनर के बीच के ये पल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो दिखाते हैं कि प्यार जंग से बड़ा है।

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डिजिटल रोमांस और बंकर ऐप्स

युद्ध के दौरान डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल भी बदला है। अब लोग ‘लोकेशन’ के आधार पर ऐसे पार्टनर ढूंढ रहे हैं जो पास के ही किसी बंकर में सुरक्षित हों। वीडियो कॉलिंग और चैटिंग के जरिए लोग एक-दूसरे का हाल जानते हैं और अकेलेपन से लड़ते हैं। यह डिजिटल जुड़ाव बंकरों की तन्हाई को कम करने में मदद कर रहा है। इजराइल के समाज के लिए यह रोमांस केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि कठिन समय में जीवित रहने की एक कला है।



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धामी सरकार की पशुपालन योजनाओं से ग्रामीणों को कैसे मिल रहा स्वरोजगार, आर्थिकी और पलायन पर फोकस


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

Dhami government animal husbandry schemes उत्तराखंड की धामी सरकार की पशुपालन योजनाओं से ग्रामीणों को स्वरोजगार मिल रहा है। जिससे गांव में रहकर ही लाभार्थी आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। इन योजनाओं से जुड़कर कई ग्रामीण अपने ही गांव में रहकर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर पौड़ी जिला प्रशासन के प्रयासों से स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के मार्गदर्शन में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आर्थिकी मजबूत की जा रही है।

Dhami government animal husbandry schemes self-employment villagers focusing economy migration

पशुपालन विभाग पौड़ी द्वारा जनपद में बकरी पालन, मुर्गी पालन, गौ पालन तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार गौ पालन योजना के तहत 143, बकरी पालन योजना में 262, महिला बकरी पालन योजना में 30, मुर्गी पालन में 120, नंदी पालन योजना में 6, गैर-सरकारी गौ सदन में 18 तथा सरकारी गौ सदन में 3 इकाइयों को योजनाओं का लाभ दिया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।

प्रत्येक लाभार्थी को 16 बकरियां

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में जिला योजना के तहत 262 लाभार्थियों को बकरी पालन योजना से जोड़ा गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को 16 बकरियां उपलब्ध करायी जाती हैं, जिससे वे व्यवस्थित रूप से बकरी पालन कर अपनी आय बढ़ा सकें। उन्होंने बताया कि महिला बकरी पालन योजना के तहत 30 विधवा महिलाओं को चार-चार बकरियां उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे वे अपने घर के पास ही पशुपालन कर आत्मनिर्भर बन सकें और उनकी आजीविका मजबूत हो सके।

तीन-तीन हजार मुर्गियां

डॉ. शर्मा ने बताया कि मुर्गी पालन योजना के अंतर्गत 120 लाभार्थियों को तीन-तीन हजार मुर्गियां उपलब्ध कराई गई हैं। इनसे उत्पादित मुर्गियां और बकरियों की आपूर्ति सीमा सुरक्षा बल श्रीनगर को भी की जाती है, जिससे लाभार्थियों को बाजार उपलब्ध हो रहा है और उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है।

नंदी पालन योजना

उन्होंने बताया कि नंदी पालन योजना के तहत छह लाभार्थी पांच-पांच नंदियों का पालन कर रहे हैं। इनके भरण-पोषण के लिए सरकार की ओर से प्रति नंदी प्रतिदिन 80 रुपये की सहायता दी जाती है। इसके अलावा जनपद में 18 गैर-सरकारी गौ सदन संचालित किए जा रहे हैं, जिनके संचालन के लिए भी प्रति गाय प्रतिदिन 80 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद के श्रीनगर, सतपुली और कोटद्वार में तीन सरकारी गौ सदन भी संचालित हैं। इनकी देखरेख करने वाले कार्मिकों को भी प्रति गाय प्रतिदिन 80 रुपये की सहायता राशि दी जाती है।

पलायन रोकने में भी मदद

उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक ग्रामीणों को पशुपालन से जोड़कर उन्हें स्थायी स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री की पहल और जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में विभाग लगातार योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। पशुपालन विभाग की इन योजनाओं से जहां ग्रामीणों को अपने ही गांव में रोजगार मिल रहा है, वहीं उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पलायन रोकने में भी मदद मिल रही है।



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ऑनलाइन नहीं बिकेगी मैसूर सिल्‍क साड़ियां, कैसे करें असली-नकली की पहचान? 1 ओरिजन साड़ी की कीमत उड़ा देगी होश


India

oi-Bhavna Pandey

Mysore Silk online sales ban: कर्नाटक सरकार ने प्रसिद्ध Mysore Silk साड़ियों की ऑनलाइन बिक्री को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। शुद्ध शहतूत रेशम, सोने की ज़री और चांदी के धागों से तैयार होने वाली इन जीआई-टैग साड़ियों की बढ़ती मांग के कारण आपूर्ति कम पड़ने लगी है। इसी वजह से सरकारी कंपनी Karnataka Silk Industries Corporation (केएसआईसी) ने सीमित स्टॉक को अपने विशेष आउटलेट्स पर आने वाले ग्राहकों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।

रेशम उत्पादन मंत्री K. Venkatesh ने विधानसभा में बताया कि मैसूर सिल्क साड़ियों की उच्च गुणवत्ता ही मांग में आए तेज उछाल की मुख्य वजह है। उन्होंने कहा कि जैसे ही उत्पादन की स्थिति स्थिर होगी, ऑनलाइन बिक्री को फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

Karnataka government how to check genuine silk price

1912 से जारी है परंपरा

Karnataka Silk Industries Corporation वर्ष 1912 से मैसूर सिल्क साड़ियों का उत्पादन कर रही है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 300 से 400 साड़ियों का निर्माण होता है। पिछले तीन वर्षों में निगम ने कुल मिलाकर 31 लाख से अधिक साड़ियों का उत्पादन किया है।

छूट वाली सेल में भीड़

मंत्री के अनुसार, विशेष छूट वाली बिक्री के दौरान इन साड़ियों की लोकप्रियता साफ दिखाई देती है। हल्की खामियों वाली साड़ियों को 25% से 50% तक की छूट पर बेचा जाता है। ऐसे मौकों पर लोग सुबह 3 बजे से ही कतारों में लगना शुरू कर देते हैं।

कच्चे माल के लिए प्रतिस्पर्धा

केएसआईसी प्रीमियम कोकून मुख्य रूप से कर्नाटक के Sidlaghatta, Ramanagara और Kollegal स्थित सरकारी बाजारों से प्राप्त करता है। इसके अलावा Maharashtra और Tamil Nadu जैसे राज्यों से भी उच्च गुणवत्ता वाले कोकून प्राप्त करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

उत्पादन बढ़ाने का हो रहा प्रयास

बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने 30 नए ई-जैक्वार्ड लूम स्थापित किए हैं। इससे उत्पादन में हर महीने लगभग 7,500 मीटर की वृद्धि हुई है।

मुनाफे में हो रही लगातार बढ़ोतरी

Karnataka Silk Industries Corporation की वित्तीय स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। निगम का लाभ वर्ष 2022-23 में 46 करोड़ रुपये, 2023-24 में 73 करोड़ रुपये और 2024-25 में बढ़कर 101 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

एक मैसूर सिल्‍क साड़ी की कीमत क्‍या है?

ऑरिजिनल Mysore Silk साड़ी की कीमत उसकी क्वालिटी, ज़री (सोना-चांदी के धागे), डिजाइन और ब्रांड पर निर्भर करती है। खासकर सरकारी कंपनी Karnataka Silk Industries Corporation (KSIC) की साड़ियां सबसे प्रामाणिक और महंगी मानी जाती हैं। KSIC की कीमत ₹16,000 से शुरू होती है और डिजाइन के आधार पर महंगी होती जाती है।

बेसिक प्लेन डिजाइन: ₹6,000 – ₹12,000

मीडियम डिजाइन और ज़री बॉर्डर: ₹12,000 – ₹25,000

हेवी ज़री वर्क: ₹25,000 – ₹50,000

ब्राइडल / प्रीमियम कलेक्शन: ₹50,000 से ₹75,000+

खास प्रीमियम साड़ियां ₹2.5 लाख तक

ऑनलाइन/मार्केट: लगभग ₹8,000 – ₹12,000 में भी कुछ हल्के डिजाइन वाली मैसूर सिल्क साड़ी

असली मैसूर सिल्क साड़ी की कैसे करें पहचान?

KSIC होलोग्राम टैग – गोल्डन टैग और यूनिक कोड

GI टैग – “Mysore Silk” का प्रमाण लेबल

प्राकृतिक चमक – हल्की और नेचुरल रेशम की चमक

उच्च क्वालिटी ज़री – सोने/चांदी के धागे, टिकाऊ बॉर्डर

कीमत संकेत – असली साड़ी आमतौर पर ₹10,000+ से शुरू

खरीद भरोसेमंद स्टोर से – KSIC या प्रमाणित आउटलेट



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