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Stock Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! बाजार खुलते ही सेंसेक्स 2253 अंक टूटा, निफ्टी में भी लगी सेंध


Business

oi-Puja Yadav

Stock Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन ‘ब्लैक मंडे’ साबित हुआ है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सोमवार (9 मार्च 2026) को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर कोहराम मच गया। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उबाल ने निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए हैं।

सोमवार, 9 मार्च को सुबह जैसे ही शेयर बाजार खुला, स्क्रीन पर लाल निशान ने निवेशकों के पसीने छुड़ा दिए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 2253.87 अंक (लगभग 3%) की ऐतिहासिक गिरावट के साथ 76,665.03 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।

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वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी करीब 700 अंक टूटकर 23,750 के नीचे फिसल गया।

Sensex Down बाजार की स्थिति: एक नजर में

बाजार में बिकवाली इतनी चौतरफा थी कि केवल कुछ ही शेयर हरे निशान में टिक पाए। मार्केट कैप में गिरावट देखी गई। शुरुआती कुछ मिनटों के भीतर ही निवेशकों की संपत्ति में लगभग 13.5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। बाजार में अस्थिरता को मापने वाला सूचकांक ‘इंडिया VIX (Volatility Index’ 20% से अधिक उछल गया, जो निवेशकों के बीच भारी डर का संकेत है।

Reasons for Market Fall March: मार्केट में गिरावट के 3 बड़े कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस ‘ब्लडबाथ’ के पीछे तीन मुख्य ट्रिगर काम कर रहे हैं-

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध: पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में चल रहा संघर्ष पिछले सप्ताहांत और अधिक हिंसक हो गया है। ईरान पर हुए हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरों ने वैश्विक निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Havens) की ओर भागने पर मजबूर कर दिया है।

कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग: युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित होने के डर से ब्रेंट क्रूड की कीमतें $110 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों का 85% आयात करता है, ऐसे में महंगा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई और चालू खाता घाटे (CAD) का बड़ा खतरा है।

विदेशी निवेशकों (FIIs) का पलायन: वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से भारी मात्रा में पैसा निकालना शुरू कर दिया है। अकेले मार्च महीने में अब तक 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली हो चुकी है।

शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय रुपया भी दबाव में है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज अपने सर्वकालिक निचले स्तर 92.30 के पार निकल गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने डॉलर की मांग बढ़ा दी है, जिससे घरेलू मुद्रा कमजोर हो रही है।

विशेषज्ञों की राय: क्या करें निवेशक?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को फिलहाल ‘पैनिक सेलिंग’ (घबराहट में शेयर बेचना) से बचने की सलाह दी जा रही है।

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार अभी पूरी तरह से भू-राजनीतिक खबरों से संचालित हो रहा है। लंबी अवधि के निवेशकों को गुणवत्तापूर्ण शेयरों (Quality Stocks) में धीरे-धीरे खरीदारी के अवसर तलाशने चाहिए, लेकिन अभी बड़ी एकमुश्त राशि लगाने से बचना चाहिए।

आज दोपहर 11 बजे और 12 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर संसद में ईरान संकट पर बयान देंगे। बाजार की नजरें सरकार के कूटनीतिक रुख और कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के उपायों पर टिकी होंगी। यदि तनाव बढ़ता है, तो निफ्टी 23,500 के स्तर तक भी गिर सकता है।



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Silver Rate Today: चांदी में बड़ा झटका! एक झटके में ₹3300 तक लुढ़के भाव, दिल्ली से पटना तक आज कितना है रेट


🔹दिल्ली ₹2,850 (10 ग्राम) | ₹28,500 (100 ग्राम) | ₹2,85,000 (एक किलो) 🔹मुंबई ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹कोलकाता ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹चेन्नई ₹2,900 | ₹29,000 | ₹2,90,000 🔹पटना ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹लखनऊ ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹मेरठ ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹अयोध्या ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹गाजियाबाद ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹नोएडा ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹गुरुग्राम ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹जयपुर ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹लुधियाना ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹गुवाहाटी ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹इंदौर ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹कानपुर ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹अहमदाबाद ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹सूरत ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹नागपुर ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹पुणे ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹चंडीगढ़ ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹नासिक ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹वडोदरा ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹बैंगलोर ₹2,850 | ₹28,500 | ₹2,85,000 🔹भुवनेश्वर ₹2,900 | ₹29,000 | ₹2,90,000 🔹कटक ₹2,900 | ₹29,000 | ₹2,90,000



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Global Market: पश्चिम एशिया तनाव से वैश्विक बाजारों में हड़कंप, एशियाई सूचकांकों में तेज गिरावट, जानिए सबकुछ


पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और सप्लाई को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी फ्यूचर्स भी दबाव में कारोबार करते नजर आए। जापान का निक्केई इंडेक्स 4000 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 700 से अधिक अंक गिरकर कारोबार कर रहा है।

तेल की कीमतों में दिखा जोरदार उछाल

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार खुलते ही तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई। फ्रंट-मंथ वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स करीब 20.1% उछलकर 109.20 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 17.7% बढ़कर 109.13 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करने लगा।

इस उछाल की बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो जाना बताया जा रहा है। यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर यहां शिपिंग एक सप्ताह भी बाधित रहती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।

एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट

तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली।


  • जापान का निक्केई इंडेक्स 6.7% गिर गया।

  • दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7.7% लुढ़क गया।

  • सिंगापुर का एफटीएसई स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 2% गिरा।

हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी सैकड़ों अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं भारत में भी शुरुआती संकेत कमजोर दिख रहे हैं, क्योंकि गिफ्ट निफ्टी 500 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी बाजारों पर भी दबाव

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स भी गिरावट में हैं।


  • e-Mini Nasdaq-100 फ्यूचर्स 2.4% नीचे

  • e-Mini S&P 500 फ्यूचर्स 2% गिरा

  • e-Mini Dow फ्यूचर्स 1.9% कमजोर

डॉलर मजबूत, सोना-चांदी में गिरावट


  • सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ने से यूएस डॉलर इंडेक्स 0.7% बढ़कर 99.645 पर पहुंच गया।

  • डॉलर मजबूत होने से सोने और चांदी पर दबाव देखा गया।

  • स्पॉट गोल्ड 1.8% गिरकर 5076.61 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा।

  • स्पॉट सिल्वर 4.5% गिरकर 80.66 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा।

क्या आगे और बढ़ेगा असर?

विश्लेषकों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में संघर्ष और लंबा खिंचता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधित रहती है, तो तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसका सीधा असर वैश्विक महंगाई, ब्याज दरों और शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।

 



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ईरान जंग के आगे बेबस बाजार: सेंसेक्स 2400 अंक धड़ाम, जानिए बिकवाली की सुनामी आने के पांच बड़े कारण क्या?


जंग ईरान में हो रही है। ईरान के साथ भिड़े हैं अमेरिका और इस्राइल। इसके चपेट में हैं खाड़ी के देश। फिर भारत के शेयर बाजार में बिकवाली क्यों हो रही है? आइए समझने की कोशिश करते हैं। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज उछाल ने वैश्विक और भारतीय शेयर बाजारों को बुरी तरह झकझोर दिया है। 

सोमवार की सुबह बाजार में क्या हुआ?

सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी सदमे से कम नहीं रहा। सोमवार को सुबह-सुबह भारतीय शेयर बाजार में हुई भारी बिकवाली के कारण शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की आशंका है। बेंचमार्क सूचकांक भारी बिकवाली के दबाव के साथ खुले। सेंसेक्स 2,320 अंकों का भारी गोता लगाकर 76,598 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी करीब 700 अंक टूटकर 23,764 पर पहुंच गया। बैंक निफ्टी में भी 2,288 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई। रुपया भी शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 43 पैसे गिरकर 92.25 पर आ गया।

भारतीय और वैश्विक बाजारों में इस तीव्र बिकवाली के पीछे पांच प्रमुख कारण ये रहे-

1. ईरान-इस्राइल युद्ध और बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव

इस्राइल और ईरान के बीच मिसाइल हमले और तनाव चरम पर है। इस्राइल द्वारा तेहरान के एक तेल डिपो को निशाना बनाए जाने के बाद निवेशकों में दहशत फैल गई है। इसके अलावा, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख- जिसमें उन्होंने ईरान से बिना शर्त सरेंडर की मांग की है और जमीनी हमले की भी चेतावनी दी है- ने वैश्विक अस्थिरता को और गहरा कर दिया है।

2. कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा उछाल

युद्ध के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से तेल की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। कुवैत, यूएई और इराक जैसे प्रमुख देशों ने उत्पादन में भारी कटौती की है। इसके परिणामस्वरूप ब्रेंट क्रूड में लगभग 20% से 24% की जोरदार उछाल आई और यह 110 से 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो जून 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। कतर के ऊर्जा मंत्री की इस चेतावनी ने कि कीमतें 150 डॉलर तक जा सकती हैं, बाज़ार की घबराहट को और बढ़ा दिया है।

3. विदेशी निवेशकों की निरंतर और भारी निकासी

भारतीय बाज़ार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का पलायन जारी है। शुक्रवार को FIIs ने कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स मिलाकर कुल 9,459 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली की। यह लगातार छठा दिन है जब विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 6,972 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा देने का प्रयास किया है, लेकिन विदेशी निकासी का दबाव हावी है।

4. वैश्विक बाजार में चौतरफा बिकवाली

कच्चे तेल और युद्ध का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ा है। एशियाई बाजारों में ऐतिहासिक गिरावट आई है; जापान का निक्केई (Nikkei 225 futures) 7.4% और टॉपिक्स (Topix) 5.8% गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 4.3%, हांगकांग का हैंग सेंग 2.9% और शंघाई कंपोजिट 1.3% तक टूटे हैं। अमेरिकी बाजारों में भी भारी दबाव है, जहां डाओ फ्यूचर्स में करीब 900 अंकों की गिरावट दिखी और एसएंडपी (S&P) 500 फ्यूचर्स 2.2% गिर गए। 

5. सेक्टोरल बिकवाली और बढ़ता ‘फियर इंडेक्स’

बाजार में अनिश्चितता का अंदाजा ‘इंडिया विक्स’ (वोलैटिलिटी इंडेक्स) से लगाया जा सकता है, जिसमें 21% का तेज उछाल दर्ज किया गया और यह 24.04 के स्तर पर पहुंच गया। घरेलू बाजार में पीएसयू बैंक 5%, ऑटो 4%, फाइनेंशियल 3.7%, मीडिया 3.4% और मेटल सेक्टर 3% गिर गए। एफएमसीजी, आईटी और फार्मा जैसे डिफेन्सिव सेक्टर्स में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही, जो निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाता है। 

अब आगे क्या?

वैश्विक अनिश्चितता और इक्विटी बाजारों में मचे इस हाहाकार के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। यही कारण है कि डॉलर इंडेक्स तीन महीने के ऊंचे स्तर 99.50 के पार निकल गया है और घरेलू बाजार में सोने व चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। जब तक मध्य पूर्व के कूटनीतिक हालात स्थिर नहीं होते और कच्चे तेल की सप्लाई चेन से जुड़ी चिंताएं दूर नहीं होतीं, बाज़ार में यह दबाव और ‘रिस्क-ऑफ’ सेंटिमेंट बने रहने की पूरी संभावना है।





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टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत पर अमिताभ बच्चन ने ये क्या कह दिया? लोगों ने किया ट्रोल, बोले- आप मैच मत देखिए


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Amitabh Bachchan On T20 World Cup 2026: गत 8 मार्च 2026 (रविवार) को गुजरात के अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम(Narendra Modi Stadium) में खेले गए ICC Men’s T20 World Cup के फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। इस रोमांचक मैच में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रनों के बड़े अंतर से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

भारत बना टी20 वर्ल्ड कप 2026 का चैंपियन
इस जीत के साथ भारत टी20 वर्ल्ड कप तीन बार जीतने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। जैसे ही टीम इंडिया ने खिताब अपने नाम किया, पूरे देश में जश्न का माहौल बन गया। जगह-जगह पटाखे फूटे और लोगों ने इसे किसी त्योहार से कम नहीं माना।

Amitabh Bachchan

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में दमदार प्रदर्शन

इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारतीय टीम की कमान सूर्यकुमार याव (Suryakumar Yadav) के हाथों में थी। टीम इंडिया ने पूरे मैच में शानदार खेल दिखाया और न्यूजीलैंड को पूरी तरह दबाव में रखा। भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर टीम ने बड़ी जीत दर्ज की और एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत दिखा दी।

टीम इंडिया की जीत पर सेलिब्रिटीज ने दी बधाई

भारत की इस ऐतिहासिक जीत के बाद फिल्म इंडस्ट्री से लेकर खेल जगत तक हर कोई टीम इंडिया को बधाई दे रहा है। कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खिलाड़ियों की तारीफ की। इसी बीच बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) का एक पोस्ट खास चर्चा में आ गया है।

अमिताभ बच्चन का मजेदार पोस्ट

अमिताभ बच्चन ने टीम इंडिया की जीत पर अपने अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है- T 5679- कहा था नहीं देखूंगा तो जीत जाएंगे, हो गया। दरअसल क्रिकेट मैच के दौरान कई लोग अपने-अपने खास टोटके मानते हैं। अमिताभ बच्चन ने भी मजाकिया अंदाज में यही संकेत दिया कि उन्होंने मैच नहीं देखा और भारत जीत गया।

T 5679 – कहा था नहीं देखूँगा तो जीत जाएँगे ! हो गया ! pic.twitter.com/JHgQyc2v2S

— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) March 8, 2026 “>

बिग बी के पोस्ट पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट

-आपको बता दें कि अमिताभ बच्चन का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर मजाक-मजाक में ही उनके लिए ट्रोलिंग का कारण बन गया है। कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए उन्हें पनौती तक कह दिया है।

-एक यूजर ने लिखा है- आपको अभी भी लगता है कि आप क्रिकेट के लिए पनौती हैं? वहीं दूसरे यूजर ने मजाक में लिखा है- मतलब 2023 का वर्ल्ड कप आपकी वजह से हार गए थे।

-वहीं कुछ लोगों ने बिग बी का सपोर्ट भी किया है। एक फैन ने लिखा है- मैं भी आखिरी ओवर तक मैच नहीं देखता ताकि इंडिया जीत जाए। एक अन्य यूजर ने मजाक में लिखा है- सर, अब पूरे देश की विनती है, अगले 10 साल तक टीवी ऑफ ही रखिए, हम हर ट्रॉफी जीत लेंगे।

सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं अमिताभ बच्चन

आपको बता दें कि अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। वह अक्सर ट्विटर पर छोटे-छोटे या रहस्यमयी पोस्ट करते रहते हैं, जिनका मतलब समझने के लिए फैंस खूब चर्चा करते हैं। कई बार उनके पोस्ट सिर्फ एक शब्द के होते हैं लेकिन फिर भी चर्चा का विषय बन जाते हैं।

अमिताभ बच्चन के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स

जानकारी के अनुसार अमिताभ बच्चन आने वाले समय में कई बड़ी फिल्मों में नजर आने वाले हैं। वह जल्द ही ‘कल्कि 2898 एडी पार्ट 2’ में अश्वत्थामा के किरदार में दिखाई देंगे। इसके अलावा वह ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 2-देव’ (Brahmastra Part Two: Dev) में भी गुरु की भूमिका निभाते नजर आएंगे।





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Uttarakhand Budget satra भराड़ीसैंण में आज से बजट सत्र, 3 बजे सीएम पेश करेंगे बजट, बनेगा इतिहास, जानिए क्यों


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

Uttarakhand Budget satra 2026 ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आज से बजट सत्र शुरू हो रहा है। सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र का आगाज होगा। इसके बाद स्पीकर राज्यपाल के बजट भाषण को पढ़ेंगी।

राज्यपाल अभिभाषण के बाद सरकार सदन में विनियोग विधेयक को सदन पटल पर रख कर बजट पेश करेगी।दोपहर बाद तीन बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बजट पेश करेंगे। उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पहली बार सरकार राज्यपाल अभिभाषण के दिन ही सदन में बजट पेश करेगी।

Uttarakhand Budget session starts today Bhararisain CM dhami present budget at 3 pm history made

यह पहला मौका होगा जब मुख्यमंंत्री पुष्कर सिंह धामी सदन में वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट पेश करेंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट का आकार 1.11 लाख करोड़ होने का अनुमान है। चुनावी साल होने की वजह से सरकार कुछ लोकलुभावन योजनाओं को शामिल कर सकती है। विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री बजट में कई नई योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं।

इससे पहले रविवार को ही विधायक, मुख्यमंत्री, स्पीकर समेत अधिकारी, कर्मचारी भराड़ीसैंण पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। बैठक में विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व विधायक प्रीतम सिंह शामिल नहीं हुए। बैठक में सदन संचालन के लिए दो दिन का एजेंडा तय किया गया। पहले दिन राज्यपाल अभिभाषण के साथ ही बजट पेश होगा।

10 मार्च को राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा की जाएगी। भराड़ीसैंण विधानसभा में सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है।रविवार को भराड़ीसैंण में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक हुई।

जिसमें कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य के मुद्दों को सदन में उठाने की रणनीति बनाई है। विपक्ष के तेवरों से सदन की कार्यवाही हंगामेदार हो सकती है। वहीं भाजपा विधानमंंडल की बैठक में भी विपक्ष के हर सवाल के जबाव देने की तैयारी की गई।



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The Bonus Market Update: जंग से सहमा बाजार, सेंसेक्स 2300 अंक धड़ाम, निफ्टी भी बेहाल, जानें सबकुछ


पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव के साथ गिरावट का सिलसिला जारी रहा। निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कमजोर पड़ने से बाजार दबाव में कारोबार करता नजर आया। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स 2300 से ज्यादा अंक तक गिरा। हालांकि बाजार खुलते ही 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1857.34 अंक या 2.35% गिरकर 77,061.56 पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 519.50 अंक या 2.12% गिरकर 23,930.95 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 43 पैसे गिरकर 92.25 पर आ गया।

तेल की कीमतों में जोरदार उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। बाजार में आशंका है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल ट्रांजिट मार्गों में से एक है।

कच्चे तेल की कीमतें जुलाई 2022 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं और लगभग तीन साल में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गईं।



  • ब्रेंट क्रूड 20% से ज्यादा उछलकर 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया।




  • पिछले सप्ताह ही इसमें लगभग 28% की तेज रैली दर्ज की गई थी।




  • कीमतें 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।



सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव

एशियाई कारोबार के दौरान सोमवार को कीमती धातुओं में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।



  • स्पॉट गोल्ड 2.12% गिरकर 5,049 डॉलर प्रति औंस




  • स्पॉट सिल्वर 3.51% गिरकर 81.34 डॉलर प्रति औंस



कुल मिलाकर भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों द्वारा पोजिशन एडजस्ट करने के कारण सोना और चांदी में लगभग 3.5% तक गिरावट दर्ज की गई।

एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट

तेल की कीमतों में तेज उछाल और बढ़ते वैश्विक जोखिम के कारण एशियाई शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली।



  • जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 6.22% गिरा और 6 फरवरी के बाद पहली बार 53,000 के नीचे आ गया




  • टॉपिक्स इंडेक्स 5.27% लुढ़क गया




  • दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.68% गिर गया



तेज अस्थिरता के चलते दक्षिण कोरिया में कोस्पी 200 फ्यूचर्स की ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। पिछले सप्ताह भी वहां बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जब बेंचमार्क इंडेक्स 12% से ज्यादा टूट गया था और सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा था।

ट्रंप की टिप्पणी से भी बाजार में हलचल

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की कीमतों में हालिया उछाल को अस्थायी बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिर सकती हैं, और वैश्विक सुरक्षा के लिए यह छोटी कीमत है।

आगे क्या रहेगा बाजार का फोकस

विश्लेषकों के मुताबिक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर करेगी:



  • पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति




  • कच्चे तेल की कीमतों का रुख




  • वैश्विक निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान



अगर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आती है, तो इसका असर वैश्विक महंगाई, ब्याज दरों और शेयर बाजारों पर और गहरा पड़ सकता है।



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T20 World cup 2026: ‘कुछ न लिखूं तो ही अच्छा ‘, भारत के विश्वविजेता बनने के बाद धोनी ने किसे कहा ‘साहब’?


Cricket

oi-Ankur Sharma

T20 World cup 2026: पूरा देश इस वक्त खुशी और गर्व से सराबोर है क्योंकि टीम इंडिया विश्वविजेता जो बन गई है। आपको बता दें कि टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरा बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम करके सफलता का नया अध्याय लिखा है।

कप्तान सूर्य कुमार यादव की सेना ने रविवार को वो कर दिखाया, जिसका सपना 140 करोड़ की जनता आंखों में संजोए बैठी थी। इंडिया ने ‘बैक टू बैक’ क्रिकेट के सीमित ओवरों के फार्मेट में विश्वकप जीतकर एक ओर जहां इतिहास रचा है वहीं दूसरी ओर भारत को विश्वपटल पर इतराने का मौका भी दिया है।

T20 World cup 2026

फाइनल मैच के दौरान नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टीम इंडिया के सफलतम कप्तानों में से एक रहे पूर्व कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी भी मौजूद थे और उन्होंने भारत की जीत के तुरंत बाद जो लिखा वो इस वक्त सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल माही ने इंस्टाग्राम पर गौतम गंभीर और जसप्रीत बुमराह के लिए एक खास मैसेज पोस्ट किया जो कि वायरल हो गया है।

T20 World cup 2026: ‘कोच साहब की स्माइल आप पर बहुत अच्छी लग रही’

धोनी ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘अहमदाबाद में इतिहास बना, टीम और सपोर्ट स्टाफ और दुनिया भर में इंडियन क्रिकेट टीम के सभी फैंस को बहुत-बहुत बधाई। आप सभी को खेलते हुए देखकर बहुत खुशी हुई। कोच साहब की स्माइल आप पर बहुत अच्छी लग रही है, स्माइल के साथ इंटेंसिटी एक किलर कॉम्बो है, बहुत अच्छा किया। एन्जॉय करो दोस्तों (बुमराह के बारे में कुछ न लिखूं तो ही अच्छा है। चैंपियन बॉलर)।’

T20 World cup 2026 News:’कभी नीम-नीम तो कभी शहद-शहद वाला रिश्ता’

आपको बता दें कि धोनी और गंभीर का रिश्ता ‘कभी नीम-नीम तो कभी शहद-शहद’ वाला रहा है। हालांकि दोनों ने खुलकर कभी भी एक-दूसरे के बारे में कोई पब्लिकली बयान नहीं दिया है लेकिन दोनों के बीच के टशन सालों पुरानी है, दोनों ने साथ में लंबी क्रिकेट खेली है।

धोनी और गंभीर के बीच की टशन सालों पुरानी!

तो वहीं कई मीडिया रिपोर्ट में ये भी कहा गया था कि बतौर खिलाड़ी गंभीर का खेल वक्त से पहले धोनी के ही कारण खत्म हो गया लेकिन फिर भी धोनी और गंभीर जब भी लोगों के बीच आमने-सामने आते हैं तो बहुत ही गर्मजोशी के ही साथ मिलते हैं।

धोनी और गंभीर फिर से बने चर्चा का विषय

इसलिए जब धोनी ने गौतम गंभीर को ‘साहब’ कहा तो वो लोगों के लिए बीच चर्चा का विषय हो गया । इसमें कोई शक नहीं कि धोनी और गंभीर क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में से एक हैं और उन्होंने अपने खेल से पूरे देश को कई बार गौरवान्वित किया है।

T20 World cup 2026 News Hindi: भारत बना विश्वविजेता

गौरतलब है कि सूर्यकुमार की टीम ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में 96 रन से जीत हासिल की। ​​भारत ने पहले खेलते हुए अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और संजू सैमसन की हाफ-सेंचुरी की बदौलत 255 रन बनाए।

इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने चार विकेट लेकर न्यूजीलैंड को 159 रन पर समेट दिया। अक्षर पटेल ने भी तीन विकेट लिए। इस परफॉर्मेंस के लिए बुमराह को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का अवॉर्ड संजू सैमसन को मिला, जिन्होंने पांच मैचों में 321 रन बनाए।



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Dubai Gold Rate Today: ईरान-इजराइल युद्ध के बीच दुबई में सोने की कीमत में लगी आग, 9 मार्च का क्या है रेट?


Business

oi-Sumit Jha

Dubai Gold Rate Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल के बीच जारी युद्ध की आहट ने न केवल वैश्विक राजनीति को गरमाया है, बल्कि ‘गोल्ड सिटी’ दुबई के सर्राफा बाजार में भी हलचल तेज कर दी है। सुरक्षित निवेश की तलाश में दुनिया भर के निवेशक अब सोने की ओर भाग रहे हैं, जिससे कीमतों में भारी अनिश्चितता देखी जा रही है।

अमेरिका की बढ़ती दखलअंदाजी और खाड़ी देशों में अस्थिरता के बीच, दुबई में सोने के दाम अब सिर्फ व्यापारिक आंकड़े नहीं, बल्कि युद्ध की स्थिति के सूचक बन गए हैं। अगर आप इस तनावपूर्ण माहौल में खरीदारी या निवेश की सोच रहे हैं, तो आज के भाव आपकी रणनीति तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे।

Dubai Gold Rate Today

Gold price in Dubai today: दुबई में सोने का रेट

दुबई में आज सोने की कीमतें भारतीय रुपए में काफी आकर्षक बनी हुई हैं। 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹15,669 प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹14,513 प्रति ग्राम चल रही है। 18 कैरेट सोना यहाँ ₹11,929 प्रति ग्राम के आसपास मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती और मध्य पूर्व में जारी तनाव के बावजूद, दुबई का बाजार वैश्विक खरीदारों के लिए अब भी सोने की सबसे भरोसेमंद मंडी बना हुआ है।

Gold price India: भारत में सोने का हाल

भारत के पटना जैसे शहरों में आज सोने की कीमतों में आग लगी हुई है। यहाँ 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव ₹16,369 प्रति ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर है। वहीं, आभूषणों के लिए उपयोग होने वाला 22 कैरेट सोना ₹15,004 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹12,277 प्रति ग्राम पर बिक रहा है। वैश्विक युद्ध की स्थिति और घरेलू मांग में भारी इजाफे के कारण भारतीय बाजारों में कीमतें दुबई के मुकाबले काफी ऊपर बनी हुई हैं।

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Dubai vs India gold price: दुबई से खरीदारी में कितनी बचत?

अगर बचत की बात करें, तो दुबई और भारत (पटना) के बीच सोने की कीमतों में प्रति ग्राम ₹700 से ₹850 तक का बड़ा अंतर है। यानी 10 ग्राम सोना खरीदने पर आप सीधे तौर पर ₹7,000 से ₹8,500 तक की बचत कर सकते हैं। हालांकि, इसमें मेकिंग चार्जेस और टैक्स में मिलने वाली छूट सोने पर सुहागा का काम करती है। यही वजह है कि बड़ी मात्रा में निवेश करने वाले लोग अब भी दुबई के बाजार को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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चांदी की चमक और ताजा भाव

सोने की तेजी का असर चांदी पर भी साफ़ दिख रहा है। भारत में आज चांदी की कीमत ₹284.90 प्रति ग्राम दर्ज की गई है, जो प्रति किलोग्राम ₹2,84,900 के स्तर पर पहुंच गई है। औद्योगिक मांग और युद्ध के कारण सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर चांदी की ओर बढ़ते रुझान ने इसके दामों को मजबूती दी है। छोटे निवेशकों के लिए चांदी अब भी सोने के मुकाबले एक सुलभ और मुनाफे वाला निवेश विकल्प बनी हुई है।



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Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी ₹3800 तक टूटी, सोना ₹1350 सस्ता


Sone Chandi ka Aaj ka Rate: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेज हो रहे टकराव के बावजूद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर युद्ध या भू-राजनीतिक संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) माना जाता है और इसकी कीमतों में तेजी आती है, लेकिन इस बार बाजार का रुख अलग दिखाई दिया। चांदी की कीमत 3860 रुपये गिरकर 2.65 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 1350 रुपये गिरकर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का भाव

कॉमेक्स (COMEX) पर सोना लगभग 1.3 प्रतिशत गिरकर करीब 5,090 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी की कीमत में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई आर्थिक और बाजार से जुड़े कारक काम कर रहे हैं।

क्या है गिरावट के कारण?

सबसे बड़ी वजह हाल के महीनों में सोने की तेज रैली के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) करना है। पिछले कुछ समय में सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद कई निवेशकों ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कई निवेशक सोने से निकाले गए पैसे का इस्तेमाल वैश्विक शेयर बाजारों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी कर रहे हैं, क्योंकि युद्ध के कारण इक्विटी बाजारों में भी गिरावट देखने को मिल रही है।

तेल की कीमतों में बड़ी उछाल

इस बीच तेल की कीमतों में तेज उछाल भी सोने पर दबाव बना रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 17 प्रतिशत बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जबकि WTI क्रूड लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बाधित होने की आशंका के कारण तेल बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है, जिससे कीमतों में तेजी आई है। महंगे तेल से वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें ऊंचा बनाए रख सकते हैं। ऊंची ब्याज दरों का माहौल सोने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता।

इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रही है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स मजबूत हो रहा है। डॉलर मजबूत होने पर सोना अन्य मुद्राओं में खरीदने वाले निवेशकों के लिए महंगा पड़ता है, जिससे इसकी मांग घट जाती है।

साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी सोने के आकर्षण को कम कर रही है, क्योंकि निवेशकों को ब्याज देने वाले सुरक्षित विकल्प अधिक आकर्षक लगने लगते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में सोने की कीमतों का रुख काफी हद तक पश्चिम एशिया के हालात, तेल की कीमतों, अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों की दिशा पर निर्भर करेगा।



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