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PM मोदी के बाद अब CM योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी, दोनों में बिहार लिंक, भड़के रवि किशन- ‘दिखा दी गंदी सोच’


Uttar Pradesh

oi-Divyansh Rastogi

UP CM Yogi Mother Abusive Comments Case: राजनीतिक विवादों में एक बार फिर मातृत्व का अपमान सामने आया है। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी की, जिससे यूपी में आक्रोश फैल गया।

7 मार्च 2026 को लखनऊ के अटल चौराहा पर बड़ी संख्या में युवा और भाजपा समर्थक सड़कों पर उतरे-मौलाना का पुतला फूंका, नारेबाजी की और सख्त कार्रवाई की मांग की। गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन (MP Ravi Kishan) ने भी कड़ी निंदा की और कहा कि यह नफरत वाली सोच का परिचय है, जो भारतीय संस्कृति में कभी स्वीकार नहीं होगी।

Yogi Adityanath Mother Controversy

Who Is Maulana Abdullah Saleem: कौन है मौलाना? क्या कहा?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बिहार के अररिया जिले के जोकी हाट निवासी मौलाना अब्दुल्लाह सलीम एक मजहबी जलसे में यूपी के गौकशी कानून की आलोचना कर रहे थे। उन्होंने भड़काऊ अंदाज में कहा कि यूपी में ऐसा कानून है कि अगर किसी के पास ‘योगी जी की अम्मा…भी मिल जाए, तो पुलिस एनकाउंटर कर देती है या पैरों में छेद कर देती है। उन्होंने गौमाता को लेकर भी अपमानजनक बातें कही और मुख्यमंत्री की मां को इस संदर्भ में खींचा। यह टिप्पणी गौ-रक्षा कानून को निशाना बनाने के बहाने की गई, लेकिन मातृत्व का अपमान कर समाज में नफरत फैलाने वाली साबित हुई।

Lucknow Protest on Maulana Abdullah Saleem: लखनऊ में प्रदर्शन और आक्रोश

7 मार्च को हजरतगंज के अटल चौराहा पर सैकड़ों युवा जमा हुए। मौलाना अब्दुल्ला सलीम का पुतला फूंका, पैरों तले कुचला और ‘शव यात्रा’ निकाली। नारे लगाए- ‘मां का अपमान बर्दाश्त नहीं’, ‘मौलाना को गिरफ्तार करो’। चेतावनी दी कि 4 दिनों में FIR और गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के परिवार को विवाद में खींचना गलत है। ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं। पुलिस-प्रशासन ने शांत कराने की कोशिश की, लेकिन नोकझोंक भी हुई। अभी तक कोई FIR की पुष्टि नहीं, लेकिन मांग तेज है।

Ravi Kishan Rebuked: रवि किशन का पलटवार

गोरखपुर सांसद और अभिनेता रवि किशन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मौलाना की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ‘भारतीय संस्कृति में मां सर्वोच्च सम्मान की प्रतीक है। किसी की मां पर अभद्र टिप्पणी अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है। जो लोग मातृत्व का अपमान करते हैं, वे अपनी संस्कारहीनता और नफरत वाली सोच दिखाते हैं। ऐसी मजहबी सोच महिलाओं के प्रति क्या है, समाज देख रहा है। देश ऐसे बयानों को कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने अपील की कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता और मर्यादा बनाए रखें, और महिलाओं-माताओं के सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट हों।

भारतीय संस्कृति में माँ सर्वोच्च सम्मान की प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री @MYogiAdityanath जी महाराज की पूज्य माता जी पर बिहार के मौलाना द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है।

जो लोग मातृत्व का अपमान करते हैं, वे दरअसल अपने संस्कार और अपनी सोच का ही परिचय…

— Ravi Kishan (@ravikishann) March 8, 2026 “>

PM Modi Mother Abusive Comments Case: यह विवाद PM मोदी की मां से जुड़ा पुराना मुद्दा याद दिलाता है

यह पहली बार नहीं जब राजनीतिक मंचों पर माताओं का अपमान हुआ। कुछ समय पहले बिहार में RJD-कांग्रेस के मंच से PM मोदी की स्वर्गीय मां हीराबेन पर अभद्र टिप्पणियां हुईं थीं। PM मोदी ने खुद भावुक होकर कहा था कि ‘मां ही हमारा संसार और स्वाभिमान है। मेरी मां को गालियां देना देश की मां-बहन-बेटियों का अपमान है।’

मामले में बिहार के दरभंगा में पुलिस ने आरोपी मोहम्मद रिजवी उर्फ ​​राजा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जिसके बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

बिहार में एंटी मोदी-योगी सुर?

गौर करने वाली बात यह है कि पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी की मां पर अभद्र टिप्पणियां करने वाला भी बिहार राज्य से ही है। एक दरभंगा से मोहम्मद रिजवी उर्फ ​​राजा और दूसरा अररिया जिले से मौलाना अब्दुल्ला सलीम है।

यह मामला अब सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। मौलाना अब्दुल्ला सलीम बिहार के हैं और आए दिन विवादित बयान देते रहे हैं। यूपी में भाजपा कार्यकर्ता और योगी समर्थक इसे ‘नफरत फैलाने की साजिश’ बता रहे हैं। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल आक्रोश चरम पर है। ऐसे बयान समाज में विभाजन पैदा करते हैं-कानून को सख्ती से लागू कर ऐसी हरकतों पर रोक लगनी चाहिए।





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Gujarat News: सूरत इकोनॉमिक रीजन में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए 1185 करोड़ रुपये मंजूर, दक्षिण गुजरात के विकास को मिलेगी नई गति


गुजरात सरकार ने सूरत आर्थिक क्षेत्र में 24 सड़क परियोजनाओं के लिए 1185 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, जिससे उद्योग, रसद, कृषि, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 383 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जो विकसित गुजरात 2047 की दृष्टि का हिस्सा है।

India

-Oneindia Staff

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल’ और ‘विकसित भारत@2047’ के विजन के अनुरूप गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने दक्षिण गुजरात को ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से सूरत इकोनॉमिक रीजन (एसईआर) में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए 1185 करोड़ रुपये के 24 कार्यों को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के तहत कुल 383 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का उन्नयन किया जाएगा। इससे सूरत, तापी, वलसाड, भरूच, नवसारी और डांग जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी।

INR 1185 Crore road boost for Surat region

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए गुजरात स्टेट इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (GRIT) का गठन किया है। इसके माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, व्यक्ति और संस्थान आधारित दीर्घकालीन तथा परिणामोन्मुखी विकास की योजना बनाई जा रही है।

ग्रिट के मार्गदर्शन में राज्य के संतुलित विकास के लिए छह ग्रोथ हब विकसित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दक्षिण गुजरात के लिए तैयार किए गए रीजनल इकोनॉमिक मास्टर प्लान के तहत सूरत इकोनॉमिक रीजन में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए यह पहला बड़ा निवेश मंजूर किया गया है।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

सूरत इकोनॉमिक रीजन में शामिल सूरत, भरूच, नवसारी, वलसाड, तापी और डांग जिले राज्य के आर्थिक विकास में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन से इन जिलों के प्रमुख औद्योगिक हब और जीआईडीसी क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

इससे टेक्सटाइल, केमिकल, पेट्रोकेमिकल और डायमंड उद्योगों के साथ-साथ फिशरीज, हजीरा पोर्ट, शुगर फैक्ट्री, सुमूल डेयरी, पापड़ उद्योग तथा माइनिंग और लिग्नाइट परियोजनाओं को भी लाभ मिलेगा। साथ ही कडोद, कडोदरा, जोलवा, मांगरोल, कोसंबा और तडकेश्वर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से औद्योगिक विस्तार को भी गति मिलेगी।

कृषि और लॉजिस्टिक्स को होगा फायदा

सड़क नेटवर्क के उन्नयन से लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ेगी और माल व श्रमिकों की आवाजाही अधिक सुगम होगी। इसके अलावा कृषि उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी, जिससे किसान अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे।

पर्यटन विकास को मिलेगा प्रोत्साहन

दक्षिण गुजरात के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों जैसे सिद्धनाथ महादेव, शबरीधाम, पांडव गुफा, अंजनीकुंड और संजाण की पारसी अगियारी तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा सापुतारा, विल्सन हिल और महाल के जंगलों जैसे इको-टूरिज्म स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

रोजगार के नए अवसर

सूरत इकोनॉमिक रीजन में पारंपरिक क्षेत्रों जैसे डायमंड, टेक्सटाइल, केमिकल और फिशरीज के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों जैसे सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और लॉजिस्टिक्स में भी नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का लक्ष्य सूरत इकोनॉमिक रीजन को ‘विकसित गुजरात@2047’ का रणनीतिक ग्रोथ इंजन बनाना है। अनुमान है कि वर्ष 2047 तक राज्य की 3.5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में यह क्षेत्र जीएसडीपी में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान देगा।

सरकार का मानना है कि रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन की इन परियोजनाओं से दक्षिण गुजरात के विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्र आर्थिक प्रगति के नए मील के पत्थर स्थापित करेगा।



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IND vs NZ: सवा लाख लोगों के सामने भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड, संजू-अभिषेक से कीवी गेंदबाजों ने मांगी रहम की भीख


Cricket

oi-Naveen Sharma

IND vs NZ Final: भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया के ओपनरों ने धागा खोल दिया। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने नई गेंद को धोकर चमक खराब कर दी। कीवी गेंदबाजों को समझ नहीं आया कि गेंद कहां डालनी है। भारत ने पावरप्ले में नया रिकॉर्ड बना दिया।

टीम इंडिया ने पावरप्ले में 92/0 का स्कोर बनाकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। इस दौरान संजू सैमसन के साथ अभिषेक शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी से विपक्ष की गेंदबाजी की धज्जियाँ उड़ा दी। अभिषेक शर्मा ने 18 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर डाली।

ind vs nz

टी20 विश्व कप के पावरप्ले में यह सबसे बड़ा स्कोर है। अब तक 6 ओवरों में अन्य किसी टीम ने 92 का स्कोर बिना किसी नुकसान के नहीं बनाया था। इस मामले में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज का कीर्तिमान तोड़ डाला। विंडीज ने 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ 1 विकेट पर 92 रनों का स्कोर बनाया था।

साल 2014 में नीदरलैंड ने बांग्लादेश के सिलहट में खेले गए मुकाबले के दौरान आयरलैंड के खिलाफ 1 विकेट के नुकसान पर 91 रनों का स्कोर खड़ा किया था। 2016 में इंग्लैंड ने मुंबई में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट पर 89 रन बनाए थे। 2026 में भारत ने नामीबिया के खिलाफ दिल्ली में पावरप्ले के दौरान 1 विकेट पर 86 रनों का स्कोर बनाया।

फिफ्टी जड़ने के बाद अभिषेक शर्मा नहीं टिके और आउट हो गए। उन्होंने 21 गेंदों का सामना करते हुए 52 रनों की पारी खेली। इस दौरान 6 चौके और 3 छक्के जमाए। पहले विकेट के लिए उन्होंने सैमसन के साथ मिलकर 98 रनों की भागीदारी की।

उधर संजू सैमसन भी कहां चुप बैठने वाले थे। उन्होंने इस इवेंट का लगातार तीसरा अर्धशतक जमा डाला। अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद सैमसन ने बागडोर अपने हाथों में ली। टीम इंडिया ने 12 ओवर के खेल में ही 160 का स्कोर पार कर दिया।



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पंजाब की ‘आप’ सरकार ने बजट में पूरा किया चुनावी वादा, महिलाओं की हो गई बल्‍ले-बल्‍ले


Punjab

oi-Bhavna Pandey

Punjab AAP Government Budget: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज कुल 2,60,437 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव के साथ वर्ष 2026-27 के लिए आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार का पांचवां बजट पेश किया। बजट में अनुमानित 10 प्रतिशत विकास दर के साथ राज्य की जीएसडीपी 9,80,635 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पेश किए गए इस बजट में ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये तथा दलित वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।

Punjab AAP Government Budget

इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस बजट को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान द्वारा दी गई सभी प्रमुख चुनावी गारंटियों को पूरा करने वाला बजट बताया है।

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और वित्तीय घाटा 4.08 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए काम किया है और इस बजट को “सभी गारंटियां पूरी करने वाला बजट” बताया।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पेश किए गए इस बजट में “मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना” की घोषणा की गई है, जिसे वित्त मंत्री ने महिलाओं के लिए पहली सार्वभौमिक नकद ट्रांस्फर पहल बताया। इस योजना के तहत सरकार सभी पात्र वयस्क महिलाओं के खातों में सीधे 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति समुदाय की वयस्क महिलाओं के खातों में 1,500 रुपये प्रति माह डालेगी।
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाओं को कवर करते हुए इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को भी शामिल किया गया है।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा जारी रखते हुए 600 करोड़ रुपये, 27,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को कवर करने वाली एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के लिए 932 करोड़ रुपये तथा जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को मुफ्त सेनेटरी पैड प्रदान करने के लिए नई दिशा योजना के लिए 65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

शिक्षा क्षेत्र के बारे में बताते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने 19,279 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मूल्यांकन में पंजाब का शीर्ष स्थान हाल के वर्षों में किए गए क्रांतिकारी शिक्षा सुधारों की पुष्टि करता है। वित्त मंत्री ने “शिक्षा क्रांति 2.0” पहल की भी घोषणा की, जो शिक्षा के वातावरण को बदलने के उद्देश्य से विश्व बैंक के सहयोग से लागू किया जाने वाला 3,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है।

प्रस्तावों का विवरण देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि बजट में बड़े पैमाने पर स्कूलों के बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण को शामिल किया गया है। इसमें स्कूलों की चारदीवारी, शौचालय, सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था तथा व्यापक स्तर पर स्कूलों में सफेदी अभियान शामिल है। स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरैक्टिव पैनलों के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 395 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही स्कूल ऑफ एमिनेंस के सफल मॉडल को और मजबूत किया जाएगा तथा लगभग 7.35 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए राज्य-व्यापी करियर काउंसलिंग ढांचा स्थापित किया जाएगा।

उच्च शिक्षा के संबंध में वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों को ग्रांट-इन-एड के रूप में 1,760 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि तकनीकी शिक्षा के लिए 569 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें कैदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए 11 जेलों में आईटीआई स्थापित करना भी शामिल है। ‘आप’ सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर श्री आनंदपुर साहिब में एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

स्वास्थ्य क्षेत्र की चर्चा करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने इसके लिए 6,879 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रखा है। उन्होंने बताया कि राज्य के 65 लाख परिवारों को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आम आदमी क्लीनिक के नेटवर्क का विस्तार करते हुए, जहां वर्तमान में 881 क्लीनिक कार्यरत हैं, 143 नए क्लीनिक खोले जाएंगे और 308 सहायक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा। इससे कुल क्लीनिकों की संख्या बढ़कर 1,432 हो जाएगी।

इसके अतिरिक्त सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही श्री आनंदपुर साहिब में एक आधुनिक ट्रॉमा सेंटर और मातृ-शिशु स्वास्थ्य देखभाल अस्पताल स्थापित करने की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए ऑन-कॉल प्रोत्साहन की व्यवस्था भी शामिल की गई है।

वित्त मंत्री ने आगे बताया कि मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए 1,220 करोड़ रुपये रखे गए हैं। उन्होंने मोहाली में पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज में सफल लिवर ट्रांसप्लांट सुविधा, सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और मलेरकोटला में नए मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि खरीदने जैसे कदमों का भी उल्लेख किया।

कृषि क्षेत्र के बारे में बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 15,377 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि में किसानों को मुफ्त बिजली के लिए 7,715 करोड़ रुपये, बीटी कपास के बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी, धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) और खरीफ मक्का को प्रोत्साहन, तथा फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए मशीनरी हेतु 600 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जे. आई.सी. ए.) के सहयोग से 1,300 करोड़ रुपये की परियोजना की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य वर्ष 2035 तक बागवानी क्षेत्र को 300 प्रतिशत तक बढ़ाना है।

उन्होंने आगे कहा कि डेयरी किसानों को दूध की उचित खरीद कीमत सुनिश्चित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी, जबकि गन्ना किसानों को राज्य सहमत मूल्य में 416 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के बाद कुल 270 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।

पर्यावरण संरक्षण के बारे में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब प्रतिपूरक वनीकरण प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण कार्यक्रम के तहत वानिकी के लिए 238 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 760 करोड़ रुपये की जे आई सी ए समर्थित जैव विविधता संरक्षण परियोजना भी लागू की जाएगी।

ग्रामीण विकास के बारे में उन्होंने बताया कि बजट में 19,876 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों के आधुनिकीकरण को पूरा करने के लिए 7,606 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। इसके अलावा आप सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत एक लाख घरों के निर्माण के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। रंगला पंजाब विकास योजना के लिए आवंटन को दोगुना कर 1,170 करोड़ रुपये कर दिया गया है, ताकि राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में समान विकास सुनिश्चित किया जा सके।

शहरी विकास के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि नगर विकास फंड को चार गुना बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। लुधियाना और अमृतसर में नहर आधारित सतही जल आपूर्ति परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये तथा अमृत 2.0 परियोजनाओं के लिए 665 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर आवास निर्माण और शहरी विकास क्षेत्र के लिए 7,257 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।

उद्योग क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति 2026 के तहत पंजाब को केवल वर्ष 2025 में ही 55,000 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। इससे विदेशी प्रत्यक्ष निवेश दोगुना हुआ और राज्य राष्ट्रीय रैंकिंग में 11वें स्थान पर पहुंच गया। बजट में वित्तीय प्रोत्साहन और वन-टाइम सेटलमेंट (ओ टी एस ) योजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

रोजगार सृजन के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक सरकारी विभागों में 63,943 उम्मीदवारों की भर्ती की गई है। रोजगार सृजन से संबंधित पहलों के लिए 287 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें नए आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट का संचालन भी शामिल है।

आंतरिक सुरक्षा के संबंध में उन्होंने बताया कि गृह मामलों, न्याय और जेल विभाग के लिए 11,577 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को ग्राम रक्षा समितियों की भागीदारी, 2,367 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सीमा निगरानी बढ़ाने तथा व्यापक ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना के लिए 100 करोड़ रुपये के प्रावधान से मजबूत किया जाएगा। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स अपना कार्य जारी रखेगी और सड़क सुरक्षा बल तथा डायल 112 जैसी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को भी मजबूत किया गया है। जेल सुरक्षा को आधुनिक बनाने के लिए एआई आधारित निगरानी और जैमर प्रणाली हेतु 535 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

युवाओं के कल्याण के बारे में बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार खेल बुनियादी ढांचे में 1,791 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिसके तहत गांवों में 6,000 नए खेल मैदान बनाए जाएंगे, 5,000 इंडोर जिम स्थापित किए जाएंगे और खेल शिविर आयोजित किए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को राज्य स्तर पर मनाएगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की स्मृति में श्री आनंदपुर साहिब में विरासत शैली का एक प्रशासनिक परिसर बनाया जाएगा। लगभग 7.15 लाख नागरिकों को तीर्थ यात्राओं की सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना हेतु 312 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

नागरिक सेवाओं में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 412 सेवाओं को घर-घर पहुंचाने की सुविधा लागू की गई है और सेवा केंद्रों में परिवहन सेवाओं को डिजिटल बनाया गया है। आसान जमाबंदी और आसान रजिस्ट्री जैसे डिजिटल भूमि रिकॉर्ड प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं। ‘आप’ सरकार ने पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के माध्यम से बाढ़ राहत के लिए 1,010 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

बुनियादी ढांचा निवेश के बारे में उन्होंने बताया कि सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के लिए आवंटन को दोगुना कर 5,440 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसमें पीएमजीएसवाई-3 और केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि के अंतर्गत परियोजनाएं शामिल हैं। नहर नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए जल संसाधनों हेतु 2,971 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक नहर सिंचाई क्षमता को दोगुना कर सात मिलियन एकड़ करना है। साथ ही बाढ़ सुरक्षा कार्य, नालों की सफाई तथा फिरोजपुर फीडर और काठगढ़ लिफ्ट योजना को मजबूत करने का कार्य जारी है।

फिर से बिजली क्षेत्र का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ‘मिशन रोशन पंजाब’ पहल के तहत नए सबस्टेशन और 25,000 किलोमीटर बिजली लाइनों के माध्यम से बिजली वितरण नेटवर्क के आधुनिकीकरण के लिए 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को प्रभावित किए बिना राज्य के सब्सिडी बोझ को 25 प्रतिशत तक कम करने के लिए सुधारों की योजना बनाई गई है। इसके अलावा आदमपुर और हलवारा हवाई अड्डों के संचालन से राज्य के नागरिक उड्डयन बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब ने राष्ट्रीय माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है और माइनिंग राजस्व दोगुना होकर 500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसी तरह, 1279 नई बसों के आने से परिवहन क्षेत्र में भी विस्तार होगा।

खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के बारे में बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने लगभग 40 लाख परिवारों को मुफ्त त्रैमासिक आवश्यक राशन किटें प्रदान करने के लिए 900 करोड़ रुपये की अलॉटमेंट के साथ ‘मेरी रसोई’ योजना शुरू की है। उन्होंने आगे कहा कि 10 लाख अतिरिक्त लाभार्थियों के लिए नए राशन कार्ड बनाने की व्यवस्था भी की गई है। लगभग 7500 डिपो के आवंटन के माध्यम से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

उन्होंने आगे बताया कि सामाजिक कल्याण और न्याय क्षेत्र को 18,304 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है, जिसमें मासिक वित्तीय सहायता पेंशनों के लिए 6,150 करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत 17,700 करोड़ रुपये शामिल हैं।

अपने बजट भाषण को समाप्त करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि कुल राजस्व प्राप्तियां 1,26,190 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिसका समर्थन 16वें वित्त आयोग से बढ़े हुए हस्तांतरण द्वारा किया गया है। इससे राज्य केंद्र सरकार के करों में 30,464 करोड़ रुपये जुटाने में सक्षम होगा। उन्होंने आगे कहा कि शासन सुधारों और कार्यान्वयन के कारण सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान 53,122 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व का अनुमान है, जबकि राज्य ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्टांप और रजिस्ट्रेशन से 9,000 करोड़ रुपये और जी.एस.टी. से 32,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य ने गारंटी रिडेम्पशन फंड में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है और संपत्ति निर्माण के लिए पूंजीगत व्यय को दोगुना करके 18,381 करोड़ रुपये कर दिया है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ”ऋण-से-जी.एस.डी.पी. अनुपात 48.25 प्रतिशत से घटाकर 44.47 प्रतिशत कर दिया गया है।” उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे और लोक कल्याण में निवेश करते हुए पंजाब की वित्तीय स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।



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Gautam Adani ने महिला दिवस पर लिखी प्‍यारी पोस्‍ट, मां, पत्नी, बहुओं और पोतियों का जताया आभार


India

oi-Bhavna Pandey

Gautam Adani LinkedIn post on International Women’s Day: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मशहूर बिजनेसमैन ने एक बेहद निजी और भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने उन महिलाओं को याद किया जिन्होंने उनके जीवन और सोच को गहराई से आकार दिया। 8 मार्च को अहमदाबाद से लिंक्डइन पर साझा एक संदेश में, अडानी ग्रुप के चेयरमैन ने अपने जीवन और मूल्यों को आकार देने वाली परिवार की महिलाओं के गहरे प्रभाव के बारे में अपनी भावनाएं व्‍यक्‍त की।

LinkedIn पर लिखे संदेश में अडानी ने अपनी मां से मिले बचपन के संस्कारों, पत्नी Priti Adani के सामाजिक कामों और परिवार की नई पीढ़ी की महिलाओं के प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जीवन की असली मजबूत नींव कंक्रीट या स्टील से नहीं, बल्कि उन लोगों से बनती है जो हमें भीतर से गढ़ते हैं।

Gautam Adani

गौतम अडानी ने बचपन में अपनी मां से मिले शुरुआती जीवन सबक को याद किया, जिन्होंने उन्हें भारतीय महाकाव्यों और उनमें निहित मूल्यों से परिचित कराया। उनके अनुसार, ये कहानियां पाठ्यपुस्तकों से कहीं अधिक गहरे सबक थीं, जिन्होंने साहस, बलिदान, कर्तव्य व विश्वास जैसे स्थायी विचारों को स्थापित करने में मदद की।

अपनी युवावस्था के एक महत्वपूर्ण मोड़ को याद करते हुए, अडानी ने 16 साल की उम्र में मुंबई में अवसर तलाशने के लिए घर छोड़ने का जिक्र किया। वे अक्सर विचार करते हैं कि उनकी मां ने उन्हें केवल दृढ़ संकल्प के साथ एक अनिश्चित भविष्य में कदम रखने की अनुमति देने में कितना साहस दिखाया होगा।

अडानी ने अपनी पत्नी, प्रीति अडानी को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्हें अपनी “अंतरात्मा की संरक्षक” कहा। एक योग्य दंत चिकित्सक होते हुए भी, उन्होंने अडानी फाउंडेशन के निर्माण के लिए खुद को समर्पित किया। यह फाउंडेशन आज शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्थायी आजीविका और सामुदायिक विकास की पहल संचालित करता है, जो भारत के 22 राज्यों में 10 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित कर रहा है।

उद्योगपति ने अपनी बहुओं, परिधि अडानी और दिवा शाह के प्रभाव को भी स्वीकारा। उन्होंने परिधि को एक विचारशील व तेज वकील बताया, जो विभिन्न विषयों पर गहनता से जुड़ने में सक्षम हैं। दिवा की सराहना एक अत्यधिक कल्पनाशील डिजाइनर के रूप में की गई, जिनका काम विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों के समर्थन में करुणा दर्शाता है।

अडानी ने अपनी तीन पोतियों से मिलने वाली खुशी भी साझा की। उन्होंने कहा, उनकी उपस्थिति अक्सर बोर्डरूम की गंभीर चर्चाओं में गंभीरता को घोल देती है और उन्हें अगली पीढ़ी के प्रति प्रत्येक पीढ़ी की जिम्मेदारी की याद दिलाती है। अडानी ने टिप्पणी की कि भले ही कोई व्यक्ति बंदरगाहों, हवाई अड्डों, बिजली संयंत्रों और व्यवसायों के निर्माण में अपना जीवन बिता दे, परिवार के साथ बिताए पल जीवन को गहरा उद्देश्य प्रदान करते हैं।

अडानी ने अपने जीवन और दृष्टिकोण को आकार देने वाली महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने संदेश का समापन किया। उन्होंने कहा, “जीवन की सबसे मजबूत नींव कंक्रीट या स्टील से नहीं, बल्कि उन लोगों से बनती है जो हमें गढ़ते हैं।”



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Swati Aghori कौन हैं? Ashutosh Maharaj पर ट्रेन हमले की जिम्मेदारी ली, बोलीं- ‘बच गया भगोड़ा’


Uttar Pradesh

oi-Divyansh Rastogi

Ashutosh Maharaj Train Attack Update: धार्मिक विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर नाबालिग बटुकों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज (Ashutosh Brahmachari Maharaj) पर 8 मार्च सुबह रीवा एक्सप्रेस में जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने उनकी नाक काटने की कोशिश की, चेहरे और हाथों पर कई वार किए।

आशुतोष किसी तरह टॉयलेट में बंद होकर बच गए। अब इस हमले की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर एक युवती ने ली है। नाम है- डॉ. स्वाति अघोरी। खुद को सनातनी बेटी बताने वाली युवती की पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने लिखा कि बच गया भगोड़ा… बोला था न हमारे लोगों के हत्थे न चढ़ जाना। आइए जानते हैं आखिर कौन हैं ये बेटी?…

Who Is Swati Aghori

शंकराचार्य का जवाब क्या है?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रायबरेली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम ऐसे रास्तों के पक्षधर नहीं हैं। मैं यहां बैठा हूं, मेरे समर्थकों को मैंने किसी भी तरह की हिंसा या शारीरिक नुकसान पहुंचाने से मना किया है। आशुतोष महाराज ने खुद कहा था कि वे हमला करवाकर माहौल बनाना चाहते हैं। यह आरोप सिर्फ ध्यान भटकाने और केस से बचने की कोशिश है। उन्होंने इनाम (21 लाख रुपये) के दावे पर भी कहा कि ‘किसने इनाम घोषित किया, वो जानें। हमने नहीं। अगर सबूत हैं तो पहले ही पेश कर देते।’स्वामी ने आरोप लगाया कि आशुतोष पर पहले से कई केस हैं और वे झूठे आरोप लगाने की आदत रखते हैं।

Ashutosh Maharaj Train Attack: आशुतोष का पलटवार

हमले के बाद लहूलुहान हालत में प्रयागराज पहुंचे आशुतोष ने कहा कि हम एक-एक बूंद खून का बदला लेंगे। वे झूठ बोल रहे हैं। अपनी नाक कटवाकर देख लें। हम उन्हें कानून से ही मारेंगे। हमलावर चिल्ला रहा था कि ‘नाक काटकर गुरु के चरणों में चढ़ाऊंगा। उन्होंने मांग की कि कोर्ट में सबूत (पेन ड्राइव आदि) पेश करने तक सुरक्षा दी जाए। ‘सबूत पेश करने के बाद मार भी दें, कोई परेशानी नहीं।’

Swati Aghori Sanatani Beti

Who Is Swati Aghori: डॉ. स्वाति अघोरी कौन हैं?

स्वाति अघोरी उत्तराखंड के गंगोत्री क्षेत्र की रहने वाली हैं। सोशल मीडिया (मुख्य रूप से फेसबुक) पर सक्रिय, खुद को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शिष्या बताती हैं। उनके प्रोफाइल से कुछ मुख्य डिटेल्स:-

  • पेशा/पहचान: अघोरी साधक, प्रवक्ता (वेद, पुराण, उपनिषद)।
  • पद: काल भैरव युवा वाहिनी की राष्ट्रीय अध्यक्ष।
  • लोकेशन: गंगोत्री (उत्तराखंड), भारत।
  • अन्य: कामाख्या मंदिर (मां कामाख्या शक्तिपीठ) से जुड़ी, सनातन धर्म कम्युनिटी में सक्रिय।
  • फॉलोअर्स: 10K से ज्यादा, फॉलोइंग: 5.2K से ज्यादा।
  • वे खुद को ‘सनातनी बेटी’ कहती हैं और अघोरी परंपरा से जुड़ी बताती हैं।
Swati Aghori Sanatani Beti

उनकी फेसबुक पोस्ट में हमले पर टिप्पणी वायरल हुई, जिसमें उन्होंने आशुतोष को ‘भगोड़ा’ कहा और संकेत दिया कि यह उनके ‘लोगों’ का काम था।

इसके बाद एक अन्य पोस्ट किया गया कि लगता है अब में चर्चा में आ गई हूं, ये हमें गिरफ्तार करने आए है। धर्म के लिए गिरफ्तारी क्या सूली पर चढ़ जाऊ चलिए साहब. 🚩गिरफ्तारी इसलिए क्योकि शंकराचार्य जी का समर्थन करती हूं। गौ माता राष्ट्र माता के आंदोलन में सम्मिलित होने से रोका जा रहा है। पुलिस इस पोस्ट की जांच कर रही है। अभी कोई FIR नहीं हुई, लेकिन यह साजिश की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, वनइंडिया इसपर दावा नहीं करता है। यह वायरल पोस्ट पर आधारित है।

विवाद की जड़ क्या है?

  • आशुतोष महाराज जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में मुख्य वादी।
  • 21 फरवरी 2026 को प्रयागराज कोर्ट में शिकायत की कि अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रमों (वाराणसी, जोशीमठ, बद्रीनाथ आदि) में बाढ़ प्रभावित इलाकों से लाए गए नाबालिग बटुकों का यौन शोषण हुआ। POCSO एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज।
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। मार्च के तीसरे हफ्ते में अग्रिम जमानत पर सुनवाई होगी।
  • आशुतोष पर खुद 21 (कुछ रिपोर्ट्स में 27) FIR दर्ज हैं।



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T20 World Cup Winners List: टी20 विश्व कप में जीत दर्ज करने वाली टीमों की लिस्ट


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Shankaracharya पर FIR कराने वाले Ashutosh महाराज की चलती ट्रेन में काटी गई नाक? टॉयलेट में छिपकर बचाई जान


Uttar Pradesh

oi-Divyansh Rastogi

Ashutosh Brahmachari Maharaj Train Attack: एक बार फिर सनातन धर्म की आस्था से जुड़े विवाद में हिंसा की नई कड़ी जुड़ गई है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज पर रविवार सुबह चलती ट्रेन में धारदार हथियार से हमला हुआ। यह वहीं महाराज हैं, जिन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर नाबालिग बटुकों (धार्मिक छात्रों) के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर FIR दर्ज कराई है।

हमलावर ने आशुतोष की नाक काटने की कोशिश की, चेहरे और हाथों पर कई वार किए। आशुतोष किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में बंद होकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। यह घटना रीवा एक्सप्रेस में गाजियाबाद से प्रयागराज जाते समय फतेहपुर और सिराथू स्टेशन के बीच हुई। आइए जानते हैं पूरी कहानी…

Ashutosh Brahmachari Maharaj Attack

घटना का ब्यौरा क्या है?

आशुतोष ब्रह्मचारी फर्स्ट AC कोच में सफर कर रहे थे। सुबह करीब 5 बजे टॉयलेट जाने के लिए उठे। बाहर गेट पर एक अज्ञात व्यक्ति खड़ा था, जो बॉडीबिल्डर जैसा लग रहा था। जैसे ही वे आगे बढ़े, हमलावर ने पीछे से धारदार हथियार (उस्तरा या चाकू जैसा) से हमला कर दिया। नाक काटने की कोशिश की गई। चेहरे, हाथों पर कई गहरे वार किए गए, खून बहने लगा। आंखों की रोशनी प्रभावित हुई। आशुतोष ने बचाव में घूंसे मारे, खड़ाऊं से वार किया। आसपास के यात्री चिल्लाए। वे किसी तरह टॉयलेट में घुसकर दरवाजा बंद कर ले गए और जान बचाई।

Ashutosh Maharaj Allegations: आशुतोष ने किसे जिम्मेदार ठहराया?

प्रयागराज पहुंचकर उन्होंने प्रयागराज जीआरपी में लिखित शिकायत दी। आरोप लगाया कि हमला शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और अन्य लोगों की साजिश है। आशुतोष ने दावा किया कि हमलावर चिल्ला रहा था कि तुम्हारी नाक काटकर गुरु के चरणों में चढ़ाऊंगा। साथ ही कहा कि उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एक डॉ. स्वाति अघोरी (जो खुद को अविमुक्तेश्वरानंद की शिष्या बताती हैं) ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली। आशुतोष ने मांग की है कि कोर्ट में सबूत पेश करने तक सुरक्षा दी जाए। सबूत पेश करने के बाद मार भी दें, कोई परेशानी नहीं। आशुतोष का मेडिकल कराया गया (कॉल्विन अस्पताल), हालत खतरे से बाहर।

शंकराचार्य का पलटवार

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हमले को ‘दिखावा’ बताया। स्वामी ने कहा कि आशुतोष माहौल बनाने और सुरक्षा पाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। आरोप सिर्फ मीडिया अटेंशन के लिए हैं। यह यात्रा (शायद केस या धार्मिक यात्रा) से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

आशुतोष ने इसपर जवाब दिया कि हम एक-एक बूंद खून का बदला लेंगे। वे झूठ बोल रहे हैं। अपनी नाक कटवाकर देख लें। हम उन्हें कानून से ही मारेंगे।

विवाद कैसे शुरू हुआ?

आशुतोष महाराज जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में मुख्य वादी। 21 फरवरी 2026 को प्रयागराज कोर्ट में शिकायत की कि अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रमों (वाराणसी, जोशीमठ, बद्रीनाथ आदि) में बाढ़ प्रभावित इलाकों से लाए गए नाबालिग बटुकों का यौन शोषण हुआ। पोक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में केस। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। मार्च के तीसरे हफ्ते में अग्रिम जमानत पर सुनवाई होगी। बता दें कि आशुतोष पर खुद 21 FIR हैं।

यह घटना धार्मिक विवादों में हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को दिखाती है। पुलिस जांच से साजिश की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल तनाव चरम पर है।



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राष्ट्रपति मुर्मू के ‘अपमान’ पर सियासी तूफान? संथाल सम्मेलन से उठा विवाद, ममता सरकार पर केंद्र के सवाल


India

oi-Pallavi Kumari

President Droupadi Murmu: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन एक सांस्कृतिक उत्सव के तौर पर शुरू हुआ था, लेकिन कार्यक्रम खत्म होते-होते यह राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक विवाद में बदल गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी निराशा जताई, जिसके बाद मामला अचानक सुर्खियों में आ गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच राजनीतिक तनाव को उजागर कर दिया है।

President Droupadi Murmu

संथाल संस्कृति का उत्सव बना राजनीतिक विवाद

दार्जिलिंग जिले में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन का उद्देश्य संथाल समुदाय की संस्कृति, परंपराओं और इतिहास का सम्मान करना था। देश-विदेश से कई प्रतिनिधियों और समुदाय के लोगों को इस कार्यक्रम में शामिल होना था।

लेकिन कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंच से जो बातें कहीं, उन्होंने इस आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। राष्ट्रपति ने कहा कि जिस सम्मेलन का मकसद संथाल संस्कृति का जश्न मनाना था, उसी समुदाय के कई लोग इस कार्यक्रम में शामिल ही नहीं हो पाए। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि कार्यक्रम का स्थल ऐसा चुना गया, जहां पहुंचना कई लोगों के लिए मुश्किल साबित हुआ।

राष्ट्रपति की यह टिप्पणी इसलिए भी खास मानी गई क्योंकि वे आम तौर पर सार्वजनिक मंचों पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर इतनी स्पष्ट टिप्पणी नहीं करतीं। उनकी बात सामने आते ही देशभर में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई।

स्थल बदलने के फैसले से शुरू हुआ पूरा विवाद

बताया जा रहा है कि इस सम्मेलन का आयोजन पहले दार्जिलिंग जिले के बिधाननगर इलाके में होना था। लेकिन बाद में कार्यक्रम का स्थल बदलकर सिलीगुड़ी के बाहरी इलाके बागडोगरा क्षेत्र के गोसाईंपुर में कर दिया गया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि जब उन्होंने आसपास के खुले और विशाल क्षेत्र को देखा तो उन्हें लगा कि कार्यक्रम यहीं आयोजित किया जा सकता था, जहां बड़ी संख्या में लोग आसानी से जुट सकते थे।

उन्होंने कहा कि यह जगह इतनी बड़ी है कि यहां लाखों लोग एकत्र हो सकते थे। अगर कार्यक्रम यहां आयोजित किया जाता तो शायद संथाल समुदाय के अधिक लोग इसमें शामिल हो पाते। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकर दुख हुआ कि कई लोग जो इस सम्मेलन में आने की उम्मीद कर रहे थे, वे स्थान की वजह से कार्यक्रम तक पहुंच ही नहीं सके।

This is shameful and unprecedented. Everyone who believes in democracy and the empowerment of tribal communities is disheartened.

The pain and anguish expressed by Rashtrapati Ji, who herself hails from a tribal community, has caused immense sadness in the minds of the people… https://t.co/XGzwMCMFrT

— Narendra Modi (@narendramodi) March 7, 2026 “>

प्रोटोकॉल को लेकर भी उठे सवाल

इस पूरे मामले को और संवेदनशील तब बना दिया जब राष्ट्रपति ने अपने दौरे के दौरान प्रोटोकॉल से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र किया। आम तौर पर जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर जाती हैं तो मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई वरिष्ठ मंत्री स्वागत के लिए मौजूद रहता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव मौजूद थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री इस मौके पर नजर नहीं आए। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जब राष्ट्रपति किसी स्थान पर जाती हैं तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी स्वागत के लिए आना चाहिए।

उन्होंने एक भावनात्मक टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि वे खुद को बंगाल की बेटी मानती हैं और ममता बनर्जी को अपनी छोटी बहन की तरह समझती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि मुख्यमंत्री उनसे नाराज क्यों हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की इस टिप्पणी ने पूरे विवाद को और गंभीर बना दिया।

प्रधानमंत्री मोदी का तीखा हमला

राष्ट्रपति की टिप्पणी सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस घटना को शर्मनाक और अभूतपूर्व बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति की पीड़ा ने पूरे देश को दुखी कर दिया है। लोकतंत्र और आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति इस घटना से आहत है। उन्होंने यह भी कहा कि द्रौपदी मुर्मू स्वयं आदिवासी समुदाय से आती हैं और उनके द्वारा व्यक्त किया गया दुख देश के नागरिकों को गहराई से प्रभावित करता है।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य प्रशासन ने इस मामले में सारी सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने इस घटना को राष्ट्रपति के पद का अपमान बताया और कहा कि संविधान के सर्वोच्च पद का सम्मान हमेशा राजनीति से ऊपर होना चाहिए।

ममता बनर्जी ने आरोपों को नकारा

जैसे-जैसे विवाद बढ़ता गया, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के स्वागत और विदाई की पूरी व्यवस्था राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा तय प्रोटोकॉल के अनुसार ही की गई थी।

ममता बनर्जी ने कहा कि एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का स्वागत सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी और सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर ने किया था। उन्होंने यह भी कहा कि सम्मेलन के आयोजकों की तैयारी शायद पूरी तरह पर्याप्त नहीं थी, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रोटोकॉल उल्लंघन नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।

International Santal Council, a private organisation, invited Hon’ble President to the 9th International Adivasi Santal Conference in Siliguri.

After Advanced Security Liaison, district administration flagged in writing to the President’s Secretariat that the organiser appeared…

— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 7, 2026 “>

केंद्र सरकार ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

इस पूरे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से राष्ट्रपति के दौरे से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राज्य सरकार से कहा गया है कि रविवार शाम पांच बजे तक इस मामले में पूरी जानकारी दी जाए।

गृह मंत्रालय ने उठाए कई सवाल

सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें राष्ट्रपति के स्वागत से जुड़े प्रोटोकॉल, सम्मेलन के स्थल में आखिरी समय पर किए गए बदलाव, यात्रा मार्ग में परिवर्तन और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े सवाल शामिल हैं।

इसके अलावा केंद्र ने यह भी पूछा है कि राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के समय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राज्य के पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारी क्यों मौजूद नहीं थे। सूत्रों का यह भी कहना है कि कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं और राष्ट्रपति के यात्रा मार्ग पर मौजूद सुविधाओं को लेकर भी कुछ चिंताएं जताई गई हैं।

स्थानीय अधिकारियों पर कार्रवाई का सवाल

केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन से यह भी पूछा है कि क्या इस मामले में किसी स्थानीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है या नहीं। रिपोर्ट में दार्जिलिंग के जिलाधिकारी, सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नर और अतिरिक्त जिलाधिकारी की भूमिका को लेकर भी जानकारी मांगी गई है।

केंद्र और राज्य के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव

इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह घटना राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता को दिखाती है। वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा राष्ट्रपति के पद को राजनीतिक विवाद में घसीट रही है और इस मुद्दे को चुनाव से पहले राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। ममता बनर्जी ने भी सवाल उठाया कि जब देश के अन्य राज्यों में आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं तो उस समय इतनी तीखी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई जाती।

सांस्कृतिक आयोजन से राष्ट्रीय विवाद तक

दार्जिलिंग में आयोजित यह सम्मेलन मूल रूप से संथाल समुदाय की संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया था। लेकिन राष्ट्रपति की टिप्पणी, प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और राज्य सरकार की सफाई के बाद यह कार्यक्रम अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है और क्या इस विवाद से कोई प्रशासनिक कार्रवाई भी सामने आती है या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से शुरू हुआ यह मामला देश की राजनीति में बड़ी बहस का विषय बन गया है।





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President Vs Mamata Banerjee: राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी कूदे, केंद्र पर लगाए आरोप


India

oi-Smita Mugdha

President Vs Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में अगले महीने चुनाव प्रस्तावित हैं और इस माहौल में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। राष्ट्रपति के अपमान के मुद्दे पर जमकर सियासी बयानबाजी चल रही है। दक्षिण 24 परगना जिले के मथुरापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने मणिपुर हिंसा, राष्ट्रपति की भूमिका और देश की विदेश नीति जैसे मुद्दों को उठाया।

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब मणिपुर तीन साल तक हिंसा की आग में जल रहा था, तब राष्ट्रपति की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर उद्घाटन और नए संसद भवन के उद्घाटन जैसे बड़े कार्यक्रमों में राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किया गया। यह साफ दिखाता है कि बीजेपी संवैधानिक पदों की गरिमा का कितना ख्याल रखती है।

President Vs Mamata

President Vs Mamata Banerjee: बीजेपी पर लगाया राष्ट्रपति के अपमान का आरोप

टीएमसी नेता ने राष्ट्रपति के अपमान के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति है। अगर युद्ध जैसे हालात होते हैं, तो आदेश उनके माध्यम से जाने चाहिए। उन्होंने अमेरिका के साथ ट्रेड डील और रूस से तेल खरीद पर मिली छूट पर निशाना साधा। टीएमसी सांसद ने कहा कि मौजूदा हालात में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे देशों का प्रभाव दिखाई दे रहा है, जो चिंता का विषय है।

Abhishek Banerjee ने मोदी सरकार पर बोला तीखा हमला

अभिषेक बनर्जी संसद और सड़क दोनों ही जगहों पर बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर तीखा वार करते हुए कहा, ‘देश के संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखना बेहद जरूरी है। सरकार को इस दिशा में जवाबदेह होना चाहिए।’ बता दें कि राष्ट्रपति के स्वागत के लिए सीएम ममता बनर्जी नहीं पहुंची थीं। विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि धरने पर होने की वजह से उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।

अब टीएमसी ने बीजेपी के राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोपों पर पलटवार किया है। ममता बनर्जी के बाद उनके भतीजे अभिषेक ने भी केंद्र को निशाने पर लिया है। टीएमसी सुप्रीमो पहले ही आरोप लगा चुकी हैं कि बीजेपी राजनीतिक हितों के लिए राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद का भी इस्तेमाल करती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और बढ़ सकती है।



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