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गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमत के विरोध में NCP ने किया ‘चूल्हा जलाओ’ प्रोटेस्ट, नेताओं ने सड़क पर पकाई रोटियां


Maharashtra

oi-Bhavna Pandey

Gas Cylinder Price Hike: ईरान-इजरायल संघर्ष का असर अब भारत में एलपीजी आपूर्ति पर दिखना शुरू हो गया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान की नाकेबंदी से मध्य पूर्व से आने वाले एलपीजी टैंकरों की आवाजाही बाधित हुई है। भारत अपनी एलपीजी आवश्यकता के लिए आयात पर भारी निर्भर है, इसी के चलते केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर में ₹118 की वृद्धि कर दी है।

अचानक घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के विरोध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) ने महाराष्ट्र के ठाणे में अनोखा ‘चूल्हा जलाओ’ प्रोटेस्‍ट किया। एनसीपी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर तीव्र प्रदर्शन किया और सड़क पर नेताओं ने खाना पकाया।

Sharad Pawar s NCP started Chulha Jaalao Protest

एनसीपी-शरदचंद्र पवार पार्टी ने ज़िलाध्यक्ष मनोज प्रधान, महिला अध्यक्ष मनीषा भगत और युवा अध्यक्ष अभिजीत पवार के नेतृत्व में ठाणे ज़िलाधिकारी कार्यालय पर अनोखा विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने चूल्हा जलाकर चावल पकाए और रोटियाँ सेंककर प्रदर्शन किया।

‘अमेरिका भारत की घरेलू नीतियां तय कर रहा’

एनसीपी (शरद पवार) के जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसी बाहरी शक्तियां अब भारत की घरेलू नीतियां तय कर रही हैं, जिससे देश की संप्रभुता पर सवाल उठ रहे हैं। प्रधान ने आरोप लगाया कि सरकार युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों का आकलन करने में पूरी तरह विफल रही और उसने कोई ठोस वित्तीय योजना भी नहीं बनाई, जिससे उसकी नीतियों का खोखलापन उजागर होता है।

महिला दिवस पर सरकार दे रही महंगाई का उपहार

प्रधान ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, “एक तरफ सरकार महिलाओं को ‘लाडली बहन’ बता रही है, वहीं दूसरी तरफ महिला दिवस के ठीक पहले गैस के दाम बढ़ाकर उन्हें महंगाई का ‘उपहार’ दे रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी की जेब पर पड़ रहे इस “युद्ध” जैसे प्रहार को रोका जाना चाहिए।

‘आम जनता को लूटा जा रहा’

महिला अध्यक्ष मनीषा भगत ने गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को आम जनता के साथ “खुली लूट” बताया। उन्होंने सरकार से इस मूल्य वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की। भगत ने जोर देकर कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए अब घर चलाना अत्यधिक मुश्किल होगा, जिससे उनका मासिक बजट बुरी तरह प्रभावित होगा। मुंबई के नागरिकों ने भी कीमतों में इस उछाल पर गहरी चिंता जताई है, जिसके चलते अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका है।

इराण-इस्रायल युद्धाचे कारण पुढे करत केंद्र सरकारने घरगुती गॅस सिलिंडरच्या दरात ६० रुपयांची वाढ केली आहे. या दरवाढीच्या निषेधार्थ राष्ट्रवादी काँग्रेस-शरदचंद्र पवार पक्षाच्या वतीने ठाणे जिल्हाध्यक्ष श्री. मनोज प्रधान यांच्या नेतृत्वाखाली ठाणे जिल्हाधिकारी कार्यालयासमोर ‘चुल्हा… pic.twitter.com/evJ6rtWUU7

— Nationalist Congress Party – Sharadchandra Pawar (@NCPspeaks) March 7, 2026 “>

एनसीपी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि भले ही यह प्रदर्शन प्रतीकात्मक था, लेकिन महंगाई के खिलाफ उनकी यह लड़ाई भविष्य में और उग्र होगी। पार्टी का मानना है कि युद्ध के नाम पर कीमतों में इजाफा करना केवल एक बहाना है, और सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर राज्य भर में जनजागरण अभियान चलाने की योजना बना रहा है, ताकि आगामी चुनावों से पहले सरकार को आर्थिक मोर्चे पर कड़ी चुनौती दी जा सके।





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Mamata Vs President: राष्ट्रपति के साथ टकराव पर रविशंकर प्रसाद का हमला, ‘बंगाल में सिर्फ घुसपैठियों का स्वागत’



Mamata Vs President Controversy: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम पर ममता बनर्जी की टिप्पणी पर सियासी संग्राम जारी है। बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दीदी के बंगाल में सिर्फ घुसपैठियों का स्वागत है।



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MP News: महाकाल की परंपरागत गेर में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, रंग-गुलाल के साथ मनाई रंग पंचमी


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रंग पंचमी के दौरान महाकाल मंदिर में पारंपरिक गैर जुलूस में शामिल हुए, ध्वज पूजन और शस्त्र अनुष्ठानों का पालन किया। उन्होंने सांस्कृतिक संरक्षण और एकता का आग्रह किया, जबकि सीएम हाउस में समारोहों में ब्रज होली थीम पर प्रकाश डाला गया, जिससे राज्य भर में सामाजिक सद्भाव और उत्सव परंपराओं को मजबूत किया गया।

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-Oneindia Staff

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से निकलने वाली परंपरागत गेर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ध्वजा पूजन के साथ अखाड़ों के शस्त्रों की विधि-विधान से पूजा की और शस्त्र संचालन का प्रदर्शन भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रंग पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और उल्लास की कामना की।

Madhya Pradesh CM joins Rang Panchami Gair

गेर के दौरान मुख्यमंत्री ने जनता के बीच पहुंचकर रंग पंचमी का उत्सव मनाया। कार्यक्रम में रंग-गुलाल के बीच उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री और आम लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर पर्व की खुशियां साझा कीं। इस दौरान की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रंग पंचमी का यह पावन पर्व सभी के जीवन में उत्साह और उल्लास लेकर आए। उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह रंगों का त्योहार समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी संदेश साझा करते हुए लिखा कि रंग पंचमी के अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली परंपरागत गेर में ध्वजा और अखाड़ों के शस्त्रों का विधिवत पूजन किया गया। इससे पहले उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

संस्कृति और परंपराओं पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कई पारंपरिक त्योहारों को राज्य उत्सव का दर्जा दिया गया है ताकि समाज में आपसी समरसता और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने कहा कि त्योहार लोगों के बीच की दूरियों को कम करते हैं और सामाजिक एकता को मजबूत बनाते हैं। इसलिए ऐसे पर्वों को पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए।

सीएम हाउस में भी मनाई गई थी ब्रज की होली

इससे पहले 5 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित सीएम हाउस में ब्रज थीम पर होली उत्सव मनाया था। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम लोग और संत शामिल हुए थे। कार्यक्रम में फाग गीत और पारंपरिक भजन प्रस्तुत किए गए थे।

सीएम हाउस को ब्रज की होली की थीम पर सजाया गया था, जहां बरसाने की होली जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में रंगों, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ होली का उत्सव मनाया गया। रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में आयोजित परंपरागत गेर में मुख्यमंत्री की भागीदारी ने उत्सव के माहौल को और भी खास बना दिया।

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धीरेंद्र शास्त्री बोले- सेवादार ‘लौंडियाबाजी’ के चक्कर में जुड़े: बागेश्वर धाम में ‘माल-पानी’ के लिए चेले बने; इनकी नजर सेवा पर नहीं, भौकाल पर है – khajuraho News




बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रविवार को दरबार में अपने सेवादारों और चेलों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि धाम की व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत है। कई सेवादारों का व्यवहार भक्तों के प्रति ठीक नहीं है। भक्तों को धक्का देते हैं। कुछ सेवादारों की भाषा और व्यवहार बहुत ‘घटिया’ है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कई सेवादार भक्तों से इस तरह पेश आते हैं, जैसे वे किसी सैन्य व्यवस्था में खड़े हों। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चाय से ज्यादा तो केतली गरम हो रही है। उनका कहना था कि कई चेले उनकी पीठ पीछे खुद को ही गुरु समझने लगे हैं। ‘भौकाल देखकर चेले बन रहे लोग’
शास्त्री ने कहा कि कई चेले हमसे सादगी नहीं सीख पा रहे हैं। इनकी नजर सेवा पर नहीं, बाबा के भौकाल पर है। इन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों से डायरेक्ट कनेक्शन है, इसलिए भौकाल है। सेवादारों को सेवा से नहीं, बल्कि गुरु के भौकाल से मतलब है। ‘माल-पानी और लौंडियाबाजी के चक्कर में बने सेवादार’
दरबार के दौरान शास्त्री ने कहा कि कई लोग सेवा की भावना से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से धाम से जुड़े हैं। आधे से ज्यादा सेवादार इसलिए बन गए, क्योंकि यहां ज्यादा माल-पानी है। कुछ लौंडे यहां लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन गए। धाम में बालाजी की वजह से बच्चे-बच्चियां खिंचे चले आते हैं। ‘हम दूसरों का पर्चा खोलते हैं, तुम्हारा भी खोल देंगे’
शास्त्री ने अपने चेलों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें सबकी सच्चाई पता है। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनका भी सच सामने आ सकता है। चेलों की स्थिति विचित्र हो गई है। हमसे मिले ही नहीं और सेवादार बन गए। आधे से ज्यादा सेवादार मेरे नाम से बन गए। हम दूसरों का पर्चा खोलते हैं, तो तुम्हारा भी पर्चा खोल देंगे। सफलता की अपनी परिभाषा भी बताई
दरबार के अंत में शास्त्री ने सफलता को लेकर अपनी सोच भी रखी। उन्होंने कहा कि धाम का नाम दुनिया में होना या बड़े नेताओं का यहां आना सफलता नहीं है। उनके मुताबिक असली सफलता यह है कि व्यक्ति का जीवन बिना किसी दाग के बीते और वह बेदाग रह सके। …………………………….. यह खबरें भी पढ़ें 1. शादी करने वाले हैं धीरेंद्र शास्त्री, बोले-जल्द खुशखबरी देंगे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी शादी को लेकर कहा है कि शादी निश्चित रूप से होगी और जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी। उन्होंने कहा कि गुरु की आज्ञा मिलने के बाद वह जल्द ही माता की पसंद से ही विवाह करेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 2. धीरेंद्र शास्त्री बोले- हर मंदिर-मस्जिद, चर्च में रोज हो राष्ट्रगान बागेश्वर धाम के महाराज और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हर मंदिर, मस्जिद और चर्च में रोज राष्ट्रगान होना चाहिए। अगर कोई भी धर्मस्थल राष्ट्रगान से मना करता है तो ये पता चल जाएगा कि कौन राष्ट्रदोही है और कौन राष्ट्रप्रेमी। पढ़ें पूरी खबर… धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ी ये खबरें भी जरूर पढ़िए



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Uttarakhand Governor: बाल-बाल बचे राज्यपाल गुरमीत सिंह, तकनीकी दिक्कत के बाद हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग



Uttarakhand Governor Helicopter Emergency Landing: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हेलीकॉप्टर की श्रीनगर में तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग। राज्यपाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।



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उत्तराखंड के राज्यपाल के हेलिकॉप्टर में आई तकनीकी खराबी: श्रीनगर में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, बजट सत्र में शामिल होने गैरसैंण जा रहे थे – Dehradun News




उत्तराखंड के राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हेलिकॉप्टर में उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आ गई। राज्यपाल गैरसैंण जा रहे थे, जहां सोमवार से विधानसभा का सत्र शुरू होना है और पहले दिन बजट पेश किया जाना है। तकनीकी खराबी का अलर्ट मिलते ही पायलट ने तुरंत एहतियात के तौर पर हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराने का फैसला लिया। इसके बाद चॉपर को श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड पर सुरक्षित उतार लिया गया। पायलट की सूझबूझ और तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद राज्यपाल को सुरक्षा के बीच श्रीनगर स्थित पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। राज्यपाल टिहरी से गैरसैंण जा रहे थे। गैरसैंण में विधानसभा सत्र के लिए जा रहे थे राज्यपाल गुरमीत सिंह चमोली जिले के गैरसैंण जा रहे थे। सोमवार से वहां उत्तराखंड विधानसभा का सत्र शुरू होना है और पहले दिन बजट पेश किया जाना है। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वे हेलिकॉप्टर से चमोली के गैरसैंण के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद श्रीनगर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान मिला तकनीकी खराबी का अलर्ट जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर जब उड़ान में था, तभी करीब डेढ़ बजे पायलट को तकनीकी खराबी का संकेत मिला। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत एहतियाती कदम उठाया और किसी तरह का जोखिम नहीं लिया। इसके बाद हेलिकॉप्टर को नजदीकी सुरक्षित स्थान की ओर मोड़ते हुए श्रीनगर के जीवीके हेलीपैड पर सफलतापूर्वक उतार लिया गया। पायलट की सूझबूझ से संभावित हादसा टल गया। श्रीनगर गेस्ट हाउस भेजे गए, जांच शुरू हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत राज्यपाल को हेलीपैड से सुरक्षित निकालकर श्रीनगर स्थित पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया। इधर, तकनीकी टीम हेलिकॉप्टर में आई खराबी की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही राज्यपाल के आगे के कार्यक्रम और अगली उड़ान को लेकर निर्णय लिया जाएगा। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….



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84 जख्म और एक कातिल भाई… आईटी इंजीनियर हिमशिखा मर्डर केस में बड़ा खुलासा, लिवर-किडनी तक को कर दिया था छलनी


Moradabad News: कहते हैं भाई और बहन का रिश्ता दुनिया का सबसे पवित्र और सुरक्षा देने वाला रिश्ता होता है. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की बुद्धि विहार कॉलोनी में जो हुआ, उसने रिश्तों की हर परिभाषा को लहूलुहान कर दिया. शनिवार की शाम जब पोस्टमार्टम हाउस से डॉक्टर बाहर निकले, तो उनके चेहरों पर खौफ साफ दिख रहा था. 25 साल की हिमशिखा, जो गुरुग्राम की एक नामी आईटी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर थी, उसकी लाश नहीं बल्कि जख्मों का एक पहाड़ था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उसके सगे भाई हार्दिक ने उस पर चाकू से एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे 84 वार किए थे. यह सिर्फ हत्या नहीं थी, यह एक ‘साइको किलर’ की वो दरिंदगी थी जिसने मेडिकल साइंस के जानकारों को भी हैरान कर दिया.

शरीर का कोई अंग नहीं बचा
मझोला थाने की पुलिस ने दो डॉक्टरों के पैनल से हिमशिखा का पोस्टमार्टम कराया. करीब दो घंटे चले इस प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई. रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार की शाम जब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई, तो पुलिस महकमे में सन्नाटा पसर गया. दरअसल, हत्यारोपी भाई हार्दिक ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं. हिमशिखा के गर्दन, पैर, हाथ, पेट, छाती, कंधे, चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार किए गए थे.

डॉक्टरों ने पाया कि चाकू के हमलों से हिमशिखा का लिवर, किडनी और हार्ट पूरी तरह छलनी हो चुका था. उसके फेफड़े फट गए थे और पसलियां टूट चुकी थीं. गर्दन पर भी चार गहरे जख्म थे. डॉक्टरों के मुताबिक, यह हमला इतना हिंसक था कि शरीर का कोई भी अंग सुरक्षित नहीं बचा था. इतनी नृशंसता के पीछे छिपी नफरत ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या कोई भाई इतना बेरहम हो सकता है?

‘मम्मी घर चलो, एक सरप्राइज देना है’
शुक्रवार की दोपहर मुरादाबाद के बुद्धि विहार सेक्टर-2 में जो ड्रामा हुआ, वह किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं था. नीलिमा, जो एक निजी बीमा कंपनी में ब्रांच असिस्टेंट मैनेजर हैं, अपने दफ्तर में काम कर रही थीं. उनका बेटा हार्दिक वहां पहुंचता है. उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी. उसने अपनी मां से बेहद सामान्य लहजे में कहा, ‘मम्मी घर चलो, आपको एक सरप्राइज देना है.’

नीलिमा को लगा शायद बच्चों ने घर पर कुछ खास प्लान किया है. वह बेटे के साथ कार में बैठकर घर पहुंचीं. जैसे ही उन्होंने घर का दरवाजा खोला, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. सामने फर्श पर उनकी जुड़वा बेटी हिमशिखा की खून से लथपथ लाश पड़ी थी. पूरे कमरे में खून की नदी बह रही थी. नीलिमा की चीख निकलती, उससे पहले ही हार्दिक ने उन पर भी चाकू से हमला कर दिया. नीलिमा के कंधे, सीने और उंगलियों पर चाकू के 6 गहरे वार लगे, लेकिन वे किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहीं.

‘ऑनलाइन इश्क’ ने बनाया कातिल
जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हार्दिक अपनी कार लेकर मौका-ए-वारदात से फरार हो गया था. एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर को पुलिस ने उसे ‘नया मुरादाबाद’ इलाके से गिरफ्तार कर लिया. जब पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की, तो उसकी बातें सुनकर अधिकारी भी सन्न रह गए. दरअसल, पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जब कातिल इंजीनियर हार्दिक से पूछताछ शुरू हुई, तो जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था.

पुलिस पूछताछ में हार्दिक ने बताया कि वो एक ऐसी लड़की के प्यार में पागल था, जिसे उसने आज तक हकीकत में देखा भी नहीं था. पुणे की रहने वाली एक मुस्लिम युवती से उसका संपर्क ‘इंस्टाग्राम’ पर हुआ था. पिछले डेढ़ साल से दोनों के बीच ऑनलाइन बातें हो रही थीं. इंस्टाग्राम की छोटी सी खिड़की में हार्दिक ने अपनी पूरी दुनिया बसा ली थी. उसने पुलिस को बताया कि वह उस लड़की से शादी करना चाहता था, लेकिन उसे लगता था कि उसकी प्रेमिका के घरवाले उसे टॉर्चर कर रहे हैं. इसी काल्पनिक दुनिया और डिप्रेशन ने उसे एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया जहां उसे अपने ही परिवार के लोग दुश्मन नजर आने लगे.

बहन की सलाह बनी मौत का कारण
हार्दिक और हिमशिखा जुड़वां थे. दोनों ने साथ में इंजीनियरिंग की थी. हिमशिखा न केवल नौकरी कर रही थी, बल्कि अपना भविष्य संवारने के लिए एमबीए भी कर रही थी. दूसरी ओर, हार्दिक उस ऑनलाइन इश्क के चक्कर में अपनी नौकरी छोड़ चुका था और यूट्यूब पर कंटेंट बनाने के नाम पर दिन भर मोबाइल में डूबा रहता था. हिमशिखा अक्सर उसे टोकती थी.

वह उसे समझाती थी, ‘भाई, करियर पर ध्यान दो, ये सब छोड़ दो.’ लेकिन हार्दिक को लगता था कि उसकी बहन उसकी ‘पर्सनल लाइफ’ को कंट्रोल कर रही है. उसने पुलिस से कहा, ‘वो मुझे बोलती थी कि लड़की का चक्कर छोड़ और करियर पर ध्यान दे. उसने मुझे कई बार ताने दिए कि मैं एक लड़की के पीछे पागल होकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहा हूं. इसलिए मैंने उसे खत्म कर दिया.’

मां को क्यों मारना चाहता था?
बहन का कत्ल करने के बाद हार्दिक रुका नहीं. उसने अपनी मां नीलिमा पर भी चाकू से 6 वार किए. खुशनसीबी रही कि मां की जान बच गई. जब पुलिस ने पूछा कि मां को क्यों मारना चाहा, तो उसका जवाब किसी ठंडे दिमाग वाले अपराधी जैसा था. उसने कहा, ‘बहन को मारकर मैं तो जेल चला ही जाता, पीछे मां अकेली रह जाती और परेशान होती. मैंने सोचा उन्हें भी साथ ले जाऊं.’ ममता का कत्ल करने के पीछे की यह दलील सुनकर पुलिस वाले भी दंग रह गए.

एक बिखरा हुआ परिवार और मां की सिसकियां
नीलिमा मूल रूप से बदायूं के जोगीपुरा की रहने वाली हैं. 30 साल पहले वह मुरादाबाद आई थीं. 10 साल पहले पति से अलग होने के बाद उन्होंने अकेले ही दोनों जुड़वा बच्चों को पाल-पोसकर इंजीनियर बनाया. पिछले साल ही उन्होंने बदायूं की अपनी दुकान 25 लाख रुपये में बेची थी ताकि मुरादाबाद में अपना मकान बना सकें.

आज उसी घर में बेटी की चिता जल चुकी है और बेटा जेल की सलाखों के पीछे है. अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती नीलिमा की हालत स्थिर है, लेकिन उनकी रूह जख्मी है. वह अपनी बेटी के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सकीं. शनिवार को हिमशिखा के मामा दीपू ने बदायूं से आकर उसे मुखाग्नि दी.

पुलिस की जांच और साइको एनालिसिस
एसपी सिटी के मुताबिक, हार्दिक की हरकतें किसी साइकोपैथ जैसी हैं. जिस प्रेमिका के लिए उसने अपना परिवार उजाड़ दिया, पुलिस अब उस इंस्टाग्राम प्रोफाइल की जांच कर रही है. क्या वह लड़की वाकई अस्तित्व में है या हार्दिक किसी ‘कैटफिशिंग’ या ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार था, इसकी जांच की जा रही है. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू और कार बरामद कर ली है. हार्दिक को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है.



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CM ममता के धरने का तीसरा दिन: बोलीं- BJP पर एक देश, एक नेता-एक पार्टी का पागलपन सवार; चुनाव आयोग को वैनिश कंपनी कहा


कोलकाता19 मिनट पहले

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ममता बनर्जी ने 6 मार्च से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी है। TMC सुप्रीमो ने चुनाव आयोग को वैनिश कमीशन कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ‘इलेक्टोरल रोल से सही वोटर्स के नाम हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल’ कर रही है।

उनका यह कमेंट ऐसे दिन आया है जब चुनाव आयोग की पूरी बेंच राज्य विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने के लिए कोलकाता आने वाली है।

ममता ने कहा – एक देश, एक नेता, एक पार्टी के पागलपन में, BJP ने जन-विरोधी इच्छाओं को पूरा करने के लिए हर लोकतांत्रिक संस्था और संवैधानिक पद को सिस्टमैटिक तरीके से हथियार बना लिया है।

बनर्जी ने दावा किया कि BJP का आखिरी मकसद बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए गए संविधान को अपने पार्टी मैनिफेस्टो से बदलना है।

ममता ने राज्य में स्पेशल इंटेसिव रिविजिन (SIR) में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में 6 मार्च दोपहर 2 बजे से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है।

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तीसरे दिन ममता ने क्या-क्या कहा…

  • सालों से उन्होंने सेंट्रल एजेंसियों, नेशनल कमीशन, एक गुलाम गोदी मीडिया और ज्यूडिशियरी के एक आज्ञाकारी हिस्से को बंगाल के खिलाफ इस्तेमाल किया है। वे वोटर्स को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • BJP लीडरशिप दिल्ली की जमींदार है। हम उन्हें बंगाल को अपने अधीन करने के मिशन में कभी कामयाब नहीं होंगे।
  • धर्मतला में हमारा धरना हर उस बांग्ला-विरोधी (बंगाल-विरोधी) एजेंडे का जवाब है जो इस राज्य के लोगों को बेइज्जत करने, डराने और परेशान करने की कोशिश करता है।
  • BJP की एकमात्र प्राथमिकता सत्ता है, लेकिन हमारी प्राथमिकता हमेशा से राज्य की जनता रही है।

धरना स्थल से 3 तस्वीरें…

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SIR की फाइनल वोटर लिस्ट में क्या-क्या है

28 फरवरी को जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक पिछले साल नवंबर में SIR प्रोसेस शुरू होने के बाद से अब तक 63.66 लाख नाम, यानी वोटर्स का करीब 8.3 परसेंट, हटा दिए गए हैं, जिससे वोटर्स की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा रह गई है।

इसके अलावा, 60.06 लाख से ज़्यादा वोटर्स को अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में रखा गया है, जिसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में उनकी एलिजिबिलिटी कानूनी जांच के जरिए तय की जाएगी, यह एक ऐसा प्रोसेस है जो चुनाव क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को और बदल सकता है।

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ये खबर भी पढ़ें….

राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल विवाद-गृहसचिव ने बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी: आज शाम तक देनी होगी

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केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के तय प्रोटोकॉल में हुई चूक पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताते हुआ कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। पढ़ें पूरी खबर…

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Nishant Kumar Profile: क्या करते हैं निशांत? 50 साल के नीतीश के बेटे ने क्यों नहीं की शादी? बनेंगे डिप्टी CM!


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Nishant Kumar Profile: बिहार की सियासत में इन दिनों एक नया नाम तेजी से चर्चा में है -मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार। अब तक सार्वजनिक जीवन और राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत को लेकर अचानक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार ने 05 मार्च को राज्यसभा के लिए नामांकन कर दिया है, वो जल्द ही सीएम पद से इस्तीफा देने वाले हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगे और बिहार की सत्ता में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। निशांत कुमार आज (08 मार्च) को जदयू में शामिल हो गए हैं और पार्टी जॉइन करने के बाद पूरे बिहार के दौरे पर निकलेंगे। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि उन्हें सीधे बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है और डिप्टी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं नीतीश कुमार के 50 वर्षीय बेटे निशांत कुमार के बारे में।

Nishant Kumar Profile

Nishant Kumar Political Entry: निशांत कुमार के जदयू में शामिल होने की तैयारी

बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ता लंबे समय से निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग कर रहे थे। खबर है कि 5 मार्च को वे जदयू की सदस्यता लेकर औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रख सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा।

निशांत कुमार को हमेशा से शांत, गंभीर और लो-प्रोफाइल व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है। अपने पिता की तरह उन्होंने भी तकनीकी शिक्षा हासिल की है, लेकिन राजनीति की चमक-दमक से वे हमेशा दूर रहे।

मुख्यमंत्री का बेटा होने के बावजूद उन्होंने कभी सार्वजनिक मंचों पर सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। वे पटना में सादगी भरा जीवन जीते हैं और बहुत कम सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आते हैं। यही वजह है कि बिहार की राजनीति में उनकी एंट्री को लेकर अचानक बढ़ी चर्चा लोगों की दिलचस्पी बढ़ा रही है।

शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल रहते हैं निशांत कुमार (Who is Nishant Kumar)

निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को हुआ था। वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा के इकलौते बेटे हैं। उनकी मां मंजू सिन्हा पेशे से शिक्षिका थीं लेकिन 2007 में बीमारी के कारण उनका निधन हो गया। मां के निधन के बाद निशांत का जीवन और भी ज्यादा निजी हो गया। वे सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने लगे और अपने सीमित दायरे में ही रहना पसंद करते हैं। आज करीब 50 साल की उम्र में भी वे अविवाहित हैं।

Nishant Kumar Profile

इंजीनियरिंग की पढ़ाई, लेकिन राजनीति से दूरी (Nishant Kumar Education)

निशांत कुमार पढ़ाई में हमेशा अच्छे छात्र माने जाते रहे हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा पटना के सेंट करेन स्कूल में हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेजा गया, जहां उन्होंने मसूरी के मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की।

स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने झारखंड के रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। हालांकि इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्होंने राजनीति में दिलचस्पी नहीं दिखाई और एक शांत व निजी जीवन को ही प्राथमिकता दी।

50 साल की उम्र में भी निशांत कुमार अविवाहित क्यों? (Why Nishant Kumar Not Married)

निशांत कुमार की शादी को लेकर बिहार की राजनीति और समाज में अक्सर चर्चा होती रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे होने के बावजूद उन्होंने अब तक शादी नहीं की।

बताया जाता है कि निशांत को अध्यात्म और एकांत जीवन पसंद है। वे धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में समय बिताना पसंद करते हैं। इसी वजह से उन्होंने हमेशा एक सादा और शांत जीवन चुना।

राजनीतिक विरासत संभालने की बजाय उन्होंने अब तक निजी जीवन को प्राथमिकता दी, यही कारण है कि वे लंबे समय तक राजनीति से दूर रहे। हालांकि उनकी शादी को लेकर सीएम नीतीश या खुद निशांत ने कभी बात नहीं की।

Nishant Kumar Profile

कितनी है निशांत कुमार की संपत्ति (Nishant Kumar Net Worth)

  • निशांत कुमार अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कभी अपनी संपत्ति या कारोबार को लेकर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करोड़ों रुपये में आंकी जाती है, जिसमें मुख्य रूप से पारिवारिक संपत्ति और निवेश शामिल हैं।
  • अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निशांत कुमार की कुल चल और अचल संपत्ति करीब 3.61 करोड़ रुपये आंकी गई है। उनकी संपत्ति में बैंक बैलेंस, नकदी और विभिन्न निवेश शामिल हैं, जिनकी कीमत लगभग 1.63 करोड़ रुपये बताई जाती है। इसके अलावा बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट में भी उनकी करीब 1.28 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा बताई गई है।
  • वहीं, अचल संपत्तियों की बात करें तो एक रिपोर्ट के अनुसार निशांत कुमार के पास लगभग 1.98 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें पैतृक कृषि योग्य जमीन और आवासीय भवन जैसी संपत्तियां शामिल हैं। बताया जाता है कि इस संपत्ति का बड़ा हिस्सा उन्हें उनकी दिवंगत मां मंजू सिन्हा के निधन के बाद विरासत के रूप में मिला है।
  • दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुल संपत्ति लगभग 1.66 करोड़ रुपये बताई जाती है। ऐसे में संपत्ति के मामले में निशांत कुमार अपने पिता से भी आगे नजर आते हैं। उनके पास नालंदा जिले के कल्याण बिगहा स्थित पुश्तैनी घर और खेती की जमीन के साथ-साथ पटना और बख्तियारपुर में भी अचल संपत्तियां मौजूद हैं।

हालांकि उनके पास न तो कोई बड़ा व्यवसाय है और न ही अब तक कोई राजनीतिक पद रहा है। इसके बावजूद वे बिहार के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में से एक के उत्तराधिकारी माने जाते हैं।

अब सवाल यही है कि क्या लंबे समय तक राजनीति से दूर रहने वाले निशांत कुमार सच में बिहार की सत्ता में नई पारी शुरू करेंगे। अगर ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।



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Nishant Kumar: JDU में एंट्री लेते ही गूंजे नारे—‘बिहार का CM निशांत जैसा हो’ लेकिन समारोह से दूर रहे नीतीश


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Nishant Kumar JDU Joins: बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने आखिरकार औपचारिक रूप से जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू की सदस्यता 8 मार्च की दोपहर ले ली। दिलचस्प बात यह रही कि जिस कार्यक्रम में निशांत ने पार्टी जॉइन की, उसमें खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद नहीं रहे। इसके बावजूद जेडीयू कार्यालय में माहौल काफी उत्साह भरा रहा और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारे लगाए।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। पूरे कार्यक्रम में ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ और ‘निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे गूंजते रहे। इतना ही नहीं, कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘बिहार का CM कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो’ के नारे भी लगाए। इन नारों ने बिहार की राजनीति में संभावित नई चर्चा को भी हवा दे दी है।

Nishant Kumar

पार्टी दफ्तर में जुटे बड़े नेता, लेकिन समारोह से दूर रहे नीतीश कुमार

निशांत कुमार की सदस्यता को लेकर पटना स्थित जेडीयू प्रदेश कार्यालय में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें आधिकारिक तौर पर पार्टी की सदस्यता दिलाई। वहीं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने उन्हें पार्टी का पारंपरिक गमछा पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

VIDEO | Patna, Bihar: CM Nitish Kumars son Nishant Kumar officially joins the JD(U) in presence of party MPs Sanjay Jha and Rajiv Ranjan (Lalan) Singh, and other party leaders and workers.

(Full video available on https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/bAFiwcTL6p

— Press Trust of India (@PTI_News) March 8, 2026 “>

नेताओं के पैर छूकर लिया आशीर्वाद

पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने विनम्रता दिखाते हुए संजय झा और ललन सिंह के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य वहां मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया। इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचते ही उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार की तरह दोनों हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।

सफेद कुर्ता और क्रॉक्स चप्पल में पहुंचे निशांत

निशांत कुमार बेहद सादगी भरे अंदाज में कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने सफेद कुर्ता पहन रखा था और पैरों में क्रॉक्स चप्पल थी। उनकी यह सादगी भी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा में रही।

पिता के काम को आगे बढ़ाने का वादा

पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने कहा कि वह पूरी लगन से जेडीयू के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो काम किए हैं, वह उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा जाने का फैसला उनके पिता का व्यक्तिगत निर्णय है। साथ ही उन्होंने बिहार और देश की जनता से अपील की कि वे नीतीश कुमार पर अपना भरोसा बनाए रखें।

निशांत कुमार की जेडीयू में एंट्री को कई लोग नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के अगले अध्याय के रूप में भी देख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सक्रिय राजनीति में आने के बाद वह बिहार की राजनीति में किस तरह की भूमिका निभाते हैं।

कौन हैं निशांत कुमार? (Who is Nishant Kumar)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार लंबे समय तक राजनीति से दूर रहे, लेकिन हाल के दिनों में उनकी सक्रियता बढ़ने से वे चर्चा में हैं। आइए उनके बारे में प्रमुख बातें जानते हैं।

  • नाम: निशांत कुमार
  • उम्र: लगभग 50 वर्ष
  • जन्म तिथि: 20 जुलाई 1975
  • पिता: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
  • माता: स्वर्गीय मंजू सिन्हा

निजी जीवन

  • निशांत कुमार ने अब तक शादी नहीं की है।
  • बताया जाता है कि उन्हें आध्यात्म और साधना में खास रुचि है और वे सादगी भरा जीवन पसंद करते हैं।

शिक्षा और करियर

निशांत कुमार पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

  • उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
  • उनकी प्रारंभिक शिक्षा सेंट कैरेंस स्कूल, पटना से शुरू हुई थी।
  • स्कूल के दौरान एक शिक्षक द्वारा पिटाई किए जाने से वे घायल हो गए थे, जिसके बाद नीतीश कुमार ने उनका नाम वहां से हटवा दिया।
  • इसके बाद उन्होंने अपनी आगे की स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय, पटना से पूरी की।





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