Home Blog Page 465

IND vs NZ Final: फाइनल से पहले सन्नाटे में क्रिकेट फैंस! आज अपना आखिरी मैच खेलेंगे कप्तान सूर्यकुमार यादव?


Cricket

oi-Sohit Kumar

Suryakumar Yadav Retirement News: आज 8 मार्च की शाम अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम सिर्फ एक क्रिकेट का मैदान नहीं, बल्कि भावनाओं का समंदर बनने वाला है। भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं और फैंस की धड़कनें अपने चरम पर हैं। लेकिन इस महामुकाबले के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने जीत की दुआओं के बीच फैंस को थोड़ा मायूस कर दिया है।

चर्चा है कि क्या कप्तान सूर्यकुमार यादव इस मेगा इवेंट के बाद टी20 इंटरनेशनल को अलविदा कह देंगे? आइए जानते हैं सूर्या के संन्यास की इन खबरों के पीछे की असल सच्चाई क्या है?

Suryakumar Yadav T20 World CUP 2026

कप्तानी में हिट, लेकिन बल्ले से ‘फ्लॉप शो’?

सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया ने इस वर्ल्ड कप में फाइनल का टिकट कटाया है। भारत अपनी तीसरी टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी से महज एक कदम दूर है। कप्तानी में तो सूर्या ने प्रभावित किया है, लेकिन बतौर बल्लेबाज वह अपनी पुरानी लय के लिए जूझते नजर आए हैं।

टूर्नामेंट की शुरुआत उन्होंने अमेरिका के खिलाफ 84* रनों की मैच जिताऊ पारी से की थी, लेकिन उसके बाद से उनके बल्ले से वो ‘आतिशबाजी’ नहीं निकली जिसके लिए दुनिया उन्हें जानती है। पिछली 7 पारियों में सूर्या एक बार भी 40 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाए हैं।

क्या एक फॉर्मेट का खिलाड़ी होना बन रहा है बाधा?

35 वर्षीय सूर्या फिलहाल केवल टी20 फॉर्मेट ही खेल रहे हैं। टेस्ट और वनडे टीम में उनकी वापसी की राहें फिलहाल मुश्किल नजर आ रही हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो:

  • वर्ल्ड कप 2026: 8 मैचों में 242 रन (औसत 34.37, स्ट्राइक रेट 137.50)।
  • चुनौती: श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी मिडिल ऑर्डर में जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

बीसीसीआई (BCCI) का इतिहास रहा है कि वह सिर्फ कप्तानी के दम पर किसी खिलाड़ी को टीम में बनाए रखने के पक्ष में नहीं रहता। हालांकि, सूर्या ने जुलाई 2024 से अब तक एक भी टी20 सीरीज नहीं हारी है, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर उनके बल्ले की खामोशी चयनकर्ताओं की चिंता बढ़ा सकती है।

संन्यास की अटकलें और अनवेरिफाइड रिपोर्ट्स

सोशल मीडिया और कुछ अपुष्ट मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि सूर्या फाइनल के बाद बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि, 2026 की शुरुआत से सूर्या ने 13 मैचों में 484 रन बनाए हैं (48.40 की औसत), लेकिन वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैचों में बड़ी पारी का अभाव उनके करियर के अगले पड़ाव पर सवाल खड़े कर रहा है।

आज के फाइनल में क्या होगा?

अहमदाबाद की लाल और काली मिट्टी वाली पिच एक हाई-स्कोरिंग मैच की गवाही दे रही है। भारत के पास न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में चले आ रहे हार के सिलसिले को तोड़ने का इससे बेहतर मौका नहीं होगा। क्या सूर्या आज बल्ले से धमाका कर अपने संन्यास की खबरों पर लगाम लगाएंगे या यह उनका आखिरी मैच साबित होगा? इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

न्यूज़ीलैंड टीम: टिम सीफ़र्ट (विकेट कीपर), फिन एलन, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, मिशेल सेंटनर (कप्तान), कोल मैककॉन्ची, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, डेवोन कॉनवे, काइल जैमीसन, ईश सोढ़ी, जैकब डफी।

इंडिया टीम: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव।



Source link

रणबीर कपूर की ‘रामायण पार्ट 1’ का ग्रैंड लॉन्च इवेंट मेकर्स ने टाला, बताई ये वजह


Entertainment

oi-Shashank Mani Pandey

रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। फिल्म का ग्रैंड लॉन्च इवेंट, जो 26 मार्च 2026 को रामनवमी के अवसर पर मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर आयोजित होने वाला था, फिलहाल टाल दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स ने ईरान और इजरायल के बीच जंग और ग्लोबल टेंशन को देखते हुए फैसला लिया है।

ramayana part 1

फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह
‘रामायण: द इंट्रोडक्शन’ नाम से आने वाली इस फिल्म के पहले भाग को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। इससे पहले फिल्म का करीब तीन मिनट का शानदार टीज़र जारी किया गया था, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया।
टीज़र के बाद से ही फैंस फिल्म से जुड़ी नई घोषणाओं और अपडेट का इंतजार कर रहे थे। इसी कड़ी में रामनवमी के दिन एक बड़े कार्यक्रम के जरिए फिल्म के मुख्य किरदारों का विशेष प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई थी।

पहले से हो चुकी थी पूरी तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए गेटवे ऑफ इंडिया का स्थल पहले ही तय कर लिया गया था। कई खास मेहमानों को निमंत्रण भी भेज दिए गए थे। हालांकि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव को देखते हुए फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने प्रचार कार्यक्रम को टालने का फैसला लिया। अब उम्मीद की जा रही है कि यह आयोजन मई महीने में किया जा सकता है।

सही समय का इंतजार कर रही टीम
फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि रामनवमी का कार्यक्रम ‘रामायण’ के लिए बहुत बड़ा मौका था। चूंकि इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पेश किया जाना है, इसलिए निर्माता नहीं चाहते थे कि वैश्विक अस्थिरता के माहौल में इतना बड़ा प्रचार कार्यक्रम किया जाए। टीम का मानना है कि सही समय आने पर इस फिल्म का प्रचार और भी बड़े स्तर पर किया जाएगा।

दीवाली 2026 पर रिलीज होगी फिल्म
यह फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। इसका पहला भाग ‘रामायण: द इंट्रोडक्शन’ इस साल दीवाली 2026 पर सिनेमाघरों में आएगा। फिल्म में रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी के अलावा सनी देओल, रवि दुबे, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, कुणाल कपूर, मोहित रैना, अरुण गोविल और आदिनाथ कोठारे जैसे कई कलाकार नजर आएंगे।

भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश
हाल ही में एक टीवी के इवेंट में फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने इस फिल्म के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा कि ‘रामायण’ भारत की संस्कृति और इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई कहानी है। मल्होत्रा ने बताया कि हॉलीवुड में लंबे समय तक काम करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वहां भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व बहुत कम है। इसी वजह से उन्होंने ऐसी फिल्म बनाने का फैसला किया, जो भारत की समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने गर्व के साथ पेश कर सके।



Source link

राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल विवाद-गृहसचिव ने बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी: आज शाम तक देनी होगी; ममता सरकार ने प्रोग्राम वेन्यू सिलीगुड़ी बदल दिया था


  • Hindi News
  • National
  • President Murmu Calls Mamata Banerjee Sister | Bengal Conference Venue Issue

कोलकाता/नई दिल्ली13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

राष्ट्रपति मुर्मू 7 मार्च को गोपालपुरा में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई थीं।

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के तय प्रोटोकॉल में हुई चूक पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, राष्ट्रपति मुर्मू को 7 मार्च को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में बुलाया गया था। कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना तय था। हालांकि सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताते हुआ कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। नॉर्थ बंगाल दौरे पर न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री मुझे रिसीव करने आया। मुझे नहीं पता कि ममता मुझसे नाराज हैं या नहीं। वैसे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें।

normal text quote 17 1772886086

राष्ट्रपति बोलीं- ममता मेरी छोटी बहन जैसीं

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। अगर प्रोग्राम बिधाननगर में होता, तो बेहतर होता। वहां काफी जगह है और बहुत से लोग आ सकते थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां मीटिंग की इजाजत क्यों नहीं दी। घटना पर पीएम मोदी कहा था कि ये शर्मानाक, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।

दरअसल 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने राष्ट्रपति पश्चिम बंगाल पहुंचीं थीं। इसी दौरान उन्होंने छोटे कार्यक्रम स्थल को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फांसिदेवा में तय किया गया मैदान काफी छोटा था, जिसके कारण कई लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

राष्ट्रपति मुर्मू ने और क्या कहा…

  • अगर कार्यक्रम बिधाननगर में होता तो बेहतर होता, क्योंकि वहां ज्यादा जगह है और ज्यादा लोग आ सकते थे। गोशाईपुर में जगह छोटी होने की वजह से कई लोग कार्यक्रम में नहीं आ सके।
  • कार्यक्रम ऐसी जगह रखा गया जहां लोगों का पहुंचना मुश्किल था। ऐसा लगता है कि आदिवासी समुदाय के लोगों को कार्यक्रम में आने से रोका गया।
  • ऐसा लग रहा था जैसे कुछ लोग इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को होने नहीं देना चाहते थे। शायद कुछ लोग नहीं चाहते कि संथाल समुदाय आगे बढ़े और मजबूत बने।

जानें पूरा मामला…

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम में बुलाया गया था। ये असल में सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होने वाला था। हालांकि, सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया।

जब राष्ट्रपति शनिवार दोपहर को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो कुछ ही लोग मौजूद थे। सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने वाले अकेले प्रतिनिधि थे। प्रोटोकॉल के मुताबिक, राष्ट्रपति को रिसीव करने के लिए आमतौर पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री मौजूद होता है।

पीएम मोदी बोले- प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विवाद पर X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जो लोग डेमोक्रेसी को मजबूत बनाने में यकीन रखते हैं और आदिवासी समुदाय, सभी बहुत दुखी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर है, और इस पद की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस को होश आएगा।

medium text quote 54 1772894182

ममता बोलीं-राष्ट्रपति पहले भाजपा शासित राज्यों की हालत देखें

राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल पर कमेंट करने से पहले आपको BJP शासित राज्यों की हालत देखनी चाहिए। सिर्फ एक पॉलिटिकल पार्टी की बात सुनकर कमेंट करना सही नहीं है।

CM ने कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर कहा कि BJP इतना नीचे गिर गई है कि वे राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रपति को उनके कार्यक्रम में राज्य के प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी के बारे में दी गई जानकारी गलत थी।

medium text quote 55 1772894898

राष्ट्रपति ने संथाल युवाओं से भाषा-परंपरा बचाने की अपील की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में संथाल समुदाय के योगदान को सही पहचान नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि कई महान हस्तियों को जानबूझकर इतिहास में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने युवाओं से शिक्षा अपनाने, भाषा और परंपराओं को बचाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यह संताल समुदाय के लिए गर्व की बात है कि हमारे पूर्वज, तिलका मांझी ने लगभग 240 साल पहले शोषण के खिलाफ विद्रोह का झंडा उठाया था। उनके विद्रोह के लगभग 60 साल बाद, बहादुर भाइयों सिद्धो-कान्हू और चांद-भैरव ने बहादुर बहनों फूलो-झानो के साथ मिलकर 1855 में संताल हुल का नेतृत्व किया।

मुर्मू ने कहा, “लेकिन मुझे पता है कि संथालों ने देश के लिए कितना योगदान दिया है। बाबा तिलका मांझी, सिदो-कान्हू और चांद-भैरव, और भी ऐसे लोग हैं जिनके नाम इतिहास में नहीं हैं। मुझे लगता है, अगर उनके नाम शामिल होते, तो पूरा इतिहास उनके नामों से भर जाता।

normal text quote 18 1772887483

मुर्मू ने कार्यक्रम में और क्या कहा…

  • राष्ट्रपति ने ओल चिकी लिपि के आविष्कारक पंडित रघुनाथ मुर्मू को याद किया। कहा कि 1925 में बनाई गई इस लिपि ने संताली भाषा और साहित्य को नई पहचान दी। रघुनाथ मुर्मू ने कई नाटक लिखकर समाज में साहित्य और जागरूकता फैलाने का काम किया।
  • अपनी भाषा से जुड़े रहें, लेकिन दूसरी भाषाएं भी सीखें। आदिवासी युवाओं को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना चाहिए। आदिवासी समुदाय ने सदियों से लोक संगीत, नृत्य और परंपराओं को सुरक्षित रखा है।
  • संथाल समेत आदिवासी समुदाय तरक्की और प्रकृति संरक्षण का संतुलन बनाए रखने की मिसाल बनेंगे। भाषा और संस्कृति को बचाते हुए शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखने से मजबूत भारत का निर्माण होगा।

————————————-

ये खबर भी पढ़ें…

जैसलमेर में राष्ट्रपति ने प्रचंड हेलिकॉप्टर में देखा सोनार किला, 25 मिनट तक आसमान में उड़ान भरी

whatsapp image 2026 02 27 at 125047 fotor 20260227 1772887901

जैसलमेर में 27 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में करीब 25 मिनट तक उड़ान भरी। वायुसेना स्टेशन जैसलमेर से हुई इस उड़ान में वह को पायलट के रूप में शामिल रहीं।

दूसरे हेलिकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी साथ उड़े। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सोनार किला और पोकरण के शक्ति स्थल को आसमान से नमन किया और रेडियो के जरिए देश को संदेश दिया। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

Silver Rate Today: चांदी में बड़ी गिरावट! ₹10,000 सस्ता, ऑल टाइम हाई से ₹1.25 लाख नीचे, क्या है रेट


Business

oi-Pallavi Kumari

Silver Rate Today 8 March 2026: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच कीमती धातुओं के बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। इसी बीच भारत में चांदी की कीमत में इस हफ्ते बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वीकली बेसिस पर चांदी करीब ₹10,000 प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।

8 मार्च 2026 की सुबह देश के कई प्रमुख शहरों में चांदी का भाव लगभग ₹2,85,000 प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज किया गया। हालांकि सर्राफा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली में चांदी ₹600 टूटकर ₹2,71,700 प्रति किलो पर आ गई। कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे स्तर पर निवेशकों द्वारा की गई लगातार प्रॉफिट बुकिंग के कारण कीमतों में यह गिरावट आई है।

Silver Rate Today 8 March 2026

ऑल टाइम हाई से ₹1.25 लाख सस्ती हुई चांदी

इस साल की शुरुआत से ही सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव रहा है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव करीब ₹2.30 लाख प्रति किलो था। इसके बाद तेजी के दौर में 29 जनवरी को कीमत बढ़कर ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई।

लेकिन इसके बाद बाजार में मुनाफावसूली का दौर शुरू हुआ और सिर्फ 36 दिनों में चांदी लगभग ₹1,25,210 प्रति किलो तक सस्ती हो गई। इसी तरह सोना भी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ चुका है।

Silver Rate In India: भारत के प्रमुख शहरों में चांदी का ताजा भाव (08 मार्च 2026)

शहर 10 ग्राम 100 ग्राम 1 किलो
दिल्ली ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
मुंबई ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
कोलकाता ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
चेन्नई ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
पटना ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
लखनऊ ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
मेरठ ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
अयोध्या ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
गाजियाबाद ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
नोएडा ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
गुरुग्राम ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
जयपुर ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
लुधियाना ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
गुवाहाटी ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
इंदौर ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
कानपुर ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
अहमदाबाद ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
सूरत ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
नागपुर ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
पुणे ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
चंडीगढ़ ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
नासिक ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
वडोदरा ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
बैंगलोर ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000
भुवनेश्वर ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
कटक ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000

Mumbai Gold Silver Rate Today: महिला दिवस पर सोना-चांदी ने फिर किया हैरान, कहां पहुंचा मुंबई में भाव?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या चल रहा है?

वैश्विक बाजार में चांदी की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी 1.4 प्रतिशत बढ़कर 83.40 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव ₹2,68,569 प्रति किलो दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले यह ₹2,68,285 प्रति किलो पर बंद हुआ था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 29 जनवरी को चांदी का वायदा भाव ₹4,20,048 प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। इसके बाद से बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

भारत में सोना और चांदी की कीमत कैसे तय होती है?

देश में सोना और चांदी की कीमतें कई आर्थिक और वैश्विक कारकों से प्रभावित होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं का रेट, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, जीएसटी और घरेलू मांग-आपूर्ति इनकी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई, निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग और कमोडिटी एक्सचेंज में ट्रेडिंग भी इन धातुओं के दाम को ऊपर-नीचे करती है।



Source link

प.बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के कार्यक्रम स्थल का विवाद: केंद्रीय गृह सचिव ने ममता सरकार से रिपोर्ट मांगी, आज शाम 5 बजे तक देनी होगी


  • Hindi News
  • National
  • President Murmu Calls Mamata Banerjee Sister | Bengal Conference Venue Issue

कोलकाता/नई दिल्ली3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

राष्ट्रपति मुर्मू ने 7 मार्च को गोपालपुरा में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई थीं।

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के तय प्रोटोकॉल में हुई चूक पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, राष्ट्रपति मुर्मू को 7 मार्च को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में बुलाया गया था। कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होने तय था। हालांकि सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताते हुआ कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। नॉर्थ बंगाल दौरे पर न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई राज्य मंत्री मुझे रिसीव करने आया। मुझे नहीं पता कि ममता मुझसे नाराज हैं या नहीं। वैसे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। अगर प्रोग्राम बिधाननगर में होता, तो बेहतर होता। वहां काफी जगह है और बहुत से लोग आ सकते थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां मीटिंग की इजाजत क्यों नहीं दी। घटना पर पीएम मोदी कहा था कि ये शर्मानाक, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।

दरअसल 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने राष्ट्रपति पश्चिम बंगाल पहुंचीं थीं। इसी दौरान उन्होंने छोटे कार्यक्रम स्थल को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फांसिदेवा में तय किया गया मैदान काफी छोटा था, जिसके कारण कई लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

normal text quote 17 1772886086

राष्ट्रपति मुर्मू ने और क्या कहा…

  • अगर कार्यक्रम बिधाननगर में होता तो बेहतर होता, क्योंकि वहां ज्यादा जगह है और ज्यादा लोग आ सकते थे। गोशाईपुर में जगह छोटी होने की वजह से कई लोग कार्यक्रम में नहीं आ सके।
  • कार्यक्रम ऐसी जगह रखा गया जहां लोगों का पहुंचना मुश्किल था। ऐसा लगता है कि आदिवासी समुदाय के लोगों को कार्यक्रम में आने से रोका गया।
  • ऐसा लग रहा था जैसे कुछ लोग इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस को होने नहीं देना चाहते थे। शायद कुछ लोग नहीं चाहते कि संथाल समुदाय आगे बढ़े और मजबूत बने।

जानें पूरा मामला…

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आदिवासी समुदाय के हर साल होने वाले प्रोग्राम में बुलाया गया था। ये असल में सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होने वाला था। हालांकि, सुरक्षा और दूसरे लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया।

जब राष्ट्रपति शनिवार दोपहर को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो कुछ ही लोग मौजूद थे। सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने वाले अकेले प्रतिनिधि थे। प्रोटोकॉल के मुताबिक, राष्ट्रपति को रिसीव करने के लिए आमतौर पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री मौजूद होता है।

पीएम मोदी बोले- प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विवाद पर X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जो लोग डेमोक्रेसी को मजबूत बनाने में यकीन रखते हैं और आदिवासी समुदाय, सभी बहुत दुखी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर है, और इस पद की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस को होश आएगा।

medium text quote 54 1772894182

ममता बोलीं-राष्ट्रपति पहले भाजपा शासित राज्यों की हालत देखें

राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल पर कमेंट करने से पहले आपको BJP शासित राज्यों की हालत देखनी चाहिए। सिर्फ एक पॉलिटिकल पार्टी की बात सुनकर कमेंट करना सही नहीं है।

CM ने कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर कहा कि BJP इतना नीचे गिर गई है कि वे राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रपति को उनके कार्यक्रम में राज्य के प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी के बारे में दी गई जानकारी गलत थी।

medium text quote 55 1772894898

राष्ट्रपति ने संथाल युवाओं से भाषा-परंपरा बचाने की अपील की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में संथाल समुदाय के योगदान को सही पहचान नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि कई महान हस्तियों को जानबूझकर इतिहास में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने युवाओं से शिक्षा अपनाने, भाषा और परंपराओं को बचाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यह संताल समुदाय के लिए गर्व की बात है कि हमारे पूर्वज, तिलका मांझी ने लगभग 240 साल पहले शोषण के खिलाफ विद्रोह का झंडा उठाया था। उनके विद्रोह के लगभग 60 साल बाद, बहादुर भाइयों सिद्धो-कान्हू और चांद-भैरव ने बहादुर बहनों फूलो-झानो के साथ मिलकर 1855 में संताल हुल का नेतृत्व किया।

मुर्मू ने कहा, “लेकिन मुझे पता है कि संथालों ने देश के लिए कितना योगदान दिया है। बाबा तिलका मांझी, सिदो-कान्हू और चांद-भैरव, और भी ऐसे लोग हैं जिनके नाम इतिहास में नहीं हैं। मुझे लगता है, अगर उनके नाम शामिल होते, तो पूरा इतिहास उनके नामों से भर जाता।

normal text quote 18 1772887483

मुर्मू ने कार्यक्रम में और क्या कहा…

  • राष्ट्रपति ने ओल चिकी लिपि के आविष्कारक पंडित रघुनाथ मुर्मू को याद किया। कहा कि 1925 में बनाई गई इस लिपि ने संताली भाषा और साहित्य को नई पहचान दी। रघुनाथ मुर्मू ने कई नाटक लिखकर समाज में साहित्य और जागरूकता फैलाने का काम किया।
  • अपनी भाषा से जुड़े रहें, लेकिन दूसरी भाषाएं भी सीखें। आदिवासी युवाओं को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान देना चाहिए। आदिवासी समुदाय ने सदियों से लोक संगीत, नृत्य और परंपराओं को सुरक्षित रखा है।
  • संथाल समेत आदिवासी समुदाय तरक्की और प्रकृति संरक्षण का संतुलन बनाए रखने की मिसाल बनेंगे। भाषा और संस्कृति को बचाते हुए शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखने से मजबूत भारत का निर्माण होगा।

————————————-

ये खबर भी पढ़ें…

जैसलमेर में राष्ट्रपति ने प्रचंड हेलिकॉप्टर में देखा सोनार किला, 25 मिनट तक आसमान में उड़ान भरी

whatsapp image 2026 02 27 at 125047 fotor 20260227 1772887901

जैसलमेर में 27 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में करीब 25 मिनट तक उड़ान भरी। वायुसेना स्टेशन जैसलमेर से हुई इस उड़ान में वह को पायलट के रूप में शामिल रहीं।

दूसरे हेलिकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी साथ उड़े। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सोनार किला और पोकरण के शक्ति स्थल को आसमान से नमन किया और रेडियो के जरिए देश को संदेश दिया। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

Iran Conflict: ईरान में अब तख्तापलट की आशंका, राष्ट्रपति मसूद और IRGC के बीच युद्ध की रणनीति को लेकर संग्राम


International

oi-Smita Mugdha

Iran Conflict: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद देश के भीतर नेतृत्व को लेकर गंभीर राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। मौजूदा हालात में ईरानी सत्ता प्रतिष्ठान दो अलग-अलग धड़ों में बंटा नजर आ रहा है। यह मतभेद खास तौर पर युद्ध की रणनीति और नए सुप्रीम लीडर के चुनाव को लेकर सामने आया है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि ईरान खाड़ी देशों पर हमले रोक देगा और अब तक हुए हमलों के लिए पड़ोसी देशों से माफी भी मांगी। उनका यह बयान क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

Iran Conflict

Iran Conflict: राष्ट्रपति और IRCG के बीच मतभेद बढ़े

हालांकि, राष्ट्रपति के इस रुख के तुरंत बाद ईरान के न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी-एजेई ने बिल्कुल अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कुछ पड़ोसी देशों के इलाके का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है, इसलिए ऐसे ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।

दिलचस्प बात यह है कि पेजेश्कियान और एजेई दोनों ही उस तीन सदस्यीय अस्थायी नेतृत्व परिषद का हिस्सा हैं, जो मौजूदा समय में देश के प्रशासनिक फैसलों में भूमिका निभा रही है। इससे साफ संकेत मिलता है कि ईरानी नेतृत्व के भीतर रणनीति को लेकर गंभीर मतभेद मौजूद हैं।

Iran Conflict Update: सैन्य और राजनीतिक हलकों में भी असहमति

राष्ट्रपति के बयान के बाद ईरान के कई सैन्य और राजनीतिक नेताओं ने भी असहमति जताई है। संसद के स्पीकर और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा कि जब तक क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य ठिकाने मौजूद रहेंगे, तब तक शांति संभव नहीं है।

कट्टरपंथी सांसद हामिद रसाई ने राष्ट्रपति के बयान को कमजोर और गैर-पेशेवर करार दिया। बढ़ते विरोध के बाद राष्ट्रपति कार्यालय ने सफाई देते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों से अगर हमले होते हैं तो उनका कड़ा जवाब दिया जाएगा।

Iran Supreme Leader: सुप्रीम लीडर को लेकर भी खींचतान

खामेनेई की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल नए सुप्रीम लीडर के चुनाव का है। इस मुद्दे पर भी ईरान के भीतर दो स्पष्ट धड़े दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ आईआरजीसी से जुड़ा कट्टरपंथी गुट, जबकि दूसरी ओर अपेक्षाकृत नरम रुख रखने वाला राष्ट्रपति का गुट।

कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने भी राष्ट्रपति के बयान की आलोचना की है। कुछ विश्लेषणों में यह तक कहा गया है कि जब तक नया सुप्रीम लीडर नहीं चुना जाता, तब तक देश की कमान मजबूत सैन्य नेतृत्व के हाथों में रहनी चाहिए। इन घटनाक्रमों से साफ है कि ईरान इस समय केवल बाहरी संघर्ष ही नहीं बल्कि आंतरिक राजनीतिक खींचतान के दौर से भी गुजर रहा है।



Source link

कमल हासन ने ट्रम्प से कहा-अपने काम से काम रखो: ओपन लेटर में लिखा- भारत आजाद देश, अब हम विदेशी सरकारों का हुकुम नहीं मानते




कमल हासन ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक ओपन लेटर लिखकर, उन्हें अपने देश पर ध्यान देने की नसीहत दी है। कमल हासन ने दबे शब्दों में डोनाल्ड ट्रम्प की उस नसीहत पर तंज कसा है, जिसमें उन्होंने भारत को रशिया से तेल लेने की छूट दी है। कमल हासन ने आधिकारिक X अकाउंट (पहले ट्वविटर) से लिखा है, ‘सेवा में, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प। माननीय राष्ट्रपति जी, हम भारत के लोग एक आजाद और अपने फैसले खुद लेने वाले देश के नागरिक हैं। अब हम किसी दूसरे देश से ऑर्डर नहीं लेते। कृपया अपने काम से काम रखें। देशों के बीच आपसी सम्मान ही दुनिया में शांति बनाए रखने का सही तरीका है। हम आपके देश और वहां के लोगों के लिए शांति और तरक्की की कामना करते हैं। कमल हासन- एक प्राउड भारतीय नागरिक। संस्थापक- मक्कल नीधि माइअम।’ क्या है पूरा मामला? मिडिल-ईस्ट में जंग के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ब्लॉक कर दिया है, जहां से दुनिया की 20% तेल सप्लाई होती है। ऐसे में भारत में भी तेल के दाम बढ़ने का अनुमान था। इसी बीच भारत को 3 अप्रैल तक रूस से कच्चा तेल खरीदने की शर्तों के साथ छूट मिल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण पार्टनर हैं और ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए यह छूट दी गई है। पोस्ट कर ट्रोल हो रहे हैं कमल हासन कमल हासन की पोस्ट सामने आने के बाद कई यूजर्स ये सवाल उठा रहे हैं कि वो किस हैसियत से इंडिया की तरफ से बयान दे रहे हैं। कई लोग इसे ड्रामा कह रहे हैं तो कुछ का ये भी कहना है कि भारत को किसी भी देश की तरफ से कोई ऑर्डर नहीं दिया गया है, जैसा कि कमल ने पोस्ट में कहा है।



Source link

Iran Israel War: रेस्टोरेंट में खाना पड़ेगा महंगा! स्विगी-जोमैटो पर भी होगा असर?


Business

oi-Ankur Sharma

Iran Israel War: बाहर खाना खाने के शौकीन लोगों को ये खबर परेशान कर सकती है क्योंकि LPG और बिजली की कीमतें बढ़ने से बाहर खाना महंगा हो सकता है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में अशांति की वजह से LPG सिलेंडर की कीमतें बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर होटलों के खाद्य पदार्थों पर दिखेगा इसलिए अब होटलो और रेस्तरां में आपको डिनर या लंच करने लिए अपनी जेब टाइट करनी होगी।

Deccan Herald की खबर के मुताबिक बृहत बेंगलुरु होटल एसोसिएशन (BBHA) के पी.सी. राव ने कहा ‘कुल मिलाकर, एक सिलेंडर की कीमत ₹265 तक बढ़ गई है। यह होटल व्यवसायियों पर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ है। सरकार को कीमतें बढ़ाने से पहले कुछ समय इंतजार करना चाहिए था।

Iran Israel War

एलपीजी के अलावा, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए बिजली शुल्क (हालिया संशोधन से प्रति यूनिट ₹1 बढ़ा) और बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) का कचरा निपटान शुल्क (प्रति किलोग्राम ₹12) भी बोझ बढ़ा रहा है।’

Iran Israel War: ‘हम ग्राहकों पर बोझ नहीं डालना चाहते’

राव ने आगे कहा ‘यदि स्थिति अगले दो दिनों तक ऐसी ही बनी रहती है, तो हमें फैसला लेना होगा। हम ग्राहकों पर बोझ नहीं डालना चाहते, पर सभी लागतें इतनी बढ़ गई हैं कि मौजूदा दरों पर काम करना असंभव है, अतः दाम बढ़ाना अब अपरिहार्य है। अधिकांश खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने तय हैं, पर सटीक बढ़ोतरी हर होटल व्यवसायी अपने अनुसार तय करेगा और अगर रेट बढ़ेगा तो ऑन लाइन आर्डर करना भी महंगा हो सकता है, स्विगी, जोमैटो पर भी असर हो सकता है।’

Iran Israel War News: घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी

मालूम हो कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच । सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा किया गया है। नए रेट 7 मार्च से लागू हो गए हैं।

  • दिल्ली- रू 913
  • मुंबई- रू 912.50
  • कोलकाता-रू 939
  • चेन्नई – रू 928.50

Iran Israel War News Hindi: कमर्शियल सिलेंडर के दाम

  • दिल्ली- रू 1883
  • मुंबई- रू 1990
  • कोलकाता-1835
  • चेन्नई – रू 20243



Source link

Gold Rate Today: जंग में ठंडी पड़ी सोने की कीमत! ₹5060 सस्ता गोल्ड, आपके शहर में आज क्या है 22K-18K का भाव?


Business

oi-Pallavi Kumari

Gold Rate Today 08 March 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच जारी युद्ध की खबरों के बीच आम तौर पर सोना महंगा हो जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग दिख रही है। भारत में पिछले एक सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है।

पिछले सात दिनों में 24 कैरेट सोना करीब ₹5060 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है, जबकि 22 कैरेट गोल्ड का रेट लगभग ₹4650 नीचे आया है। 8 मार्च 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,63,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट गोल्ड ₹1,50,150 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।

Gold Rate Today 08 March 2026

दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ तीन दिनों के भीतर सोना करीब ₹8,720 सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट देखी गई है और तीन दिन में यह लगभग ₹29,125 तक टूट चुकी है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग की वजह से आई है।

Gold Rate Today In India: 08 मार्च 2026: देश के बड़े शहरों में सोने के ताजा भाव

शहर 22 कैरेट (₹/10g) 24 कैरेट (₹/10g) 18 कैरेट (₹/10g)
दिल्ली 1,50,150 1,63,800 1,15,780
मुंबई 1,50,000 1,63,640 1,12,260
अहमदाबाद 1,50,050 1,63,700 1,12,300
चेन्नई 1,50,000 1,63,640 1,12,260
कोलकाता 1,50,000 1,63,640 1,12,260
हैदराबाद 1,50,000 1,63,640 1,12,260
जयपुर 1,50,150 1,63,800 1,15,780
भोपाल 1,50,050 1,63,700 1,12,300
लखनऊ 1,50,150 1,63,800 1,15,780
चंडीगढ़ 1,50,150 1,63,800 1,15,780
पुणे 1,47,690 1,63,640 1,10,760
बेंगलुरु 1,47,690 1,63,640 1,10,760
पटना 1,50,050 1,63,700 1,12,300
नागपुर 1,47,690 1,63,640 1,10,760
सूरत 1,50,050 1,63,700 1,12,300
वडोदरा 1,50,050 1,63,700 1,12,300
इंदौर 1,50,050 1,63,700 1,12,300
कोच्चि 1,47,690 1,63,640 1,10,760
भुवनेश्वर 1,47,690 1,63,640 1,10,760
गुवाहाटी 1,47,690 1,63,640 1,10,760

Gold Rate Today: सोना धड़ाम! आज 7000 से ज्यादा गिरे दाम, खरीदने का मौका? चेक करें 22k और 18k के नए रेट

🔶Silver Rate In India 08 March 2026: चांदी का क्या है हाल (Chandi ka aaj ka Bhav)

सोने के साथ-साथ चांदी भी सस्ती हुई है। पिछले सप्ताह के दौरान चांदी की कीमत करीब ₹10,000 प्रति किलोग्राम तक नीचे आई है। 8 मार्च की सुबह चांदी का रेट लगभग ₹2,85,000 प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज किया गया।

वहीं शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी ₹600 टूटकर ₹2,71,700 प्रति किलोग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव 1.4% बढ़कर 83.40 डॉलर प्रति औंस हो गया।

🔶अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

शुक्रवार 6 मार्च को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत ₹1,100 घटकर ₹1,64,100 प्रति 10 ग्राम रह गई थी। कारोबारियों के अनुसार लगातार दूसरे दिन की मुनाफावसूली के कारण यह गिरावट देखने को मिली।

हालांकि वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मजबूत रहा। हाजिर सोना 14.70 डॉलर या 0.29% बढ़कर 5,095.81 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।

🔶 भारत में सोना-चांदी के भाव कैसे तय होते हैं? (Gold Price Determination)

देश में सोने और चांदी की कीमतें कई कारकों के आधार पर तय होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं का रेट, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, जीएसटी, ज्वेलर्स की डिमांड और घरेलू बाजार की मांग-आपूर्ति इसका बड़ा आधार बनते हैं। इसके अलावा वैश्विक संकट, युद्ध, महंगाई और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है।

(नोट: सोना-चांदी खरीदने से पहले या निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। ये खबर सिर्फ जानकारी देने के लिए लिखी गई है)



Source link

T20 World Cup फाइनल से पहले न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ने लिया संन्यास, क्रिकेट जगत में मची खलबली, फैंस हैरान


Cricket

oi-Amit Kumar

T20 World Cup, IND vs NZ Final: रविवार को पूरी दुनिया की निगाहें अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले पर टिकी हैं। इस मैच से ठीक पहले कीवी क्रिकेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। न्यूज़ीलैंड महिला टीम की दिग्गज तेज गेंदबाज़ लिया ताहुहु ने अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट (ODI) से संन्यास की घोषणा कर सबको चौंका दिया है।

100 से अधिक मैचों का शानदार सफर (T20 World Cup, IND vs NZ Final)

35 साल की लिया ताहुहु का वनडे करियर 15 साल लंबा रहा। उन्होंने 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना डेब्यू किया था। अपने संन्यास का ऐलान करते हुए उन्होंने भावुक अंदाज़ में कहा कि न्यूज़ीलैंड की जर्सी पहनना हमेशा से मेरे लिए सम्मान की बात रही है। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं 100 से ज़्यादा बार अपने देश का प्रतिनिधित्व कर पाऊंगी। मैं अपने करियर की उपलब्धियों पर गर्व के साथ इस फॉर्मेट को छोड़ रही हूं।

T20 World Cup 1

2025 के महिला वनडे वर्ल्ड कप में खेला था अंतिम मैच

ताहुहु का अंतिम वनडे मैच 2025 के महिला वनडे वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ था। उनके करियर के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने 103 वनडे मैचों में 125 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने एक बार 5 विकेट और तीन बार 4 विकेट लेने का कारनामा किया है। लिया ताहुहु ने स्पष्ट किया है कि वे न्यूज़ीलैंड के लिए टी20 फॉर्मेट में खेलना जारी रखेंगी।

टी20 वर्ल्ड कप में बिखेरेंगी जलवा

ताहुहु का लक्ष्य अपनी टीम को टी20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने में मदद करना है। ताहुहु इस समय न्यूज़ीलैंड के लिए टी20 में तीसरी सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ हैं। 15 मार्च से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू हो रही 5 मैचों की टी20 सीरीज में उनके पास 100 टी20 विकेट पूरे करने का ऐतिहासिक मौका होगा, जिसके लिए उन्हें केवल 5 विकेटों की दरकार है।

खबर AI इनपुट के साथ



Source link