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SBI Social Loan: महिला सशक्तिकरण के लिए एबीआई का बड़ा कदम, 4500 करोड़ रुपये सामाजिक लोन स्कीम का हुआ एलान


देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,500 करोड़ रुपये) की सिंडिकेटेड सोशल टर्म लोन सुविधा की शुरुआत की है। इसे वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का सबसे बड़ा जेंडर-थीम वाला लोन माना जा रहा है। 

एसबीआई के इस लोन की खासियत क्या है?

इस 500 मिलियन डॉलर के सिंडिकेटेड लोन में ‘ग्रीनशू ऑप्शन’ भी शामिल किया गया है। यह पहल विशेष रूप से महिलाओं के लिए अवसर पैदा करने और सामाजिक प्रभाव को तेज करने पर केंद्रित है। इस बड़े वित्तीय लेनदेन के लिए मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप को ओरिजिनल मैंडेटेड लीड अरेंजर, अंडरराइटर, बुकरनर और एकमात्र सोशल लोन को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। 

इस स्कीम से कैसे मिलेगा फायदा?

यह फाइनेंसिंग दुनिया भर में पर्यावरण, सामाजिक और शासन सिद्धांतों के प्रति एसबीआई के मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बैंक के अनुसार, यह कदम समाज में जेंडर गैप (लैंगिक असमानता) को कम करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 5 – ‘लैंगिक समानता हासिल करने और सभी महिलाओं व लड़कियों को सशक्त बनाने’ में भी सार्थक योगदान देगी।

एसबीआई के चेयरमैन क्या बोले?

इस खास मौके पर एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने कहा कि एक जिम्मेदार संगठन के रूप में बैंक सतत विकास की आधारशिला के तौर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए गहराई से प्रतिबद्ध है। महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि सच्ची प्रगति न केवल आर्थिक विकास पर निर्भर करती है, बल्कि सकारात्मक सामाजिक बदलाव लाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और सभी हितधारकों के लिए एक समावेशी समाज के निर्माण की हमारी क्षमता पर भी निर्भर करती है”। 

एसबीआई की वित्तीय स्थिति कैसी?

इस तरह के बड़े वैश्विक इनिशिएटिव को बैंक की बेहद मजबूत वित्तीय स्थिति का भी समर्थन प्राप्त है। दिसंबर 2025 तक एसबीआई के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार रहे हैं:


  • बैंक का कुल डिपॉजिट बेस (जमा आधार) 57 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

  • बैंक का कासा अनुपात 39.13 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर है।

  • बैंक का कुल एडवांस (ऋण वितरण) 46.8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है।

एसबीआई की ओर से उठाया गया यह कदम भारतीय वित्तीय संस्थानों द्वारा सस्टेनेबल फाइनेंस (टिकाऊ वित्त) के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है। यह बड़ा निवेश न केवल समावेशी आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर महिलाओं की वित्तीय भागीदारी और सशक्तिकरण के प्रयासों को एक ठोस दिशा भी प्रदान करेगा।





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ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: केंद्र ने ग्रीन अमोनिया और मेथनॉल के लिए नए मानक तय किए, जानिए सरकार ने क्या बताया


केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को गति देने के लिए शनिवार को ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल के लिए नए मानक अधिसूचित किए। इन मानकों का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन से बनने वाले ईंधन के व्यापार और उपयोग को बढ़ावा देना है।

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  • नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के अनुसार, ये मानक 27 फरवरी 2026 को अधिसूचित किए गए हैं।

  • इनमें यह तय किया गया है कि किन शर्तों और उत्सर्जन सीमा के तहत अमोनिया और मेथनॉल को ग्रीन श्रेणी में रखा जाएगा।

  • राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को 4 जनवरी 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी।

  • इसके लिए 19,744 करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजट रखा गया है।

  • इसका लक्ष्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन और उससे बनने वाले उत्पादों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।

 

क्या है सरकार के मानक?


  • सरकार द्वारा जारी मानकों के अनुसार, ग्रीन अमोनिया के उत्पादन में कुल गैर-जैविक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 0.38 किलोग्राम CO₂ समतुल्य प्रति किलोग्राम अमोनिया से अधिक नहीं होना चाहिए।

  • इसमें ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, अमोनिया संश्लेषण, शुद्धिकरण, संपीड़न और साइट पर भंडारण से होने वाला उत्सर्जन शामिल होगा, जिसे पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर मापा जाएगा।

  • इसी तरह, ग्रीन मेथनॉल के लिए उत्सर्जन सीमा 0.44 किलोग्राम CO₂ समतुल्य प्रति किलोग्राम मेथनॉल निर्धारित की गई है। इसमें ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, मेथनॉल संश्लेषण, शुद्धिकरण और भंडारण से होने वाला कुल गैर-जैविक उत्सर्जन शामिल रहेगा।

  • सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रीन मेथनॉल के उत्पादन में उपयोग होने वाला कार्बन डाइऑक्साइड जैविक स्रोतों, डायरेक्ट एयर कैप्चर या मौजूदा औद्योगिक स्रोतों से लिया जा सकता है।

  • मंत्रालय समय-समय पर CO₂ के पात्र स्रोतों में संशोधन भी कर सकता है।

  • इसके अलावा, ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल के लिए मापन, रिपोर्टिंग, निगरानी, ऑन-साइट सत्यापन और प्रमाणन की विस्तृत प्रक्रिया अलग से जारी की जाएगी।


सरकार का कहना है कि इन मानकों से उद्योग, निवेशकों और अन्य हितधारकों को स्पष्ट दिशा मिलेगी और ग्रीन हाइड्रोजन आधारित ईंधन के विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उर्वरक, शिपिंग, बिजली और भारी उद्योग जैसे क्षेत्रों के डीकार्बोनाइजेशन में भी मदद मिलेगी।



सरकार के अनुसार, इन मानकों के लागू होने से ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत भारत का नियामकीय ढांचा और मजबूत होगा तथा देश ग्रीन ईंधन के विश्वसनीय उत्पादक और निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकेगा।






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आज का मेष राशिफल 7 मार्च 2026: अवसरों को पहचानें, रिश्तों में धैर्य से काम लें


Astrology

-P Chakrapani Upadhyay

Aaj Ka Mesh Rashifal: आज मेष राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहने वाला है, लेकिन इस ऊर्जा को सही दिशा देना बेहद ज़रूरी होगा। कुछ नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं, जिन्हें पहचानने और उन पर तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता होगी। निजी संबंधों में थोड़ी समझदारी और धैर्य से काम लेना पड़ सकता है, ताकि अनावश्यक तनाव से बचा जा सके।

Aaj Ka Mesh Rashi Rashifal 7 March 2026 Shanivar

सामान्य भविष्यफल: आज आप अपनी नेतृत्व क्षमता का भरपूर प्रदर्शन कर पाएंगे, खासकर कार्यक्षेत्र में आपकी पहलकदमी सराही जाएगी। हालांकि, टीम के सदस्यों के साथ तालमेल बिठाना और उनकी राय को महत्व देना भी उतना ही ज़रूरी होगा। व्यक्तिगत मोर्चे पर, किसी पुराने मुद्दे पर परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत हो सकती है, जहाँ आपको अपनी बात शांति से रखने का मौका मिलेगा।

स्वास्थ्य: आज आपको अपनी शारीरिक ऊर्जा का स्तर बनाए रखने के लिए पर्याप्त आराम और संतुलित आहार पर ध्यान देना होगा। अत्यधिक काम का बोझ या तनाव सिरदर्द या पेट संबंधी छोटी-मोटी समस्याएँ दे सकता है, इसलिए नियमित रूप से ध्यान या हल्के व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद रहेगा।

करियर/वित्त: करियर के मोर्चे पर आज कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ सकते हैं, जहाँ आपकी दूरदर्शिता काम आएगी। नए प्रोजेक्ट्स या जिम्मेदारियाँ आपको आगे बढ़ने का मौका देंगी, लेकिन जल्दबाजी में कोई भी बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचें। निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना और सभी पहलुओं पर विचार करना समझदारी होगी।

प्रेम: प्रेम संबंधों में आज आप अपने पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव महसूस करेंगे और खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त कर पाएंगे। सिंगल जातकों के लिए किसी नए व्यक्ति से मुलाकात की संभावना है, जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है, लेकिन रिश्ते को आगे बढ़ाने में जल्दबाजी न करें।

आज के लिए आपका शुभ अंक 9 है, जो आपकी ऊर्जा और साहस को दर्शाता है। शुभ रंग लाल रहेगा, जो आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से पहले ‘ॐ अंग अंगारकाय नमः’ मंत्र का जाप करना लाभकारी सिद्ध हो सकता है। पूजनीय देवता के रूप में भगवान हनुमान जी की आराधना आपको बल और बुद्धि प्रदान करेगी।

ग्रहों का प्रभाव:

आज मंगल ग्रह की स्थिति आपके भीतर अदम्य ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगी, जिससे आप अपने लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ेंगे। हालांकि, यह आपको थोड़ा अधीर भी बना सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

सूर्य का प्रभाव आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और आपको कार्यक्षेत्र में नेतृत्व करने की प्रेरणा देगा। यह आपको अपनी पहचान बनाने और दूसरों पर सकारात्मक प्रभाव डालने में मदद करेगा।

बुध की चाल आपके संचार कौशल को मजबूत करेगी, जिससे आप अपनी बात को स्पष्टता और प्रभावी ढंग से रख पाएंगे। यह व्यावसायिक वार्ताओं और व्यक्तिगत बातचीत दोनों में सहायक होगा।

युवा जातकों के लिए सलाह:

  • अपने कौशल को लगातार निखारते रहें; ऑनलाइन कोर्स या वर्कशॉप में भाग लेना फायदेमंद हो सकता है।
  • नेटवर्किंग के अवसरों को पहचानें और नए लोगों से जुड़ने की कोशिश करें, यह भविष्य में काम आ सकता है।
  • अपने समय का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करें; प्राथमिकताएँ तय करें और अनावश्यक गतिविधियों से बचें।
  • असफलता से घबराएं नहीं, बल्कि उसे सीखने के अवसर के रूप में देखें और आगे बढ़ें।
  • अपनी मानसिक सेहत का खास ख्याल रखें; तनाव कम करने के लिए हॉबीज़ या मेडिटेशन का सहारा लें।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली और परिस्थितियों के अनुसार इसमें भिन्नता संभव है।आपका दिन मंगलमय हो और आप अपने सभी प्रयासों में सफलता प्राप्त करें!



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Raisina Dialogue: ‘भारत का उदय अपनी ताकत से होगा’, हिंद महासागर में भारत की भूमिका पर क्या बोले विदेश मंत्री?


‘भारत अपना रास्ता स्वयं निर्धारित करेगा।’ विदेश मंत्री एस. जयशंकर रायसीना डायलॉग के दौरान यह बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की वृद्धि उसकी अपनी घरेलू क्षमताओं और लचीलेपन पर आधारित है। जयशंकर साफ किया कि भारत का उदय उसकी अपनी ताकत से तय होगा, न कि दूसरों की गलतियों से। भारत हिंद महासागर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मंत्री ने कहा, “भारत का उदय भारत ही तय करेगा। यह हमारी ताकत से तय होगा, न कि दूसरों की गलतियों से।” उन्होंने बताया कि हिंद महासागर की भावना या पहचान को संसाधनों, कार्यों, प्रतिबद्धताओं और व्यावहारिक परियोजनाओं से समर्थन मिलना चाहिए। भारत इस क्षेत्र के केंद्र में है और इसकी वृद्धि से हिंद महासागर के अन्य देशों को लाभ होगा। जयशंकर ने हिंद महासागर क्षेत्र को एक पारिस्थितिकी तंत्र बताया जो पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय कूटनीति ने इस प्रक्रिया में बहुत निवेश किया है। मंत्री ने हिंद महासागर में हालिया घटनाक्रमों पर भी बात की। उन्होंने ईरानी पोत आईआरआईएस डेना के डूबने का भी उल्लेख किया, जिसे एक अभ्यास के बाद भारतीय जल क्षेत्र से लौटने के दौरान श्रीलंका की समुद्री सीमा में अमेरिकी सेना ने डुबो दिया था। वहीं दूसरी ओर, भारत ने तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहे एक अन्य ईरानी पोत आईआरआईएस लावन को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी।

ईरान के आईआरआईएस लावन पर क्या बोले विदेश मंत्री?

आईआरआईएस लावन, जिसमें 183 चालक दल के सदस्य थे, कोच्चि में नौसेना सुविधाओं में ठहराए गए हैं। जयशंकर ने आईआरआईएस डेना के डूबने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने मानवीय आधार पर ईरानी अनुरोध स्वीकार किया। भारतीय नौसेना ने आईआरआईएस डेना से इमरजेंसी कॉल मिलने के बाद खोज और बचाव प्रयासों में भी सहायता की थी। यह भारत के मानवीय सिद्धांतों के अनुसार है।

हिंद महासागर की भू-राजनीति पर वित्त मंत्री ने क्या कहा?

मंत्री ने हिंद महासागर की वास्तविकताओं को समझने पर जोर दिया।। उन्होंने डिएगो गार्सिया में पांच दशकों से विदेशी सेनाओं की उपस्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिबूती में विदेशी सेनाओं के अड्डे इस सदी के पहले दशक में बने। हंबनटोटा बंदरगाह भी इसी अवधि में विकसित हुआ। इन तथ्यों को समझना क्षेत्र की जटिलता के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर क्या बोले जयशंकर?

जयशंकर ने व्यापारिक जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मालवाहक जहाजों पर हमलों में अक्सर भारतीय शामिल होते हैं और हाल ही में कुछ मौतें भी हुई हैं। भारत की नीतियां खाड़ी में रहने वाले नौ से दस करोड़ भारतीयों के कल्याण को प्राथमिकता देती हैं। व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने महसूस किया कि व्यापारिक समुद्री हिस्से को पर्याप्त प्रमुखता नहीं मिली।





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Economy: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का देश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ेगा असर? रिपोर्ट में बताए गए यह कारण


पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का भारत की अर्थव्यवस्था पर कई तरह का प्रभाव पड़ सकता है। एसबीआई रिसर्च की एक नई रिपोर्ट के अनुसार बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में बाधा, व्यापार और खाड़ी देशों से आने वाले प्रेषण पर असर पड़ने की आशंका है।

अगर तनाव लंबा समय तक जारी रहा तो?

रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल महंगाई पर तत्काल असर सीमित रह सकता है, लेकिन अगर तनाव लंबे समय तक जारी रहता है और सप्लाई चेन बाधित होती है तो वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है।

तेल आपूर्ति को लेकर क्या है संकट?


  • भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर है। भारत अपनी लगभग 90 प्रतिशत तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है।

  • कुल 5.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन आयात में से करीब 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है।

  • अगर इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात बाधित होता है तो भारत के लिए आपूर्ति संकट और आयात लागत बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है।

  • दरअसल, दुनिया के कुल कच्चे तेल का करीब 20 प्रतिशत इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम केंद्र बन जाता है।

वैश्विक बाजारों कैसे दिख रहा असर?

वैश्विक बाजारों में भी तनाव का असर दिखाई देने लगा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत दिसंबर 2025 में करीब 58.92 डॉलर प्रति बैरल और फरवरी 2026 के अंत में 70.75 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर मार्च की शुरुआत में लगभग 85.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है और भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने के साथ यह 89 डॉलर प्रति बैरल के पार भी चली गई।

महंगाई को लेकर क्या है संभावना?

रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से भारत का चालू खाता घाटा (CAD) करीब 36 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ सकता है। साथ ही लागत आधारित महंगाई बढ़ने से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महंगाई दर में भी लगभग 35-40 बेसिस प्वाइंट तक इजाफा हो सकता है।

तेल की कीमतों में वृद्धि से क्या हो सकता है?

तेल कीमतों में लगातार वृद्धि आर्थिक वृद्धि को भी प्रभावित कर सकती है। अनुमान है कि हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से भारत की GDP वृद्धि दर में लगभग 20-25 बेसिस प्वाइंट की कमी आ सकती है। अगर कीमतें 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती हैं तो वित्त वर्ष 2027 में भारत की GDP वृद्धि दर अनुमानित 7 प्रतिशत के बजाय करीब 6 प्रतिशत तक सीमित रह सकती है।

रिपोर्ट में खाड़ी देशों से आने वाले प्रेषण (यानी भेजे जाने वाले पैसे) पर भी जोखिम जताया गया है। भारत को वित्त वर्ष 2025 में लगभग 138 अरब डॉलर का व्यक्तिगत प्रेषण प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024 के 119 अरब डॉलर से अधिक है। इनमें से करीब 38 प्रतिशत राशि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों से आती है, इसलिए क्षेत्र की आर्थिक स्थिति का इस पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

 

पश्चिम एशिया के साथ व्यापार हो सकता है प्रभावित

इसके अलावा भारत का पश्चिम एशिया के साथ व्यापार भी प्रभावित हो सकता है। GCC देश भारत के कुल निर्यात का 13 प्रतिशत से अधिक और आयात का 16 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखते हैं। वहीं अन्य पश्चिम एशियाई देशों का निर्यात में करीब 2 प्रतिशत और आयात में लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय बैंकों और निजी कंपनियों का भी इस क्षेत्र में निवेश और कारोबार है, जिससे तनाव बढ़ने की स्थिति में वित्तीय जोखिम बढ़ सकता है।

हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने ऊर्जा आपूर्ति के जोखिम को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। देश अब 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है और 2022 के बाद रूस से आयात में भी बढ़ोतरी हुई है।

साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप और ओपन मार्केट ऑपरेशंस जैसे कदमों से रुपये में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और वित्तीय बाजारों को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली है।



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Report: इंटरव्यू के दौरान अब भी शादी-मातृत्व से जुड़ी योजना छिपाती हैं आधी महिलाएं, जानें क्या है कारण


कार्यस्थल में महिलाओं के लिए चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि वे नौकरी के इंटरव्यू के दौरान शादी या मातृत्व से जुड़ी अपनी निजी योजनाओं को छिपाती हैं, क्योंकि उन्हें पक्षपात का डर होता है। अनुभव के साथ यह झिझक और बढ़ जाती है। जहां फ्रेशर्स में यह आंकड़ा 29 प्रतिशत है, वहीं 10 से 15 साल के अनुभव वाली महिलाओं में यह 40 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। यह जानकारी पोर्टल Naukri.com की ओर से जारी रिपोर्ट ‘व्हाट वुमन प्रोफेशनल्स वांट’ में सामने आई है। यह रिपोर्ट देश के 50 से अधिक उद्योगों में काम कर रही करीब 50,000 महिलाओं पर किए गए सर्वे के आधार पर तैयार की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यस्थल पर भर्ती और प्रमोशन में पक्षपात विविध पृष्ठभूमि की महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। करीब 42 प्रतिशत महिलाओं ने इसे प्रमुख समस्या बताया। चेन्नई (44 प्रतिशत) और दिल्ली-एनसीआर (43 प्रतिशत) जैसे महानगरों में भी यही रुझान देखने को मिला।

इन चुनौतियों के बावजूद, सर्वे में शामिल 83 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि उन्हें नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है, जो पिछले साल के 66 प्रतिशत के मुकाबले काफी अधिक है।

कार्यस्थलों में वेतन को लेकर क्या है स्थिति?


  • वहीं देश में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही 67 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि उनके कार्यस्थलों पर वेतन समानता मौजूद है।

  • रिपोर्ट के अनुसार, रियल एस्टेट सेक्टर में सबसे अधिक महिलाओं (42 प्रतिशत) ने माना कि उनके कार्यस्थल पर वेतन समानता है।

  • इसके बाद एफएमसीजी (38 प्रतिशत), फार्मास्यूटिकल और लाइफ साइंसेज (38 प्रतिशत) व ऑटोमोबाइल सेक्टर (37 प्रतिशत) का स्थान रहा।

इसके अलावा रिटेल (35 प्रतिशत), होटल और रेस्टोरेंट (35 प्रतिशत), आईटी सर्विसेज और कंसल्टिंग (34 प्रतिशत), टेलीकॉम/आईएसपी (34 प्रतिशत), मेडिकल सर्विसेज/अस्पताल (33 प्रतिशत) और ऑयल एंड गैस (33 प्रतिशत) क्षेत्रों की महिलाओं ने भी कार्यस्थलों पर वेतन समानता होने की बात कही।

वेतन ऑडिट और मेंस्ट्रुअल लीव को लेकर क्या है मांग?

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि समान वेतन ऑडिट और मेंस्ट्रुअल लीव की मांग बढ़ रही है। इस तरह की मांग पिछले साल के 19 प्रतिशत से बढ़कर 27 प्रतिशत तक पहुंच गई है। खास तौर पर अधिक वेतन पाने वाली महिलाओं (48 प्रतिशत) के बीच यह मांग सबसे ज्यादा देखी गई।



इंफो एज इंडिया ग्रुप के ग्रुप सीएमओ सुमीत सिंह ने कहा कि इस रिपोर्ट का हर आंकड़ा एक महत्वाकांक्षी महिला की कहानी बताता है। उन्होंने कहा कि जहां 83 प्रतिशत महिलाओं का नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित होना सकारात्मक संकेत है, वहीं इंटरव्यू में आधी महिलाओं का शादी या मातृत्व की योजनाएं छिपाना यह दर्शाता है कि अभी भी काफी काम बाकी है।






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Google CEO Salary: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की सैलरी में छप्परफाड़ इजाफा; मिलेंगे ₹6361 करोड़, समझिए क्या गणित


टेक जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है और इस खबर ने तकनीक की दुनिया में हलचल मचा दी है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने अपने सीईओ सुंदर पिचाई के लिए अगले तीन वर्षों का संभावित वेतन बढ़ाकर 69.2 करोड़ डॉलर यानी भारतीय रुपयों में करीब 6361 करोड़ रुपये कर दिया है। इस डील के साथ ही पिचाई दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) में शुमार हो गए हैं। 

आखिर टेक दिग्गज गूगल ने अपने भारतीय मूल के सीईओ पर इतना बड़ा दांव क्यों लगाया है? आइए इस ऐतिहासिक पे-पैकेज की बारीकियों और इसके पीछे की ठोस वजहों को समझते हैं।

सुंदर पिचाई का यह नया वेतन पैकेज असल में कितना बड़ा है और इसका ढांचा क्या है?

गूगल ने अगले तीन वर्षों के लिए पिचाई का कुल अधिकतम संभावित पे-पैकेज 69.2 करोड़ डॉलर तय किया है। इसमें उनकी सालाना बेसिक सैलरी 20 लाख डॉलर रखी गई है, जबकि पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा शेयरों के रूप में मिलेगा। अगर वह कंपनी के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाते हैं, तो भी उन्हें वेतन और स्टॉक के रूप में तीन वर्षों में 39.1 करोड़ डॉलर की बेसलाइन अमाउंट की राशि मिलनी तय है।

क्या यह पूरी रकम फिक्स है या प्रदर्शन पर निर्भर है?

इस पैकेज का एक बड़ा हिस्सा परफॉरमेंस स्टॉक यूनिट्स (पीएसयू) पर आधारित है, जिसकी टारगेट वैल्यू 12.6 करोड डॉलर है। इन शेयरों का मूल्य एसएंडपी 100 की अन्य कंपनियों के मुकाबले अल्फाबेट के शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न के आधार पर तय होगा। अगर कंपनी शानदार प्रदर्शन करती है, तो यह रकम दोगुनी (25.2 करोड़ डॉलर) हो सकती है, और अगर पिछड़ती है तो यह शून्य भी हो सकती है। इसके अलावा, अगले तीन वर्षों में उन्हें 84 मिलियन डॉलर के प्रतिबंधित शेयर भी मिलेंगे, जो हर महीने भुनाए जा सकेंगे

क्या इस पैकेज में बिजनेस से जुड़ा कोई नया इसेंटिव भी जोड़ा गया है?

हां, इस डील की एक बड़ी खासियत इसके नए इंसेंटिव्स हैं। गूगल ने अपनी सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी शाखा ‘वेमो’ और ड्रोन डिलीवरी स्टार्ट-अप ‘विंग’ की ग्रोथ से जुड़े 35 करोड़ डॉलर तक के स्टॉक इंसेंटिव्स पहली बार जोड़े हैं। इसमें वेमो के लिए 13 करोड़ डॉलर और विंग एविएशन के लिए 4.5 करोड़ डॉलर की टारगेट वैल्यू के शेयर रखे गए हैं, जो तीन साल बाद उनके ‘फेयर वैल्यू’ के आधार पर तय होंगे और शानदार प्रदर्शन पर 200 प्रतिशत तक का भुगतान कर सकते हैं।

पिचाई को इतना भारी-भरकम पैकेज क्यों दिया जा रहा है? उनकी उपलब्धियां क्या हैं?

भारतीय मूल के 53 वर्षीय पिचाई ने 2004 में कंपनी में शामिल होने के बाद क्रोम ब्राउज़र विकसित करने और एंड्रॉइड डिवीजन का नेतृत्व करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अल्फाबेट के बोर्ड का मानना है कि पिचाई की अगुवाई में वेमो और विंग ऑटोनॉमस ड्राइविंग व डिलीवरी के क्षेत्र में मजबूत प्रगति कर रहे हैं। इसके अलावा, अगस्त 2015 में जब पिचाई ने सीईओ का पद संभाला था, तब गूगल का मार्केट कैप 535 बिलियन डॉलर था, जो उनके नेतृत्व में सात गुना बढ़कर लगभग 3.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया (जनवरी में यह 4 ट्रिलियन डॉलर को भी पार कर गया था)। 



हालांकि शुरुआत में चैटजीपीटी के लॉन्च के समय उन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में धीमी गति का आरोप लगा था, लेकिन उन्होंने दमदार वापसी करते हुए गूगल के सर्च इंजन में कटिंग-एज एआई मॉडल्स सफलतापूर्वक इंटीग्रेट किए। साथ ही, उन्होंने कंपनी को बड़े एंटीट्रस्ट (एकाधिकार) मुकदमों के सबसे बुरे परिणामों से भी बचाकर बाहर निकालने में सफलता हासिल की। पिचाई ने गूगल के खोज और एप स्टोर कारोबार के खिलाफ लाए गए अविश्वास मामलों को भी सफलतापूर्वक संभाला है।

दुनिया के अन्य दिग्गज टेक सीईओ के मुकाबले पिचाई का यह पैकेज कैसा है?

पिचाई का यह 69.2 करोड़ डॉलर (तीन साल का अधिकतम) का पैकेज उनके प्रतिद्वंद्वियों से कहीं बड़ा है। उनकी तुलना में, माइक्रोसॉफ्ट  के प्रमुख सत्या नडेला ने वित्त वर्ष 2025 में कुल 96.5 मिलियन डॉलर (जिसमें 84 मिलियन डॉलर स्टॉक था) की कमाई की, जबकि एपल के बॉस टिम कुक की 2025 की कमाई 74.3 मिलियन डॉलर रही।

पिचाई की व्यक्तिगत संपत्ति और कंपनी में संस्थापकों के नियंत्रण का क्या समीकरण है?

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार, 53 वर्षीय पिचाई सीईओ बनने के बाद से अब तक लगभग 65 करोड़ डॉलर के शेयर बेच चुके हैं (हाल ही में उन्होंने 9.8 मिलियन डॉलर के शेयर बेचे)। फिलहाल, उनके और उनकी पत्नी अंजलि के पास कुल 1.67 मिलियन गूगल शेयर हैं, जिनकी कीमत शुक्रवार के भाव पर 49.8 करोड़ डॉलर है। इसके बावजूद, कंपनी पर असली नियंत्रण आज भी इसके संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन का है, जिनके पास सुपर-वोटिंग क्लास बी शेयरों के चलते 56 प्रतिशत निर्णायक शक्ति मौजूद है। 



सुंदर पिचाई का यह विशालकाय वेतन पैकेज बताता है कि अल्फाबेट का बोर्ड उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा कर रहा है। यह डील न केवल पिछले एक दशक में कंपनी की मार्केट वैल्यू में हुए सात गुना इजाफे का इनाम है, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि भविष्य के ग्रोथ इंजन- खासकर एआई, सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी और ऑटोनॉमस डिलीवरी- पर कंपनी कितनी आक्रामक रूप से दांव लगा रही है।





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एपस्टीन फाइल- ट्रम्प पर नाबालिग के यौन-शोषण का आरोप: नए दस्तावेज में खुलासा, पहले अधिकारियों ने डुप्लीकेट बताकर रोक दिया था




अमेरिका में न्याय विभाग ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेज जारी किए हैं। एफबीआई को दिए इंटरव्यू में महिला ने दावा किया कि एपस्टीन ने उसकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से कराई थी। ट्रम्प ने उनका यौन शोषण किया। उस वक्त वह नाबालिग थीं। ये पेज पहले जारी नहीं किए गए थे। एफबीआई ने महिला के दावों से जुड़े 4 इंटरव्यू किए थे। पर शुरुआती रिलीज में सिर्फ एक इंटरव्यू का सार दिखा, जिसमें महिला ने एपस्टीन के खिलाफ आरोप बताए थे। बाकी तीन इंटरव्यू गायब होने पर सवाल उठ रहे थे। अधिकारियों ने अब कहा कि इन्हें गलती से ‘डुप्लीकेट’ मान लिया गया था, इसलिए रोक दिया गया। हालांकि, बाद की समीक्षा में यह बात गलत निकली। ट्रम्प की फाइल दबाने का आरोप
अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि ट्रंप सरकार एपस्टीन से जुड़े डॉक्यूमेंट को कैसे हैंडल कर रही है। डेमोक्रेट्स का आरोप है कि ट्रम्प प्रशासन ने एपस्टीन जांच से जुड़ी ऐसी जानकारियां दबाईं, जो ट्रम्प को नुकसान पहुंचा सकती थीं। हाउस की एक कमेटी ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को नोटिस जारी करने के पक्ष में वोट किया। उन्हें कोर्ट में जवाब देना होगा।
एपस्टीन और ट्रम्म ने उसका यौन-शोषण किया: महिला
ट्रम्प पर आरोप लगाने वाली महिला के 2019 में FBI ने कई इंटरव्यू लिए थे। गुरुवार को जो डॉक्यूमेंट जारी हुए हैं, उनमें इन्हीं इंटरव्यू के डिटेल्स शामिल हैं। माडिया रिपोर्ट के अनुसार इस इंटरव्यू में उस महिला ने आरोप लगाया कि जब उसकी उम्र 13 से 15 साल के बीच थी, तब एपस्टीन और ट्रम्म ने उसका यौन-शोषण किया था। एक इंटरव्यू में महिला ने कहा कि एपस्टीन उसे न्यूयॉर्क या न्यूजर्सी ले गया था और वहीं ट्रंप से मिलवाया था। महिला ने जांचकर्ताओं को बताया कि जब ट्रम्प उस पर सेक्स करने के लिए दबाव डाल रहे थे, तब उसने उन्हें काट भी लिया था। महिला का यह भी दावा है कि पिछले कई सालों में उसे और उसके करीबी लोगों को चुप रहने के लिए कई धमकी भरे फोन कॉल भी आए थे। महिला का मानना है कि ये कॉल एपस्टीन से जुड़े लोगों की तरफ से हो सकते थे। एपस्टीन फाइल्स में 38 हजार बार ट्रम्प का नाम एपस्टीन फाइल्स में ट्रम्प का नाम 38 हजार से अधिक बार दर्ज है। रिकॉर्ड में 1990 के दशक में एपस्टीन के निजी विमान से 7-8 यात्राओं का जिक्र है। ट्रम्प के मार-ए-लागो क्लब की गेस्ट लिस्ट में भी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यौन शोषण का नेटवर्क अमेरिका तक सीमित नहीं था। एपस्टीन ने संगठित ट्रैफिकिंग नेटवर्क बनाया। अब तक 15 देशों के रईसों, नेताओं और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के नाम सामने आए हैं। ट्रंप ने आरोपों को बताया है झूठा ट्रंप ने एपस्टीन से जुड़े सभी आरोपों में किसी भी गलत काम से इनकार किया है. पहले न्याय विभाग ने भी कहा था कि जारी किए गए कुछ डॉक्यूमेंट में ट्रंप के खिलाफ “झूठे और सनसनीखेज दावे” हैं. वहीं विपक्षी डेमोक्रेटिक नेताओं ने ट्रंप सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने एपस्टीन जांच से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारियों को छिपाने की कोशिश की, जो ट्रंप के लिए नुकसानदेह हो सकती थीं। अब तारीखों में पूरा मामला 14 साल की लड़की ने की थी पहली शिकायत 2005: फ्लोरिडा की 30 लड़कियों ने दिया बयान फ्लोरिडा में 14 साल की लड़की की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि एपस्टीन ने मसाज के बहाने यौन शोषण किया। जांच में 30 नाबालिग लड़कियों के बयान मिले। 2006-08: राहत देने वाले एकोस्टा बाद में मंत्री यूएस अटॉर्नी ऑफिस ने एपस्टीन को फेडरल ट्रायल से बचाने वाली ‘प्ली डील’ दी। उसे 13 माह की हल्की सजा और दिन में बाहर काम की अनुमति मिली। इस डील को मंजूरी देने वाले अभियोजक एलेक्स एकोस्टा बाद में 2017 में ट्रम्प के पहले कार्यकाल में श्रम मंत्री बने। 2009-15: जेल से बाहर निकला, नेटवर्क सक्रिय डील के बाद एपस्टीन सक्रिय रहा। ‘लॉलीटा एक्सप्रेस’, निजी द्वीप से जुड़ी गतिविधियों के सबूत एजेंसियों के पास बढ़ते गए, लेकिन कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई। 2017-18: #मीटू आंदोलन से फिर खुला केस #मीटू आंदोलन के बाद पीड़ितों की गवाही और जांच से एपस्टीन के प्रभावशाली संपर्क उजागर हुए। 2019: फेडरल गिरफ्तारी और जेल में संदिग्ध मौत न्यूयॉर्क में सेक्स-ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तारी हुई। एक माह बाद मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल जेल में संदिग्ध हालात में मौत, आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया। 2020-26: अब कोर्ट के आदेश से फाइलें जारी… अमेरिकी कोर्ट आदेश व एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपरेंसी एक्ट के तहत 30 लाख पेज जारी हुए, वैश्विक जांच शुरू। कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। —————
एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… एपस्टीन फाइल्स- अनिल अंबानी की चैट सामने आई: दावा- सुनहरे बालों वाली स्वीडिश महिला की पेशकश हुई, अनिल बोले- अरेंज करो अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने जो दस्तावेज जारी किए हैं, उसमें अनिल अंबानी से जुड़े नए खुलासे सामने आए हैं। ये दस्तावेज एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कारोबार, वैश्विक मामलों और महिलाओं को लेकर चर्चा हुई। पूरी खबर पढ़ें…



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West Asia Crisis: एमिरेट्स ने दुबई से क्यों की अपनी सभी उड़ानें निलंबित? यात्रियों को एयरपोर्ट न आने की सलाह


दुबई स्थित अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन एमिरेट्स ने शनिवार को घोषणा की कि दुबई से आने-जाने वाली उसकी सभी उड़ानों को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक संचालन दोबारा शुरू होने की आधिकारिक जानकारी नहीं दी जाती, तब तक वे एयरपोर्ट की ओर यात्रा न करें।

एयरलाइन ने क्या बताया?

एयरलाइन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि स्थिति सामान्य होने और अधिक जानकारी उपलब्ध होने पर आगे के अपडेट साझा किए जाएंगे। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यात्रियों और क्रू सदस्यों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही एयरलाइन ने इस असुविधा के दौरान यात्रियों से धैर्य और सहयोग बनाए रखने के लिए धन्यवाद भी दिया।

यात्रियों के लिए क्या विकल्प?


  • एमिरेट्स ने बताया कि 28 फरवरी से 31 मार्च के बीच जिन यात्रियों की बुकिंग है, उन्हें लचीले यात्रा विकल्प दिए जाएंगे।

  • ऐसे यात्री 30 अप्रैल तक अपनी यात्रा के लिए किसी वैकल्पिक उड़ान में बिना अतिरिक्त शुल्क के दोबारा बुकिंग करा सकते हैं।

  • वहीं जिन यात्रियों ने टिकट ट्रैवल एजेंट के माध्यम से बुक किए हैं, उन्हें अपने एजेंट से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

  •  सीधे एयरलाइन से टिकट बुक करने वाले यात्री एमिरेट्स के सपोर्ट चैनलों के जरिए मदद ले सकते हैं।

  • अगर यात्री चाहें तो वे रिफंड फॉर्म भरकर टिकट की राशि वापस लेने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

एयरलाइन के सभी चेक-इन काउंटर फिलहाल अस्थायी रूप से बंद 

एयरलाइन ने यह भी जानकारी दी कि दुबई में उसके सभी सिटी चेक-इन काउंटर फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। यात्रियों से कहा गया है कि वे अपनी बुकिंग प्रोफाइल में संपर्क विवरण अपडेट रखें, ताकि संचालन से जुड़ी ताजा जानकारी उन्हें समय-समय पर मिलती रहे। एमिरेट्स ने कहा कि जैसे-जैसे स्थिति विकसित होगी, वह अपने आधिकारिक चैनलों के माध्यम से आगे की जानकारी साझा करता रहेगा।

दुबई एयरपोर्ट के ऊपर धमाके की आवाज

दरअसल दुबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के ऊपर एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई, जिसके बाद आसमान में धुएं का गुबार दिखाई दिया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में हमलों का दबाव बढ़ा हुआ है।






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उत्तर प्रदेश की आस्था जैन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 9वीं रैंक हासिल की।


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-Oneindia Staff

आस्था जैन, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले से हैं, ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 9 हासिल की है। इस उपलब्धि ने उनके परिवार को बहुत गर्व दिलाया है। आस्था, अजय कुमार जैन की बेटी हैं, जो कांडला में लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास एक मिठाई की दुकान के मालिक हैं। परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है।

 आस्था जैन ने यूपीएससी परीक्षा में एआईआर 9 हासिल की

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आस्था की शिक्षा की शुरुआत कांडला में हुई, इसके बाद शामली के स्कॉटिश स्कूल में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इंटरमीडिएट शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी करने की इच्छा व्यक्त की। उनके परिवार ने उनके फैसले का समर्थन किया, उन्हें बीए और बाद में यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय भेजा।

मुख्य रूप से स्व-अध्ययन पर निर्भर करते हुए, आस्था ने दिल्ली में कोचिंग और ऑनलाइन संसाधनों से अपनी कोशिशों को पूरा किया। यह परीक्षा में उनका तीसरा प्रयास था। अपने पहले प्रयास में, उन्होंने 131वीं रैंक हासिल की और हैदराबाद में भारतीय पुलिस सेवा के लिए प्रशिक्षण ले रही थीं। उनके दूसरे प्रयास में उन्होंने 186वीं रैंक हासिल की।

आस्था की सफलता की खबर से कांडला में जश्न शुरू हो गया, स्थानीय लोग उनके परिवार को बधाई देने पहुंचे। अजय कुमार जैन ने बाजार में मिठाई बांटकर अपनी खुशी साझा की। आस्था हमेशा से एक उत्कृष्ट छात्रा रही हैं, जिन्होंने 2019 में अपनी इंटरमीडिएट परीक्षा में 500 में से 496 अंक हासिल किए थे, जो राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान था।

हैदराबाद से बोलते हुए, आस्था ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई-बहनों और शिक्षकों के अटूट समर्थन को दिया। 2025 की यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पिछले साल 25 मई को हुई थी, जिसमें 5,76,793 उम्मीदवारों ने भाग लिया था। इनमें से, 14,161 उम्मीदवार अगस्त 2025 में आयोजित लिखित मुख्य परीक्षा के लिए उत्तीर्ण हुए, और 2,736 उम्मीदवार व्यक्तित्व परीक्षण साक्षात्कार के लिए आगे बढ़े।

With inputs from PTI



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