पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब भारत के कृषि और खाद्य उत्पादों के निर्यात पर भी पड़ने लगा है। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के अनुसार, इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग रूट प्रभावित हो रहे हैं, बीमा लागत बढ़ रही है और लॉजिस्टिक्स को लेकर अनिश्चितता पैदा हो रही है। इससे भारत के लगभग 11.8 अरब डॉलर के निर्यात पर खतरा मंडरा रहा है।
पश्चिम एशिया में कितना होता है कारोबार?
जीटीआरआई के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत ने पश्चिम एशिया को करीब 11.8 अरब डॉलर के कृषि और खाद्य उत्पाद निर्यात किए थे। इसमें अनाज, फल-सब्जियां, डेयरी उत्पाद और मसाले जैसे सामान शामिल हैं। यह भारत के कुल कृषि निर्यात का लगभग 21.8 प्रतिशत हिस्सा है।
रिपोर्ट के अनुसार, भौगोलिक नजदीकी और बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी के कारण खाड़ी क्षेत्र लंबे समय से भारत के खाद्य उत्पादों का प्रमुख बाजार रहा है।लेकिन मौजूदा संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों में बाधा, बीमा प्रीमियम में वृद्धि और सप्लाई चेन में अनिश्चितता पैदा हो रही है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 2025 में पश्चिम एशिया को अनाज, फल-सब्जियां और मसालों की करीब 7.48 अरब डॉलर की आपूर्ति की, जो इस श्रेणी के भारत के कुल वैश्विक निर्यात का 29.2 प्रतिशत है। इसमें चावल, केले, प्याज, दालें, मेवे, कॉफी, चाय और कई तरह के मसाले प्रमुख हैं।
चावल निर्यात पर कैसे पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि सबसे ज्यादा असर चावल के निर्यात पर पड़ सकता है।
भारत ने 2025 में पश्चिम एशिया को 4.43 अरब डॉलर का चावल निर्यात किया था, जो देश के कुल चावल निर्यात का 36.7 प्रतिशत है।
इससे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के किसानों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
इसके अलावा भारत ने पिछले वर्ष पश्चिम एशिया को 396.5 मिलियन डॉलर के केले और 111 मिलियन डॉलर के प्याज-लहसुन का निर्यात किय।
वहीं जायफल, जावित्री और इलायची जैसे मसालों का निर्यात 295.5 मिलियन डॉलर, जीरा-धनिया जैसे स्पाइस सीड्स का 163 मिलियन डॉलर और अदरक-हल्दी का 173 मिलियन डॉलर रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, कॉफी का निर्यात 240.7 मिलियन डॉलर और चाय का 410.1 मिलियन डॉलर रहा।
इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, चीनी और कोको उत्पादों का निर्यात 1.35 अरब डॉलर तथा मछली, मांस और प्रोसेस्ड उत्पादों का निर्यात 1.81 अरब डॉलर रहा।
डेयरी उत्पाद पर भी मंडरा रहा खतरा
GTRI ने यह भी बताया कि भारत ने 2025 में पश्चिम एशिया को 281.1 मिलियन डॉलर के डेयरी उत्पाद निर्यात किए, जो भारत के कुल डेयरी निर्यात का 28.9 प्रतिशत है। वहीं शराब और गैर-शराब पेय पदार्थों का निर्यात 197.5 मिलियन डॉलर रहा, जो इस श्रेणी के कुल निर्यात का 43.3 प्रतिशत है।
थिंक टैंक के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत के कृषि निर्यात की पश्चिम एशियाई बाजारों पर निर्भरता काफी बढ़ गई है। ऐसे में अगर क्षेत्र में तनाव लंबा खिंचता है तो इसका असर भारत के किसानों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और निर्यातकों पर पड़ सकता है।
LPG Price Hike: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत में आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। रसोई में इस्तेमाल होने वाला घरेलू LPG सिलेंडर अब महंगा हो गया है। सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा किया गया है। नए रेट 7 मार्च से लागू कर दिए गए हैं और इन्हें इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर भी अपडेट कर दिया गया है।
घरेलू LPG सिलेंडर के नए रेट (Domestic LPG Price)
ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। कोलकाता में यह सिलेंडर अब 879 रुपये की जगह 939 रुपये में मिलेगा। वहीं चेन्नई में कीमत 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये हो गई है। खास बात यह है कि अप्रैल 2025 के बाद पहली बार घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई है, जिससे सीधे तौर पर आम परिवारों के बजट पर असर पड़ेगा।
कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा (Commercial LPG Cylinder Price)
घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब यह सिलेंडर 1883 रुपये में मिलेगा, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 1835 रुपये हो गई है। कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर का रेट 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये पहुंच गया है। वहीं चेन्नई में इसकी कीमत 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गई है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कमर्शियल कारोबारों पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि इन जगहों पर बड़ी मात्रा में कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है।
मिडिल ईस्ट संकट के बीच कीमतों में बढ़ोतरी (Energy Supply Concerns)
एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को लेकर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर चर्चा तेज है। हालांकि केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही साफ कर दिया था कि भारत में ऊर्जा सप्लाई को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि सरकार की प्राथमिकता देश के नागरिकों को सस्ता और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है और भारत फिलहाल ऊर्जा आपूर्ति के मामले में सुरक्षित स्थिति में है।
पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरों का खंडन (Fuel Supply Update)
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भी सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को गलत बताया था जिनमें देश में पेट्रोल और डीजल की कमी की बात कही जा रही थी। कंपनी ने साफ किया कि ऐसी खबरें बेबुनियाद हैं और देश में ईंधन की सप्लाई सामान्य बनी हुई है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े संभावित जोखिमों के बावजूद भारत के पास कई अलग-अलग स्रोतों से पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति उपलब्ध है। इसलिए फिलहाल देश में क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट और LPG की उपलब्धता को लेकर किसी बड़े संकट की आशंका नहीं है।
हालांकि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं के बजट पर दबाव जरूर बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में महंगाई को लेकर चर्चा और तेज हो सकती है।
Aaj Ka Mausam (Weather Today 07 March 2026): मार्च की शुरुआत होते ही देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। अभी सर्दी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुई थी कि गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सुबह हल्की ठंडक जरूर महसूस होती है, लेकिन दोपहर होते-होते धूप इतनी तेज हो जाती है कि लोगों को अप्रैल-मई जैसी गर्मी का एहसास होने लगता है।
राजधानी दिल्ली से लेकर पटना, भोपाल और अहमदाबाद तक तापमान लगातार ऊपर जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में देश के करीब 12 राज्यों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रह सकता है। कुछ इलाकों में लू जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।
देश के कई हिस्सों में अचानक बढ़ी गर्मी (Heatwave Alert in India)
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत और पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। कई जगहों पर अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है।
ओडिशा के झारसुगुड़ा में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के हिसाब से काफी अधिक माना जा रहा है। IMD ने सौराष्ट्र-कच्छ, गुजरात और पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के शुरुआती दिनों में इतनी तेज गर्मी असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार कई जगहों पर तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। यही वजह है कि मौसम का यह बदलाव लोगों को चौंका रहा है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम (Delhi Weather Forecast)
दिल्ली और NCR में भी गर्मी का असर तेजी से महसूस होने लगा है। सुबह के समय हल्की धुंध दिखाई देती है, लेकिन दिन चढ़ते ही आसमान साफ हो जाता है और तेज धूप निकल आती है।
हाल के दिनों में दिल्ली का न्यूनतम तापमान करीब 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 3 से 4 डिग्री ज्यादा है। वहीं अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राजधानी में मौसम साफ रहेगा और गर्मी धीरे-धीरे बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश में भी चढ़ रहा पारा (UP Weather Update)
उत्तर प्रदेश में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। लखनऊ समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है।
दिन के समय तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी महसूस होने लगी है और कई जगहों पर घरों में पंखे चलने लगे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और तापमान धीरे-धीरे बढ़ता रहेगा।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे गेहूं, सरसों, चना और आलू जैसी फसलों में सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करें ताकि बढ़ते तापमान का असर कम किया जा सके।
राजस्थान-गुजरात में लू की चेतावनी (Western India Heatwave)
पश्चिमी भारत में गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया है। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान में 9 और 10 मार्च को लू चलने की चेतावनी दी है। वहीं गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में भी गर्म हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
बिहार-झारखंड में बदल सकता है मौसम (Bihar Jharkhand Weather)
बिहार में इन दिनों तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 9 से 11 मार्च के बीच राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है और हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
झारखंड में भी 7 से 10 मार्च के बीच कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। देवघर, दुमका और जामताड़ा जैसे इलाकों में बारिश के आसार ज्यादा बताए गए हैं।
पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी के आसार (Snowfall in Himalayas)
जहां मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ रही है, वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम अलग तस्वीर दिखा सकता है।
एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
दक्षिण और पश्चिम भारत में गर्मी और उमस (South India Weather)
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम फिलहाल स्थिर बना हुआ है। चेन्नई में अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री तक पहुंच सकता है।
मुंबई में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा, जहां तापमान करीब 36 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। वहीं हैदराबाद और कर्नाटक के कई हिस्सों में साफ आसमान और गर्म दोपहर देखने को मिल सकती है।
कृषि पर पड़ सकता है असर (Impact on Agriculture)
विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में अचानक बढ़ोतरी का असर खेती पर भी पड़ सकता है। ज्यादा गर्मी से गेहूं और सरसों जैसी फसलों की ग्रेन फिलिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा ज्यादा तापमान के कारण खेतों में पानी की मांग भी बढ़ सकती है और पशुओं पर हीट स्ट्रेस का असर देखने को मिल सकता है, जिससे दूध उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
FAQs: आज का मौसम (Weather Today FAQs)
Q1. क्या देश में लू चलने की संभावना है? कुछ इलाकों में खासकर राजस्थान और गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
Q2. क्या दिल्ली में तापमान और बढ़ेगा? IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और मौसम साफ रहेगा।
Q3. क्या पहाड़ों में बर्फबारी होगी? जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 7 से 12 मार्च के बीच हल्की बर्फबारी संभव है।
Q4. क्या मैदानी इलाकों में बारिश होगी? ज्यादातर मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना कम है, लेकिन बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
Q5. किसानों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बढ़ते तापमान को देखते हुए फसलों में सुबह या शाम के समय हल्की सिंचाई करें और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आए व्यावधान के बीच सरकार ने निर्यातकों को राहत देने का मन बनाया है। इस बारे में सरकार की ओर से शनिवार को कुछ बड़े एलान किए गए। पिछले महीने ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के साझा हमले के बाद व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में निर्यातकों को असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। अब उन्हें भारी नुकसान से बचाने के लिए वाणिज्य और शिपिंग मंत्रालयों ने उनके लिए अनुपालन की समयसीमा बढ़ाने और बंदरगाह शुल्कों में छूट देने का जरूरी फैसला किया है।
ईरान युद्ध से क्यों बढ़ा संकट?
अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर हमला और उसके सर्वोच्च नेता आयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में राजनीति के साथ-साथ व्यापारिक माहौल भी तनावपूर्ण हो गया। लड़ाई के बाद बीते एक हफ्ते में समुद्री और हवाई दोनों ही तरह के मालभाड़े में भारी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बीमा कंपनियों ने प्रीमियम भी बढ़ा दिया है। यदि यही हालात लंबे समय तक तक बनी रहती है, तो वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों कीमत से जुड़ी प्रतिस्पर्धा खतरे में पड़ सकती है।
जनवरी के आंकड़ों पर गौर करें तो, देश का निर्यात महज 0.61 प्रतिशत बढ़कर 36.56 बिलियन डॉलर रहा है और देश का व्यापार घाटा तीन महीने के उच्चतम स्तर 34.68 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, लड़ाई शुरू होने के पहले से ही अमेरिकी टैरिफ के कारण निर्यातकों को टैरिफ की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
निर्यातकों की मांग को देखते हुए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अहम कदम उठाए हैं:
ऑथराइजेशन की समयसीमा में विस्तार: 1 मार्च 2026 से 31 मई 2026 के बीच समाप्त होने वाले एडवांस ऑथराइजेशन और ईपीसीजी ऑथराइजेशन की समयसीमा बिना किसी कंपोजिशन फीस के 31 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है।
ईपीसीजी स्कीम का फायदा: ईपीसीजी (एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स) योजना के तहत घरेलू कंपनियों को ड्यूटी-फ्री मशीनें आयात करने की अनुमति होती है, जिसके एवज में उन्हें तय निर्यात दायित्व पूरे करने होते हैं। यह नई मोहलत मौजूदा फॉरेन ट्रेड पॉलिसी के तहत मिलने वाली सुविधाओं के अतिरिक्त है।
शिपिंग मंत्रालय का बंदरगाहों के लिए क्या निर्देश?
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने संकट से निपटने के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) लागू किया है:
शुल्क में कटौती और छूट: मंत्रालय ने बंदरगाहों को निर्देश दिया है कि वे मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर स्टोरेज रेंट (भंडारण किराया) और चेंज ऑफ वेसल चार्ज को कम करने या पूरी तरह माफ करने पर विचार करें।
फास्ट-ट्रैक समाधान: हर पोर्ट पर विभागाध्यक्ष (एचओडी) या उप-विभागाध्यक्ष स्तर का एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा, जिसकी जिम्मेदारी 24 से 72 घंटे के भीतर हितधारकों की समस्याओं का समाधान करना होगी।
स्टोरेज और प्रायोरिटी हैंडलिंग: मध्य पूर्व जाने वाले माल को ‘ट्रांसशिपमेंट कार्गो’ के रूप में स्टोर करने की अनुमति दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, खराब होने वाले माल और मध्य पूर्व से लौट रहे निर्यात कार्गो को प्राथमिकता के आधार पर हैंडल किया जाएगा।
कस्टम्स के साथ समन्वय: कस्टम्स विभाग के साथ मिलकर पोर्ट परिसर में पड़े निर्यात कार्गो के ‘बैक टू टाउन’ मूवमेंट को तेज किया जाएगा।
पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम बताते हैं कि नीति निर्माता लॉजिस्टिक्स बाधाओं के प्रति बेहद सतर्क हैं। बंदरगाहों को कस्टम्स और डीजीएफसी जैसी एजेंसियों के साथ तय समयसीमा में समन्वय करने का निर्देश दिया गया है।
उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को अमेरिका के साथ अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर व्यापार समझौता मिला है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध बेहद मजबूत और बहुआयामी हैं। गोयल ने पहले भी यह दावा किया है।
रायसीना डायलॉग में बोलते हुए गोयल ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसकी अर्थव्यवस्था करीब 30 ट्रिलियन डॉलर की है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध बेहद सकारात्मक रहे हैं और पिछले वर्ष के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत और नरेंद्र मोदी की सराहना की है।
क्या-क्या बोले गोयल?
गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। उनके अनुसार व्यापार समझौते का उद्देश्य अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर बाजार पहुंच दिलाना होता है और इस मामले में भारत को सबसे अच्छा समझौता मिला है।
उन्होंने कहा कि भारत को यह बढ़त अपने पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ-साथ एशिया के अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में मिली है। गोयल के अनुसार भारत-अमेरिका संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसमें तकनीक, रक्षा, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी मजबूत सहयोग शामिल है।
पहले चरण की रूपरेखा हुई तय
मंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा तय हो चुकी है। इसके तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। हालांकि बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से इन शुल्कों को रद्द किए जाने के बाद अमेरिका ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लागू कर दिया।
प्रस्तावित समझौते में क्या है खास?
प्रस्तावित समझौते के तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कई कृषि वस्तुओं पर शुल्क कम या समाप्त करेगा।
इनमें पशु चारे के लिए डीडीजीएस, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स जैसे उत्पाद शामिल हैं।
भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान पुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का भी इरादा जताया है।
मोदी सरकार ने किए नौ एफटीए
गोयल ने यह भी कहा कि मोदी सरकार द्वारा किए गए नौ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) में किसी भी हितधारक की संवेदनशीलता से समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारतीय उद्योगों के लिए वैश्विक बाजारों के दरवाजे खुले हैं।
ऑटो सेक्टर को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ एफटीए में शुल्क रियायतें देने से देश में उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलेंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। शुरुआती दौर में विदेशी कंपनियां सीमित संख्या में कारें निर्यात कर सकती हैं, लेकिन भारतीय बाजार को समझने के बाद उन्हें यहां निर्माण करना ही पड़ेगा।
Crime News: नैनीताल जाते समय दिल्ली की 22 साल की युवती के साथ डरावनी घटना हो गई. आरोप है कि टैक्सी चालक ने रास्ते में छेड़छाड़ और रेप करने की कोशिश की. युवती ने हिम्मत दिखाते हुए गाड़ी से भागकर पास के जंगल में छिपकर पूरी रात बिताई. सुबह एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से वह पुलिस स्टेशन पहुंची, इसके बाद मामला दर्ज किया गया.
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नैनीताल जाते समय टैक्सी चालक ने दिल्ली की युवती से छेड़छाड़ की कोशिश की. (सांकेतिक फोटो AI)
नई दिल्ली: उत्तराखंड को वैसे तो देवभूमि कहा जाता है लेकिन कई बार यहां ऐसी घटना हो जाती है जिससे पूरे राज्य की छवि खराब होती है. एक ऐसी ही घटना दिल्ली की एक युवती के साथ घटी. इस घटना को अब यह युवती पूरी जिंदगी भर नहीं भूल सकती है. नैनीताल की ओर जा रही दिल्ली की युवती के लिए वह रात किसी डरावने सपने से कम नहीं थी. आधी रात का समय था, सड़कें सुनसान थीं. पहाड़ों की ओर जाती घुमावदार सड़क और चारों तरफ घना जंगल. लड़की हल्द्वानी से टैक्सी लेकर नैनीताल जा रही थी. लेकिन रास्ते में जो हुआ उसने उसकी रूह तक हिला दी. आरोप है कि टैक्सी चालक नशे में था और उसने रास्ते में ही युवती के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी. जब युवती ने विरोध किया तो उसने गाड़ी सुनसान लिंक रोड पर मोड़ दी. हालात को भांपते ही युवती ने अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी से छलांग लगा दी और अंधेरे जंगल की ओर भाग गई.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार जंगल में पूरी रात छिपकर बिताना उस युवती की मजबूरी बन गया. चारों तरफ सन्नाटा था. कहीं दूर से जानवरों की आवाजें आ रही थीं. डर इतना था कि वह सड़क के किनारे झाड़ियों के बीच छिपी रही. उसे डर था कि अगर बाहर निकली तो वह दरिंदा फिर से सामने आ सकता है. पूरी रात उसने डर और दहशत में काटी. सुबह जब एक स्थानीय व्यक्ति की नजर उस पर पड़ी तो उसने उसकी मदद की और उसे नैनीताल के पुलिस स्टेशन पहुंचाया. इसके बाद इस पूरी घटना का खुलासा हुआ और पुलिस हरकत में आई.
कैसे हुआ पूरी वारदात का खुलासा
पुलिस के अनुसार दिल्ली की रहने वाली 22 साल की युवती गुरुवार देर रात हल्द्वानी से नैनीताल जाने के लिए एक टैक्सी में बैठी थी. बताया जा रहा है कि करीब आधी रात के बाद जब टैक्सी नैनीताल की ओर बढ़ रही थी, तभी रास्ते में चालक का व्यवहार बदल गया. युवती ने आरोप लगाया कि चालक नशे में था और उसने रास्ते में उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी.
विरोध करने पर चालक ने कथित तौर पर गाड़ी को हाईवे से हटाकर एक लिंक रोड की ओर मोड़ दिया. यह इलाका नैनीताल से करीब 12 किलोमीटर दूर पटवाडांगर के पास बताया जा रहा है. सुनसान जगह देखकर युवती को खतरे का एहसास हुआ. उसने मौका देखकर गाड़ी से निकलकर भागने का फैसला किया. जान बचाने के लिए युवती तुरंत गाड़ी से बाहर निकली और पास के जंगल की ओर भाग गई. पुलिस के मुताबिक युवती ने मदद के लिए आवाज भी लगाई, लेकिन आसपास कोई नहीं था. इसी बीच आरोपी चालक मौके से फरार हो गया.
बाहर निकलने की नहीं हुई हिम्मत
युवती ने पुलिस को बताया कि वह पूरी रात सड़क किनारे जंगल के पास छिपी रही. उसे डर था कि आरोपी कहीं आसपास ही हो सकता है. इसलिए वह बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सकी. रात भर वह झाड़ियों के बीच छिपकर अपनी सुरक्षा का इंतजार करती रही.
शुक्रवार सुबह जब एक स्थानीय व्यक्ति की नजर उस पर पड़ी तो उसने उसकी हालत देखकर मदद की. इसके बाद युवती को नैनीताल पुलिस स्टेशन ले जाया गया. पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और उसे मेडिकल जांच के लिए बीडी पांडे अस्पताल भेजा. पुलिस टीम अब आरोपी चालक की तलाश में जुटी हुई है.
यह घटना कहां और कैसे हुई?
यह घटना उत्तराखंड के नैनीताल के पास पटवाडांगर इलाके में हुई. पुलिस के मुताबिक दिल्ली की 22 वर्षीय युवती हल्द्वानी से टैक्सी लेकर नैनीताल जा रही थी. रास्ते में चालक ने कथित तौर पर छेड़छाड़ शुरू कर दी और गाड़ी को सुनसान लिंक रोड की ओर मोड़ दिया. खतरा भांपते ही युवती ने गाड़ी से निकलकर जंगल की ओर भागकर अपनी जान बचाई.
युवती ने पूरी रात कैसे बिताई?
युवती ने पुलिस को बताया कि वह पूरी रात सड़क के किनारे जंगल के पास झाड़ियों में छिपी रही. उसे डर था कि आरोपी चालक कहीं आसपास ही न हो. इसलिए वह बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सकी. रात भर वह डरी-सहमी हालत में छिपी रही और सुबह होने का इंतजार करती रही. सुबह एक स्थानीय व्यक्ति ने उसे देखा और उसकी मदद की.
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने अज्ञात टैक्सी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है और आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है. युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और पुलिस आसपास के इलाकों में जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके.
सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें
Ayatollah Ali Khamenei X Post Khorramshahr: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद एक ऐसा रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आया है जिसने पूरी दुनिया में नई हलचल पैदा कर दी है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मारे गए खामेनेई के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से शुक्रवार 6 मार्च को अचानक एक पोस्ट किया गया, जिसमें एक मिसाइल की तस्वीर के साथ लिखा था, “खोर्रमशहर मोमेंट्स आने वाले हैं…”।
यह पोस्ट ऐसे समय सामने आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। खामेनेई की मौत को 5 दिन हो चुके हैं, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर उनके अकाउंट से यह संदेश किसने पोस्ट किया और इसका असली मतलब क्या है। खामेनेई के इस पोस्ट में लिखे कैप्शन का मतलब क्या है। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।
खामेनेई के मौत के बाद अचानक आया रहस्यमयी संदेश (Khamenei X Post)
1 मार्च को ईरान ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की थी कि अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। उस हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य और ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेता भी मारे गए थे।
लेकिन 6 मार्च को उनके X अकाउंट से मिसाइल की तस्वीर के साथ एक पोस्ट सामने आया। कैप्शन में केवल इतना लिखा था कि “खोर्रमशहर के पल आने वाले हैं।” यह संदेश सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह या तो ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई का संकेत हो सकता है या फिर किसी शक्ति प्रदर्शन की रणनीति का हिस्सा। असल में खोर्रमशहर ईरान के पास एक शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इस मिसाइल का नाम ही खोर्रमशहर है।
पोस्ट में फारसी भाषा में क्या लिखा था?
पोस्ट में जो मिसाइल की तस्वीर थी, उस पर फारसी भाषा में भी कुछ लिखा हुआ था। जब इसका अंग्रेजी अनुवाद किया गया तो संदेश कुछ इस तरह सामने आया। इसमें कहा गया कि यह मिसाइल युवा ईरानियों के हाथों से बनाई गई है और यह जियोनिस्ट शासन के अहम ठिकानों तक पहुंचकर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखती है।संदेश में यह भी कहा गया कि यह मिसाइल ईरान के युवाओं की पहचान और ताकत का प्रतीक है।
इस रहस्यमयी पोस्ट से ठीक एक दिन पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया था कि खोर्रमशहर-4 मिसाइलों का इस्तेमाल इजरायल पर हमले में किया गया था।
कौन चला रहा है खामेनेई का अकाउंट? (Who is operating Khamenei account)
खामेनेई की मौत के बाद उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आम तौर पर किसी देश के शीर्ष नेता के सोशल मीडिया अकाउंट को उनकी मीडिया टीम या सरकारी संचार विभाग संचालित करता है।
ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान की सरकारी मीडिया टीम या फिर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े अधिकारी फिलहाल यह अकाउंट संभाल रहे हो सकते हैं।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्ट युद्ध मनोविज्ञान का हिस्सा भी हो सकता है ताकि विरोधी देशों पर दबाव बनाया जा सके।
क्या हाल ही में इस्तेमाल हुई थी खोर्रमशहर मिसाइल? (Khorramshahr Missile Attack)
रिपोर्ट के मुताबिक इन मिसाइलों को तेल अवीव, बेन गुरियन एयरपोर्ट और इजरायली एयर फोर्स के 27वें स्क्वाड्रन बेस को निशाना बनाकर दागा गया। हालांकि इन हमलों की पूरी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, लेकिन इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
क्या है खोर्रमशहर मिसाइल? (Khorramshahr Missile)
खोर्रमशहर ईरान की एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसका नाम ईरान के शहर खोर्रमशहर के नाम पर रखा गया है। missilethreat वेबसाइट के मुताबिकयह मिसाइल उत्तर कोरिया की Musudan (BM-25) तकनीक पर आधारित मानी जाती है, जिसकी जड़ें सोवियत संघ की R-27 पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली मिसाइल तक जाती हैं। ईरान ने पहली बार इसका परीक्षण जनवरी 2017 में किया था और उसी साल सितंबर में तेहरान की सैन्य परेड में इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था।
खोर्रमशहर मिसाइल कीविशेषता
डिटेल
मिसाइल का प्रकार
मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल
लंबाई
लगभग 13 मीटर
रेंज
1000 से 2000 किमी (कुछ अनुमान 3000 किमी तक)
वॉरहेड क्षमता
लगभग 1800 किलोग्राम
ईंधन
लिक्विड फ्यूल
पहली टेस्टिंग
जनवरी 2017
ऑपरेटर
IRGC एयरोस्पेस फोर्स
खोर्रमशहर मिसाइल के बारे में जानिए (Khorramshahr Missile)
खोर्रमशहर ईरान की एक लिक्विड फ्यूल से चलने वाली मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है।
माना जाता है कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया की Musudan (BM-25) मिसाइल पर आधारित है।
ईरान ने इसका पहला टेस्ट जनवरी 2017 में किया था।
इसके बाद सितंबर 2017 में तेहरान की सैन्य परेड में इसे पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया गया।
इसकी आधिकारिक रेंज करीब 2000 किलोमीटर बताई जाती है।
हालांकि 2019 में ईरान ने इसका एक नया वर्जन दिखाया था, जिसकी रेंज करीब 3000 किलोमीटर तक पहुंचने की बात कही गई।
खोर्रमशहर मिसाइल की प्रमुख खासियतें (Specifications)
लंबाई: लगभग 13 मीटर
बॉडी डायमीटर: 1.5 से 2 मीटर
लॉन्च वेट: लगभग 19,000 से 26,000 किलो
रेंज: करीब 2000 किमी (संभावित 2500-3000 किमी)
वॉरहेड क्षमता: 1800 किलोग्राम तक
ईंधन: लिक्विड फ्यूल
संभावित स्टेज: दो स्टेज वाली मिसाइल
Photo Credit: (ये तस्वीर @Khamenei_fa हैंडल से ली गई है)
खोर्रमशहर मिसाइल का विकास (Khorramshahr Development)
माना जाता है कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया की Musudan मिसाइल से विकसित हुई है।
Musudan मिसाइल की जड़ें सोवियत संघ की R-27/RSM-25 पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली मिसाइल से जुड़ी मानी जाती हैं।
यह R-27 मिसाइल 1968 में सोवियत सेना में ऑपरेशनल हुई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर कोरिया ने 2003 के आसपास जमीन से लॉन्च होने वाली R-27 पर काम शुरू किया, जिसे बाद में Musudan कहा गया।
माना जाता है कि ईरान ने 2005 के आसपास उत्तर कोरिया से करीब 18 मिसाइल और उससे जुड़ा उपकरण खरीदा था।
ईरान ने 2007 और 2016 में Musudan का टेस्ट किया।
बाद में ईरान ने इसमें बदलाव करके इसका नाम खोर्रमशहर रख दिया।
नाम क्यों पड़ा खोर्रमशहर?
इस मिसाइल का नाम ईरान के खोर्रमशहर शहर के नाम पर रखा गया है।
यह शहर ईरान-इराक युद्ध (1980-1982) के दौरान इराक के कब्जे में रहा था।
उसी युद्ध की याद में इस मिसाइल का नाम रखा गया।
रेंज को लेकर क्यों उठते हैं सवाल?
Musudan मिसाइल की रेंज 2500 से 4000 किमी तक मानी जाती है।
लेकिन ईरान खोर्रमशहर की रेंज सिर्फ 2000 किमी बताता है।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि
ईरान ने मिसाइल को छोटा और ज्यादा टैक्टिकल बना दिया है।
इसलिए इसकी रेंज कम बताई जाती है।
एक दूसरी थ्योरी यह भी है कि यूरोप को चिंतित न करने के लिए ईरान जानबूझकर रेंज कम बताता है।
क्या यह पूरी तरह ईरानी तकनीक है?
ईरान का दावा है कि खोर्रमशहर पूरी तरह घरेलू तकनीक से बनाई गई मिसाइल है।
ईरान के एयरोस्पेस डिवीजन के कमांडर अमीर अली हाजीज़ादेह ने कहा था कि
मिसाइल का डिजाइन से लेकर उत्पादन तक सब कुछ देश के अंदर ही विकसित किया गया है।
टेस्टिंग और नए वर्जन
29 जनवरी 2017 को इसका एक टेस्ट किया गया था, जिसमें मिसाइल करीब 950 किमी उड़ने के बाद फट गई थी।
यह टेस्ट तेहरान से लगभग 225 किमी दूर सेमनान इलाके से किया गया था।
2019 में ईरान ने एक नया वर्जन दिखाया जिसमें छोटा वॉरहेड सेक्शन था।
माना गया कि इससे मिसाइल की रेंज 3000 किमी तक बढ़ सकती है।
2020 में ईरानी मीडिया ने दावा किया कि इस नए वर्जन ने 40×40 मीटर के लक्ष्य को सटीक निशाना बनाया।
कितनी सटीक है यह मिसाइल?
ईरान का दावा है कि इसमें रडार से बचने और टर्मिनल गाइडेंस सिस्टम है।
लेकिन अगर इसमें पुराना इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम इस्तेमाल हुआ हो, तो इसकी सटीकता लगभग 1500 मीटर तक की त्रुटि के साथ हो सकती है।
किसके पास है यह मिसाइल?
खोर्रमशहर मिसाइल का संचालन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स करती है।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक यह मिसाइल ईरान की रणनीतिक लंबी दूरी की मिसाइलों में शामिल है।
दुनिया में क्यों बढ़ गई टेंशन? (Iran Israel US War)
अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सत्ता संरचना और सैन्य प्रतिक्रिया को लेकर पहले से ही वैश्विक चिंता बनी हुई है।
अब उनके अकाउंट से आए इस मिसाइल संदेश ने यह आशंका और बढ़ा दी है कि ईरान जल्द ही किसी बड़े सैन्य कदम की तैयारी कर रहा हो सकता है।
युद्ध विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए इस तरह के संकेत देना अक्सर रणनीतिक दबाव बनाने का तरीका होता है। लेकिन अगर यह संदेश सचमुच किसी कार्रवाई का संकेत है, तो आने वाले दिनों में मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है।
Ayatollah Ali Khamenei X Post Khorramshah missile message after death iran israel war tension A mysterious post appeared on the X account of Iran’s Supreme Leader Ali Khamenei on March 6, days after his death in a joint US-Israel strike. The post featured a missile image with the caption “Khorramshahr moments are on the horizon,” raising global concerns about a possible Iranian retaliation.Experts believe the account is likely being managed by Iran’s media or security teams. The message refers to Iran’s Khorramshahr ballistic missile, a medium-range weapon capable of carrying a heavy warhead and striking targets up to 2,000 km away.The cryptic message, combined with recent Iranian claims of missile launches toward Israeli targets, has intensified tensions in the Middle East.
मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितता की वजह से भारतीय जेम्स एंड ज्वेलरी के निर्यात में अस्थिरता का दौर चल रहा है। इसका मुख्य कारण हवाई उड़ाने बंद होना है, जिससे पश्चिम एशिया में एयर कार्गो के रूट में परेशानी आर रही है।
कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह बताते हैं, अमेरिका-इस्राइल-ईरान के बीच जारी संघर्ष से भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी क्षेत्र पर असर पड़ा है। विशेष रूप से इस्राइल और दुबई को निर्यात और आयात होने वाले कारोबार पर असर पड़ेगा। साथ ही डॉलर के मूल्य में उतार-चढ़ाव की वजह से भी निर्यातकों में अनिश्चितता बनी हुई है। इसी वजह से विदेशी खरीदार कारोबार करने में सावधानी बरत रहे हैं।
फ्री-फ्लो ट्रेड को लेकर क्या बोले विशेषज्ञ?
उन्होंने कहा कि फ्री-फ्लो ट्रेड तभी मुमकिन है, जब लॉजिस्टिक की रुकावटें समाप्त हो जाए। इसके अलावा शिपमेंट पर इंश्योंरेस में तीन गुना से चार गुना की बढ़ोतरी एक और चिंता की बात है। इससे टेडर्स के पहले से ही प्रभावित मार्जिन और कम हो रहे हैं।
शाह कहते हैं, बावजूद इसके जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट के मामले में मांग और आपूर्ति का तालमेल अभी ठीक से चल रहा है, क्योंकि पहले से प्रभावित मांग को पूरा करने के लिए काफी इंवेट्री मौजूद है। हमें उम्मीद है कि युद्ध में शामिल देश जल्द ही आपसी सहमति से समझौता कर लेंगे और कारोबार की रुकावटे समाप्त हो जाएंगी।
इस्राइल है कच्चे माल और महंगे हीरों का प्रमुख बाजार
हीरा कारोबारी महेश कोठारी बताते हैं, इस्राइल कच्चे माल और महंगे हीरों का प्रमुख बाजार है। युद्ध की वजह से उद्योग में तनाव बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी और रुकावट के साथ कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे बंद होने की वजह से परेशानी बढ़ रही है।
दुबई क्यों है जरूरी?
कोठारी कहते हैं, दुबई वैश्विक व्यापार का मुख्य केंद्र है और हमारे लिए महत्वपूर्ण बाजार है, क्योंकि दुबई कच्चे माल का विश्व का सबसे बड़ा व्यापारिक बाजार है। हम वहां से कच्चा माल आयात करते हैं। युद्ध की वजह से निर्यात और आयात दोनों पर असर पड़ेगा। अगर यह युद्ध लंबे समय तक जारी रहा, तो जेम्स एंड ज्वेलरी क्षेत्र में इसके गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।
उड़ाने रद्द होने और एयरपोर्ट बंद होने की वजह से कारोबार पर असर
हीरा व्यापारी व रिटेलर महेश जैन कहते हैं, मुंबई और सूरत मिलकर रोजना लगभग 400 से 500 पार्सल निर्यात करते हैं और दुबई के रास्ते 250-300 पार्सल आयात करते हैं। लेकिन इस्राइल और पश्चिम एशिया की उड़ाने रद्द होने और एयरपोर्ट बंद होने की वजह से कारोबार पर इसका असर पड़ रहा है। उद्योग का कहना है कि जेम्स एंड ज्वेलरी का कारोबार पूरी तरह से अन्य देशों पर निर्भर करता है, जिसमें भू-राजनीतिक उथल-पुथल और अस्थिरता इसे प्रभावित करती है। अगर पश्चिम एशिया में लंबे समय तक युद्ध की स्थिति रही तो आपूर्ति शृंखला बाधित होगी और कच्चे माल की उपलब्धता और निर्यात प्रतिबद्धताओं पर असर पड़ेगा।
International Womens Day 2026: 8 मार्च का दिन दुनिया भर में महिलाओं के संघर्ष और उनकी सफलता के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। लेकिन असली ‘महिला सशक्तिकरण’ की कहानी महानगरों के एयर-कंडीशन दफ्तरों में नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के जलगांव जिले के एक सरकारी स्कूल (Zilla Parishad School) की उन गलियों में छिपी है, जहां उज्वला वाडेकर (Ujjwala Wadekar) पिछले 30 सालों से बच्चों का भविष्य संवार रही हैं।
उज्वला वाडेकर केवल एक शिक्षिका नहीं हैं बल्कि वह एक #ForceForGoodHero हैं, जिन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे बुलंद हों, तो संसाधनों की कमी कभी शिक्षा के आड़े नहीं आती।
अपने 30 साल के शिक्षण अनुभव में उन्होंने ग्रामीण बच्चों को पढ़ाने के लिए ऐसी अनोखी और रचनात्मक पद्धतियां अपनाईं, जिनकी आज देशभर में चर्चा हो रही है।
Who Is Ujjwala Wadekar Jalgaon Teacher: कौन हैं उज्ज्वला वाडेकर जिन्होंने बदल दी गांव की तस्वीर
उज्ज्वला वाडेकर महाराष्ट्र के जलगांव जिले की जिला परिषद (ZP) स्कूल की शिक्षिका हैं। उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक ग्रामीण बच्चों को पढ़ाया है और अपने अनोखे शिक्षण तरीकों के कारण शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। उनके काम को देखते हुए उन्हें 2014 में ‘आदर्श शिक्षिका’ सम्मान से भी नवाजा गया था।
उज्ज्वला वाडेकर का मानना है कि शिक्षा का असली उद्देश्य सिर्फ किताबों का ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और जीवन के प्रति साहस पैदा करना है। इसी सोच के साथ उन्होंने पारंपरिक पढ़ाई के तरीकों से हटकर बच्चों को जीवन से जोड़कर सीखने का मौका दिया।
Zilla Parishad School Maharashtra Teacher: क्लासरूम की दीवारों को तोड़ती शिक्षा
उज्ज्वला वाडेकर की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने शिक्षा को कक्षा की सीमाओं से बाहर निकाल दिया। उज्वला ताई (जैसा कि उन्हें उनके छात्र प्यार से बुलाते हैं) का मानना है कि शिक्षा किताबों के पन्नों में कैद नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जलगांव के ग्रामीण इलाकों में पढ़ाई को मज़ेदार और व्यावहारिक बनाने के लिए जो तरीके अपनाए, वे आज पूरे देश के लिए मिसाल हैं।
पंचर की दुकान बनी लैब: जब बच्चों को गणित के जटिल सूत्र समझ नहीं आए, तो उज्वला उन्हें गांव की पंचर की दुकान पर ले गईं। वहाँ टायर के घेरे (Circumference) और हवा के दबाव (Pressure) के जरिए उन्होंने गणित और विज्ञान के पाठ पढ़ाए। आग कैसे लगती है और उसे कैसे बुझाया जाता है, यह समझाने के लिए उन्होंने पूरे फायर स्टेशन को ही अपना क्लासरूम बना लिया।
30 साल का अनुभव को मिला ‘आदर्श शिक्षिका 2014’ का सम्मान
उज्वला वाडेकर का सफर चुनौतियों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी ‘कम्फर्ट’ को नहीं चुना। स्कॉलरशिप और नवोदय सरकारी स्कूलों के बच्चों को अक्सर प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं से डर लगता है। उज्वला ने अपनी अनूठी शिक्षण पद्धति (Activity-based learning) से सैंकड़ों बच्चों को स्कॉलरशिप और नवोदय परीक्षाओं के लिए तैयार किया है। उनके लिए शिक्षा का मतलब सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि बच्चों में साहस, आत्मविश्वास और संभावनाओं को जगाना है।
उनकी इसी तपस्या का परिणाम है कि उन्हें ‘आदर्श शिक्षिका 2014’ के सम्मान से नवाजा गया। आज 30 साल बाद भी उनकी ऊर्जा वैसी ही है, जैसे उनके करियर के पहले दिन थी। वह आज भी कृतीयुक्त मार्गदर्शन (Action-oriented guidance) और जीवंत उदाहरणों (Live examples) के जरिए बच्चों को रटने के बजाय समझने के लिए प्रेरित करती हैं।
हर घर की ‘उज्वला’ के लिए संदेश
इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर, उज्वला वाडेकर की कहानी हमें याद दिलाती है कि एक शिक्षित और सशक्त महिला न केवल अपना परिवार, बल्कि पूरी पीढ़ी और समाज की दिशा बदल सकती है। उज्वला ताई ने गांव की धूल भरी सड़कों से निकलकर जो ज्ञान का प्रकाश फैलाया है, वह उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो सुविधाओं के अभाव में भी कुछ बड़ा करने का जज़्बा रखती हैं।
उज्वला वाडेकर कहती हैं कि-शिक्षा वह नहीं जो आपको सिर्फ पढ़ना सिखाए, शिक्षा वह है जो आपको दुनिया से लड़ना सिखाए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उज्ज्वला वाडेकर की कहानी यह संदेश देती है कि अगर नीयत मजबूत हो और उद्देश्य साफ हो, तो एक व्यक्ति भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। एक साधारण गांव की शिक्षिका ने यह साबित कर दिया कि सही शिक्षक सिर्फ पढ़ाता नहीं, बल्कि पीढ़ियों का भविष्य गढ़ता है।
International Womens Day 2026: International Women’s Day Special: The inspiring story of Jalgaon teacher Ujjwala Wadekar, who transformed a puncture shop and a fire station into classrooms. Learn how a ZP teacher changed the definition of education.
Anasuya Bharadwaj: टीवी की फेमस एंकर और एक्ट्रेस अनसूया भारद्वाज एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हाल ही में उन्हें होली सेलिब्रेशन के दौरान ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था जिसके बाद वह काफी परेशान हो गई थीं। फिलहाल एक्ट्रेस ने उनको बदनाम करने वाले लोगों को करारा जवाब दिया है।
अनसूया भारद्वाज के साथ सरेआम हुई ऐसी हरकत अनसूया भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट शेयर कर उन लोगों पर नाराजगी जताई जो उन्हें उम्र के आधार पर निशाना बना रहे हैं और निजी टिप्पणियां कर रहे हैं। एक्ट्रेस की मानें तो ऐसा करके उन्हें सरेआम बदनाम किया जा रहा है।
होली इवेंट पर एक्ट्रेस को लोगों ने कहा ‘आंटी’
-दरअसल हाल ही में अनसूया भारद्वाज एक होली समारोह में शामिल हुई थीं। इस दौरान जब वह स्टेज से लोगों को संबोधित कर रही थीं, तभी वहां कुछ लोगों ने उन्हें आंटी कहकर कमेंट करना शुरू कर दिया था।
-इस घटना का वीडियो तुरंत ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। कई यूजर्स ने इस क्लिप पर रील बनाकर अनसूया भारद्वाज का जमकर मजाक भी उड़ाया, जिससे वह काफी आहत हुई थीं।
‘महिलाओं की उम्र का मजाक उड़ाना गलत है’
-इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अनसूया भारद्वाज ने कहा कि किसी महिला को उसकी उम्र के आधार पर नीचा दिखाना या उसका मजाक बनाना बिल्कुल भी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे लोगों को जिम्मेदार ठहराना चाहिए जिनमें संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की कमी है।
-अनसूया भारद्वाज ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसे व्यवहार पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो समाज में असंवेदनशीलता और बढ़ती जाएगी।
‘मेरी मेहनत और उपलब्धियों पर मुझे गर्व है’
-ट्रोलिंग के बीच भी अनसूया भारद्वाज ने पूरे आत्मविश्वास के साथ सबके सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने सफर और अब तक हासिल की गई उपलब्धियों पर गर्व है।
-एक्ट्रेस के मुताबिक उन्होंने अपनी मेहनत और हिम्मत के दम पर ये मुकाम हासिल किया है और कुछ लोगों की आलोचना उनके आत्मविश्वास को बिल्कुल भी कम नहीं कर सकती।
-एक्ट्रेस का मानना है कि आजकल समाज में दूसरों की परेशानी या दर्द का मजाक उड़ाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर ऐसे ट्रोल कल्चर का विरोध करना जरूरी है ताकि सोशल मीडिया का माहौल सकारात्मक बना रहे।
सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस को मिल रहा सपोर्ट
-अनसूया भारद्वाज का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स और फैंस उनके सपोर्ट में सामने आए हैं और ट्रोलिंग के खिलाफ उनकी आवाज को सही ठहरा रहे हैं।
-वहीं एक्ट्रेस ने भी साफ कर दिया है कि वह अपने आत्मसम्मान और व्यक्तित्व के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेंगी और बिना डरे अपने प्रोफेशनल सफर को आगे बढ़ाती रहेंगी।