वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बावजूद, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में 4.885 अरब डॉलर की प्रभावशाली वृद्धि के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह अभूतपूर्व वृद्धि देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के प्रति निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
क्या कहते हैं आरबीआई के आंकड़े?
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार के प्रमुख घटकों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
स्वर्ण भंडार: गोल्ड रिजर्व का मूल्य 4.141 अरब डॉलर बढ़कर 131.630 अरब डॉलर हो गया है। यह वृद्धि सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को इंगित करती है।
विदेशी मुद्रा अस्तियां: विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक, फॉरेन करेंसी एसेट्स, 56.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 573.125 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। एफसीए में डॉलर के साथ-साथ जापानी येन, यूरो और ब्रिटिश पाउंड जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का भंडार शामिल होता है, जिनका मूल्य डॉलर में मापा जाता है।
विशेष आहरण अधिकार: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से जारी विशेष आहरण अधिकारका मूल्य 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.866 अरब डॉलर हो गया है।
रिजर्व पोजीशन: भारत की आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन भी 15.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.873 अरब डॉलर हो गई है।
यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले विदेशी मुद्रा भंडार का उच्चतम स्तर फरवरी के मध्य में 725.727 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।
विदेशी मुद्रा भंडार अर्थव्यवस्था के लिए कितना महत्वपूर्ण?
किसी भी देश के लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक स्थिरता का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। यह न केवल देश की वित्तीय सेहत को दर्शाता है, बल्कि मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।
विनिमय दर स्थिरता: डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ने की स्थिति में, केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करके डॉलर की बिक्री कर सकता है, जिससे रुपये को गिरने से रोका जा सके और विनिमय दर में स्थिरता लाई जा सके।
आर्थिक मजबूती: विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि यह भी संकेत देती है कि देश में डॉलर की आवक मजबूत बनी हुई है, जो अर्थव्यवस्था को बल प्रदान करती है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आसानी: बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना और वित्तीय लेन-देन करना अधिक सुगम हो जाता है।
अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता, अब आगे क्या?
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में आई यह रिकॉर्ड वृद्धि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता का प्रमाण है। यह दर्शाता है कि निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं और देश की वित्तीय नीतियां प्रभावी साबित हो रही हैं। यह भंडार देश को भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित आर्थिक झटके से निपटने के लिए बेहतर स्थिति में रखता है।
Surya Nakshatra Parivartan 2026: सूर्य ऊर्जा, प्रगति और शौर्य का मानक है, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य किसी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उसका प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है। द्रिक पंचांग के मुताबिक मार्च 2026 में सूर्य देव तीन बार नक्षत्र बदलेंगे, पहला परिवर्तन उनका 5 मार्च को हुआ है तो वहीं दूसरी बार 18 मार्च को उनका नक्षत्र बदलेगा तो वहीं तीसरी बार 31 मार्च को ऐसा होगा।
इस बार का नक्षत्र परिवर्तन बहुत सारी राशियों के लिए सुखद संदेश लेकर आया है तो वहीं कुछ राशियों के लिए ये अप्रत्याशित रूप से काफी लकी साबित होने वाला है। मालूम हो कि जब इस तरह का परिवर्तन होता है उसका असर 15 दिनों तक रहता है।
मालूम हो कि 5 मार्च को सूर्य ने पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश किया है, जो कि काशी के पंडित दयानंद शास्त्री के मुताबिक ये परिवर्तन करियर, लीडरशिप, सरकारी काम और बिजनेस के लिए काफी अच्छा रहने वाला है, 6 राशियों के लिए ये काफी लकी साबित होगा, ये राशियां हैं- मेष, मिथुन, सिंह, तुला, धनु और मकर।
Surya Nakshatra Parivartan 2026 Effect:आत्मविश्वास में वृद्धि होगी
मेष राशि: करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
मिथुन राशि: मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय नई योजनाएं शुरू करने का हो सकता है। नौकरी और व्यापार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। धन लाभ होगा।
सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। समाज में मान-सम्मान मिल सकता है और रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।
Surya Nakshatra Parivartan 2026 Prabhav:करियर में सफलता मिलेगी
तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए यह समय रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। परिवार और मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे। करियर में सफलता मिलेगी।
धनु राशि: यह समय भाग्यशाली रहेगा। नौकरी के नए अवसर मिलने के साथ परिवार में शुभ कार्य होंगे। समाज में सम्मान मिलेगी।
मकर राशि: नौकरी में पदोन्नति या सैलरी बढ़ने की संभावना है। नए ज्ञान और अनुभव प्राप्त हो सकते हैं।
ज्योतिष के अनुसार पूर्व भाद्रपद नक्षत्र रहस्यमयी और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है। जब सूर्य इस नक्षत्र में आता है, तो व्यक्ति के भीतर आत्मचिंतन, परिवर्तन और नए विचारों की ऊर्जा बढ़ जाती है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बातें करें। हमारा मकसद किसी भी तरह का अंधविश्वास फैलाना नहीं है।
Surya Nakshatra Parivartan 2026: Sun constellation change, golden time for Aries, Gemini, Leo, Libra, Sagittarius,Capricorn, effect on zodiac signs hindi.
पश्चिम एशिया में युद्ध भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निकट अवधि में बड़ी चुनौती है, लेकिन इससे लंबे समय में वृद्धि प्रभावित नहीं होगी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्य नागेश कुमार ने कहा, मौजूदा हालात में तेल की कीमतों में वृद्धि, निर्यात में बाधा और धनप्रेषण पर पड़ने वाला असर जीडीपी के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में वृद्धि दर को उच्च पथ पर ले जाने के लिए राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों को समन्वित तरीके से काम करने की जरूरत है।
एमपीसी सदस्य ने कहा, ईरान हमलों के साथ निकट भविष्य में संघर्ष तेज होने और क्रूड में उछाल की आशंका है। हालांकि, इस क्षेत्र में दुनिया के उच्च दांव को देखते हुए संकट का जल्द ही समाधान हो जाएगा।
उधर, कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने कहा, अगर ईरान युद्ध कुछ सप्ताह से अधिक समय तक चलता रहा, तो भारत में कॉरपोरेट जगत की कमाई प्रभावित हो सकती है।
बाजार पर दबाव डाल सकती है तेल-गैस की कीमतें
युद्ध ने पहले से ही निवेशकों की धारणा को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। विदेशी निवेशक ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को लेकर संवेदनशील बने हुए हैं। तेल-गैस की ऊंची कीमतें अर्थव्यवस्था एवं बाजार पर दबाव डाल सकती हैं। माल ढुलाई दरें 15-20 फीसदी बढ़ गई हैं। खाड़ी देशों को जाने वाली खेपों के लिए युद्ध-जोखिम अधिभार और बीमा प्रीमियम में काफी बढ़ोतरी हुई है। समुद्री ईंधन की कीमतें भी 520 डॉलर से बढ़कर 580 डॉलर प्रति टन पहुंच गई हैं।
होर्मुज मार्ग में जोखिम के बावजूद 63 डॉलर से अधिक नहीं पहुंचेगी ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत
होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से जहाजों की आवाजाही पर जोखिम के बावजूद 2026 में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत 63 डॉलर प्रति बैरल से अधिक रहने का अनुमान नहीं है। फिच रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को रिपोर्ट में कहा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की अतिरिक्त आपूर्ति से कीमतों में तेज बढ़ोतरी सीमित रह सकती है। इसके अलावा, होर्मुज में मौजूदा व्यवधान अस्थायी है। यह अभी औपचारिक रूप से बंद नहीं हुआ है, लेकिन ईरान या उससे जुड़े समूहों के संभावित हमलों के जोखिम को देखते हुए कई जहाज इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं।
व्यापार-एलएनजी पर निर्भर क्षेत्र होंगे प्रभावित
क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा, ईरान युद्ध लंबे समय तक चलता रहा, तो यह बासमती चावल, उर्वरक, हीरा पॉलिश, एयरलाइंस और यात्रा परिचालकों सहित उन कई भारतीय क्षेत्रों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है, जिनका पश्चिम एशिया के साथ सीधा व्यापारिक संबंध है। एजेंसी ने कहा, सिरेमिक और उर्वरक जैसे एलएनजी पर निर्भर क्षेत्र उत्पादन व्यवधान का सामना कर सकते हैं। वहीं, क्रूड से जुड़े उद्योग (रिफाइनी, टायर, पेंट, विशेष रसायन, पैकेजिंग, सिंथेटिक कपड़े) पर लागत का दबाव बढ़ेगा।
पश्चिम एशिया संकट जल्द समाप्त हो जाता है और ईरान पर से प्रतिबंध हटा लिए जाते हैं, तो भारत को सस्ती तेल आपूर्ति से लाभ हो सकता है। भारत के लिए वेनेजुएला से तेल आपूर्ति का खुलना भी मददगार हो सकता है, क्योंकि यह विकल्पों में विविधता लाता है। -नागेश कुमार, एमसीपी सदस्य, आरबीआई
Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज, 6 मार्च 2026 को जनजीवन पूरी तरह सामान्य है। होली के त्यौहार के बाद अक्सर लोगों के मन में छुट्टियों को लेकर संशय रहता है, लेकिन प्रशासन की ओर से स्पष्ट है कि आज शुक्रवार को दिल्ली में कोई सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) नहीं है।
होली की छुट्टी 4 मार्च को थी, जिसके बाद 5 मार्च से ही सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और वित्तीय संस्थान अपने निर्धारित समय पर खुल चुके हैं। आज बैंक भी सामान्य रूप से कामकाज कर रहे हैं और बाजारों में भी रौनक लौट आई है। अगर आप आज किसी महत्वपूर्ण काम से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो निश्चिंत रहें क्योंकि मेट्रो सेवा से लेकर अन्य परिवहन साधन पूरी क्षमता के साथ चल रहे हैं।
Delhi: आज क्या खुला है और क्या बंद?
स्कूल और कॉलेज (खुले हैं): दिल्ली के सभी शिक्षण संस्थान आज सामान्य रूप से खुले हैं। होली का अवकाश 4 मार्च को समाप्त हो चुका है।
बैंक (खुले हैं): राजधानी में आज सभी सरकारी और निजी बैंक खुले हैं। यहाँ बैंकिंग कामकाज के लिए कोई सार्वजनिक छुट्टी नहीं है।
बाजार और शॉपिंग मॉल (खुले हैं): कनॉट प्लेस, चांदनी चौक, लाजपत नगर और करोल बाग जैसे सभी प्रमुख व्यापारिक केंद्र और मॉल अपनी नियमित टाइमिंग पर खुले हैं।
सरकारी दफ्तर (खुले हैं): केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों में आज कामकाज हो रहा है।
दिल्ली मेट्रो और परिवहन (सामान्य): मेट्रो की सभी लाइनें और डीटीसी बसें अपने नियमित समय सारिणी (Schedule) के अनुसार चल रही हैं।
अस्पताल और इमरजेंसी सेवा (खुले हैं): सभी ओपीडी (OPD) और इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट (आंशिक अवकाश): दिल्ली हाई कोर्ट के कैलेंडर के अनुसार आज स्थानीय अवकाश (Local Holiday) हो सकता है, लेकिन निचली अदालतें और अन्य प्रशासनिक सेवाएं चालू हैं।
ध्यान दें: पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन ने 6 मार्च को भी स्कूलों की छुट्टी घोषित की है, लेकिन दिल्ली में आज सभी संस्थान खुले हैं।
Bengaluru BMTC new Ruter AC Bus: बेंगलुरु और उसके पड़ोसी शहरों के बीच आवागमन में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क अब पारंपरिक शहरी सीमाओं से आगे बढ़कर रामनगर और कनकपुरा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक विस्तार कर रहा है। ये क्षेत्र लंबे समय से राज्य की राजधानी के लिए जीवनदायिनी विस्तार रहे हैं, जहां हजारों पेशेवर, छात्र और व्यवसायी रहते हैं।
ये निवासी हर दिन व्यस्त राजमार्गों पर यात्रा करते हैं। बीएमटीसी का यह विस्तार बढ़ती शहरी आबादी और धुंधली होती शहरी सीमाओं के जवाब में आया है। इससे पता चलता है कि कैसे शहरों की मूलभूत संरचनाएं बदल रही हैं और आधुनिक जीवनशैली की मांगों को पूरा करने के लिए नई सर्विस जरूरी हो गई हैं।
आरामदायक हुआ सफर
इन क्षेत्रों में बीएमटीसी सर्विस का लंबे समय से था। ऐतिहासिक रूप से, बेंगलुरु के केंद्र तक की यात्रा एक कठिन परीक्षा थी। यात्रियों को पहले लगभग पूरी तरह से केएसआरटीसी बसों पर निर्भर रहना पड़ता था, जो विश्वसनीय तो थीं, लेकिन अक्सर यात्रियों की अत्यधिक भीड़ के कारण क्षमता से अधिक भरी रहती थीं।
पीक आवर्स में यात्रियों को मिलेगी राहत
पीक आवर्स के दौरान बसों में जगह मिलना मुश्किल होता था, जिससे काम या कॉलेज जाने वालों के लिए लंबी यात्रा शारीरिक रूप से थका देने वाली बन जाती थी। इस चुनौती को देखते हुए, नई सेवा का महत्व और भी बढ़ जाता है, जो यात्रियों को बेहतर विकल्प प्रदान करती है।
प्रीमियम बसें मैजेस्टिक से रामनगर और बानशंकरी से कनकपुरा तक चलेंगी
अब ‘वज्र विस्तारा’ वातानुकूलित (एसी) सेवाएं एक बेहतर अनुभव का वादा करती हैं। ये प्रीमियम बसें मैजेस्टिक से रामनगर और बानशंकरी से कनकपुरा तक चलेंगी। यात्रियों को भीड़भाड़ और असुविधा के बजाय वातानुकूलित और आरामदायक वातावरण मिलेगा, जो राजमार्ग की सालों पुरानी गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत है।
निगम ने बढ़ाई बीएमटीसी की सीमा
निगम ने अपनी परिचालन सीमा को 45 किलोमीटर तक बढ़ाकर यह बदलाव संभव किया है। यह कदम यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और उन्हें शहर के मुख्य हिस्सों से जोड़ने के लिए उठाया गया है, जिससे दैनिक आवागमन अब अधिक सुलभ और सुखद बन सकेगा।
इस विस्तार के पीछे का तर्क मौजूदा मानचित्र को देखकर स्पष्ट हो जाता है। बीएमटीसी की पहले से ही बिदादी और हारोहल्ली में मजबूत उपस्थिति थी। रामनगर बिदादी से सिर्फ 15 किलोमीटर आगे है, जबकि कनकपुरा हारोहल्ली से केवल 18 किलोमीटर दूर स्थित है।
क्या होगा रूट?
नई सेवाएं ‘वज्र विस्तारा’ (एसी) ब्रांड के तहत संचालित होंगी, जिसका अर्थ है कि किराया बीएमटीसी के मानक एसी दूरी स्लैब के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। विस्तारित 45 किमी के दायरे के लिए, किराया संरचना इस प्रकार है: मैजेस्टिक से रामनगर (केंपेगौड़ा बस स्टेशन से रामनगर जिला स्टेडियम तक) के लिए अनुमानित किराया ₹85 से ₹95 होगा।
कितना होगा किराया?
इसी तरह, बानशंकरी से कनकपुरा (बानशंकरी टीटीएमसी से कनकपुरा टाउन तक) के लिए किराया ₹70 से ₹85 के बीच रहेगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जहां भी नॉन-एसी सेवाएं उपलब्ध होंगी, उनका किराया आमतौर पर ऊपर सूचीबद्ध एसी किरायों से 40-50% कम होगा, जिससे विभिन्न बजट वाले यात्रियों को विकल्प मिल सके।
दैनिक यात्रियों की भारी संख्या को पूरा करने के लिए निगम ने एक टाइमटेबल जारी किया है, जो पीक-आवर्स की यात्रा को प्राथमिकता देती है। मैजेस्टिक से रामनगर मार्ग पर पहली बस सुबह 6:30 बजे और आखिरी बस रात 9:45 बजे चलेगी, जिसकी पीक-आवर्स (सुबह और शाम) में हर 30 से 45 मिनट पर आवृत्ति होगी।
बानशंकरी से कनकपुरा रूट का समय क्या होगा?
बानशंकरी से कनकपुरा मार्ग पर पहली बस सुबह 6:00 बजे और आखिरी रात 10:15 बजे उपलब्ध होगी। इस मार्ग पर आवृत्ति लगभग हर 20 से 30 मिनट होगी, क्योंकि यह आर्ट ऑफ लिविंग और हारोहल्ली क्षेत्रों की ओर मौजूदा यातायात का लाभ उठाता है, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके।
राजमार्ग के किनारे रहने वालों के लिए, बसें कई प्रमुख चौराहों पर रुकेंगी। यह “सिटी-स्टाइल” स्टॉपिंग पैटर्न है जो बीएमटीसी सेवा को केएसआरटीसी की लंबी दूरी की बसों से अलग करता है। रामनगर मार्ग के प्रमुख पड़ाव हैं: मैजेस्टिक, सैटेलाइट बस स्टैंड (मैसूर रोड), राजराजेश्वरी नगर गेट, केंगेरी टीटीएमसी, बिदादी और रामनगर।
कनकपुरा मार्ग के प्रमुख स्टेशन क्या हैं?
बानशंकरी टीटीएमसी, कोनन्कुंटे क्रॉस, थालागट्टपुरा, कग्गालिपुरा, हारोहल्ली और कनकपुरा। ये स्टॉप यात्रियों को उनके घरों के करीब सुविधाजनक बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग विकल्प प्रदान करते हैं।
Nitish Kumar Rajya Sabha Decision: बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ तब आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 मार्च को राज्यसभा के लिए नामांकन किया। उससे पहले सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार ने खुद ऐलान किया कि वह अब राज्यसभा जाना चाहते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के भी दोनों सदनों का हिस्सा बनें। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने इस बार राज्यसभा चुनाव में उतरने का फैसला किया है।
नीतीश कुमार के इस ऐलान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। राजनीतिक गलियारों में कई संभावित नामों को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि संविधान के नियमों के मुताबिक नीतीश कुमार चाहें तो राज्यसभा सदस्य बनने के बाद भी कुछ महीनों तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। आइए जानें पूरा संवैधानिक नियम क्या कहता है।
क्या राज्यसभा सांसद रहते हुए CM बने रह सकते हैं? (CM And Rajya Sabha MP Rule)
संविधान के प्रावधानों के मुताबिक मुख्यमंत्री को राज्यपाल नियुक्त करते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 (1) में इसका जिक्र है। वहीं अनुच्छेद 164 (4) में यह व्यवस्था दी गई है कि कोई भी व्यक्ति बिना विधायक या विधान परिषद सदस्य बने अधिकतम 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर रह सकता है।
अनुच्छेद 164 (1) क्या कहता है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 (1) के अनुसार किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। राज्यपाल ही मुख्यमंत्री की सलाह पर मंत्रिपरिषद के अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी करते हैं। इस अनुच्छेद में यह भी प्रावधान है कि पूरी मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य की विधानसभा के प्रति जवाबदेह होती है। यानी सरकार तभी तक बनी रह सकती है, जब तक उसे विधानसभा में बहुमत का समर्थन हासिल हो। इसी कारण मुख्यमंत्री को राज्य सरकार का प्रमुख माना जाता है और वही मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करता है।
सरल शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री की नियुक्ति औपचारिक रूप से राज्यपाल करते हैं, लेकिन आमतौर पर वही नेता मुख्यमंत्री बनता है जिसके पास विधानसभा में बहुमत का समर्थन होता है।
अनुच्छेद 164 (4) क्या व्यवस्था देता है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 164 (4) एक विशेष स्थिति को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति मंत्री या मुख्यमंत्री बनता है लेकिन वह उस समय राज्य की विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य नहीं है, तो उसे अधिकतम 6 महीने के भीतर राज्य की किसी एक विधायिका का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।
अगर वह छह महीने के भीतर विधायक (MLA) या विधान परिषद सदस्य (MLC) नहीं बन पाता, तो उसे अपने पद से हटना पड़ेगा। दूसरे शब्दों में, कोई भी व्यक्ति बिना विधायक या विधान परिषद सदस्य बने केवल छह महीने तक ही मंत्री या मुख्यमंत्री पद पर रह सकता है।
यह नियम इसलिए रखा गया है ताकि सरकार में शामिल हर मंत्री अंततः जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह रहे।
मुख्यमंत्री पर भी यही नियम लागू होता है
क्योंकि मुख्यमंत्री भी मंत्रिपरिषद का हिस्सा होता है, इसलिए अनुच्छेद 164 (4) का यह नियम उस पर भी लागू होता है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई नेता मुख्यमंत्री बनता है लेकिन उस समय वह विधायक या एमएलसी नहीं है, तो उसे छह महीने के भीतर किसी भी सदन का सदस्य बनना होगा।
इसका मतलब यह है कि अगर नीतीश कुमार विधान परिषद यानी MLC पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा चले जाते हैं, तब भी वे तुरंत मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ते तो भी 6 महीने तक इस पद पर बने रह सकते हैं। लेकिन इस अवधि के बाद उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होगा, नहीं तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।
क्या नीतीश जल्द दे सकते हैं इस्तीफा? (Nitish Kumar Resignation Possibility)
हालांकि संविधान उन्हें 6 महीने की छूट देता है, लेकिन राजनीतिक परंपरा अक्सर अलग राह दिखाती है। आमतौर पर जब कोई मुख्यमंत्री राज्यसभा या लोकसभा की राजनीति में सक्रिय भूमिका लेने का फैसला करता है, तो वह कुछ ही समय में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी दे देता है।
अगर नीतीश कुमार इस्तीफा देते हैं, तो राज्यपाल के पास नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति का अधिकार होता है। इसके लिए आमतौर पर सत्तारूढ़ दल के विधायक दल की बैठक बुलाई जाती है, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाता है। पार्टी नेतृत्व और आलाकमान की राय के बाद विधायक दल का नेता चुना जाता है और वही मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालता है।
नई सरकार को मेरा पूरा समर्थन रहेगा: नीतीश कुमार (Nitish Kumar Statement)
राज्यसभा चुनाव के फैसले से पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी मंशा स्पष्ट की। उन्होंने लिखा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा में जाने के बाद भी बिहार में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा समर्थन रहेगा। उनके इस बयान से यह संकेत मिला है कि वह राज्य की राजनीति से पूरी तरह दूर नहीं होने वाले हैं।
तेजस्वी यादव का आरोप, बीजेपी पर साधा निशाना (Tejashwi Yadav Reaction)
नीतीश कुमार के फैसले पर विपक्ष की भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में बीजेपी ने महाराष्ट्र मॉडल लागू किया है। उनके मुताबिक भाजपा ने नीतीश कुमार पर इतना दबाव बनाया कि उन्हें पद छोड़ने की नौबत आ गई।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि भाजपा अपने सहयोगी दलों को कमजोर करने की रणनीति पर काम करती है और नीतीश कुमार को भी इसी तरह राजनीतिक तौर पर ‘हाइजैक’ किया गया है।
बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री (Nishant Kumar JDU Entry)
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जेडीयू के अंदर एक और बड़ी राजनीतिक हलचल की चर्चा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 8 मार्च को जनता दल यूनाइटेड में औपचारिक रूप से शामिल हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर बाद में फैसला लिया जाएगा। पहले उनकी ज्वाइनिंग आज ही कराई जानी थी और इसके लिए जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं के लिए भोज की भी व्यवस्था की गई थी। लेकिन राज्यसभा नामांकन से जुड़े कार्यक्रम के कारण यह कार्यक्रम टाल दिया गया।
बिहार की राजनीति में नया अध्याय (Bihar Political Transition)
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का फैसला बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। अगर वह मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो राज्य में सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी, इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि नीतीश कुमार राज्यसभा की राजनीति पर पूरा फोकस करते हैं या कुछ समय तक मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभालते रहते हैं। फिलहाल इतना तय है कि उनका यह फैसला बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की आहट दे रहा है।
English summary
Nitish Kumar Rajya Sabha cm constitutional Rule Can MP be chief minister india article 164 explained
Gold Silver Rate Today 6 March 2026: अगर आप आज 6 मार्च 2026 को सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले ताजा भाव जरूर जान लें। पिछले दो दिनों में सर्राफा बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर करीब ₹2,000 घटकर ₹1.60 लाख पर आ गया है, जो पहले ₹1.62 लाख था। यानी दो दिनों में सोना लगभग ₹7,000 सस्ता हुआ है। वहीं चांदी भी ₹7,000 गिरकर ₹2.64 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है। इससे पहले इसका भाव ₹2.71 लाख था। कुल मिलाकर दो दिनों में चांदी करीब ₹26,000 सस्ती हुई है।
एमसीएक्स (MCX) पर सोना 05 मार्च को सुबह ₹1,63,142 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन दोपहर करीब ₹1,61,165 तक फिसल गया। वहीं चांदी भी ₹2,74,251 प्रति किलो के उच्च स्तर से गिरकर लगभग ₹2,62,451 प्रति किलो तक आ गई। यानी बाजार में कुछ ही घंटों के भीतर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट बाजार में प्रॉफिट बुकिंग के कारण आई है। दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी मिडिल ईस्ट तनाव (Middle East War) और हालिया तेजी के बाद निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग के चलते यह गिरावट देखने को मिली है।
अलग-अलग शहरों में गोल्ड रेट (Gold Rate in Major Cities)
देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम थोड़ा अलग-अलग हैं। उदाहरण के तौर पर
दिल्ली: करीब ₹1,61,530 प्रति 10 ग्राम
मुंबई: लगभग ₹1,61,810 प्रति 10 ग्राम
कोलकाता: करीब ₹1,61,600 प्रति 10 ग्राम
हैदराबाद: लगभग ₹1,62,070 प्रति 10 ग्राम
चेन्नई: करीब ₹1,62,280 प्रति 10 ग्राम
Silver Rate In India: 6 मार्च 2026: देश के 20 बड़े शहरों में गोल्ड और सिल्वर रेट
शहर
24K Gold
22K Gold
18K Gold
Silver (1kg)
दिल्ली
₹1,63,030
₹1,49,450
₹1,22,310
₹2,64,000
मुंबई
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
कोलकाता
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
चेन्नई
₹1,64,950
₹1,51,200
₹1,30,390
₹2,72,000
हैदराबाद
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
बेंगलुरु
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
अहमदाबाद
₹1,62,930
₹1,49,350
₹1,22,210
₹2,64,000
पुणे
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
जयपुर
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
लखनऊ
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
नोएडा
₹1,63,030
₹1,49,450
₹1,22,310
₹2,64,000
गुरुग्राम
₹1,63,030
₹1,49,450
₹1,22,310
₹2,64,000
चंडीगढ़
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
पटना
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
भोपाल
₹1,62,930
₹1,49,350
₹1,22,210
₹2,64,000
नागपुर
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
कोच्चि
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
मदुरै
₹1,64,950
₹1,51,200
₹1,30,390
₹2,72,000
मैंगलुरु
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
मैसूर
₹1,62,880
₹1,49,300
₹1,22,160
₹2,64,000
ग्लोबल मार्केट का असर (Global Gold Silver Price)
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी की कीमतों में हलचल जारी है। स्पॉट गोल्ड करीब $5,176.69 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। स्पॉट सिल्वर लगभग $84.43 प्रति औंस के स्तर पर है। डॉलर इंडेक्स में हल्की बढ़त के बावजूद वैश्विक तनाव के कारण सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर समर्थन मिल रहा है।
इस साल कितना महंगा हुआ सोना और चांदी (Gold Silver 2026 Trend)
हालांकि हाल की गिरावट के बावजूद 2026 में सोना-चांदी की कीमतों में कुल मिलाकर तेज उछाल रहा है। साल की शुरुआत में सोना करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था
अब यह लगभग ₹1.60 लाख के आसपास है। यानी सिर्फ दो महीने में सोना करीब ₹26-27 हजार महंगा हो चुका है। इसी दौरान चांदी भी लगभग ₹24-27 हजार प्रति किलो तक महंगी हुई है।
Aaj Ka Mausam 6 March 2026 Friday : उत्तर भारत के कई राज्यों में अब गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, होली के बाद से एकदम से कुछ राज्यों के तापमान में इजाफा हुआ है। भारतीय मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि आज से यूपी, गुजरात में पारा चढ़ेगा तो वहीं चार राज्यों में रेन अलर्ट है, जहां बारिश के दौरान ठंडी हवाएं चल सकती हैं। ये चार राज्य हैं- असम, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर।
राजधानी दिल्ली में आज मौसम शुष्क रहेगा,बारिश की किसी तरह की चेतावनी नहीं है । दिन के तापमान 1 से 2 डिग्री बढ़ने की संभावना है। गुरुवार को अधिकतम तापमान की बात करें तो 34 डिग्री डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस जा सकता है।
दिल्ली के प्रमुख स्टेशनों में आज AQI निम्नलिखित है।(सुबह 6 बजे की स्थिति)
पूसा, दिल्ली – 255 AQI
शादीपुर, दिल्ली -285 AQI
पंजाबी बाग, शिवाजी पार्क -254 AQI
नॉर्थ कैंपस, दिल्ली मिल्क स्कीम कॉलोनी 282 AQI
एफ मुंडका, दिल्ली -269 AQI
Himachal Pradesh Weather Today : हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी की आशंका
कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू ,मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर में आंधी-तूफान की आशंका है, जिसके लिए अलर्ट जारी किया गया है।
आगरा, मथुरा, बरेली, बलरामपुर, कानपुर, लखनऊ, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, देवरिया, जौनपुर, बस्ती, बनारस, चंदौली में दिन के तापमान में इजाफा होगा और गर्मी बढ़ेगी।
Uttarakhand Weather Forecast: उत्तराखंड में हल्की बारिश की आशंका
उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, और देहरादून में येलो अलर्ट जारी।
Rajasthan weather update: राजस्थान में भी बढ़ेगा तापमान
जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, भरतपुर, बाड़मेर में तेजी सा पारा बढ़ेगा और आने वाले दिनो में यहां पर तापमान 35 डिग्री तक जा सकता है।
लद्दाख के उप-राज्यपाल कविंद्र गुप्ता हिमाचल प्रदेश के नए गवर्नर नियुक्त किए गए। हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का गवर्नर बनाया गया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने गुरुवार देर रात इस बाबत आदेश जारी किए।
.
लद्दाख और हिमाचल समेत 9 राज्यों में गवर्नर बदले गए। यह फेरबदल पश्चिम बंगाल के गवर्नर डॉ. सीवी आनंद बोस के इस्तीफा देने के बाद किया गया। हिमाचल के नए गवर्नर कविंद्र गुप्ता जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर और जम्मू के मेयर रह चुके हैं। इसके बाद उन्हें जुलाई 2025 में लद्दाख का उप-राज्यपाल बनाया गया।
उन्होंने पिछले साल 18 जुलाई को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के तीसरे उप राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने करीब 9 महीने तक इस पद सेवाएं दी और बीते कल अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश के गवर्नर की जिम्मेदारी दी गई है।
3 बार मेयर रह चुके
जम्मू शहर के जानीपुर निवासी 66 वर्षीय कुलविंद्र गुप्ता निरंतर 3 बार जम्मू के महापौर भी रह चुके हैं। उन्होंने BJP की राज्य इकाई के महासचिव के तौर पर भी काम किया था।इसके अलावा 1993 से 1998 तक वह लगातार दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष भी रहे।
कविंद्र गुप्ता साल 2014 के विधानसभा चुनाव में गांधी नगर सीट से पहली बार MLA चुने गए थे। इसके बाद, उन्हें विधानसभा स्पीकर चुना गया। उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत विश्व हिंदू परिषद के सेक्रेटरी के तौर पर काम करते हुए हुई थी और इमरजेंसी के दौरान करीब 13 महीने वह जेल में भी रहे थे।
अब तेलंगाना गवर्नर का जिम्मा संभालेंगे शुक्ल
वहीं, हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुल्क को तेलंगाना गवर्नर का जिम्मा दिया है। शुल्क ने 18 फरवरी 2023 को हिमाचल के राज्यपाल के तौर पर शपथ ली थी। उन्होंने लगभग 3 साल तक हिमाचल गवर्नर के तौर पर सेवाएं दी।
इन प्रदेशों में भी बदले गवर्नर
राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार- तरनजीत सिंह संधु को दिल्ली का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। तेलंगाना के राज्यपाल जिश्नु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। नंद किशोर यादव को नगालैंड और लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
तमिलनाडू के राज्यपाल आरएन रवि अब से पश्चिम बंगाल और केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर तमिलनाडु के राज्यपाल का काम संभालेंगे, जबकि दिल्ली के राज्यपाल वीके सक्सेना को लद्दाख का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।