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केंद्रीय मंत्री शिवराज चलाएंगे ‘मामा कोचिंग’: गरीब स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री तैयारी कराएंगे, जन्मदिन पर ले रहे 5 संकल्प – Bhopal News




केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा, रायसेन और सीहोर जिले के भैरूंदा में मामा कोचिंग शुरू करेंगे। जहां विदिशा संसदीय क्षेत्र के गरीब छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग मिलेगी। इसमें मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं शामिल हैं। दरअसल, शिवराज 5 मार्च को अपने जन्मदिन पर 5 संकल्प लेने जा रहे हैं। ये पर्यावरण, सेवा, सहायता, शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन से जुड़े हैं। शिक्षा से जुड़े प्रण के तहत मामा कोचिंग में कंपटीटिव एग्जाम की तैयारी कराई जाएगी। कोचिंग ऑनलाइन भी होगी ताकि जो छात्र सेंटर तक नहीं आ पा रहे हैं, वे अपने घर पर रहकर इसका फायदा ले सकें। विदिशा, रायसेन और भैरूंदा में 100-100 स्टूडेंट्स का पहला बैच जल्द शुरू होगा। इसके लिए 5 मार्च से फार्म भरे जाएंगे। स्वागत में माला, गुलदस्ते-गिफ्ट की जगह पौधे
शिवराज ने अपने दोनों मंत्रालयों- केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय में यह परंपरा शुरू करा दी है कि विभागीय कार्यक्रमों में गुलदस्ते, शॉल और मोमेंटो के बजाय पौधे भेंट करके स्वागत करें। वे सरकारी और बीजेपी के कार्यक्रमों में भी यही नवाचार शुरू करने की अपील करेंगे। पौधे लगाने वाले लोग क्यूआर कोड के जरिए अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड करके शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। आठों विधानसभाओं में मोबाइल हॉस्पिटल चलाएंगे
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा संसदीय क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में मोबाइल हॉस्पिटल (चलित अस्पताल) भी शुरू करेंगे। इनमें हमेशा डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ तैनात रहेगा, जो बीमार लोगों की जांच कर उपचार मुहैया कराएगा। मोबाइल हॉस्पिटल की व्यवस्था सांसद निधि से होगी जबकि इसे चलाने के लिए जनसहयोग लिया जाएगा। दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, टॉपर्स का सम्मान
शिवराज अपने संसदीय क्षेत्र के दिव्यांगों को खोजकर उन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल देंगे। इसकी शुरुआत वे विदिशा से कर चुके हैं। इसके अलावा वे विदिशा संसदीय क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में 10वीं और 12वीं में फर्स्ट, सेकंड और थर्ड आने वाले टॉप थ्री स्टूडेंट्स को सम्मानित करेंगे। इस प्रकल्प को उन्होंने प्रेम सुंदर प्रतिभा सम्मान नाम दिया है। ये खबर भी पढ़ें… शिवराज के नए बंगले का नाम ‘मामा का घर’ पूर्व मुख्यमंत्री शि‌वराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित अपने नए बंगले का नाम बदलकर ‘मामा का घर’ रख दिया है। उन्होंने कहा- पूरा प्रदेश मेरा परिवार है। परिवार के रिश्ते दिल के रिश्ते होते हैं, आत्मा के रिश्ते होते हैं। यह पदों के साथ नहीं बदलते, इसलिए भाई और बहन, भांजे-भांजियों से मेरा प्यार का रिश्ता है। इस रिश्ते की डोर कभी टूटेगी नहीं। पढ़ें पूरी खबर…



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Holi Dry Day Updates: होली पर Delhi में ड्राई डे नहीं, शराब की दुकानें रहेंगी खुली- जानें सही टाइमिंग क्या?


Delhi

oi-Divyansh Rastogi

Delhi Shops Open Or Closed On Holi: रंगों का त्योहार होली इस बार 4 मार्च 2026 को मनाया जा रहा है। दिल्लीवासियों के लिए अच्छी खबर – इस साल होली पर शराब की दुकानें बंद नहीं होंगी। दिल्ली सरकार की जनवरी 2026 में जारी अधिसूचना के मुताबिक, होली को ‘ड्राई डे’ की लिस्ट से हटा दिया गया है। यानी, शराब की बिक्री पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

Holi 2026 Liquor Shop Band Ya Khuli

What Is Dry Day: ड्राई डे क्या है और क्यों हटाया गया?

ड्राई डे वे दिन होते हैं जब शराब की दुकानें बंद रहती हैं, आमतौर पर राष्ट्रीय छुट्टियों या धार्मिक पर्वों पर। जनवरी-मार्च 2026 की लिस्ट में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), महाशिवरात्रि (15 फरवरी), ईद-उल-फितर (21 मार्च), राम नवमी (26 मार्च) और महावीर जयंती (31 मार्च) को ड्राई डे घोषित किया गया है। लेकिन होली को बाहर रखा गया।

इस फैसले से लाइसेंस होल्डर्स को बंदी के लिए कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। हालांकि, यह प्रतिबंध लाइसेंस प्राप्त होटलों और गेस्ट हाउसों पर लागू नहीं होता, जहां मेहमानों को शराब सर्व की जा सकती है।

पिछले सालों का रिकॉर्ड क्या कहता है?

पिछले दो दशकों में दिल्ली में होली ज्यादातर ड्राई डे रहा है, ताकि कानून-व्यवस्था की समस्याओं से बचा जा सके। अपवाद सिर्फ 2022 का था, जब अरविंद केजरीवाल की AAP सरकार ने नई शराब नीति के तहत ड्राई डेज की संख्या घटाकर सिर्फ 3 कर दी थी।

राजनीतिक एंगल: BJP का यू-टर्न?

BJP, जो अब दिल्ली में सत्ता में है और होली को ड्राई डे लिस्ट से हटा चुकी है, ने 2022 में AAP की आलोचना की थी। तत्कालीन दिल्ली BJP अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा था, ‘राष्ट्रीय छुट्टियों और धार्मिक भावनाओं के सम्मान में 21 ड्राई डे थे। केजरीवाल शराब माफिया की तरफ क्यों झुक रहे हैं? दिल्ली में रोज 50 करोड़ से ज्यादा की शराब बिकती है।’
अब BJP के इस फैसले से राजनीतिक बहस छिड़ सकती है, खासकर जब केजरीवाल और मनीष सिसोदिया दिल्ली की पुरानी शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में बरी हो चुके हैं।

Delhi Liquor Shops Timing: शराब दुकानों की टाइमिंग क्या रहेगी?

होली पर दुकानें सामान्य समय पर खुली रहेंगी:

  • ओपनिंग टाइम: सुबह 10:00 बजे से
  • क्लोजिंग टाइम: रात 10:00 बजे तक

(नोट: यह स्टैंडर्ड टाइमिंग है; किसी बदलाव के लिए दिल्ली एक्साइज डिपार्टमेंट की वेबसाइट चेक करें।)

यह फैसला त्योहार की मस्ती बढ़ाने वाला है, लेकिन जिम्मेदारी से सेलिब्रेट करें। ड्राइविंग से पहले शराब न पिएं और सुरक्षित रहें!



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Chandra Grahan 2026 Pics:’दिल्ली से बेंगलुरु तक’,भारत में कई जगहों पर दिखा BLood Moon,देखें तस्वीरें


Astrology

oi-Ankur Sharma

Chandra Grahan 2026 Pics: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार को पूरे देश में नजर आया, दिल्ली , बेंगलुरु, असम की सुंदर तस्वीरें इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। आपको बता दें कि साल 2026 में लगा चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।

चंद्रमा मन, भावनाओं, माता और मानसिक स्थिति का कारक ग्रह है। जब चंद्रग्रहण लगता है तो इसका प्रभाव व्यक्ति के मन, करियर, आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर साफ दिखाई देता है।

Chandra Grahan 2026 Pics: भारत में कई जगहों पर दिखा BLood Moon

दिल्ली: आंशिक चंद्र ग्रहण शुरू; इंडिया गेट के पास से चांद के नज़ारे

पश्चिम बंगाल: आंशिक चंद्र ग्रहण शुरू; कोलकाता के पास से चांद के नज़ारे

असम: आंशिक चंद्र ग्रहण शुरू; गुवाहाटी से चांद के नज़ारे

चंडीगढ़: पूरे शहर में चंद्र ग्रहण के दौरान आसमान में ब्लड मून की रोशनी दिखाई दी

बेंगलुरु में दिखा Blood Moon

Chandra Grahan 2026 Pics

ग्रहण के दौरान सूतक काल में कई नियमों का पालन किया जाता है लेकिन जैसे ही चंद्र ग्रहण समाप्त होता है, लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है-अब क्या करें?

Chandra Grahan 2026 Khatam: अब क्या करें?

जैसे ही ग्रहण समाप्त हो, पूरे परिवार को स्नान करना चाहिए। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है। इसके बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। मंदिर की सफाई करें, चंद्र ग्रहण के बाद दान का विशेष महत्व होता है, चावल, दूध या सफेद पेड़े का दान करें। तुलसी माता की पूजा करें और नया और शुद्ध भोजन बनाकर ही ग्रहण करें। ग्रहण समाप्त होने के बाद गर्भवती महिलाएं भी स्नान करें और भगवान का ध्यान करें।

Chandra Grahan 2026 Meaning:’दो लोगों के बीच में तीसरे को जगह नहीं मिलनी चाहिेए’

चंद्र ग्रहण हमें यह सिखाता है कि अंधकार स्थायी नहीं होता। जैसे ग्रहण खत्म होता है और चांद फिर से अपनी रोशनी बिखेरता है, वैसे ही जीवन की कठिनाइयां भी समाप्त हो जाती हैं। ये हमें ये भी सिखाता है कि जब दो लोगों के बीच में कोई तीसरा आता है तो चीजें बिगड़ जाती हैं इसी तरह से जीवन के रिश्ते हैं, इन्हें आप संभालकर रखिए और अपने संबंधों में किसी तीसरे को जगह ना दें।

दूसरा Chandra Grahan कब लगेगा?

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा और ये भी भारत में नजर नहीं आएगा।। भारतीय समयानुसार ये ग्रहण रात 9:04 PM से सुबह 4:25 AM बजे तक रहेगा, यूरोप, कनाडा, ग्रीनलैंड में ये नजर आएगा, इसका सूतककाल भारत में प्रभावी नहीं होगा इसलिए इसका सूतक काल नहीं लगेगा।

Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।



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Iran-Israel-US War: ‘ईरान की एयर डिफेंस, नेवी-लीडरशिप खत्म, अब वार्ता का वक्त भी खत्म’ – ट्रंप का हमला


International

oi-Divyansh Rastogi

Iran-Israel-US War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब बातचीत की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका-इजरायल गठबंधन के हमलों से तेहरान की सैन्य क्षमता बुरी तरह तबाह हो चुकी है। पश्चिम एशिया में छिड़ी इस जंग ने सैकड़ों जानें ली हैं, और ट्रंप का मानना है कि अब डिप्लोमेसी का समय निकल चुका है।

Iran Israel War 2026

फाइल फोटो

युद्ध की शुरुआत और वर्तमान स्थिति क्या है?

28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के सैन्य ऑपरेशन ने ईरान को झकझोर दिया। इजरायल और वाशिंगटन ने मिलकर ईरानी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई टॉप मिलिट्री और पॉलिटिकल लीडर्स मारे गए। ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन अटैक्स तेज कर दिए, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया।

ईरानी ड्रोनों ने सऊदी अरब और कुवैत में अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया, जहां मामूली नुकसान और आग लगी।
अमेरिका ने इन दूतावासों को बंद कर दिया और मिडिल ईस्ट के कई देशों से नॉन-इमरजेंसी स्टाफ और उनके परिवारों को निकालने का आदेश जारी किया।

तेहरान ने पड़ोसी अरब देशों पर मिसाइलें दागीं और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोक दी। यह स्ट्रेट दुनिया के 20% ऑयल और LNG ट्रेड का रूट है, जिससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट प्रभावित हो रहा है।

ट्रंप का बयान: क्या कहा और क्यों?

  • ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक आर्टिकल पर कमेंट करते हुए लिखा:- ‘ईरान की एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और लीडरशिप सब खत्म हो चुकी है। वे अब बातचीत करना चाहते हैं। मैंने कहा, ‘बहुत देर हो चुकी है!’
  • यह बयान ऐसे समय आया जब ईरान अमेरिकी एसेट्स पर अटैक्स जारी रखे हुए है। ट्रंप का मानना है कि ईरान की मिलिट्री पावर इतनी कमजोर हो चुकी है कि अब नेगोशिएशन का कोई मतलब नहीं। लेकिन क्या यह उनका फाइनल स्टैंड है?

ट्रंप ने रुख बदला?

दरअसल, ट्रंप का यह स्टेटमेंट उनके हालिया इंटरव्यू से उलट लगता है। अटलांटिक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था: ‘ईरान का नया लीडरशिप मुझसे बात करना चाहता है, और मैं सहमत हूं। उन्हें यह पहले कर लेना चाहिए था – यह बहुत आसान था। लेकिन उन्होंने देर कर दी।’

फ्लोरिडा से दिए इस इंटरव्यू में ट्रंप ने बातचीत की संभावना जताई, लेकिन डिटेल्स नहीं बताए – जैसे किससे बात होगी या कब। अब उनका नया बयान दिखाता है कि जंग की गर्मी में डिप्लोमेसी की उम्मीद कम हो गई है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जहां पहले हमले से दबाव बनाया जाता है, फिर बातचीत की मेज पर मजबूत पोजिशन ली जाती है।

मानवीय नुकसान: कितनी जानें गईं?
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक:

  • ईरान में अमेरिका-इजरायल के अटैक्स से कम से कम 787 मौतें।

  • इजरायल में ईरानी मिसाइलों से 11 मौतें।
  • लेबनान में इजरायल के जवाबी हमलों से 52 मौतें(ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के अटैक्स के बाद)।
  • यह आंकड़े बढ़ सकते हैं, क्योंकि युद्ध जारी है।
  • क्या होगा आगे?

    अमेरिका और इजरायल के हमले रुकने के कोई संकेत नहीं हैं, जबकि ईरान क्षेत्रीय सहयोगियों के जरिए काउंटर-अटैक कर रहा है। ग्लोबल पावर जैसे रूस और चीन की भूमिका अभी साफ नहीं, लेकिन ऑयल प्राइसेज में उछाल से दुनिया भर की इकॉनमी प्रभावित हो रही है। ट्रंप का बयान बताता है कि शॉर्ट टर्म में जंग जारी रहेगी, लेकिन लॉन्ग टर्म में नेगोशिएशन का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं।



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PM Narendra Modi Qatar Call: पीएम मोदी ने कतर के ‘अमीर’ को किया कॉल, भारतीय समुदाय की तरफ से जताया आभार


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Rajya Sabha Candidate:कौन हैं लक्ष्मी वर्मा, किस जाति से? इकलौती महिला उम्मीदवार को BJP क्यों भेज रही राज्यसभा


India

oi-Pallavi Kumari

Laxmi Verma BJP Rajya Sabha Candidate: छत्तीसगढ़ की सियासत में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जब उम्मीदवारों की सूची जारी की तो सबसे ज्यादा चर्चा एक नाम पर थम गई, और वह नाम है लक्ष्मी वर्मा। सवाल उठने लगे कि आखिर कौन हैं लक्ष्मी वर्मा, किस सामाजिक पृष्ठभूमि से आती हैं और पार्टी ने उन्हें ही क्यों चुना।

छत्तीसगढ़ से बीजेपी की इकलौती महिला चेहरा (Rajya Sabha Election 2026)

राज्यसभा की दो सीटें छत्तीसगढ़ से खाली हो रही हैं। बीजेपी ने इनमें से एक सीट के लिए लक्ष्मी वर्मा को मैदान में उतारा है। वह इस सूची में पार्टी की इकलौती महिला उम्मीदवार हैं। लंबे समय से अटकलें थीं कि इस बार संगठन सामाजिक संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व दोनों को साधेगा। यही रणनीति आखिरकार टिकट वितरण में साफ दिखी।

Laxmi Verma BJP Rajya Sabha Candidate

कौन हैं लक्ष्मी वर्मा? (Who is Laxmi Verma)

55 वर्षीय लक्ष्मी वर्मा एमए लोक प्रशासन की पढ़ाई कर चुकी हैं। राजनीति में उनका सफर तीन दशक पुराना है। 1994 में रायपुर के वार्ड नंबर 7 से पार्षद चुनी गईं और यहीं से उनकी सक्रिय राजनीति की शुरुआत हुई। वर्ष 2000 में रायपुर लोकसभा क्षेत्र में सांसद प्रतिनिधि की भूमिका निभाई।

2010 में रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। संगठन में भी उनका कद लगातार बढ़ता गया और 2021 में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। उसी साल उन्होंने भाजपा मीडिया प्रवक्ता के तौर पर भी काम किया। 2024 में उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य बनाया गया।

लक्ष्मी वर्मा राजनीतिक सफर

  • 1994: रायपुर के वार्ड नंबर 7 से पार्षद चुनी गईं
  • 2000: रायपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद प्रतिनिधि रहीं
  • 2010: रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुईं
  • 2021: प्रदेश उपाध्यक्ष बनीं
  • 2021: मीडिया प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाली
  • 2024: राज्य महिला आयोग की सदस्य बनीं
Laxmi Verma BJP Rajya Sabha Candidate

Laxmi Verma Caste: किस जाति से आती हैं और क्यों अहम है यह समीकरण

लक्ष्मी वर्मा कुर्मी समाज से आती हैं, जो ओबीसी वर्ग में महत्वपूर्ण माना जाता है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में सामाजिक समीकरण बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ओबीसी और महिला वर्ग दोनों को साथ लेकर चलने की रणनीति के तहत यह फैसला लिया गया है।

प्रदेश संगठन ने राज्यसभा के लिए सात नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था। शुरुआती सूची में लक्ष्मी वर्मा के साथ नारायण चंदेल, सरोज पांडेय, भूपेंद्र सवन्नी, किरण बघेल, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और निर्मल शामिल थे। मंथन के बाद तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए गए, जिनमें लक्ष्मी वर्मा, नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी थे।

आखिरकार केंद्रीय नेतृत्व ने लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगा दी। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि महिला प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने की रणनीति ने समीकरण बदल दिए।

लक्ष्मी वर्मा को भाजपा क्यों भेज रही है राज्यसभा?

पार्टी लंबे समय से संकेत दे रही थी कि इस बार ‘मातृशक्ति’ को आगे लाया जाएगा। लक्ष्मी वर्मा की महिला वर्ग में मजबूत पकड़ मानी जाती है। संगठन में 30 साल की सक्रियता और जमीनी अनुभव को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला हुआ।

लक्ष्मी वर्मा का राज्यसभा पहुंचना सिर्फ एक नाम का चयन नहीं है। यह संदेश है कि बीजेपी सामाजिक संतुलन, महिला सशक्तिकरण और संगठनात्मक निष्ठा को एक साथ साधना चाहती है। कुर्मी समाज की प्रतिनिधि और तीन दशक के अनुभव वाली नेता को आगे कर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि 2026 की सियासत में रणनीति अब और ज्यादा सूक्ष्म हो चुकी है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह फैसला आने वाले समय में किस तरह असर डालेगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

छत्तीसगढ़ में जीत का गणित (Assembly Strength)

छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 31 वोट जरूरी होते हैं। बीजेपी के पास 54 विधायक हैं, कांग्रेस के पास 35 और एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का है। ऐसे में दोनों प्रमुख दल एक-एक सीट आसानी से जीत सकते हैं।

इस बार जिन दो सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है, वे कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी हैं। कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। फिलहाल राज्य से राज्यसभा में कुल पांच सदस्य हैं। राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का कार्यकाल 2028 तक है, जबकि भाजपा के देवेन्द्र प्रताप सिंह 2030 तक सदस्य बने रहेंगे।

राज्यसभा चुनाव का पूरा कार्यक्रम (Rajya Sabha Election 2026 Schedule date)

नोटिफिकेशन 26 फरवरी 2026 को जारी हुआ। नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। 6 मार्च को जांच होगी और 9 मार्च तक नाम वापसी की जा सकेगी। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना होगी। पूरी प्रक्रिया 20 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।



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Iran US Israel Conflict: संघर्ष और हमलों के बीच ईरान ने दिया झुकने का संकेत, ‘इज्जत के साथ बातचीत के लिए तैयार


International

oi-Smita Mugdha

Iran US Israel Conflict: अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान की ओर से एक अहम बयान सामने आया है। ANI को दिए इंटरव्यू में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्ला सैय्यद अली खामेनेई के प्रतिनिधि बताए जा रहे डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि “ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इज्जत के साथ।”

डॉ. इलाही ने स्पष्ट किया कि ईरान कूटनीतिक समाधान के खिलाफ नहीं है, मगर वह किसी भी तरह के दबाव या एकतरफा शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा। उनके अनुसार, किसी भी वार्ता की बुनियाद आपसी सम्मान, समानता और संप्रभुता के सिद्धांतों पर होनी चाहिए।

Iran US Israel Conflict

Iran US Israel Conflict: जल्द हो सकता है समझौता

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और तीखी बयानबाज़ी ने वैश्विक समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इज़राइल की नीतियों पर सवाल उठाते हुए ईरान लगातार अपने सुरक्षा हितों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह संदेश एक संतुलित रणनीति का हिस्सा हो सकता है जहां वह एक तरफ बातचीत के लिए खुलापन दिखा रहा है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय सम्मान और राजनीतिक स्वतंत्रता पर कोई समझौता न करने की बात दोहरा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि क्या आने वाले दिनों में बैक-चैनल कूटनीति या औपचारिक वार्ता की दिशा में कोई ठोस पहल होती है या नहीं। फिलहाल ईरान का रुख साफ है – बातचीत संभव है, लेकिन शर्त ‘इज्जत’ की होगी।



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रिंकू सिंह के जज्बे पर गंभीर ने दिया ऐसा भाषण कि खिलाड़ियों की भर आईं आंखें, अब हुआ वीडियो वायरल


Cricket

oi-Naveen Sharma

Rinku Singh: रिंकू सिंह अपने पिता के निधन के एक दिन बाद ही टीम इंडिया में शामिल हो गए और कोलकाता में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला अपने नाम किया था। हालांकि रिंकू सिंह को इस मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला था। भारतीय टीम ने इस मैच में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली।

प्लेइंग इलेवन से बाहर रिंकू सिंह को टीम इंडिया के हेड कोच का समर्थन मिला। टीम हडल में रिंकू सिंह को सपोर्ट करते हुए गौतम गंभीर ने कुछ बातें कही, जिसका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।

rinku singh

गौतम गंभीर ने टीम मीटिंग में रिंकू सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि पिता को खोने का दुख सबसे बड़ा होता है, लेकिन उस दुख को समेटकर देश के लिए मैदान पर खड़ा होना असली मर्द की पहचान है। गंभीर ने कहा कि रिंकू ने आज जो किया है, वह हम सभी के लिए प्रेरणा है। जब आप देश के लिए खेलते हैं, तो आपका जज्बा ऐसा ही होना चाहिए।

रिंकू सिंह का इस मुश्किल घड़ी में टीम के साथ जुड़ना सिर्फ एक खिलाड़ी का आना नहीं है, बल्कि यह टीम इंडिया के लिए एक इमोशनल बूस्ट है। गंभीर के शब्दों ने ड्रेसिंग रूम के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। फैंस सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि रिंकू का यह बलिदान खाली नहीं जाएगा और टीम इंडिया इस बार वर्ल्ड कप जीतकर अपने इस योद्धा को ट्रिब्यूट देगी।

गौरतलब है कि ज़िम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले रिंकू सिंह अस्पताल में भर्ती अपने पिता को देखने के लिए आए थे। चौथे स्टेज के लीवर कैंसर से जूझ रहे खानचंद वेंटिलेटर पर थे।

इसके बाद रिंकू सिंह वापस चले गए और पिता का निधन होने पर एक बार फिर से उनको वापस आना पड़ा, अंतिम संस्कार करने के बाद वह टीम से वापस जुड़ गए। अब देखना होगा कि इंग्लैंड के खिलाफ उनको टीम की प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा या नहीं।



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Iran Nuclear: न्यूक्लियर टेस्ट और भूकंप का कनेक्शन, क्या परमाणु धमाका पैदा करता है भूकंप? ईरान पर क्यों शक


International

oi-Pallavi Kumari

Iran Nuclear Earthquake 2026: ईरान के फार्स प्रांत के खोन्ज इलाके में 3 मार्च 2026 को 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (US Geological Survey) के मुताबिक इसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था और यह गेराश शहर से 52 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में आया। झटके ग्रामीण इलाकों में महसूस हुए लेकिन किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई।

भूकंप के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह किसी गुप्त परमाणु परीक्षण का नतीजा हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। संडे गार्जियन लाइव समेत कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस झटके और किसी सैन्य या परमाणु गतिविधि के बीच कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं है। ऐसे में आइए समझते न्यूक्लियर टेस्ट और भूकंप का क्या कनेक्शन है।

Iran Earthquake 2026

Photo Credit: (Image generated using AI)

क्या परमाणु परीक्षण से भूकंप आता है? (Nuclear Test vs Earthquake)

सवाल यही है कि क्या परमाणु धमाका भूकंप पैदा कर सकता है। जवाब है हां, लेकिन उसकी पहचान अलग होती है। भूमिगत परमाणु विस्फोट से जमीन में कंपन जरूर होता है, पर उसकी तरंगें प्राकृतिक टेक्टॉनिक भूकंप से अलग तरह की होती हैं।

Comprehensive Nuclear-Test-Ban Treaty Organization यानी CTBTO के मुताबिक परमाणु परीक्षण की तरंगें विस्फोटक पैटर्न दिखाती हैं, जबकि प्राकृतिक भूकंप धरती की प्लेटों के खिसकने से आते हैं। 2024 में भी ईरान में 4.5 तीव्रता के भूकंप को लेकर ऐसी ही अटकलें लगी थीं, जिन्हें डेटा के आधार पर प्राकृतिक साबित किया गया था।

एक्सपर्ट बताते हैं कि परमाणु परीक्षण की तीव्रता उसकी शक्ति और गहराई पर निर्भर करती है। छोटे परीक्षण 4.5 से 5.5 तीव्रता के झटके दे सकते हैं, मध्यम 5.5 से 6.5 और बड़े मेगाटन स्तर के परीक्षण 6.5 से 7 या उससे ज्यादा। 2016 में उत्तर कोरिया के परीक्षण से 5.1 तीव्रता का झटका दर्ज हुआ था, जिसकी पुष्टि बर्कले सीस्मोलॉजी लैब ने की थी।

परीक्षण को छिपाने के लिए उसे काफी गहराई पर किया जाता है ताकि रेडिएशन बाहर न आए। इसे स्केल्ड डेप्थ ऑफ बरियल कहा जाता है, जो आम तौर पर 100 मीटर प्रति किलोटन से ज्यादा रखी जाती है।

ईरान में हालिया झटका 4.3 का था, जो बड़े परीक्षण के लिए काफी कम माना जाता है। ईरान खुद भूकंप संभावित क्षेत्र में आता है, इसलिए ऐसे झटके असामान्य नहीं हैं।

क्या ईरान 24 घंटे में बम बना सकता है? (Iran Nuclear Capability)

हाल ही में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने दावा किया कि ईरान के पास 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम के 460 किलोग्राम भंडार हैं, जो 11 परमाणु बम बनाने के लिए काफी हो सकते हैं। ईरान ने सीधे तौर पर 24 घंटे में 10 बम बनाने का दावा नहीं किया, लेकिन सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के करीबी मोहम्मद जवाद लारीजानी ने कहा कि जरूरत पड़ी तो देश 24 घंटे में सैन्य परमाणु क्षमता की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।

बीबीसी और न्यूयॉर्क टाइम्स जैसी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अगर ईरान राजनीतिक फैसला ले ले तो कुछ हफ्तों में पहला बम तैयार कर सकता है और छह महीने में कई वारहेड बना सकता है। हालांकि ईरान लगातार कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है।

रूस चीन और उत्तर कोरिया का रोल (Global Nuclear Links)

कार्नेगी एंडाउमेंट और CSIS की रिपोर्ट्स के अनुसार रूस ने ईरान को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सहयोग दिया है, जैसे कम संवर्धित यूरेनियम और रिसर्च सपोर्ट। उत्तर कोरिया से बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक मिलने की बात सामने आई है, जबकि चीन पर डुअल यूज तकनीक देने के आरोप लगे हैं।

हालांकि अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि किसी देश ने ईरान को सीधे परमाणु हथियार तकनीक या तैयार बम सौंपा हो।

अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हों तो? (Middle East Nuclear Risk)

अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता है तो मध्य पूर्व में हालात और विस्फोटक हो सकते हैं। क्षेत्र में हथियारों की नई दौड़ शुरू हो सकती है। इजरायल और अमेरिका पहले ही कह चुके हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे हालात में युद्ध लंबा खिंच सकता है और स्ट्रेट ऑफ होरमुज जैसे रणनीतिक रास्ते बंद होने से तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

क्यों टिकी है दुनिया की नजर!

ईरान पर नजर इसलिए है क्योंकि वहां का हर घटनाक्रम सिर्फ स्थानीय नहीं रहता। भूकंप हो या परमाणु कार्यक्रम, उसका असर वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और सुरक्षा समीकरणों पर पड़ता है। 4.3 का यह झटका भले प्राकृतिक हो, लेकिन परमाणु शक की परछाईं बताती है कि दुनिया आज भी ईरान को लेकर कितनी सतर्क है।



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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का 7 मार्च को हरिद्वार दौरा, सीएम धामी ने ​तैयारियों का लिया जायजा


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

Amit Shah visit Haridwar भाजपा सरकार के चार साल पूरे होने और अर्धकुंभ की तैयारियों की समीक्षा करने केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार पहुंच रहे हैं। अमित शाह के दौरे को लेकर बैरागी कैम्प में प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु पुलिस को पुरा प्लान तैयार करने के निर्देश दिये उन्होने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति न हो यातायात सुचारू रहें ताकि आमजनमानस को असुविधा न होने पाये।

Amit Shah visit Haridwar union Home Cooperation Minister March 7 CM Dhami reviewed preparations

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का उत्तराखण्ड आगमन राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा पुलिस एवं प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले आमजन की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन सेवाओं एवं अग्निशमन व्यवस्था को पूर्ण रूप से तत्पर रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में अनुशासन, पारदर्शिता एवं सुचारू संचालन सर्वाेपरि है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डे एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कि जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने यातायात व्यवस्था एवं वाहनों के पार्किंग व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।



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