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Aaj Ka Panchang: चतुर्थी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, क्या है शुभ मुहूर्त?


Aaj Ka Panchang: चतुर्थी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, क्या है शुभ मुहूर्त? | Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 20 अप्रैल 2026, सोमवार | aaj ka panchang 20 April 2026 today hindu pancahang tithi nakshatra shubh muhurat rahu kaal – Hindi Oneindia



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Mumbai Metro: खुशखबरी, गोल्डन लाइन से जुड़ेगा मुंबई का CSMIA और नवी मुंबई एयरपोर्ट, होंगे 20 स्‍टेशन


Mumbai Metro: खुशखबरी, गोल्डन लाइन से जुड़ेगा मुंबई का CSMIA और नवी मुंबई एयरपोर्ट, होंगे 20 स्‍टेशन | Mumbai Metro: CSMIA and navi Mumbai Airport will be connected by Golden Line, CIDCO advances Metro Line 8 work – Hindi Oneindia



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Aaj Ka Mausam: लखनऊ में पारा पहुंचा 40 पार, 8 राज्यों में चलेगी लू, 5 राज्यों में तगड़ी बारिश का Alert


Aaj Ka Mausam: लखनऊ में पारा पहुंचा 40 पार, 8 राज्यों में चलेगी लू, 5 राज्यों में तगड़ी बारिश का Alert | IMD Weather Forecast Today 20 April 2026 Aaj Ka Mausam Heat Wave Alert in UP, Rajsathan, Rain expected JK-UTT, Assam, in Hindi – Hindi Oneindia



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Core Sector: मार्च में आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में 0.4% की गिरावट, उर्वरक क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित


भारतीय अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार माने जाने वाले आठ प्रमुख उद्योगों के मोर्चे पर मार्च 2026 के लिए निराशाजनक आंकड़े सामने आए हैं। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में इन आठ प्रमुख उद्योगों के संयुक्त सूचकांक (आईसीआई) में सालाना आधार पर 0.4 प्रतिशत (अनंतिम) की गिरावट दर्ज की गई है। यह संकुचन मुख्य रूप से उर्वरक (फर्टिलाइजर), कच्चा तेल (क्रूड ऑयल), कोयला और बिजली उत्पादन में आई कमी के कारण आया है। 

क्या कह रहे आंकडे़?

ये आठ कोर सेक्टर – कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली – देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में कुल 40.27 प्रतिशत का एक बहुत बड़ा भारांक रखते हैं। यह गिरावट इसलिए भी ध्यान देने योग्य है क्योंकि फरवरी 2026 में इन उद्योगों ने 2.8 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की थी। वहीं, पूरे वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च 2025-26) के लिए संचयी वृद्धि दर 2.6 प्रतिशत आंकी गई है।

आंकड़ों की जुबानी

सूचकांक (आधार वर्ष: 2011-12=100) के अनुसार सभी आठ क्षेत्रों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। औद्योगिक विस्तार को प्रभावित करने वाले प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन इस प्रकार है:

गिरावट वाले क्षेत्र


  • उर्वरक: केवल 2.63 प्रतिशत भारांक वाले इस सेक्टर में सबसे भारी गिरावट देखी गई। मार्च 2025 के मुकाबले मार्च 2026 में इसका उत्पादन 24.6 प्रतिशत तक लुढ़क गया।

  • कच्चा तेल: 8.98 प्रतिशत भारांक वाले इस क्षेत्र के उत्पादन में 5.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

  • कोयला: कुल सूचकांक में 10.33 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले कोयला उत्पादन में 4.0 प्रतिशत की गिरावट आई।

  • बिजली: 19.85 प्रतिशत के बड़े भारांक वाले इस सेक्टर का उत्पादन 0.5 प्रतिशत नीचे खिसक गया।

वृद्धि वाले क्षेत्र:


  • प्राकृतिक गैस: इस सेक्टर ने 6.4 प्रतिशत की शानदार वृद्धि के साथ सकारात्मक रुख दिखाया।

  • सीमेंट: निर्माण गतिविधियों के संकेतक, 5.37 प्रतिशत भारांक वाले सीमेंट उत्पादन में 4.0 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

  • स्टील: 17.92 प्रतिशत भारांक वाले स्टील उत्पादन ने 2.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

  • पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद: सबसे अधिक 28.04 प्रतिशत भारांक रखने वाले इस प्रमुख सेक्टर में महज 0.1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि देखी गई।

सीमेंट और स्टील जैसे बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में दर्ज की गई लगातार वृद्धि सकारात्मक संकेत है। वित्त वर्ष 2025-26 की पूरी अवधि के लिए स्टील (9.1%) और सीमेंट (8.6%) की संचयी वृद्धि भी मजबूत रही है। हालांकि, कच्चे तेल, कोयले और उर्वरक में भारी संकुचन ने समग्र कोर औद्योगिक सूचकांक को नकारात्मक दिशा में धकेल दिया है। यह गिरावट आगामी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के व्यापक आंकड़ों पर दबाव डाल सकती है। वाणिज्य मंत्रालय अब अप्रैल 2026 के कोर सेक्टर के आंकड़े 20 मई 2026 को जारी करेगा।



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RCom: धोखाधड़ी से जुड़े मामले में सीबीआई का एक्शन, ₹19694 करोड़ के घोटाले में दो शीर्ष अधिकारी गिरफ्तार


भारतीय बैंकिंग प्रणाली को प्रभावित करने वाले एक बड़े घटनाक्रम में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अनिल अंबानी के नियंत्रण वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को बैंक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कॉर्पोरेट ऋणों की कथित हेराफेरी और शेल कंपनियों के माध्यम से किए गए संदिग्ध लेनदेन की जांच का परिणाम है। 

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से दर्ज मामले में कार्रवाई

सीबीआई ने यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर से दर्ज कराई गई एक आधिकारिक शिकायत के बाद की है। सीबीआई ने इस मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अनिल डी अंबानी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक नियमित मामला दर्ज किया है। एसबीआई की शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि बैंक ने आरोपी कंपनी को क्रेडिट सुविधाएं स्वीकृत की थीं, लेकिन उधारकर्ताओं की कथित धोखाधड़ीपूर्ण गतिविधियों के कारण बैंक को बड़ा नुकसान हुआ।

कितना बड़ा है घोटाला?

इस वित्तीय धोखाधड़ी का प्रभाव बेहद व्यापक है और यह केवल एक बैंक तक सीमित नहीं है:


  • अकेले भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को लगभग 2929.05 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

  • इस धोखाधड़ी के कारण 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों (एफआई) को कुल मिलाकर 19,694.33 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।

कैसे दिया गया धोखाधड़ी को अंजाम?


  • सीबीआई की अब तक की जांच में इस वित्तीय हेराफेरी के तरीकों का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी ने मुख्य रूप से धोखाधड़ी के दो बड़े बिंदु उजागर किए हैं:

  • शेल कंपनियों का उपयोग: रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने कंपनी के ही अधिकारियों द्वारा नियंत्रित शेल (फर्जी) संस्थाओं के माध्यम से घुमावदार लेनदेन किए।

  • फर्जी लेनदेन और एलसी का दुरुपयोग: जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी ने अपने समूह की ही अन्य संस्थाओं के साथ फर्जी सेवा-संबंधित लेनदेन दिखाकर लेटर ऑफ क्रेडिट  को डिस्काउंट कराया था। 

  • बाद में ये सभी लेटर ऑफ क्रेडिट डिफॉल्ट हो गए, जो अंततः बैंकों के लिए एक बहुत बड़े वित्तीय नुकसान का मुख्य कारण बने।

सीबीआई ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए रिलायंस कम्युनिकेशंस के जिन दो शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान डी विश्वनाथ और अनिल काल्या के रूप में हुई है। 19,694 करोड़ रुपये से अधिक के इस डिफ़ॉल्ट मामले में सीबीआई की आगे की जांच जारी है, जो कॉर्पोरेट धोखाधड़ी और शेल कंपनियों के नेटवर्क पर केंद्रित है।



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US-Iran Talks: अमेर‍िका-ईरान शांत‍ि वार्ता पर संकट, ट्रंप PAK भेज रहे डेलिगेशन, ईरान ने रख दी बड़ी शर्त


US-Iran Talks: अमेर‍िका-ईरान शांत‍ि वार्ता पर संकट, ट्रंप PAK भेज रहे डेलिगेशन, ईरान ने रख दी बड़ी शर्त | US-Iran Talks: Trump is sending delegation to Pakistan, Iran said – no talks until Hormuz blockade is lifted – Hindi Oneindia



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PPF Account: जरूरत का साथी पीपीएफ खाता, महंगे लोन से बचकर अपने ही पैसे से पूरी करें जरूरी खर्च


राजेंद्र गुप्ता को बेटी की उच्च शिक्षा के लिए कुछ पैसों की जरूरत थी। उनके पास पीपीएफ खाता तो था, लेकिन मैच्योरिटी में अभी वक्त था। तभी उन्हें पता चला, वे अपने ही जमा पैसे पर सस्ता लोन ले सकते हैं। पीपीएफ सिर्फ टैक्स बचाने की मशीन नहीं, बल्कि जरूरत पर आपकी आपातकालीन तिजोरी भी है।

क्या है पीपीएफ पर लोन का गणित

सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) को हम आमतौर पर लंबी अवधि के निवेश और धारा 80C के तहत टैक्स छूट के लिए जानते हैं। लेकिन, इसकी एक बड़ी खासियत यह है कि जब आप समय से पहले पैसा निकालने के पात्र नहीं होते, तब आप इस पर कर्ज ले सकते हैं।

कब और किसे मिलेगा कर्ज?

आप पीपीएफ खाता खोलने के दूसरे साल के बाद और पांचवें साल के खत्म होने से पहले ही लोन ले सकते हैं। यह सुविधा सिर्फ तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे साल के दौरान ही मिलती है।

कितना पैसा मिलेगा

आप अपनी मर्जी से कितना भी पैसा नहीं निकाल सकते। इसका एक फिक्स फॉर्मूला है:

■ जिस साल आप लोन मांग रहे हैं, उससे दो साल पीछे जाइए।

■ उस साल के अंत में आपके खाते में जितना पैसा था, उसका 25% ही आपको लोन के रूप में मिल सकता है।

■ उदाहरण: मान लीजिए वित्त वर्ष 2026-27 चल रहा है और आप आज लोन लेना चाहते हैं।

अब दो साल पीछे जाइए, यानी वित्त वर्ष 2024-25

■ 31 मार्च, 2025 को आपके पीपीएफ खाते में जितना बैलेंस था, बैंक उसका 25% पैसा आपको लोन के तौर पर देगा।

कम ब्याज दर का फायदा

लोन पर ब्याज दर आपके पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज से जुड़ी होती है।

■ सामान्य दर: फिलहाल पीपीएफ पर 7.1% ब्याज मिल रहा है। लोन की दर इससे 1% ज्यादा होती है। यानी आपको प्रभावी रूप से 8.1% सालाना ब्याज देना होगा।

■ पेनाल्टी दर: अगर आप 36 महीनों के भीतर लोन नहीं चुका पाते हैं, तो ब्याज दर पीपीएफ दर से 6% ज्यादा हो जाएगी (यानी कुल 13.1%)। यह पेनाल्टी रेट लोन लेने के पहले दिन से ही लागू होगा।

ये भी पढ़ें: ऑनलाइन बीमा खरीदना कहीं जेब पर न पड़ जाए भारी, ‘डार्क पैटर्न्स’ के खेल में बदल सकते हैं आपके फैसले

लोन चुकाने के नियम

■ समय सीमा: अधिकतम 36 महीनों के भीतर चुकाना अनिवार्य है।

■ भुगतान का क्रम: आपको पहले मूलधन चुकाना होता है और उसके बाद ब्याज। मूलधन आप एकमुश्त या किस्तों में दे सकते हैं।

■ मूलधन खत्म होने के बाद अधिकतम दो किस्तों में ब्याज भरना होता है।

■ अगर नहीं चुकाया तो: यदि आप लोन नहीं चुकाते हैं, तो मैच्योरिटी या पैसा निकालने के समय बकाया राशि (पेनाल्टी ब्याज सहित) आपके पीपीएफ बैलेंस से काट ली जाएगी।

स्मार्ट विकल्प : पर्सनल लोन की 12-15% वाली भारी ब्याज दरों के चक्रव्यूह में फंसने के बजाय पीपीएफ लोन एक स्मार्ट विकल्प है।  

तारीख पता है?

कंपनियों के तिमाही नतीजे

20 अप्रैल: PNB Housing, SML Isuzu, Ugro Capital

21 अप्रैल: HCL Tech, Nestle India, Persistent Sys

22 अप्रैल: SBI Life, Tech Mahindra, Havells India, L&T Tech

23 अप्रैल: Reliance Ind, Axis Bank, Trent, Motilal Oswal

24 अप्रैल: Adani Green, SBI Card, Atul

25 अप्रैल: IDFC First, India Cement

27 अप्रैल: Ultratech, Coal India

 



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नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई: ईडी की ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती, निचली अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया था




नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली हाई कोर्ट सोमवार को ED की याचिका पर सुनवाई करेगा। ईडी ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। ट्रायल कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 दिसंबर को सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया था। मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में होगी। ED ने आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य ने साजिश के तहत Associated Journals Limited (AJL) की करीब 2000 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर कब्जा किया। इसके लिए यंग इंडियन कंपनी का इस्तेमाल किया गया, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी। दिसंबर 2025: ट्रॉयल कोर्ट बोला- ED ने प्रक्रिया उलट दी, पहले जांच, बाद में FIR
2022 में सोनिया-राहुल से घंटों हुई थी पूछताछ जून 2022 में नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी से 5 दिनों में 50 घंटे पूछताछ हुई थी। फिर 21 जुलाई 2022 में नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी से 3 दिन में 12 घंटे सवाल हुए थे। इस दौरान उनसे 100 से ज्यादा सवाल किए गए। ईडी ने राहुल गांधी से भी जून में पांच दिनों में 50 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। क्या है नेशनल हेराल्ड केस BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया, राहुल और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था। आरोप के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गेनाइजेशन नाम की संस्था बनाई, जिसकी अधिकतर हिस्सेदारी गांधी परिवार के पास है। यंग इंडियन के जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली AJL का अवैध अधिग्रहण कर लिया। स्वामी का आरोप था कि ये सब दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की ₹2000 करोड़ की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था। आरोप है मुताबिक, ₹2000 करोड़ की कंपनी को केवल ₹50 लाख में खरीदा गया। सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया, राहुल समेत केस से जुड़े कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की अब मौत हो चुकी है।



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MMS Leak 2026: डीपफेक से लेकर नमो भारत तक, जानें पूरा सच


होमताजा खबरदेश

MMS लीक की आई बाढ़, दफ्तर से बेडरूम तक खुले राज, किसने किए ये सारे कांड

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MMS Leak & Cyber Crime: पिछले डेढ़ साल में भारत में एमएमएस लीक की बाढ़ सी आ गई है. स्‍कैमर्स ने ’19 मिनट के वीडियो’ और ‘सीजन 5’ नाम के डीपफेक वीडियो बनाकर मैलवेयर लिंक हजारों लोगों के फोन तक पहुंचा दिया. इसके बाद, सभी के बैंक खाते खाली हो गए. नमो भारत ट्रेन का सीसीटीवी फुटेज लीक हुआ, जिसके बाद पीड़ितों ने आत्महत्या का प्रयास किया. इन सभी कांड के पीछे कौन था, आइए जानें पूरी कहानी…

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साइबर क्राइम में एआई का इस्‍तेमाल एक नई चुनौती बन चुका है.

MMS Leak & Cyber Crime: देश में बीते डेढ़ साल के दौरान एमएमएस लीक की ऐसी बाढ़ आई कि दफ्तर से लेकर बेडरूम तक होने वाली हरकतें एक झटके में सबके सामने आ गईं. लीक हुए एमएमएस सिर्फ दफ्तर और बेडरूम तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि इनकी जद कॉलेज और मेट्रो ट्रेन तक फैली हुई थी. ये हरकतें जायज थीं या नाजायज, फिलहाल यह सवाल नहीं है. सवाल यह है कि इन एमएमएस वीडियोज को लोगों के मोबाइल तक किसने और कैसे पहुंचा. इस सवाल का पूरा जवाब मिलता, इससे पहले सोशल मीडिया में सोशल मीडिया में वायरल हुए ’19 मिनट के वीडियो’ ने सिक्‍योरिटी एजेंसीज और साइबर एक्‍सपर्ट्स का भी सबका दिमाग हिला दिया.

इस वीडियो को देखने के बाद किसी आम आदमी के लिए यह अंदाजा लगाना नामुमकिन था कि वह वीडियो असली था या फिर उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किया गया था. इस वीडियो की गुत्‍थी सुलझती, इससे पहले ‘सीजन 5′ और ’50 मिनट के फुल वर्जन’ ने साइबर एक्‍सपर्ट्स को नया चैलेंज दे दिया. दरअसल, एआई के जरिए तैयार किए गए इन वीडियोज के जरिए स्कैमर्स ने लोगों की उत्सुकता का फायदा उठाया. इन वीडियोज के जरिए मैलवेयर लिंक लोगों के मोबाइल तक पहुंचाए गए. इसके बाद, हजारों लोगों के फोन हैक कर बैंक अकाउंट खाली कर दिए. इसके बाद सामने आए नमो भारत ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज लीक ने सरकारी निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए.

इन कांडों में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से ज्‍यादातर लीक या तो एआई से बनाए गए थे, या फिर करीबी दोस्तों ने लीक किए थे. कई लीक्‍स में सिक्‍योरिटी स्‍टाफ भी शामिल मिला. वीडियो को लोगों के बीच पॉपुलर करने के लिए जानी मानी महिला यूट्यूबर के चेहरे का इस्‍तेमाल कर डीपफेक वीडियो वायरल किए गए. वहीं एक मामला ऐसा था कि एक पीडि़ता का वीडियो उसके ही दोस्त ने लीक कर दिया. नमो भारत ट्रेन का सीसीटीवी वीडियो एक स्‍टाफ ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर फैला दिया. साइबर फ्रॉड्स ने ‘ललिता’ और ‘सारा बलोच’ के नाम पर फर्जी लिंक बनाकर लोगों को खूब ठगा. कुल मिलाकर अब एमएमएस लीक अब साइबर फ्रॉड्स के लिए एक नया हथियार बन चुका है.

लोगों के दिमाग को हिला गए ये पांच बड़े कांड

  1. कांड 1: ’19 मिनट का वीडियो’ और ‘सीजन 5’ का झांसा
    नवंबर 2025 में एक 19 मिनट का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर एक बंगाली यूट्यूबर और उनकी गर्लफ्रेंड थी. देखते ही देखते दावे किए जाने लगे कि इसका ‘सीजन 5′ और ’50 मिनट का फुल वर्जन’ लीक हो गया है. साइबर जांच में खुलासा हुआ कि असलियत में कोई ‘सीजन 5’ मौजूद ही नहीं था. जो वीडियो वायरल हो रहे थे, वे एआई डीपफेक टेक्‍नोलॉजी से बनाए गए थे. फोरेंसिक रिपोर्ट में बताया गया कि वीडियो में चेहरे के हाव-भाव नेचुरल नहीं थे, होंठ ऑडियो से मेल नहीं खा रहे थे और लाइटिंग मिसमैच थी. जांच में यह भी सामने आया कि असली मंशा साइबर ठगी की थी. स्कैमर्स ने ‘सीजन 5’ के नाम पर फेक लिंक बनाए, जिन पर क्लिक करते ही यूजर के फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता था. इससे बैंकिंग डिटेल्स, यूपीआई पिन और ओटीपी चोरी हो रहे थे.
  2. कांड 2: नमो भारत ट्रेन का सीसीटीवी लीक
    दिसंबर 2025 में गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की नमो भारत ट्रेन का 4 मिनट 44 सेकंड का एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ. इसमें एक युवक और युवती ट्रेन के कोच में अंतरंग पलों में डूबे दिखे. इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी. जांच में कई चौंकाने वाला खुलासा हुए. यह वीडियो एनसीआरटीसी के ही एक स्‍टाफ ऋषभ ने अपने मोबाइल फोन से सीसीटीवी फुटेज रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर लीक किया था. जिन लोगों पर यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही प्राइवेसी का उल्लंघन किया. एनसीआरटीसी ने आरोपी को बर्खास्त कर दिया और मुरादनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई. इस वीडियो का अंजाम और भी दर्दनाक रहा. दोनों स्टूडेंट्स कॉलेज जाना छोड़ चुके थे, डिप्रेशन में आत्महत्या का प्रयास किया. अंततः परिवारों ने दबाव में आकर दोनों की शादी करा दी गई.
  3. कांड 3: सारा बलोच और ललिता के नाम पर डिजिटल हनी ट्रैप
    फरवरी 2026 में पाकिस्तानी क्रिएटर सारा बलोच का नाम ‘असम इंसीडेंट’ से जोड़कर एक लिंक वायरल किया गया. दावा किया गया कि उनका ‘लीक एमएमएस’ वायरल हो रहा है. हकीकत में सारा बलोच का उस वीडियो से कोई लेना-देना नहीं था. यह पूरी तरह से साइबर स्कैम था, जिसमें उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों के एकाउंट साफ किए जा रहे थे. वहीं, तेलंगाना के करीमनगर में पुलिस ने ललिता और उसके पति को गिरफ्तार किया. यह दंपति सोशल मीडिया पर दोस्ती कर पुरुषों को किराए के फ्लैट पर बुलाता, जहां पति हिडन कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड करता. फिर ब्लैकमेल कर पैसे वसूले जाते. पुलिस ने साफ किया कि ‘ललिता वायरल वीडियो’ इंटरनेट पर नहीं है, बल्कि पुलिस के मालखाने में बंद है. फिर भी स्कैमर्स ने उसी नाम से फेक लिंक बनाकर लोगों के फोन हैक करने शुरू कर दिए.
  4. कांड 4: बंगाली यूट्यूबर के बॉयफ्रेंड ने कर दिया कांड
    बंगाली महिला यूट्यूबर का 16 मिनट का एक प्राइवेट वीडियो अचानक वायरल हो गया. इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा हुआ था. तब यूट्यूबर ने खुद एक वीडियो जारी कर चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो उनके एक्‍स-बॉयफ्रेंड ने बदला लेने के लिए लीक किया है. यह एक ऐसा मामला था, जिसमें ब्रेकअप के बाद बदला लेने के लिए अपने ही पार्टनर के निजी पलों को पब्लिक कर दिया था. इसके बाद, यूट्यूबर का एक और वीडियो आया, जिसे स्टेज्ड और एडिटेड बताया गया, लेकिन तब तक बहुत बड़ा नुकसान हो चुका था. यूट्यूबर के लिए घर से बाहर निकलना तो छोडिए, घर के अंदर रहना भी मुश्किल हो गया था.
  5. कांड 5: भोजपुरी स्‍टार का एमएमएस हुआ वायरल
    नवंबर 2025 में महज 15 साल की एक भोजपुरी एक्टर का एक एमएमएस वायरल हो गया. पूरे इंटरनेट पर हड़कंप मच गया. बाद में फोरेंसिक जांच में पता चला कि यह वीडियो पूरी तरह से एआई डीपफेक था, जिसमें पीडि़ता का चेहरा किसी दूसरी बॉडी पर चिपका दिया गया था. इसकी कड़ी एक इंटरनेशनल पोर्न-बॉट नेटवर्क से जुड़ी मिली. इसी तरह, असम की महिला इन्फ्लुएंसर का भी एक वीडियो वायरल हुआ. फोरेंसिक रिपोर्ट ने साबित कर दिया कि यह एआई बॉडी-स्वैप टेक्नोलॉजी से बनाया गया था. वीडियो में लाइटिंग मिसमैच थी, बैकग्राउंड अलग थे. अपनी सफाई में पीडि़ता ने कहा था कि एआई ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी.

आपके मन में उठते हर सवाल का है यहां जवाब

क्या मैं भी डीपफेक एमएमएस का शिकार हो सकता हूं?
हां, दुर्भाग्य से आप भी इसका शिकार हो सकते हैं. डीपफेक टेक्‍नोलॉजी आज इतनी सस्ती हो गई है कि कोई भी शख्‍स आपके सोशल मीडिया से कुछ तस्वीरें चोरी कर आपका अश्लील वीडियो बना सकता है. यह बनाने में उसे मुश्किल से 10-15 मिनट लगते हैं. सबसे गंभीर बात यह है कि आपको सेलिब्रिटी होने की जरूरत नहीं है. स्कैमर्स आपकी तस्वीरें भी चुराते हैं.

स्‍कैमर्स को हमारी तस्‍वीरें कहां से मिलती है. इन तस्‍वीरों को उन तक पहुंचने से कैसे रोका जा सकता है?
तस्‍वीरों की सबसे ज्‍यादा चोरियां व्हाट्सएप डीपी, इंस्टाग्राम स्टोरी और फेसबुक प्रोफाइल से होती है. एक बार तस्वीरें हाथ लग गई तो कोई भी उसका इस्तेमाल कर सकता है. इसलिए अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल को हमेशा प्राइवेट रखें. अनजान लोगों से दोस्ती न करें. कभी भी किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें. अगर ऐसा होता है, तो तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं.

डीपफेक वीडियो को असली से कैसे पहचाना जा सकता है?
डीपफेक वीडियो को पहचानना काफी मुश्किल है. लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं,‍ जिन पर गौर कर डीपफेक वीडियो को पहचाना जा सकता है. पहला चेहरे के हाव-भाव देख कर अंदाजा लागया जा सकता है. डीपफेक में चेहरा अक्सर बेजान, रोबोटिक या अप्राकृतिक लगता है. दूसरा पलकें आपको सच बता देंगी. असली इंसान नियमित रूप से पलकें झपकाता है, जबकि डीपफेक में यह अनियमित या बहुत कम होता है. तीसरा होंठ और आवाज का मेल खाना. डीपफेक में होंठ ऑडियो से मेल नहीं खाते. चौथा लाइटिंग और स्किन टोन. अगर चेहरे और बॉडी पर अलग-अलग लाइटिंग पड़ रही है, तो यह डीपफेक हो सकता है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें



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MEA: ‘होर्मुज में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता’, जायसवाल बोले- ईरान से हो रही लगातार बातचीत


भारत सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की मदद को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में घरेलू गैस, बंदरगाह संचालन और आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं, जबकि विदेश मंत्रालय लगातार भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है।

खाड़ी देशों के साथ भारत की बातचीत जारी 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर खाड़ी देशों के साथ भारत की सक्रिय बातचीत जारी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने 19 अप्रैल को सऊदी अरब का आधिकारिक दौरा किया, जहां उन्होंने ऊर्जा मंत्री, विदेश मंत्री और अपने समकक्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा हुई।

होर्मुज से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर जोर

जायसवाल ने कहा कि भारत ईरान और अन्य देशों के संपर्क में है ताकि होर्मुज से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि शनिवार को हुई फायरिंग की घटना की जानकारी मिलते ही भारत ने इस मामले को गंभीरता से उठाया।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर क्या बोले?

उन्होंने कहा कि भारतीय पक्ष ने ईरान के राजदूत को तलब किया और विदेश सचिव स्तर पर बैठक कर गहरी चिंता जताई। भारत ने साफ कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और समुद्री मार्गों पर बिना किसी बाधा के आवाजाही होनी चाहिए। जयसवाल के मुताबिक, ईरानी राजदूत ने आश्वासन दिया कि भारत की चिंताओं को तेहरान स्थित संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संपर्क लगातार जारी है।

भारतीय दूतावास और बंदरगाह 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि क्षेत्र में भारतीय दूतावास और बंदरगाह 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं। उड़ानों, यात्रा व्यवस्था, वाणिज्य दूतावास सेवाओं और भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए लगातार काम किया जा रहा है।



उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गल्फ एयर ने बहरीन और भारत के बीच सीमित उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना की घोषणा की है। अब तक 2,423 भारतीय नागरिक ईरान और अजरबैजान  से बाहर निकाले जा चुके हैं। साथ ही जॉर्डन और मिस्र से भारतीय नागरिकों की भारत वापसी भी सुगम बनाई जा रही है।

एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है- सुजाता शर्मा

पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में घरेलू एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी गैस खत्म होने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन अब उसे 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। प्राकृतिक गैस की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें घरेलू जरूरतों और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी गई है।



उन्होंने बताया कि जिन राज्यों ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार में सहयोग दिया है, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी दी जा रही है। वर्तमान में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त एलपीजी उपलब्ध कराई जा रही है।

भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग 

वहीं, बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि पिछले 48 घंटों में भारत के दो जहाज होर्मुज से गुजरते समय फायरिंग की घटना का शिकार हुए, जिसके बाद दोनों जहाज वापस फारस की खाड़ी लौट गए। हालांकि किसी भी चालक दल के सदस्य को चोट नहीं पहुंची।



उन्होंने कहा कि मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। महानिदेशक शिपिंग के माध्यम से अब तक 2,563 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 25 नाविक शामिल हैं। देशभर के बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है और कहीं भी भीड़भाड़ की स्थिति नहीं है।


 



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