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PPF Account: जरूरत का साथी पीपीएफ खाता, महंगे लोन से बचकर अपने ही पैसे से पूरी करें जरूरी खर्च


राजेंद्र गुप्ता को बेटी की उच्च शिक्षा के लिए कुछ पैसों की जरूरत थी। उनके पास पीपीएफ खाता तो था, लेकिन मैच्योरिटी में अभी वक्त था। तभी उन्हें पता चला, वे अपने ही जमा पैसे पर सस्ता लोन ले सकते हैं। पीपीएफ सिर्फ टैक्स बचाने की मशीन नहीं, बल्कि जरूरत पर आपकी आपातकालीन तिजोरी भी है।

क्या है पीपीएफ पर लोन का गणित

सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) को हम आमतौर पर लंबी अवधि के निवेश और धारा 80C के तहत टैक्स छूट के लिए जानते हैं। लेकिन, इसकी एक बड़ी खासियत यह है कि जब आप समय से पहले पैसा निकालने के पात्र नहीं होते, तब आप इस पर कर्ज ले सकते हैं।

कब और किसे मिलेगा कर्ज?

आप पीपीएफ खाता खोलने के दूसरे साल के बाद और पांचवें साल के खत्म होने से पहले ही लोन ले सकते हैं। यह सुविधा सिर्फ तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे साल के दौरान ही मिलती है।

कितना पैसा मिलेगा

आप अपनी मर्जी से कितना भी पैसा नहीं निकाल सकते। इसका एक फिक्स फॉर्मूला है:

■ जिस साल आप लोन मांग रहे हैं, उससे दो साल पीछे जाइए।

■ उस साल के अंत में आपके खाते में जितना पैसा था, उसका 25% ही आपको लोन के रूप में मिल सकता है।

■ उदाहरण: मान लीजिए वित्त वर्ष 2026-27 चल रहा है और आप आज लोन लेना चाहते हैं।

अब दो साल पीछे जाइए, यानी वित्त वर्ष 2024-25

■ 31 मार्च, 2025 को आपके पीपीएफ खाते में जितना बैलेंस था, बैंक उसका 25% पैसा आपको लोन के तौर पर देगा।

कम ब्याज दर का फायदा

लोन पर ब्याज दर आपके पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज से जुड़ी होती है।

■ सामान्य दर: फिलहाल पीपीएफ पर 7.1% ब्याज मिल रहा है। लोन की दर इससे 1% ज्यादा होती है। यानी आपको प्रभावी रूप से 8.1% सालाना ब्याज देना होगा।

■ पेनाल्टी दर: अगर आप 36 महीनों के भीतर लोन नहीं चुका पाते हैं, तो ब्याज दर पीपीएफ दर से 6% ज्यादा हो जाएगी (यानी कुल 13.1%)। यह पेनाल्टी रेट लोन लेने के पहले दिन से ही लागू होगा।

ये भी पढ़ें: ऑनलाइन बीमा खरीदना कहीं जेब पर न पड़ जाए भारी, ‘डार्क पैटर्न्स’ के खेल में बदल सकते हैं आपके फैसले

लोन चुकाने के नियम

■ समय सीमा: अधिकतम 36 महीनों के भीतर चुकाना अनिवार्य है।

■ भुगतान का क्रम: आपको पहले मूलधन चुकाना होता है और उसके बाद ब्याज। मूलधन आप एकमुश्त या किस्तों में दे सकते हैं।

■ मूलधन खत्म होने के बाद अधिकतम दो किस्तों में ब्याज भरना होता है।

■ अगर नहीं चुकाया तो: यदि आप लोन नहीं चुकाते हैं, तो मैच्योरिटी या पैसा निकालने के समय बकाया राशि (पेनाल्टी ब्याज सहित) आपके पीपीएफ बैलेंस से काट ली जाएगी।

स्मार्ट विकल्प : पर्सनल लोन की 12-15% वाली भारी ब्याज दरों के चक्रव्यूह में फंसने के बजाय पीपीएफ लोन एक स्मार्ट विकल्प है।  

तारीख पता है?

कंपनियों के तिमाही नतीजे

20 अप्रैल: PNB Housing, SML Isuzu, Ugro Capital

21 अप्रैल: HCL Tech, Nestle India, Persistent Sys

22 अप्रैल: SBI Life, Tech Mahindra, Havells India, L&T Tech

23 अप्रैल: Reliance Ind, Axis Bank, Trent, Motilal Oswal

24 अप्रैल: Adani Green, SBI Card, Atul

25 अप्रैल: IDFC First, India Cement

27 अप्रैल: Ultratech, Coal India

 



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नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई: ईडी की ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती, निचली अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया था




नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली हाई कोर्ट सोमवार को ED की याचिका पर सुनवाई करेगा। ईडी ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। ट्रायल कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 दिसंबर को सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया था। मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में होगी। ED ने आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य ने साजिश के तहत Associated Journals Limited (AJL) की करीब 2000 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर कब्जा किया। इसके लिए यंग इंडियन कंपनी का इस्तेमाल किया गया, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी। दिसंबर 2025: ट्रॉयल कोर्ट बोला- ED ने प्रक्रिया उलट दी, पहले जांच, बाद में FIR
2022 में सोनिया-राहुल से घंटों हुई थी पूछताछ जून 2022 में नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी से 5 दिनों में 50 घंटे पूछताछ हुई थी। फिर 21 जुलाई 2022 में नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी से 3 दिन में 12 घंटे सवाल हुए थे। इस दौरान उनसे 100 से ज्यादा सवाल किए गए। ईडी ने राहुल गांधी से भी जून में पांच दिनों में 50 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। क्या है नेशनल हेराल्ड केस BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया, राहुल और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था। आरोप के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गेनाइजेशन नाम की संस्था बनाई, जिसकी अधिकतर हिस्सेदारी गांधी परिवार के पास है। यंग इंडियन के जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली AJL का अवैध अधिग्रहण कर लिया। स्वामी का आरोप था कि ये सब दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की ₹2000 करोड़ की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था। आरोप है मुताबिक, ₹2000 करोड़ की कंपनी को केवल ₹50 लाख में खरीदा गया। सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया, राहुल समेत केस से जुड़े कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की अब मौत हो चुकी है।



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MMS Leak 2026: डीपफेक से लेकर नमो भारत तक, जानें पूरा सच


होमताजा खबरदेश

MMS लीक की आई बाढ़, दफ्तर से बेडरूम तक खुले राज, किसने किए ये सारे कांड

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MMS Leak & Cyber Crime: पिछले डेढ़ साल में भारत में एमएमएस लीक की बाढ़ सी आ गई है. स्‍कैमर्स ने ’19 मिनट के वीडियो’ और ‘सीजन 5’ नाम के डीपफेक वीडियो बनाकर मैलवेयर लिंक हजारों लोगों के फोन तक पहुंचा दिया. इसके बाद, सभी के बैंक खाते खाली हो गए. नमो भारत ट्रेन का सीसीटीवी फुटेज लीक हुआ, जिसके बाद पीड़ितों ने आत्महत्या का प्रयास किया. इन सभी कांड के पीछे कौन था, आइए जानें पूरी कहानी…

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साइबर क्राइम में एआई का इस्‍तेमाल एक नई चुनौती बन चुका है.

MMS Leak & Cyber Crime: देश में बीते डेढ़ साल के दौरान एमएमएस लीक की ऐसी बाढ़ आई कि दफ्तर से लेकर बेडरूम तक होने वाली हरकतें एक झटके में सबके सामने आ गईं. लीक हुए एमएमएस सिर्फ दफ्तर और बेडरूम तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि इनकी जद कॉलेज और मेट्रो ट्रेन तक फैली हुई थी. ये हरकतें जायज थीं या नाजायज, फिलहाल यह सवाल नहीं है. सवाल यह है कि इन एमएमएस वीडियोज को लोगों के मोबाइल तक किसने और कैसे पहुंचा. इस सवाल का पूरा जवाब मिलता, इससे पहले सोशल मीडिया में सोशल मीडिया में वायरल हुए ’19 मिनट के वीडियो’ ने सिक्‍योरिटी एजेंसीज और साइबर एक्‍सपर्ट्स का भी सबका दिमाग हिला दिया.

इस वीडियो को देखने के बाद किसी आम आदमी के लिए यह अंदाजा लगाना नामुमकिन था कि वह वीडियो असली था या फिर उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किया गया था. इस वीडियो की गुत्‍थी सुलझती, इससे पहले ‘सीजन 5′ और ’50 मिनट के फुल वर्जन’ ने साइबर एक्‍सपर्ट्स को नया चैलेंज दे दिया. दरअसल, एआई के जरिए तैयार किए गए इन वीडियोज के जरिए स्कैमर्स ने लोगों की उत्सुकता का फायदा उठाया. इन वीडियोज के जरिए मैलवेयर लिंक लोगों के मोबाइल तक पहुंचाए गए. इसके बाद, हजारों लोगों के फोन हैक कर बैंक अकाउंट खाली कर दिए. इसके बाद सामने आए नमो भारत ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज लीक ने सरकारी निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए.

इन कांडों में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से ज्‍यादातर लीक या तो एआई से बनाए गए थे, या फिर करीबी दोस्तों ने लीक किए थे. कई लीक्‍स में सिक्‍योरिटी स्‍टाफ भी शामिल मिला. वीडियो को लोगों के बीच पॉपुलर करने के लिए जानी मानी महिला यूट्यूबर के चेहरे का इस्‍तेमाल कर डीपफेक वीडियो वायरल किए गए. वहीं एक मामला ऐसा था कि एक पीडि़ता का वीडियो उसके ही दोस्त ने लीक कर दिया. नमो भारत ट्रेन का सीसीटीवी वीडियो एक स्‍टाफ ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर फैला दिया. साइबर फ्रॉड्स ने ‘ललिता’ और ‘सारा बलोच’ के नाम पर फर्जी लिंक बनाकर लोगों को खूब ठगा. कुल मिलाकर अब एमएमएस लीक अब साइबर फ्रॉड्स के लिए एक नया हथियार बन चुका है.

लोगों के दिमाग को हिला गए ये पांच बड़े कांड

  1. कांड 1: ’19 मिनट का वीडियो’ और ‘सीजन 5’ का झांसा
    नवंबर 2025 में एक 19 मिनट का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर एक बंगाली यूट्यूबर और उनकी गर्लफ्रेंड थी. देखते ही देखते दावे किए जाने लगे कि इसका ‘सीजन 5′ और ’50 मिनट का फुल वर्जन’ लीक हो गया है. साइबर जांच में खुलासा हुआ कि असलियत में कोई ‘सीजन 5’ मौजूद ही नहीं था. जो वीडियो वायरल हो रहे थे, वे एआई डीपफेक टेक्‍नोलॉजी से बनाए गए थे. फोरेंसिक रिपोर्ट में बताया गया कि वीडियो में चेहरे के हाव-भाव नेचुरल नहीं थे, होंठ ऑडियो से मेल नहीं खा रहे थे और लाइटिंग मिसमैच थी. जांच में यह भी सामने आया कि असली मंशा साइबर ठगी की थी. स्कैमर्स ने ‘सीजन 5’ के नाम पर फेक लिंक बनाए, जिन पर क्लिक करते ही यूजर के फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता था. इससे बैंकिंग डिटेल्स, यूपीआई पिन और ओटीपी चोरी हो रहे थे.
  2. कांड 2: नमो भारत ट्रेन का सीसीटीवी लीक
    दिसंबर 2025 में गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की नमो भारत ट्रेन का 4 मिनट 44 सेकंड का एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ. इसमें एक युवक और युवती ट्रेन के कोच में अंतरंग पलों में डूबे दिखे. इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी. जांच में कई चौंकाने वाला खुलासा हुए. यह वीडियो एनसीआरटीसी के ही एक स्‍टाफ ऋषभ ने अपने मोबाइल फोन से सीसीटीवी फुटेज रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर लीक किया था. जिन लोगों पर यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी थी, उन्होंने ही प्राइवेसी का उल्लंघन किया. एनसीआरटीसी ने आरोपी को बर्खास्त कर दिया और मुरादनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई. इस वीडियो का अंजाम और भी दर्दनाक रहा. दोनों स्टूडेंट्स कॉलेज जाना छोड़ चुके थे, डिप्रेशन में आत्महत्या का प्रयास किया. अंततः परिवारों ने दबाव में आकर दोनों की शादी करा दी गई.
  3. कांड 3: सारा बलोच और ललिता के नाम पर डिजिटल हनी ट्रैप
    फरवरी 2026 में पाकिस्तानी क्रिएटर सारा बलोच का नाम ‘असम इंसीडेंट’ से जोड़कर एक लिंक वायरल किया गया. दावा किया गया कि उनका ‘लीक एमएमएस’ वायरल हो रहा है. हकीकत में सारा बलोच का उस वीडियो से कोई लेना-देना नहीं था. यह पूरी तरह से साइबर स्कैम था, जिसमें उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों के एकाउंट साफ किए जा रहे थे. वहीं, तेलंगाना के करीमनगर में पुलिस ने ललिता और उसके पति को गिरफ्तार किया. यह दंपति सोशल मीडिया पर दोस्ती कर पुरुषों को किराए के फ्लैट पर बुलाता, जहां पति हिडन कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड करता. फिर ब्लैकमेल कर पैसे वसूले जाते. पुलिस ने साफ किया कि ‘ललिता वायरल वीडियो’ इंटरनेट पर नहीं है, बल्कि पुलिस के मालखाने में बंद है. फिर भी स्कैमर्स ने उसी नाम से फेक लिंक बनाकर लोगों के फोन हैक करने शुरू कर दिए.
  4. कांड 4: बंगाली यूट्यूबर के बॉयफ्रेंड ने कर दिया कांड
    बंगाली महिला यूट्यूबर का 16 मिनट का एक प्राइवेट वीडियो अचानक वायरल हो गया. इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा हुआ था. तब यूट्यूबर ने खुद एक वीडियो जारी कर चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो उनके एक्‍स-बॉयफ्रेंड ने बदला लेने के लिए लीक किया है. यह एक ऐसा मामला था, जिसमें ब्रेकअप के बाद बदला लेने के लिए अपने ही पार्टनर के निजी पलों को पब्लिक कर दिया था. इसके बाद, यूट्यूबर का एक और वीडियो आया, जिसे स्टेज्ड और एडिटेड बताया गया, लेकिन तब तक बहुत बड़ा नुकसान हो चुका था. यूट्यूबर के लिए घर से बाहर निकलना तो छोडिए, घर के अंदर रहना भी मुश्किल हो गया था.
  5. कांड 5: भोजपुरी स्‍टार का एमएमएस हुआ वायरल
    नवंबर 2025 में महज 15 साल की एक भोजपुरी एक्टर का एक एमएमएस वायरल हो गया. पूरे इंटरनेट पर हड़कंप मच गया. बाद में फोरेंसिक जांच में पता चला कि यह वीडियो पूरी तरह से एआई डीपफेक था, जिसमें पीडि़ता का चेहरा किसी दूसरी बॉडी पर चिपका दिया गया था. इसकी कड़ी एक इंटरनेशनल पोर्न-बॉट नेटवर्क से जुड़ी मिली. इसी तरह, असम की महिला इन्फ्लुएंसर का भी एक वीडियो वायरल हुआ. फोरेंसिक रिपोर्ट ने साबित कर दिया कि यह एआई बॉडी-स्वैप टेक्नोलॉजी से बनाया गया था. वीडियो में लाइटिंग मिसमैच थी, बैकग्राउंड अलग थे. अपनी सफाई में पीडि़ता ने कहा था कि एआई ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी.

आपके मन में उठते हर सवाल का है यहां जवाब

क्या मैं भी डीपफेक एमएमएस का शिकार हो सकता हूं?
हां, दुर्भाग्य से आप भी इसका शिकार हो सकते हैं. डीपफेक टेक्‍नोलॉजी आज इतनी सस्ती हो गई है कि कोई भी शख्‍स आपके सोशल मीडिया से कुछ तस्वीरें चोरी कर आपका अश्लील वीडियो बना सकता है. यह बनाने में उसे मुश्किल से 10-15 मिनट लगते हैं. सबसे गंभीर बात यह है कि आपको सेलिब्रिटी होने की जरूरत नहीं है. स्कैमर्स आपकी तस्वीरें भी चुराते हैं.

स्‍कैमर्स को हमारी तस्‍वीरें कहां से मिलती है. इन तस्‍वीरों को उन तक पहुंचने से कैसे रोका जा सकता है?
तस्‍वीरों की सबसे ज्‍यादा चोरियां व्हाट्सएप डीपी, इंस्टाग्राम स्टोरी और फेसबुक प्रोफाइल से होती है. एक बार तस्वीरें हाथ लग गई तो कोई भी उसका इस्तेमाल कर सकता है. इसलिए अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल को हमेशा प्राइवेट रखें. अनजान लोगों से दोस्ती न करें. कभी भी किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें. अगर ऐसा होता है, तो तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं.

डीपफेक वीडियो को असली से कैसे पहचाना जा सकता है?
डीपफेक वीडियो को पहचानना काफी मुश्किल है. लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं,‍ जिन पर गौर कर डीपफेक वीडियो को पहचाना जा सकता है. पहला चेहरे के हाव-भाव देख कर अंदाजा लागया जा सकता है. डीपफेक में चेहरा अक्सर बेजान, रोबोटिक या अप्राकृतिक लगता है. दूसरा पलकें आपको सच बता देंगी. असली इंसान नियमित रूप से पलकें झपकाता है, जबकि डीपफेक में यह अनियमित या बहुत कम होता है. तीसरा होंठ और आवाज का मेल खाना. डीपफेक में होंठ ऑडियो से मेल नहीं खाते. चौथा लाइटिंग और स्किन टोन. अगर चेहरे और बॉडी पर अलग-अलग लाइटिंग पड़ रही है, तो यह डीपफेक हो सकता है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें



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MEA: ‘होर्मुज में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता’, जायसवाल बोले- ईरान से हो रही लगातार बातचीत


भारत सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की मदद को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में घरेलू गैस, बंदरगाह संचालन और आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं, जबकि विदेश मंत्रालय लगातार भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है।

खाड़ी देशों के साथ भारत की बातचीत जारी 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर खाड़ी देशों के साथ भारत की सक्रिय बातचीत जारी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने 19 अप्रैल को सऊदी अरब का आधिकारिक दौरा किया, जहां उन्होंने ऊर्जा मंत्री, विदेश मंत्री और अपने समकक्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा हुई।

होर्मुज से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर जोर

जायसवाल ने कहा कि भारत ईरान और अन्य देशों के संपर्क में है ताकि होर्मुज से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि शनिवार को हुई फायरिंग की घटना की जानकारी मिलते ही भारत ने इस मामले को गंभीरता से उठाया।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर क्या बोले?

उन्होंने कहा कि भारतीय पक्ष ने ईरान के राजदूत को तलब किया और विदेश सचिव स्तर पर बैठक कर गहरी चिंता जताई। भारत ने साफ कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और समुद्री मार्गों पर बिना किसी बाधा के आवाजाही होनी चाहिए। जयसवाल के मुताबिक, ईरानी राजदूत ने आश्वासन दिया कि भारत की चिंताओं को तेहरान स्थित संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संपर्क लगातार जारी है।

भारतीय दूतावास और बंदरगाह 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि क्षेत्र में भारतीय दूतावास और बंदरगाह 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं। उड़ानों, यात्रा व्यवस्था, वाणिज्य दूतावास सेवाओं और भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए लगातार काम किया जा रहा है।



उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गल्फ एयर ने बहरीन और भारत के बीच सीमित उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना की घोषणा की है। अब तक 2,423 भारतीय नागरिक ईरान और अजरबैजान  से बाहर निकाले जा चुके हैं। साथ ही जॉर्डन और मिस्र से भारतीय नागरिकों की भारत वापसी भी सुगम बनाई जा रही है।

एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है- सुजाता शर्मा

पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में घरेलू एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी गैस खत्म होने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन अब उसे 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। प्राकृतिक गैस की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें घरेलू जरूरतों और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी गई है।



उन्होंने बताया कि जिन राज्यों ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार में सहयोग दिया है, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी दी जा रही है। वर्तमान में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त एलपीजी उपलब्ध कराई जा रही है।

भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग 

वहीं, बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि पिछले 48 घंटों में भारत के दो जहाज होर्मुज से गुजरते समय फायरिंग की घटना का शिकार हुए, जिसके बाद दोनों जहाज वापस फारस की खाड़ी लौट गए। हालांकि किसी भी चालक दल के सदस्य को चोट नहीं पहुंची।



उन्होंने कहा कि मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। महानिदेशक शिपिंग के माध्यम से अब तक 2,563 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 25 नाविक शामिल हैं। देशभर के बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है और कहीं भी भीड़भाड़ की स्थिति नहीं है।


 



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Insurance: ऑनलाइन बीमा खरीदना कहीं जेब पर न पड़ जाए भारी, ‘डार्क पैटर्न्स’ के खेल में बदल सकते हैं आपके फैसले


रवि प्रकाश पिछले हफ्ते बेहद उत्साहित थे। उन्होंने मेट्रो में सफर करते हुए पांच मिनट में मोबाइल एप से अपने लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी थी। उन्हें लगा कि उन्होंने तकनीक का सही इस्तेमाल किया, बिना किसी एजेंट के सबसे सस्ता प्लान खरीदा। लेकिन यह खुशी कुछ ही घंटों में फुर्र हो गई।

जब रवि प्रकाश ने पॉलिसी के दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ा तो पता चला कि जो प्रीमियम उन्हें सस्ता लग रहा था, उसमें तीन ऐसे राइडर्स पहले से जुड़े थे, जिनकी उन्हें जरूरत ही नहीं थी। यही नहीं, क्लेम के समय अस्पताल के बिल पर ‘सब-लिमिट’ की एक ऐसी बारीक शर्त छिपी थी, जो मुसीबत के समय उनकी जेब खाली कर देती। रवि प्रकाश डिजिटल सुविधा के उस जाल में फंस गए थे, जिसे हम ‘डार्क पैटर्न्स’ के नाम से जानते हैं।

लोकल सर्कल्स के ताजा सर्वे के मुताबिक, ऑनलाइन इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले 80% से अधिक लोग किसी न किसी रूप में डार्क पैटर्न्स यानी डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं।

क्या है डार्क पैटर्न का खेल?

कंपनियां अब आपको बीमा बेच नहीं रही हैं, बल्कि चतुराई से आपको गलत फैसले लेने के लिए मजबूर कर रही हैं। सर्वे के मुताबिक 80% यूजर्स मानते हैं कि ऑनलाइन पॉलिसी खरीदना तो आसान है, लेकिन उसे कैंसिल करना या ऑटो-रिन्यूअल रोकना बहुत मुश्किल। 90% लोगों की शिकायत है कि कोटेशन लेने या पॉलिसी छोड़ने की कोशिश करने पर उन्हें लगातार कॉल, एसएमएस और ईमेल के जरिये परेशान किया गया। यूजर्स को सिर्फ एक कोटेशन देखने के लिए अपनी निजी जानकारी देने पर मजबूर किया जाता है, जिसका इस्तेमाल बाद में मार्केटिंग कॉल्स के लिए किया जाता है।

ये भी पढ़ें: सीआईआई ने कहा- भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए औद्योगिक भूमि सुधार जरूरी

जाल से कैसे बचें?

जल्दबाजी न करें: ‘ऑफर खत्म हो रहा है’ या ‘अंतिम एक पॉलिसी बची है’ जैसे टाइमर फर्जी होते हैं। बीमा कोई फ्लैश सेल का सामान नहीं है। शांति से फैसला लें।

प्री-टिक्ड बॉक्स देखें: अक्सर चेकआउट के समय बीमा कंपनियां छोटे-छोटे राइडर्स (जैसे एक्सीडेंटल कवर) को पहले से टिक कर देती हैं, उन्हें अन-टिक करें।

एक्सक्लूजंस पर गौर करें: पॉलिसी क्या देती है, उससे ज्यादा यह देखें कि वह क्या नहीं देती। वेटिंग पीरियड और क्लेम की शर्तों को कम से कम तीन बार पढ़ें।

रिकमेंडेड का मतलब बेस्ट नहीं: प्लेटफॉर्म जिसे ‘सबसे लोकप्रिय’ या ‘हमारा सुझाव’ कहते हैं, वह अक्सर उनके कमीशन के आधार पर तय होता है।

फ्री-लुक पीरियड का इस्तेमाल: याद रखें, आपके पास पॉलिसी मिलने के बाद 30 दिन का समय होता है, उसे कैंसिल करने के लिए।

शिकायत करें: अगर कोई प्लेटफॉर्म कैंसिल करना मुश्किल बना रहा है, तो सीधे IRDAI बीमा रक्षक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

ये हैं प्रमुख ‘डार्क पैटर्न्स’

 














































पैटर्न का नाम क्या है तरीका? ग्राहक पर असर
प्री-सिलेक्टेड एड-ऑन्स मुख्य पॉलिसी के साथ एक्सीडेंटल कवर या गंभीर बीमारी जैसे विकल्प पहले से ही ‘टिक’ होते हैं। न चाहते हुए भी प्रीमियम की राशि काफी बढ़ जाती है।
नकली जल्दबाजी स्क्रीन पर काउंटडाउन टाइमर या “ऑफर खत्म होने वाला है” जैसे संदेश दिखाना। ग्राहक बिना सोचे-समझे दबाव में गलत फैसला ले लेता है।
एंकर प्राइसिंग एक बहुत बड़ी ‘मूल कीमत’ को काटकर उसके सामने ‘डिस्काउंट’ वाली कीमत दिखाना। बचत का भ्रम होता है, जबकि असल में प्लान महंगा होता है।
छिपी हुई शर्तें वेटिंग पीरियड और क्लेम की पाबंदियों को लंबे दस्तावेजों के बीच बारीक अक्षरों में छिपाना। क्लेम के समय पता चलता है कि बीमारी कवर ही नहीं थी।
जटिल ऑप्ट-आउट एड-ऑन्स जोड़ना आसान, लेकिन उन्हें हटाना या कैंसिल करना बहुत मुश्किल। ग्राहक प्रक्रिया से थककर गैरजरूरी सुविधा भी जारी रखता है।
भ्रामक सिफारिशें किसी प्लान को “सर्वश्रेष्ठ” या “अनुशंसित” का टैग देना। ग्राहक जरूरत के बजाय अन्य प्लान चुनता है।
कंफर्मशेमिंग विकल्प मना करने पर “नहीं, मुझे परिवार की सुरक्षा नहीं चाहिए” जैसी भाषा का इस्तेमाल। ग्राहक अपराध बोध में आकर न चाहते हुए भी ‘हां’ कर देता है।

इंसानी सूझबूझ बनाम एल्गोरिदम


  • याद रखिए, एल्गोरिदम का काम बिक्री बढ़ाना है, आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं। एक गलत एल्गोरिदम आपका प्रीमियम तो बचा सकता है, लेकिन क्लेम के वक्त वह आपके परिवार के साथ खड़ा नहीं होगा। 

  •  डिजिटल इंडिया में तकनीक का इस्तेमाल तुलना के लिए जरूर करें, लेकिन अंतिम फैसला लेने से पहले एक ‘इन्सानी नजरिये की सलाह जरूर लें। क्योंकि जब क्लेम का समय आता है, तब आप किसी वेबसाइट से बात नहीं करते, बल्कि एक इन्सान का साथ ढूंढते हैं।



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US-Iran Talks: किन बड़े मुद्दों पर अटका US-ईरान समझौता, बनेगी बात या बढ़ेगा टकराव?


US-Iran Talks: किन बड़े मुद्दों पर अटका US-ईरान समझौता, बनेगी बात या बढ़ेगा टकराव? | US-Iran Talks Round 2 in Islamabad: Uranium Dispute, Enrichment Limits and Strait of Hormuz Tensions Stall Breakthrough – Hindi Oneindia



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Bonus Market Updates: उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद हुआ बाजार; सेंसेक्स 27 अंक चढ़ा, निफ्टी 25350 के पार पहुंचा


भू-राजनीतिक चुनौतियों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों के सतर्क होने के कारण सोमवार को बाजार के उतार-चढ़ाव भरे सत्र में बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगभग बिना बदलाव के बंद हुए।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ 26.76 अंक या 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,520.30 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, इसने 78,942.45 का उच्च और 78,203.30 का निम्न स्तर छुआ, जिसमें 739.15 अंकों का उतार-चढ़ाव आया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 11.30 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,364.85 पर बंद हुआ।

डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे गिरकर 93.10 (अस्थायी) पर बंद हुआ। सोमवार को जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयरों में 3% की बढ़त दर्ज की गई जबकि हिंडाल्को के शेयरों में दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस और इंटरग्लोब एविएशन प्रमुख विजेता रहीं। लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचसीएल टेक और कोटक महिंद्रा बैंक पिछड़ने वालों में शामिल थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 4.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 94.68 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर नए सिरे से उठे विवादों ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी। निवेशकों ने मध्य पूर्व में हाल ही में हुई गड़बड़ियों को पूर्ण पैमाने पर संघर्ष की शुरुआत के बजाय संभावित वार्ता रणनीति के रूप में देखा।” उन्होंने आगे कहा कि इस सप्ताह युद्धविराम की समाप्ति को देखते हुए, बाजार के भागीदार सतर्क बने हुए हैं और आगे के घटनाक्रमों का इंतजार कर रहे हैं।

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उच्च स्तर पर बंद हुए। यूरोप के बाजारों में गिरावट देखी गई। मेरिकी बाजार शुक्रवार को काफी बढ़त के साथ बंद हुए।

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 683.20 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 504.86 अंक या 0.65 प्रतिशत बढ़कर 78,493.54 पर बंद हुआ। निफ्टी 156.80 अंक या 0.65 प्रतिशत चढ़कर 24,353.55 पर समाप्त हुआ।



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India South Korea CEPA: ‘चिप से शिप’ तक व्यापार बढ़ाने पर सहमति, दोनों देशों के बीच सहयोग के नए दौर की शुरुआत


वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल और बढ़ती व्यापारिक बाधाओं के बीच, भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का अहम फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे मायुंग के बीच सोमवार को हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद, दोनों देशों ने अपने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) को अपग्रेड करने के लिए बातचीत शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की। यह कदम आपूर्ति शृखलाओं को सुरक्षित करने और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक व्यापारिक व्यवधानों से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रतिक्रिया है।

भारत और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों ने मुख्य रूप से साल 2010 में सीईपीए लागू होने के बाद काफी तेज गति पकड़ी थी। पिछले एक दशक से अधिक समय में इस समझौते ने दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक आदान-प्रदान का एक ठोस आधार तैयार किया है। हालांकि, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और नई तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पुराने ढांचे का मूल्यांकन और आधुनिकीकरण अपरिहार्य हो गया था। इसी के मद्देनजर दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने इस साझेदारी को विस्तार देने पर मुहर लगाई है।

तकनीकी और औद्योगिक विस्तार

इस नई व्यापारिक रणनीति का मूल उद्देश्य मौजूदा संबंधों को एक ऐसी ‘भविष्य की साझेदारी’ के रूप में तैयार करना है जो दोनों देशों के उद्योगों को सीधा और दीर्घकालिक लाभ पहुंचाए। बातचीत के दौरान मुख्य रूप से आधुनिक अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके तहत निम्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया जाएगा:

निवेश और व्यापार: दोनों देशों के बीच पूंजी प्रवाह और वाणिज्यिक गतिविधियों को आसान बनाना।


  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर्स: वैश्विक तकनीकी आपूर्ति शृंखलाओं में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए इन भविष्य की तकनीकों पर संयुक्त विकास।

  • महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकें: नवाचार और नई तकनीकी खोजों को बढ़ावा देना।

  • पीपल-टू-पीपल कनेक्ट: दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का विस्तार।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस व्यापक सहयोग को परिभाषित करते हुए कहा, “चिप से लेकर शिप (जहाज) तक, टैलेंट (प्रतिभा) से लेकर टेक्नोलॉजी तक, एंटरटेनमेंट (मनोरंजन) से लेकर एनर्जी (ऊर्जा) तक, हम हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को साकार करेंगे”।



व्यापारिक और निवेश मोर्चे के साथ-साथ दोनों देशों के नेताओं ने इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र की स्थिरता पर भी विशेष रूप से चर्चा की। दुनिया भर में चल रहे मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि ऐसे संकट के समय में भारत और दक्षिण कोरिया का एक साथ आना पूरी दुनिया के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, “वैश्विक तनाव के इस युग में, भारत और दक्षिण कोरिया एक साथ मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं”।



दोनों पक्षों ने एक समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए काम करना जारी रखने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री ने आगे जोड़ा, “हमारे साझा प्रयासों के माध्यम से, हम एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपना योगदान देना जारी रखेंगे”।



राष्ट्रपति ली जे मायुंग की भारत यात्रा के बाद, भारत और दक्षिण कोरिया का दशकों पुराना विश्वसनीय सहयोग अब आधिकारिक तौर पर एक भविष्योन्मुखी साझेदारी में तब्दील होने जा रहा है। सीईपीए के अपग्रेडेशन के लिए शुरू हो रही यह वार्ता न केवल एआई और सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करेगी, बल्कि बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में एक संतुलित और सुरक्षित आर्थिक ढांचा भी तैयार करेगी।





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टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने अपराजिता विधेयक के लिए प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन मांगने हेतु भाजपा उम्मीदवार से मुलाकात की।


टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने अपराजिता विधेयक के लिए प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन मांगने हेतु भाजपा उम्मीदवार से मुलाकात की। | टीएमसी के अभिषेक ने भाजपा के उम्मीदवार से अपराजिता विधेयक पर प्रधानमंत्री से अपील करने का आग्रह किया। – Hindi Oneindia



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Kal Ka Match Kon Jeeta 19 April: पंजाब vs लखनऊ, Who Won Yesterday Match


Cricket

oi-Naveen Sharma

Kal Ka Match Kon Jeeta: इंडियन प्रीमियर लीग में रविवार को डबल हेडर था, जिसमें दो मुकाबले खेले गए। केकेआर और पंजाब को जीत मिली। पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 54 रन से हराकर शानदार जीत हासिल की। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में लखनऊ की टीम 200 रन ही बना सकी।

पंजाब की पारी की बात करें तो प्रियांश आर्य ने धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए 37 गेंदों में 93 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 4 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। उनके साथ कूपर कॉनली ने भी शानदार खेल दिखाया और 46 गेंदों पर 87 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। इन दोनों बल्लेबाजों की पारियों ने टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।

Kal Ka Match Kon Jeeta

हालांकि प्रभसिमरन सिंह बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर सिर्फ 5 रन ही बना सके। मार्कस स्टोइनिस ने 29 रन और नेहल वढेरा ने 13 रन का योगदान दिया। शशांक सिंह ने अंत में तेज 17 रन बनाकर स्कोर को 250 के पार पहुंचाया। लखनऊ की ओर से गेंदबाजी में प्रिंस यादव और मणिमारन सिद्धार्थ को 2-2 विकेट मिले, जबकि मोहम्मद शमी ने 1 विकेट हासिल किया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत ठीक रही। मिचेल मार्श ने 40 रन और आयुष बदोनी ने 35 रन बनाए। कप्तान ऋषभ पंत ने 23 गेंदों में 43 रन की तेज पारी खेली, लेकिन वह टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सके।

एडेन मार्कराम ने भी 42 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। निकोलस पूरन सिर्फ 9 रन ही बना सके, जो टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। अंत में मुकुल चौधरी 21 रन बनाकर नाबाद लौटे, लेकिन टीम 200 रन तक ही पहुंच सकी।

राजस्थान रॉयल्स और केकेआर के बीच खेले गए मैच में पहले बैटिंग करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 9 विकेट पर 155 रनों का स्कोर हासिल किया, इसके बाद जवाबी पारी में खेलते हुए केकेआर ने अंतिम ओवर में जीत दर्ज कर ली, रिंकू सिंह के बल्ले से धमाकेदार फिफ्टी देखने को मिली, केकेआर की इस सीजन यह पहली जीत है।



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