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हैवान पिता की दरिंदगी, 11 साल की दो जुड़वा बेटियों की गला रेतकर हत्या, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार


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Kanpur News: कानपुर में एक हैवान पिता ने अपनी दो 11 साल की जुड़वां बेटियों की गला रेतकर जान ले ली. सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. आइए आपको पूरी वारदात के बारे में बताते हैं.

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कानपुर पिता ने की बेटियों की हत्या

कानपुर: कानपुर में डबल मर्डर का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने 11 साल की जुड़वां बेटियों ‘रिद्धि-सिद्धि’ का गला रेतकर मार डाला. इस दौरान उसकी पत्नी रेशमा छेत्री अपने बेटे के साथ दूसरे कमरे में सो रही थी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है.

दरअसल कानुपर के नौबस्ता में एक पिता ने अपनी 11 साल की जुड़वा बेटियों की हत्या कर दी. आरोपी पिता ने बेरहमी से दोनों बेटियों का गला रेत दिया. दोनों मासूम बेटियों के नाम रिद्धि-सिद्धि थे. सूचना पर पुलिस जब अपार्टमेंट में पहुंची, तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई. कमरे में खून ही खून फैला था और मासूम बच्चियों के शव पड़े थे.

दूसरे कमरे में सो रहे थे पत्नी-बेटा
जानकारी के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना जिले के नौबस्ता थाना क्षेत्र में स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट की है. पुलिस ने बताया कि अपार्टमेंट के एक फ्लैट में अभिरंजन मिश्रा अपने तीन बच्चों और पत्नी के साथ रहता है. पारिवारिक कलह के चलते वह काफी समय से डिप्रेशन में चल रहा था. शनिवार रात को खाना खाने के बाद अभिरंजन अपनी दो जुड़वा बेटियों के साथ कमरे में सोने चला गया था, जबकि उसकी पत्नी अपने बेटे के साथ दूसरे कमरे में सो रही थी.

रात में पिता अभिरंजन ने 11 साल की दोनों बेटियों रिद्धि और सिद्धि की गला काटकर हत्या कर दी. बेटियों की मौत पर बिलखती मां ने खुद को संभालते सुबह 4.30 बजे पुलिस को वारदात की सूचना दी. नौबस्ता थाना की पुलिस पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस जब कमरे में दाखिल हुई, तो वहां खून की खून फैला था.

मामले की जांच में जुटी पुलिस
जानकारी लगने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पूछताछ मे डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी अभिरंजन मिश्रा एमआर का काम करता है. पारिवारिक कलह के चलते वह तनाव में था. दोनों बच्चियों की हत्या का कारण जानने के लिए पुलिस आरोपी पिता से पूछताछ कर रही है. जांच के बाद मामले का खुलासा किया जाएगा. बताया जा रहा है कि पुलिस आरोपी से यह भी पूछताछ कर रही है कि क्या वह अपनी पत्नी और बेटे की भी हत्या करना चाहता था. क्या दूसरे कमरे में सोने के कारण उनकी जान बच गई.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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Bengal Election Twist: ‘I-PAC बंद’ की खबर पर TMC का पलटवार, क्या है अंदर की सियासत? दीदी vs मोदी की जुबानी जंग


Bengal Election Twist: ‘I-PAC बंद’ की खबर पर TMC का पलटवार, क्या है अंदर की सियासत? दीदी vs मोदी की जुबानी जंग | West Bengal Election 2026 I-PAC operations controversy TMC BJP mamata vs modi political analysis – Hindi Oneindia



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Surat LPG Crisis: LPG संकट की मार, उधना रेलवे स्टेशन पर प्रवासियों का सैलाब, भगदड़-लाठीचार्ज से हाहाकार


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सतर्क रहें, नमी वाली गर्मी नया खतरा: मध्यम तापमान में लू भी संभव, 80 साल से ज्यादा के डेटा का विश्लेषण




भारत में ‘नमी वाली गर्मी’ जलवायु परिवर्तन का सबसे खतरनाक रूप बनती जा रही है। यह तेज तापमान और ज्यादा नमी का ऐसा गठजोड़ है, जिसमें शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा नहीं कर पाता। जर्नल क्लाइमेट डायनैमिक्स में छपी नई स्टडी के मुताबिक केरल में इसका सबसे ज्यादा खतरा है। भारत में अब तक हीटवेव की पहचान ज्यादातर तापमान की सीमा से होती रही है, लेकिन स्टडी कहती है कि सिर्फ तापमान से असली खतरा नहीं समझ आता। ज्यादा नमी में पसीना जल्दी नहीं सूखता, शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल होने लगता है, कोर बॉडी टेम्परेचर बढ़ता है और कुछ मामलों में कुछ देर में हीटस्ट्रोक तक हो सकता है। ऐसे में ज्यादा नमी में मध्यम तापमान भी जानलेवा बन सकता है। यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के अक्षय देओरस के नेतृत्व में हुई रिसर्च में 80 साल से ज्यादा के मौसम डेटा का विश्लेषण किया गया। खतरे की टाइमिंग और जगह तय करने में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बड़ी भूमिका है। देओरस के मुताबिक मानसून के पैटर्न को 4 हफ्ते पहले तक अनुमान लगाया जा जा सकता है, इसलिए लोगों को पहले से चेतावनी देकर तैयारी का मौका मिल सकता है। केरल में अब दिन के साथ रातें भी गर्म हो रही हैं केरल में अब दिन गर्म होने के साथ रातें भी गर्म हो रही हैं। इससे शरीर को रिकवरी का समय कम मिलता है। शहरों में गर्मी ज्यादा देर तक फंस रही है और समुद्री हवाएं भी पहले जैसी नहीं रहीं। इससे हीट स्ट्रेस बढ़ रहा है। ऐसे में अगर तापमान हीटवेव की मान्य सीमा से नीचे है, फिर भी लोगों को गंभीर परेशानी हो रही है। तापमान नहीं, ‘वेट-बल्ब’ ज्यादा सही पैमाना कई वैज्ञानिक वेट-बल्ब तापमान को भरोसेमंद मानते हैं। यह गर्मी और नमी दोनों को जोड़कर खतरा बताता है। वेट-बल्ब तापमान 35° सेल्सियस हो जाए, तो छाया में बैठा स्वस्थ इंसान भी 6 घंटे में खतरे में आ सकता है। क्योंकि ऐसे में शरीर खुद को ठंडा करने में पूरी तरह असमर्थ हो जाता है। बारिश में उत्तर भारत में रहता है ज्यादा जोखिम जब मानसून अपने ‘सक्रिय चरण’ में होता है, तो मध्य और उत्तरी भारत में भारी बारिश होती है। इस दौरान हवा में नमी (उमस) बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। अध्ययन कहता है कि इस स्थिति में उत्तरी भारत में नमी वाले लू चलने की आशंका सामान्य से 125% तक बढ़ जाती है।
अध्ययन के अनुसार, घातक नमी वाली गर्मी के लिए मानसून की आंतरिक हलचल जिम्मेदार है। इससे बारिश रुकने पर भी खतरा बना रहता है। ‘ब्रेक’ मानसून में प्रायद्वीपीय भारत में बढ़ जाता है खतरा जब मानसून ‘ब्रेक फेज’ में जाता है, तो बारिश रुक जाती है और बादल छंट जाते हैं, जिससे सूरज की सीधी गर्मी बढ़ती है। बारिश तो रुक जाती है, लेकिन हवा में मौजूद नमी गायब नहीं होती, वह वहीं टिकी रहती है। यह वह समय होता है जब केरल और दक्षिण भारत के अन्य राज्य सबसे अधिक असुरक्षित हो जाते हैं। इन्हें ज्यादा खतरा – बिना कूलिंग सुविधा वाले परिवार।
– बुजुर्ग, जिनके घरों में वेंटिलेशन कम है।
– बाहर काम करने वाले मजदूर।



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सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में रोडसेफ्टी निर्देश जारी किए: कहा- एक्सप्रेसवे खतरे का गलियारा नहीं बनने चाहिए; इन सड़कों पर भारी वाहन पार्किंग न हो


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नई दिल्ली9 घंटे पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए पूरे देश में कई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों एक्सप्रेसवे जैसी सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक भी शामिल है। कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक सुस्ती या इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों के कारण एक्सप्रेसवे खतरे का गलियारा नहीं बनने चाहिए।

जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चांदुरकर की बेंच ने सड़क और परिवहन मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को सड़कों को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए।

बेंच ने बताया कि नेशनल हाईवे भारत की कुल सड़क लंबाई का सिर्फ 2% हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में इनका हिस्सा लगभग 30% है।

ये निर्देश 13 अप्रैल को सामने आए। जहां कोर्ट 2 और 3 नवंबर 2025 को राजस्थान के फलोदी, तेलंगाना के रंगारेड्डी में लगातार हुई सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मौत के बाद दर्ज केस पर सुनवाई कर रहा था।

इन दुर्घटनाओं का कारण सिस्टम की लापरवाही और बुनियादी ढांचे का फेल्योर था, जिसके कारण ये मौतें हुईं।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश 9 पॉइंट्स में …

  • कोई भी भारी या कमर्शियल गाड़ी किसी भी नेशनल हाईवे के कैरिजवे या पक्के शोल्डर पर पार्क नहीं होगी, रुकेगी नहीं, सिवाय किसी तय जगह, ले-बाय, या सड़क किनारे की सुविधा वाली जगह के।
  • निर्देश को लागू करने का काम एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के जरिए किया जाएगा। इसमें राज्य पुलिस को रियल-टाइम अलर्ट भेजना, GPS टाइमस्टैम्प वाले फोटो सबूत और इंटीग्रेटेड ई-चालान बनाना शामिल है।
  • नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, राज्य पुलिस और राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इन निर्देशों का पालन करना होगा। संबंधित जिलों के कलेक्टर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तय करेंगे। इनका पालन 60 दिन के अंदर किया जाना चाहिए।
  • किसी भी नेशनल हाईवे के ‘राइट ऑफ वे’ (ROW) के अंदर किसी भी नए ढाबे, खाने की जगह या कमर्शियल इमारत का निर्माण और संचालन तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाए।
  • जिला मजिस्ट्रेट CNH एक्ट के प्रोसीजर और 7 अगस्त, 2025 के SOP के मुताबिक, सभी नई और पहले से मौजूद गैर-कानूनी इमारतों को 60 दिनों के अंदर गिराने/हटाने का काम करवाएंगे।
  • कोई भी विभाग, अथॉरिटी, स्थानीय निकाय हाईवे सुरक्षा जोन के अंदर किसी भी जगह के लिए बिना NHAI/PWD की मंज़ूरी के कोई लाइसेंस, NOC या व्यापार की मंजूरी नहीं देगा। न ही लाइसेंस रिन्यू करेगा।
  • ऐसी जगहों के लिए पहले से मौजूद सभी लाइसेंसों की 30 दिनों के अंदर समीक्षा की जाएगी।
  • जिन जिलों से नेशनल हाईवे गुजरता है, वहां जिला मजिस्ट्रेट 15 दिन के अंदर एक सुरक्षा टास्क फोर्स बनाएंगे।
  • पूरे भारत में हर जिले में इस आदेश के 7 दिन के अंदर फोर्स बनाई जाएगी। इसमें प्रशासन, पुलिस, NHAI, PWD के अधिकारी शामिल होंगे।

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सबरीमाला केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- संविधान सबसे ऊपर: निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों का फैसला करते समय, संविधान को व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताओं से ऊपर रखना चाहिए। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मन की स्वतंत्रता और संवैधानिक ढांचे द्वारा निर्देशित होना जरूरी है। पढ़ें पूरी खबर…



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गर्मी की छुट्टियां मनाने जा रहे हैं बाहर, बैग में तुरंत रख लें 5 चीजें, तबीयत रहेगी चकाचक


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Summer Travel Essentials: गर्मी की छुट्टियों में अधिकतर लोग घूमने जाते हैं, लेकिन सफर के वक्त तबीयत बिगड़ना कॉमन है. गंगाराम हॉस्पिटल की डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार गर्मियों में ट्रैवल करते समय ORS, दवाइयां, सनस्क्रीन, पानी और सैनिटाइजर जैसी जरूरी चीजें अपने साथ रखें. इससे आप अपनी यात्री को सेफ और आरामदायक बना सकते हैं.

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गर्मी में बाहर जाते वक्त अपने बैग में ORS, पैरासिटामोल, पानी की बोतल जैसी चीजें जरूर रखें.

Doctor Tips To Avoid Health Issues: गर्मी की छुट्टियों में अधिकतर लोग घूमने का प्लान बनाते हैं. इसके लिए लोग अच्छे तरीके से पैकिंग करते हैं और ट्रैवलिंग के दौरान फुल एंजॉयमेंट का प्लान बनाते हैं. इस दौरान लोग अक्सर कपड़े, टिकट और होटल की तैयारी तो कर लेते हैं, लेकिन हेल्थ से जुड़ी जरूरी चीजें पैक करना भूल जाते हैं. तेज धूप, डिहाइड्रेशन और मौसम में बदलाव की वजह से तबीयत बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आप कुछ जरूरी चीजें अपने बैग में पहले से रख लें, तो सफर के दौरान होने वाली छोटी-मोटी परेशानियों से आसानी से बच सकते हैं.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया घर से निकलते वक्त आप अपने बैग में ओआरएस का पैकेट जरूर रख लें. गर्मी में शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से निकलते हैं, जिससे कमजोरी और चक्कर आने की समस्या हो सकती है. ORS का घोल शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी को तुरंत पूरा करता है, इसलिए ट्रैवलिंग के दौरान इसे हमेशा साथ रखें. इसके अलावा पैरासिटामोल टेबलेट्स भी बैग में जरूर रख लें. मौसम बदलने या थकान की वजह से सिरदर्द या हल्का बुखार आ सकता है. ऐसे में पैरासिटामोल एक बेसिक और सुरक्षित दवा मानी जाती है, जो तुरंत राहत देने में मदद करती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर ने बताया कि तेज धूप में बाहर घूमते समय स्किन को नुकसान से बचाने के लिए सनस्क्रीन बेहद जरूरी है. यह सनबर्न, टैनिंग और स्किन डैमेज से बचाती है. खासकर अगर आप लंबे समय तक धूप में रहने वाले हैं, तो सनस्क्रीन ले जाना बिल्कुल न भूलें. इसके अलावा घर से निकलते वक्त बैग में पानी की बोतल जरूर रखें. सफर के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. हमेशा अपने साथ साफ पानी की बोतल रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके. अगर संभव हो, तो पानी की 2-3 बोतलें साथ रखें. इससे आपको बाहर से पानी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

एक्सपर्ट के मुताबिक ट्रैवल करते वक्त हैंड सैनिटाइजर भी अपने साथ जरूर रखना चाहिए. यात्रा के दौरान कई जगहों पर साफ-सफाई की कमी हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में हाथों को साफ रखने के लिए सैनिटाइजर बहुत काम आता है और आपको बीमारियों से बचाता है. गर्मी की छुट्टियों में सिर्फ मजा ही नहीं, बल्कि अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है. अगर आप इन आसान चीजों को अपने बैग में रख लेते हैं, तो सफर के दौरान होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं और अपनी छुट्टियों का पूरा आनंद उठा सकते हैं.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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US Navy food Shortage: अमेरिकी सैनिकों को नहीं मिल रहा खाना? वायरल दावों पर ट्रंप के युद्ध मंत्री क्या कहा


US Navy food Shortage: अमेरिकी सैनिकों को नहीं मिल रहा खाना? वायरल दावों पर ट्रंप के युद्ध मंत्री क्या कहा | pete hegseth denies us navy food hortage claims uss abraham lincoln tripoli operation epic fury – Hindi Oneindia



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उज्जैन में हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास: अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी, पिंडदान के साथ त्यागा पिछला जीवन – Ujjain News




सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और पूर्व मॉडल हर्षा रिछारिया ने रविवार को अक्षय तृतीया पर संन्यास ले लिया। उन्हें उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने संन्यास दीक्षा दी। संन्यास परंपरा के अनुसार, उन्हें शिखा और दंड त्याग की विधि कराई गई। साथ ही तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी कराए गए, जो पूर्व जीवन के त्याग और नए आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माने जाते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद हर्षा रिछारिया ने संन्यास ग्रहण किया और उन्हें नया नाम स्वामी हर्षानंद गिरि दिया गया। इस अवसर पर आश्रम में संत, श्रद्धालु और अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस मौके पर स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि यह उनके जीवन का नया अध्याय है। उन्होंने गुरुदेव के मार्गदर्शन में संन्यास का मार्ग अपनाया है और संकल्प लिया है कि वे अपना जीवन धर्म, संस्कृति और समाज की सेवा में समर्पित करेंगी और संन्यास की मर्यादा का पालन करेंगी। संन्यास दीक्षा एक गहन और अनुशासित प्रक्रिया महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने कहा- संन्यास दीक्षा एक गहन और अनुशासित प्रक्रिया है। इसमें व्यक्ति अपने पूर्व जीवन का त्याग कर आध्यात्मिक पथ पर चलता है। मेरा सभी संन्यासियों से यही आग्रह रहता है कि वे संन्यास की गरिमा को कभी कलंकित नहीं होने दें। एक संन्यासी के आचरण का प्रभाव पूरे समाज और संन्यास परंपरा पर पड़ता है, इसलिए विधि-विधान और मर्यादा का पालन अत्यंत आवश्यक है। यह खबर भी पढ़ें… महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया का ब्राइडल लुक महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया एक बार फिर ग्लैमर की दुनिया में लौटती नजर आ रही हैं। वह लगातार इंस्टाग्राम पर अपने नए-नए लुक्स शेयर कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…



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Ranveer Singh Caste: ‘धुरंधर’ की क्या जाति? दूसरी बार पिता बनने वाले हैं? ब्राह्मण Deepika को कैसे पटाया?


Ranveer Singh Caste: ‘धुरंधर’ की क्या जाति? दूसरी बार पिता बनने वाले हैं? ब्राह्मण Deepika को कैसे पटाया? | Ranveer Singh Caste: Brahmin Deepika Padukone Pregnancy, Dhurandhar Jati, Explore Marriage Secrets – Hindi Oneindia



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बठिंडा के सरकारी स्कूल में लेडी टीचर से छेड़छाड़: सीनियर टीचर लैब में ले गया, किस किया, प्राइवेट पार्ट्स छुए; अंजाम भुगतने की धमकी दी – Bathinda News




बठिंडा के एक सरकारी स्कूल में महिला टीचर ने अपने सीनियर टीचर पर छेड़खानी के आरोप लगाकर केस दर्ज कराया है। लेडी टीचर का आरोप है कि उसे बहाने से टीचर लैब में ले गया और उसके दोनों गालों पर किस किया। जब वह रोने लगी तो आरोपी ने उसके प्राइवेट पार्ट्स को छुआ। महिला का आरोप है कि वह टीचर से छूटकर भागने लगी तो आरोपी ने उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। महिला टीचर का कहना है कि आरोपी स्कूल में उससे सीनियर है। उसने घटना के बारे में पहले स्कूल में साथी महिला टीचरों और परिजन को बताया था। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी। पीड़ित लेडी टीचर ने वारदात की ये जानकारी दी… पहले महिला स्टाफ को बताया महिला टीचर ने बताया कि वह तेजी से भागकर लैब से बाहर आ गई। उसने कहा- मैं इतना डर गई कि किसी को बताने की हिम्मत नहीं कर सकी। काफी सहमी हुई कमरे में बैठ गई। बार-बार रोना आ रहा था। मुझे उदास और रोता देख कुछ महिला स्टाफ मुझसे कारण पूछने लगीं। मैंने रोते हुए उन्हें पूरी कहानी बता दी। ​परिजन को बताया, फिर पुलिस में शिकायत महिला टीचर ने कहा कि उसने अपने परिवार को फोन पर घटना के बारे में बताया। यह सुनकर परिजन स्कूल आए। फिर सभी पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां घटना के बारे में पुलिस को बताया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी बोले- जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करेंगे थाना मोड़ मंडी प्रभारी तरनदीप सिंह ने बताया है लेडी टीचर ने शिकायत दर्ज कराई है। उसके साथ सहकर्मी टीचर ने छेड़खानी की। उसकी शिकायत पर आरोपी टीचर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर ली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है। अभी आरोपी फरार है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।



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