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- PM Modi Ladakh Visit: Inauguration Of Airport Terminal & Development Projects
55 मिनट पहले
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फाइल फोटो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगा। इस दौरान वे सभा को भी संबोधित करेंगे।
इन परियोजनाओं में लेह एयरपोर्ट का नया पैसेंजर टर्मिनल, 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दरचा सड़क, 9 मेगावाट का हानू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, बिजली ट्रांसमिशन लाइन, देश का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क और 40 गांवों में बनाए गए जलाशय शामिल हैं।
इन प्रोजेक्ट्स से लद्दाख में हवाई और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही बिजली की उपलब्धता, जल संरक्षण और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
लेह एयरपोर्ट 23,800 वर्ग मीटर में फैला है और हर साल करीब 35 लाख यात्रियों को संभाल सकेगा।
640 करोड़ रुपए में बना लेह एयरपोर्ट का नया टर्मिनल
प्रधानमंत्री लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए पैसेंजर टर्मिनल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसे 640 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। यह 23,800 वर्ग मीटर में फैला है और हर साल करीब 35 लाख यात्रियों को संभाल सकेगा।
टर्मिनल में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके डिजाइन में लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी दिखाई देगी। ऊर्जा की खपत और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए इसमें जियोथर्मल एनर्जी का इस्तेमाल किया गया है।
इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और लद्दाख की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
एयरपोर्ट को 640 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है।
298 किमी लंबी सड़क से सेना की आवाजाही होगी आसान
प्रधानमंत्री 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दरचा सड़क भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने इस सड़क का निर्माण किया है। यह लेह के निम्मू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ेगी और जांस्कर घाटी से होकर गुजरेगी।
यह सड़क लद्दाख पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराएगी। इससे श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह हाईवे के अलावा आवाजाही का एक और विकल्प मिलेगा।
सड़क के चालू होने से सेना के जवानों और जरूरी सामान की आवाजाही आसान होगी। साथ ही जांस्कर घाटी के लोगों को अस्पताल, स्कूल, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी। कठिन हिमालयी इलाके और ऊंचाई वाले शिंकुन ला दर्रे से गुजरने के कारण इस सड़क को रणनीतिक रूप से भी अहम माना जाता है।
श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह हाईवे के अलावा आवाजाही का एक और विकल्प मिलेगा।
हानू में बनेगा बिजली का नया स्रोत
लद्दाख में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री 9 मेगावाट के हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ 66 केवी की डबल-सर्किट दाह-हानू-खलत्सी ट्रांसमिशन लाइन भी शुरू की जाएगी।
जलविद्युत परियोजना से स्थानीय जल संसाधनों के जरिए बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, नई ट्रांसमिशन लाइन से बिजली की सप्लाई व्यवस्था मजबूत होगी और नेटवर्क की भरोसेमंदता बढ़ेगी।
सिंधु घाट पर बनेगा देश का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क
प्रधानमंत्री लेह के सिंधु घाट पर देश के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन करेंगे। इसका उद्देश्य लद्दाख में मौजूद प्राचीन शैलचित्रों और पत्थरों पर उकेरी गई आकृतियों को सुरक्षित रखना है।
लद्दाख में ऐसी सैकड़ों जगहें हैं, जहां वन्यजीवों, इंसानों और अलग-अलग प्रतीकों की आकृतियां पत्थरों पर उकेरी गई हैं। ये कलाकृतियां हजारों साल पुराने मानव जीवन और क्षेत्र के इतिहास की जानकारी देती हैं।
संरक्षण पार्क के जरिए इन ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान से बचाने और लोगों को इनके महत्व के बारे में जागरूक करने में मदद मिलेगी। इससे जिम्मेदार पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
देश का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क और 40 गांवों में बनाए गए जलाशय शामिल हैं।
40 गांवों में बने 40 जलाशय, किसानों को मिलेगा फायदा
प्रधानमंत्री प्रोजेक्ट हिम सरोवर के तहत 40 गांवों में बनाए गए 40 जलाशयों का भी उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य पानी को जमा करके जरूरत के समय इस्तेमाल करना है।
लद्दाख में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पानी की उपलब्धता पूरे साल एक जैसी नहीं रहती। बर्फ पिघलने और ग्लेशियरों से कुछ समय पर्याप्त पानी मिलता है, लेकिन खेती के लिए जरूरी बुवाई के समय पानी की कमी हो सकती है।
ऐसे में जलाशयों में पानी जमा करने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे खेती पर निर्भर लोगों की आजीविका को सहारा मिलेगा और क्षेत्र में लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी।
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में इन जलाशयों को प्रोजेक्ट अमृत हिम सरोवर के तहत 40 गांवों में विकसित बताया था। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने, विकास को गति देने, सांस्कृतिक विरासत बचाने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद करेंगी।
