Last Updated:
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में कोर्ट ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा. इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों की 7 दिन की रिमांड मांगी थी. कोर्टरूम में पुलिस ने दलील दी थी कि उसे पासपोर्ट, कपड़े और कॉल डिटेल जैसे सबूत तलाश रही है.
अदालत ने सिया और चेतन को 3 जुलाई तक रिमांड पर भेज दिया है.
मुंबई. पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच अब उस मोड़ पर पहुंच गई है, जहां पुलिस हत्या से जुड़े हर सबूत को जोड़ने में जुटी है. कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि अभी कई अहम राज सामने आने बाकी हैं, जिनके लिए आरोपियों की पुलिस हिरासत जरूरी है.
पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि उसे सिया गोयल और चेतन चौधरी के साथ क्राइम सीन रीक्रिएशन करना है, ताकि घटना की पूरी कड़ी को समझा जा सके. जांच एजेंसी का कहना है कि हत्या के बाद कई ऐसे सबूत हैं, जिनकी तलाश अभी बाकी है.
पासपोर्ट और कपड़ों की तलाश में पुलिस
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि सिया ने केतन का पासपोर्ट कथित तौर पर फाड़ दिया और उसे जलाया गया. अब पुलिस उस पासपोर्ट और उससे जुड़े सबूतों को बरामद करना चाहती है. वहीं पुलिस के मुताबिक, आरोपी चेतन चौधरी ने घटना के बाद अपने कपड़े बदले थे. जांच टीम उन कपड़ों को भी तलाश रही है, क्योंकि वे मामले में अहम सबूत साबित हो सकते हैं.
हत्या के बाद भी हुई थी बातचीत?
पुलिस ने कोर्ट में यह भी कहा कि हत्या के बाद सिया और चेतन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी. अब जांच एजेंसी इन कॉल डिटेल्स और बातचीत से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करना चाहती है. पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से कुछ महत्वपूर्ण सबूत हटाने की कोशिश की है. इन डिजिटल सबूतों को रिकवर करने के लिए आरोपियों की मदद जरूरी है.
पुलिस ने मांगी थी 7 दिन की हिरासत
इन्हीं कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने कोर्ट से दोनों आरोपियों की 7 दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी. पुलिस का कहना था कि सबूत जुटाने, क्राइम सीन दोहराने और डिजिटल डेटा हासिल करने के लिए आरोपियों से पूछताछ जरूरी है. वहीं बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को चुनौती दी. आरोपियों के वकील ने कोर्ट में कहा कि पुलिस ने जिन आधारों पर गिरफ्तारी की है, वे सही नहीं हैं और FIR में बताए गए तथ्य गलत हैं.
कोर्ट ने 3 जुलाई तक भेजा पुलिस रिमांड पर
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. अब पुलिस की जांच का फोकस उन सबूतों पर है, जो यह साफ कर सकते हैं कि हत्या की साजिश कैसे रची गई, घटना के बाद क्या कदम उठाए गए और क्या कोई अहम जानकारी अभी भी छिपी हुई है.
About the Author
अरुण बिंजोला इस वक्त न्यूज 18 में बतौर एसोसिएट एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वह करीब 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिए हैं और पिछले 10 सालों से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं. करीब एक साल से न्यूज 1…और पढ़ें



