पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने जहां दुनिया भर के वित्तीय बाजारों को डरा दिया है, वहीं भारतीय शेयर बाजार ने अपनी अद्भुत मजबूती का प्रदर्शन किया है। गुरुवार को सुबह के शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए हरे निशान में खुले। सेंसेक्स में 250 अंकों से अधिक की बढ़त देखी गई, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक भी 24,100 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। ऐसे समय में जब एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा रही है, भारतीय बाजारों का यह जुझारूपन निवेशकों को काफी राहत देने वाला है।
गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार में कैसी रही हलचल?
गुरुवार सुबह 09:31 बजे के लाइव आंकड़ों के अनुसार, बंबई शेयर बाजार का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 171.39 अंक (0.22 प्रतिशत) की मजबूती के साथ 77,356.82 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 43.35 अंक (0.18 प्रतिशत) बढ़कर 24,121.85 अंक पर पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स ने जहां 250 अंकों से अधिक की छलांग लगाई, वहीं बाजार का चौतरफा रुझान भी सकारात्मक नजर आया। ब्रॉड मार्केट में अच्छी लिवाली देखी गई, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में 0.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर शेयरों की स्थिति बेहद मजबूत रही, जहां 1,662 शेयर बढ़त के साथ और केवल 749 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 112 शेयरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके साथ ही, विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय मुद्रा रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक पैसा सुधरकर 96.24 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक बाजारों में क्या स्थिति है और भारत उनसे कैसे अलग चल रहा है?
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर दुनिया भर के प्रमुख सूचकांकों पर साफ देखा जा रहा है:
- जापानी बाजार में बड़ी गिरावट: जापान का निक्केई 225 फ्यूचर्स 2.5 प्रतिशत तक लुढ़क गया, जबकि वहां का टॉपिक्स सूचकांक भी 1.1 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था।
- अन्य एशियाई और वैश्विक बाजार: चीन का शंघाई कंपोजिट 0.6 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 सूचकांक 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में थे। हालांकि, हांगकांग के हैंगसेंग ने इस कमजोरी के विपरीत 1.7 प्रतिशत की छलांग लगाई।
- अमेरिकी और यूरोपीय वायदा बाजार: अमेरिका का S&P 500 फ्यूचर्स और यूरोप का यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स बिना किसी बड़े बदलाव के फ्लैट कारोबार कर रहे थे।
दुनिया भर के बाजारों में मची इस उथल-पुथल के बीच भारत के दोनों प्रमुख सूचकांकों का करीब 0.3 प्रतिशत तक चढ़ना यह साबित करता है कि घरेलू मोर्चे पर निवेशकों का मनोबल काफी ऊंचा है।
आज की इस तेजी में कौन से सेक्टर्स और शेयर सबसे आगे रहे?
गुरुवार सुबह बाजार को आगे बढ़ाने में आईटी सेक्टर ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई है:
- आईटी सेक्टर की धूम: सेक्टोरल प्रदर्शन में निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे आगे रहा, जिसमें सुबह के सत्र में करीब 2 प्रतिशत की शानदार तेजी देखी गई।
- फायदा कमाने वाले प्रमुख शेयर: दिग्गज कंपनियों में एचडीएफसी लाइफ और एचसीएल टेक के शेयरों में तीन प्रतिशत तक की मजबूती दर्ज की गई।
- इन सेक्टर्स में दिखा दबाव: दूसरी तरफ, वित्तीय सेवाओं और सरकारी बैंकों के शेयरों में हल्की मुनाफावसूली हावी रही, जिससे निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक गिरावट के साथ लाल निशान में चले गए।
बाजार के इस रुख से निवेशकों के लिए क्या निष्कर्ष?
पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात आने वाले समय में बाजार के लिए एक बड़ा संवेदनशील मुद्दा बने रहेंगे। इसके बावजूद, सकारात्मक बाजार चौड़ाई और आईटी क्षेत्र में आई यह तेजी यह संकेत देती है कि भारतीय बाजार अपनी आंतरिक मजबूती के दम पर बाहरी झटकों को झेलने में सक्षम है। हालांकि, निवेशकों के लिए बाजार में किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।



