मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी रही। सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले। अमेरिका द्वारा ईरान पर कड़े द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कच्चे तेल के दाम स्थिर रहे। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई थी।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंक गिर गया और निफ्टी 24,150 के स्तर से नीचे चला गया। एयरटेल और कोटक बैंक के शेयर प्रमुख रूप से पिछड़ते शेयरों में शामिल रहे। बाजार में पूरे दिन अस्थिरता बने रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 95.74 पर आ गया।
बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध हैं। इन प्रतिबंधों के कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। निवेशक इन नए अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर चिंतित हैं। इस अनिश्चितता के चलते बाजार में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।
निवेशकों के लिए आगे क्या चुनौतियां हैं?
निवेशक अपनी स्थिति समायोजित कर रहे हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। यह कारोबारी सत्र एनएसई के मासिक वायदा और विकल्प (F&O) की समाप्ति के साथ-साथ होगा। तकनीकी रूप से, निफ्टी के लिए 24,200-24,000 पर समर्थन स्तर है। वहीं, 24,350 एक महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर बना हुआ है। 24,350 से ऊपर लगातार बढ़ना एक मजबूत तेजी का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
वैश्विक बाजारों का रुख कैसा रहा?
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो समय अनुसार दोपहर 12:12 बजे तक एसएंडपी 500 वायदा लगभग अपरिवर्तित रहा। जापान का निक्केई 225 वायदा (OSE) 0.6 फीसदी बढ़ा। जापान का टॉपिक्स 0.3 फीसदी बढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी 0.6 फीसदी बढ़ा। हांगकांग का हैंग सेंग 0.1 फीसदी गिरा और शंघाई कंपोजिट 0.3 फीसदी गिरा। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा भी लगभग अपरिवर्तित रहा।



