बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 730 अंक उछला, वहीं निफ्टी भी 200 अंक से अधिक बढ़कर 24,100 के स्तर को पार कर गया। इस उछाल से बीएसई का बाजार पूंजीकरण 3 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपये हो गया।
डॉलर के मुकाबले बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया पांच पैसे बढ़कर 95.77 पर पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी मुद्रा और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच लगातार चौथे दिन रुपया स्थिर बना रहा। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारतीय शेयरों की खरीदारी शुरू करने के बाद घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल से स्थानीय मुद्रा को भी समर्थन मिला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया 95.70 पर खुला और डॉलर के मुकाबले 95.77 पर फिसल गया, जो पिछले बंद भाव से 5 पैसे की बढ़त दर्शाता है। भारतीय मुद्रा मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे बढ़कर 95.82 पर बंद हुई, जबकि इससे पहले लगातार दो सत्रों में इसमें 74 पैसे की बढ़त दर्ज की गई थी।
बाजार में आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में चार फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई, जिससे विमानन कंपनी इंडिगो के शेयरों में गिरावट आई। इंडिया वीआईएक्स में भी तीन फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई, जबकि व्यापक बाजार भी तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे।
बाजार में इतनी तेजी क्यों आई?
बाजार में यह तेजी आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी जैसे प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में मजबूत खरीदारी के कारण आई। बीएसई का बाजार पूंजीकरण तीन लाख करोड़ रुपये बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इंडिया वीआईएक्स में 3 फीसदी से अधिक की गिरावट ने निवेशकों के बीच डर कम होने का संकेत दिया। व्यापक बाजार भी सकारात्मक रुख दिखा रहे थे, जिससे समग्र धारणा मजबूत हुई।
क्या आईटी शेयरों में निवेशकों का भरोसा लौटा?
जून तिमाही के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 10 निफ्टी आईटी कंपनियों में से सात में अपनी हिस्सेदारी कम की थी। इसके बावजूद, जुलाई में आईटी क्षेत्र में तेजी से सुधार देखा गया। निफ्टी आईटी सूचकांक जुलाई में अब तक 16 फीसदी उछल चुका है। यह दर्शाता है कि निवेशकों की निराशा शायद अपने चरम पर पहुंच चुकी थी। कम मूल्यांकन, कम स्थिति और बेहतर तकनीकी संकेतक आईटी क्षेत्र में मजबूत सुधार का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।



