कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ खुला। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अमेरिका-ईरान तनाव कम होने के संकेतों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 788.70 अंक चढ़कर 78,883.34 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 189.10 अंक की बढ़त के साथ 24,572.70 पर कारोबार करता दिखा। इस तेजी के साथ सेंसेक्स 79 हजार के स्तर के करीब पहुंच गया।
बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी मेटल और एफएमसीजी शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी शुरुआती कारोबार के टॉप गेनर सेक्टर रहे। इसके अलावा पीएसयू बैंक, कमोडिटी, आईटी, ऑटो, इंफ्रा, सर्विसेज, इंडिया डिफेंस और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं, हेल्थकेयर, फार्मा और मीडिया सेक्टर में हल्की कमजोरी दर्ज की गई। इन तीनों सेक्टरों के सूचकांक लाल निशान में रहे।
बाजार की तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 274 अंक (0.44%) बढ़कर 62,181 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 164 अंक (0.85%) चढ़कर 19,513 पर कारोबार करता दिखा।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में इंडिगो, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टीसीएस, इन्फोसिस, एलएंडटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल), हिंदुस्तान यूनिलीवर, पावर ग्रिड, ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचसीएल टेक के शेयर बढ़त में रहे। दूसरी ओर सन फार्मा, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल में गिरावट दर्ज की गई।
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क्यों आई बाजार में तेजी?
विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार की तेजी की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने ईरान पर हमले रोकने की घोषणा की। इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। इससे भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए राहत की संभावना बनी, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर दिखा।
कच्चे तेल के दाम में बड़ी गिरावट
खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड लगभग 5% गिरकर 83.66 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 5.5% टूटकर 80.02 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
रुपये में भी मजबूती
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की शुरुआत भी मजबूती के साथ हुई. रुपया पिछले बंद भाव 95.39 रुपये प्रति डॉलर के मुकाबले 25 पैसे मजबूत होकर 95.14 रुपये प्रति डॉलर पर खुला।
क्या है नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन?
वहीं, शेयर बाजार में सोमवार से एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। बाजार नियामक सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) से जुड़े शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session-CAS) शुरू कर दिया है। इसके साथ ही F&O शेयरों की क्लोजिंग प्राइस तय करने का तरीका बदल गया है और इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग का समय भी 10 मिनट बढ़ा दिया गया है। इस बदलाव का मकसद क्लोजिंग प्राइस को अधिक पारदर्शी बनाना, अंतिम मिनटों में संभावित हेरफेर रोकना और बेहतर प्राइस डिस्कवरी सुनिश्चित करना है।
अब तक F&O शेयरों की क्लोजिंग प्राइस कारोबार के अंतिम हिस्से में हुए सौदों के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के आधार पर तय होती थी। नए सिस्टम में 3:15 बजे के बाद खरीद और बिक्री के ऑर्डर एकत्र किए जाएंगे और उन्हें एक संतुलित कीमत पर मैच किया जाएगा। यही कीमत उस शेयर की आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस होगी। इससे किसी एक बड़े ऑर्डर के कारण क्लोजिंग प्राइस पर पड़ने वाला असर कम होगा।
एशियाई बाजारों का हाल
भारतीय बाजार में तेजी के विपरीत अधिकांश एशियाई बाजार दबाव में रहे। टोक्यो, शंघाई, सोल, बैंकॉक और जकार्ता के प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि, अमेरिकी बाजार शुक्रवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे। डाओ जोंस 0.53% और नैस्डैक करीब 1% की बढ़त के साथ बंद हुआ था।



