हिन्दी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. राजस्थान के कोटा में सोमवार को ट्रेन में तलाशी के दौरान तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस के मुताबिक, ये तीनों ही टाइगर श्रॉफ पर हमले में शामिल थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन तीनों को इस वारदात के लिए कुल 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे. उन्हें अच्छी रकम के साथ विदेश में बसाने का लालच भी दिया गया था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की साजिश किसने रची, किस आरोपी की क्या भूमिका थी और फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां हैं.
15 मिनट में पूरी ट्रेन की तलाशी, कोटा में पकड़े गए तीनों संदिग्ध
कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के मुताबिक, सोमवार सुबह मुंबई पुलिस के डीसीपी क्राइम से सूचना मिली थी कि टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले के तीन मुख्य संदिग्ध पुणे-जयपुर एक्सप्रेस से सफर कर रहे हैं और कोटा पहुंचने वाले हैं. सूचना मिलते ही कोटा सिटी पुलिस की टीम सक्रिय हुई और महज 15 मिनट के भीतर ट्रेन की तलाशी लेकर तीनों को पकड़ लिया.
पुलिस के मुताबिक, ट्रेन सुबह करीब 10:30 बजे कोटा जंक्शन पहुंची थी. ये तीनों लोग जनरल कोच में सफर कर रहे थे. जांच एजेंसियों को शक है कि ये तीनों पहले जयपुर पहुंचने और फिर बस से दिल्ली जाने की योजना बना रहे थे. इसके बाद उनके नेपाल भागने की भी बात सामने आई है.
तेजस्वनी गौतम ने बताया कि तीनों को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंपा जाएगा, क्योंकि फायरिंग के मामले की मुख्य जांच मुंबई पुलिस कर रही है.
कौन हैं पकड़े गए तीनों संदिग्ध?
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए संदिग्धों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान उर्फ सुक्का, बिहार के बेगूसराय का मूल निवासी और मुंबई में रहने वाले ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और हरियाणा के एक नाबालिग के रूप में हुई है. नाबालिग की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है.
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, ऋतिक रैपिडो ड्राइवर है, जबकि बाकी दो मजदूरी करते हैं. शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि तीन में से दो आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और बाइक चोरी से जुड़े मामले दर्ज हैं. हालांकि, उनके आपराधिक रिकॉर्ड और फायरिंग में उनकी अलग-अलग भूमिका की विस्तृत जानकारी पूछताछ के बाद सामने आएगी.
इस मामले में गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है. कोटा पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में पता चला कि अनिल पंडित रेहान के संपर्क में था. पुलिस का दावा है कि रेहान को टाइगर श्रॉफ पर हमला करने के लिए कहा गया था.
तेजस्वनी गौतम के अनुसार, आरोपियों को अच्छी रकम देने और विदेश में बसाने का लालच दिया गया था. एक पुलिस सूत्र के हवाले से यह भी बताया गया है कि तीनों को मिलाकर 50 हजार रुपये मिले थे. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किसने दी, हमले के पीछे किसका निर्देश था और क्या इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे.
अनिल पंडित को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है. हालांकि, मामले में गैंग की भूमिका पूछताछ के बाद ही निकाला जा सकेगा.
हमले में इस्तेमाल बाइक बरामद, हथियार अब भी गायब
मुंबई पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद करने का दावा किया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बाइक अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास लावारिस हालत में मिली थी. घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को हमलावरों की गतिविधियों के सुराग मिले. फुटेज में कथित तौर पर बाइक छोड़कर रेलवे स्टेशन की ओर जाते लोग दिखाई दिए.
जांचकर्ताओं को शक है कि बाइक छोड़ने के बाद आरोपी ट्रेन से मुंबई से बाहर निकले थे. इसके बाद मुंबई पुलिस ने कोटा पुलिस को उनकी संभावित लोकेशन की जानकारी दी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई.
हालांकि, फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार अभी बरामद नहीं हुए हैं. कोटा पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हथियारों को कहां छिपाया गया या उनका क्या किया गया.
रविवार शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर चली थीं पांच गोलियां
टाइगर श्रॉफ पुष्पा पार्क से अपनी कार में निकल रहे थे, तभी उन पर दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और फिर वहां से मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए थे. इस हमले में टाइगर श्रॉफ तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति का घायल हो गया. इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी आया था, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था. इन पोस्ट में अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया.