वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को बताया कि भारत के ओमान और चिली के साथ व्यापार समझौतों में अच्छी प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता 1 जून, 2026 से प्रभावी होने की संभावना है। चिली के साथ महत्वपूर्ण खनिजों पर भी एक समझौता हो सकता है, यदि दोनों पक्ष अभिनव समाधानों पर सहमत हों।
गोयल ने बताया कि ओमान टीम के साथ उनकी बैठक बहुत अच्छी रही और खाड़ी देश के साथ चर्चा सकारात्मक रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि भारत और चिली महत्वपूर्ण खनिजों पर पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यवस्था बना सकते हैं, तो व्यापार समझौता संभव होगा। मंत्री ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत के आर्थिक परिदृश्य पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने वैश्विक व्यापार और निवेश प्रवाह को बाधित किया है। इन चुनौतीपूर्ण समय में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के पास दूसरों से आगे निकलने का बड़ा अवसर है। उन्होंने भारत की सहनशीलता को मौजूदा माहौल में एक रणनीतिक लाभ बताया। देश की 1.4 अरब आबादी की सामूहिक प्रतिबद्धता के कारण भारत का सम्मान किया जाता है। गोयल ने कहा कि देश की क्षमता और एकता एक मजबूत आधार प्रदान करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के संसाधन संरक्षण और आत्मनिर्भरता के आह्वान पर सामूहिक कार्रवाई का भी आग्रह किया।
समझौतों का महत्व
ओमान मुक्त व्यापार समझौता लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच बाजार पहुंच और आपूर्ति शृंखला एकीकरण को बढ़ाएगा। यह भारत के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा और आर्थिक वृद्धि को गति देगा। चिली के साथ संभावित समझौता स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों तक भारत की पहुंच सुनिश्चित कर सकता है। इससे देश की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और भविष्य के लिए ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की स्थिति
गोयल ने कहा कि भारत अपनी सहनशीलता और 1.4 अरब भारतीयों की राष्ट्र सेवा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के लिए विश्व में सम्मानित है। उन्होंने बताया कि देश किसी भी अंतरराष्ट्रीय चुनौती का सामना करने में सक्षम है। मंत्री ने कहा कि 140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं। हम सभी भारत के भविष्य को मजबूत करने के लिए उनके पीछे एकजुट होंगे और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।



