HomeअपराधTwisha Sharma Death Case | 'चैट' में छिपी प्रताड़ना की कहानी! पूर्व...

Twisha Sharma Death Case | 'चैट' में छिपी प्रताड़ना की कहानी! पूर्व जज गिरिबाला के अत्याचारों का सच अब बेनकाब करेगी CBI


मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के ठीक एक दिन बाद, सीबीआई ने बृहस्पतिवार को पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई की टीम ने भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित आवास पर गिरिबाला सिंह से कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। एजेंसी शुक्रवार को उन्हें सक्षम अदालत के समक्ष पेश कर औपचारिक रिमांड की मांग कर सकती है।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी पूर्व न्यायाधीश को औपचारिक तौर पर हिरासत में लेने के लिए उन्हें शुक्रवार को सक्षम अदालत के समक्ष पेश कर सकती है।
सिंह के बेटे और त्विषा के पति समर्थ सिंह पहले से ही केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में हैं। समर्थ पेशे से वकील हैं।
अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई की योजना 33 वर्षीय पूर्व मॉडल-अभिनेता की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए मां-बेटे का आमना-सामना कराना है ताकि उनके बयानों से तथ्य सामने लाया जाए।
एक सत्र अदालत ने 15 मई को पूर्व जिला न्यायाधीश को अग्रिम जमानत दे दी थी।

हालांकि, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने त्विषा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत बुधवार को रद्द कर दी थी।
बुधवार देर रात जारी अपने 17 पन्नों के आदेश में न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकल पीठ ने कहा, ‘‘मामले के तथ्यात्मक पहलुओं और प्रतिवादी (गिरिबाला सिंह) के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आलोक में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, भोपाल द्वारा 15 मई 2026 को पारित अग्रिम जमानत आदेश को रद्द किया जाता है।’’

वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने फोन पर कहा, ‘‘अंतत: त्विषा मामले में न्याय हो गया।’’
श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘गिरिबाला के 36 साल तक न्यायिक सेवा में रहने के बाद अगर उनके मन में कानून के प्रति कोई सम्मान है तो उन्हें शालीनता से सीबीआई के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहिए और आगे की जांच में जांच एजेंसी के साथ सहयोग करना चाहिए।’’

मामले में राज्य सरकार की ओर से दलील रखते हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा और त्विषा के परिजनों के वकील श्रीवास्तव ने अदालत से कहा कि आरोपी गिरिबाला सिंह एक सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी हैं और उन्होंने साइबर अपराधों, साइबर फॉरेंसिक और डिजिटल सिग्नेचर तकनीक के साथ ही अपराध दृश्य के प्रबंधन पर विशेष पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में गिरिबाला सिंह के अपराध स्थल से छेड़छाड़ करने की आशंका भी है।
वकीलों ने दलील दी कि भोपाल जिला अदालत ने गिरिबाला को 24 घंटे में जमानत दे दी थी जबकि मामला प्रारंभिक चरण में था और महत्वपूर्ण बयान ही दर्ज नहीं हुए थे।
उन्होंने कहा कि त्विषा के व्हाट्सऐप चैट और केस डायरी में प्रताड़ना का स्पष्ट उल्लेख है लेकिन इन्हें भी नजरंदाज किया गया।

त्विषा शर्मा राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को अपने ससुराल में कथित तौर पर फांसी पर लटकी मिली थीं। सीबीआई ने सोमवार को शर्मा की मौत मामले की जांच अपने हाथों में ले ली थी।
सीबीआई ने मामले को हाथ में लेने के बाद फिर से प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी के रूप में नामजद किया गया है।

Read Latest
National News in Hindi
only on Prabhasakshi  



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments