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UNESCO वर्ल्ड-हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में भारत की 5 नई साइट: इसमें मध्यप्रदेश की चार; उदयगिरि गुफाएं, गिन्नौरगढ़ और बटेश्वर के मंदिर शामिल


40 मिनट पहले

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भारत की UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में पांच नई साइटें जोड़ी गई हैं। इनमें मध्य प्रदेश की उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, चंबल घाटी के मंदिर समूह और गिन्नौरगढ़ शामिल हैं। पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ी ‘साइट्स ऑफ सत्याग्रह’ है।

संस्कृति मंत्रालय के PIB ने X पर इसे देश की विरासत के लिए “गर्व का पड़ाव” बताया। इन पांच नई साइटों के जुड़ने के बाद भारत की UNESCO टेंटेटिव लिस्ट में अब 78 साइटें हो गई हैं।

किसी साइट को पहले UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया जाता है। इसके बाद ही उसे आगे वर्ल्ड हेरीटेज साइट का दर्जा देने के लिए विचार किया जा सकता है। इसलिए इन पांच साइटों को अभी UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज साइट का अंतिम दर्जा नहीं मिला है।

मध्य प्रदेश की 4 साइटें

1. उदयगिरि गुफाएं

इसका विकास चौथी सदी के अंत और पांचवीं सदी की शुरुआत में गुप्त काल में हुआ।

इसका विकास चौथी सदी के अंत और पांचवीं सदी की शुरुआत में गुप्त काल में हुआ।

मध्य प्रदेश की उदयगिरि पहाड़ियों में चट्टानों को काटकर बनाया गया धार्मिक परिसर है। UNESCO के मुताबिक, इसका विकास मुख्य रूप से चौथी सदी के अंत और पांचवीं सदी की शुरुआत में गुप्त काल में हुआ। यहां 20 गुफाएं, मूर्तियां, शिलालेख और अन्य ऐतिहासिक संरचनाएं हैं।

2. बाघ गुफा चित्रकारी

बाघ गुफाएं बलुआ पत्थर की एक अलग चट्टानी संरचना में बनी हैं।

बाघ गुफाएं बलुआ पत्थर की एक अलग चट्टानी संरचना में बनी हैं।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में बाघनी नदी के किनारे विंध्य पर्वत की दक्षिणी ढलान पर 9 बौद्ध गुफाएं हैं। यहां की गुफाओं में मौजूद भित्ति चित्र खास महत्व रखते हैं। यह क्षेत्र मुख्य रूप से बेसाल्ट चट्टानों से बना है, जबकि बाघ गुफाएं बलुआ पत्थर की एक अलग चट्टानी संरचना में बनी हैं।

3. गिन्नौरगढ़

गिन्नौरगढ़ किला मध्य प्रदेश में स्थित एक ऐतिहासिक गोंड किला है।

गिन्नौरगढ़ किला मध्य प्रदेश में स्थित एक ऐतिहासिक गोंड किला है।

गिन्नौरगढ़ मध्य भारत के पुराने राज गोंड शासकों की प्रमुख किलेबंद राजधानी थी। इसे भी टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है।

4. चंबल घाटी के मंदिर समूह

ये मंदिर मुख्य रूप से 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच बने और मध्य भारत में नागर शैली की मंदिर वास्तुकला के विकास को दिखाते हैं।

ये मंदिर मुख्य रूप से 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच बने और मध्य भारत में नागर शैली की मंदिर वास्तुकला के विकास को दिखाते हैं।

इसमें मध्य प्रदेश के बटेश्वर, पदावली और ककर्मठ के मंदिर शामिल हैं।

5वीं साइट- ‘Sites of Satyagraha’

पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका की जॉइंट सीरियल ट्रांसनेशनल प्रॉपर्टी है। इसका उद्देश्य महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार के विकास को दर्शाना है। दक्षिण अफ्रीका में इसकी शुरुआत से लेकर भारत में इसके प्रयोग, विकास और संस्थागत रूप लेने तक।

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UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट क्या होती है?

टेंटेटिव लिस्ट यानी संभावित/प्रस्तावित विरासत स्थलों की सूची। किसी देश की ऐसी जगहों को इसमें शामिल किया जाता है जिन्हें वह भविष्य में UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल कराने के लिए नामित करना चाहता है।

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