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कपिल सांगवान उर्फ नंदू का नाम दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गैंगस्टरों में गिना जाता है. होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई छोड़कर अपराध की दुनिया में आए कपिल की कहानी पारिवारिक बदले, गैंगवार, रंगदारी और विदेश से गैंग चलाने तक पहुंचती है. 2015 में जीजा की हत्या के बाद बदले की आग में शुरू हुआ खूनी सिलसिला आगे चलकर बड़े गैंग नेटवर्क में बदल गया. दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और दूसरे राज्यों में हत्या, फायरिंग और रंगदारी के कई मामलों में उसका नाम सामने आया. फिलहाल वह ब्रिटेन में रहकर वहीं से अपना गैंग ऑपरेट कर रहा है.
होटल मैनेजमेंट की पढाई छोड़ जुर्म की पाठशाला में दाखिला लेने वाला कपिल सांगवान देखते ही देखते दिल्ली का मोस्ट वांडेट गैंगस्टर बन गया. (एआई इमेज)
गैंग्स ऑफ दिल्ली: दिल्ली के मोस्ट वांडेट गैंगस्टर में गिने जाने वाले कपिल सांगवान को आज से करीब 12 साल पहले अपराध की दुनिया विरासत में मिली थी. 2014 से ठीक पहले उसने दिल्ली के विकासपुरी से अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी कर मानेसर के एक होटल मैनेजमेंट कॉलेज में दाखिला लिया था. लेकिन, कुछ ही महीनों बाद उसने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई छोड़कर अपराध की दुनिया की एक नई पाठशाला में दाखिला ले लिया था. इसी बीच परिवार में हुई एक वारदात ने कपिल सांगवान के दिल में बदले की ऐसी आग भड़काई, जिसकी आंच से आज भी दिल्ली-एनसीआर सहित सीमावर्ती राज्यों में महसूस की जा रही है.
दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान में हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी जैसी दर्जनों वारदातों को अंजाम देने वाला कपिल सांगवान फिलहाल लंदन से अपना गैंग चला रहा है. बीते साल महाराष्ट्र पुलिस ने उसे महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत आरोपी बनाया है. साथ ही, उसकी धरपकड़ के लिए इंटरपोल की तरफ से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है. बताया जाता है कि लंदन पहुंचने के बाद कपिल सांगवान ने अपने लगभग सभी फेमिली मेंबर्स को भी वहीं बुला लिया है. दिल्ली में उसके गैंग की बागडोर फिलहाल उसके बड़े भाई ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा के हाथों में है, जो सलाखों के पीछे रहकर उसे चला रहा है.
अपराध की दुनिया में कब और कैसे रखा अपराध की दुनिया में कदम?
- पहला अपराध: दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पुलिस की डायरी में पहली बार कपिल सांगवान का नाम 2014 में आया था. उसके खिलाफ पहले नरेश कुमार नामक एक शख्स के घर में फायरिंग और फिर उसके भतीजे ललित से 30 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था. दोनों मामलों में उसके खिलाफ छावला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी. इसी साल नवंबर में छावला इलाके में हत्या की कोशिश और हरियाणा के जींद में डकैती के मामले में भी उसका नाम जुड़ा था.
- बदले की आग: पुलिस के अनुसार, 2015 में उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ आया. उनके जीजा सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या हो गई. यह हत्या मंजीत महल गैंग से जुड़े नफे उर्फ मंत्री के साथ पैसे या कर्ज के विवाद में हुई थी. नफे महल गैंग का करीबी था. इस घटना के समय कपिल सांगवान का बड़ा भाई ज्योति बाबा जेल में था. ज्योति बाबा ने अपने छोटे भाई कपिल को इस हत्या का बदला लेने को कहा. दिसंबर 2015 में कपिल सांगवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर नफे के पिता हरिकिशन सिंह की हत्या कर दी. इस हत्या के बाद कपिल ने कहा था कि… हम तुम्हें मारेंगे नहीं, खून के आंसू रुलाएंगे.
- ट्रिगर-हैप्पी का टैग: इस वारदात के बाद कपिल सांगवान और मंजीत महल के बीच गैंगवार शुरू हो गई. इसी के साथ, कपिल सांगवान ने रंगदारी वसूलना शुरू कर दिया. कपिल सांगवार पहले फोन पर टारगेट को धमकी देता, फिर फायरिंग करवाकर हदशह फैलाई जाती और आखिर में करोड़ों रुपए की रंगदारी वसूली जाती थी. कपिल के गैंग ने धीरे-धीरे पूरे साउथ वेस्ट दिल्ली के कारोबारियों को निशाने में लेना शुरू कर दिया था. कपिल सांगवान के गुस्सैल स्वभाव और बात-बात पर गोली चलाने की आदत ने उसे ‘ट्रिगर-हैप्पी’ का टैग नेम दिला दिया था.
- पहली गिरफ्तारी: 2016 में एक एनकाउंटर के बाद राजस्थान पुलिस ने कपिल सांगवान को अरेस्ट कर लिया था. इस गिरफ्तारी के बाद कपिल 2016 से 2019 तक जेल में रहा. 2019 में पैरोल मिलने के बाद उसने अपने साथियों के साथ नजफगढ़ के एक फार्महाउस पर बड़ी पार्टी दी. इस पार्टी में साउथ वेस्ट दिल्ली और हरियाणा के कई बड़े अपराधियों को बुलाया गया था. इस पार्टी की भनक लगते ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने छापेमारी कर 22 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन कपिल पुलिस की गिरफ्त से बचकर निकलने में कामयाब हो गया.
- कपिल की फरारी: पेरोल खत्म होने के बावजूद कपिल सांगवान जेल वापस नहीं लौटा और वह फरार हो गया. 2020 में उसने बरेली (उत्तर प्रदेश) से फर्जी दस्तावेजों की मदद से अपना पासपोर्ट बनवाया. फिर इसी पासपोर्ट की मदद से वह थाईलैंड चला गया. कुछ समय थाईलैंड में रुकने के बाद वह पहले दुबई और फिर वहां से ब्रिटेन चला गया. पुलिस के सूत्रों के अनुसार, कपिल का भाई ज्योति और उसका एक गुर्गा धिरेन करिया भी फर्जी पासपोर्ट की मदद से विदेश जाने की तैयारी में थे, लेकिन वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाए. लंदन पहुंचने के बाद कपिल सांगवान वहीं बस गया और वहीं से अपना गिरोह चलाने लगा.
इन वारदातों के बाद सुर्खियों में आया कपिल सांगवान
- मंजीत महल के पिता की हत्या: जनवरी 2017 में नजफगढ़ के मित्रांव गांव में गैंगस्टर मंजीत महल के पिता श्रीकृष्ण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह हत्या कपिल सांगवान और उसके भाई ज्योति उर्फ बाबा गैंग ने अपने जीजा के मर्डर का बदला लेने के लिए की थी.
- बीजेपी नेता सुरेंद्र मटियाला की हत्या: अप्रैल 2023 में नजफगढ़ के बीजेपी नेता सुरेंद्र कुमार सोलंकी उर्फ सुरेंद्र मटियाला की गोली मारकर हत्या हुई थी. बाद की पुलिस जांच में कपिल सांगवान गैंग का नाम सामने आया. पुलिस के मुताबिक, मटियाला की हत्या सांगवान और उसके विरोधी गैंगों के बीच चल रही पुरानी दुश्मनी से जुड़ी थी.
- नफे सिंह राठी और जय किशन हत्याकांड: फरवरी 2024 में बहादुरगढ़ में इनेलो के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी और पार्टी कार्यकर्ता जय किशन की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके बाद कपिल सांगवान ने इंस्टाग्राम पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी ली और राठी के मंजीत महल से करीबी रिश्तों को हत्या की वजह बताया गया था.
- बल्लू पहलवान की हत्या: सुरजभान उर्फ बल्लू पहलवान की जनवरी 2024 में फरीदाबाद में एक जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने बाद में इस हत्याकांड को भी कपिल सांगवान गैंग से जोड़ा था. जांच में इसे गैंगवार और पुरानी दुश्मनी से जुड़ी बदले की कार्रवाई बताया गया था.
- पंचकुला ट्रिपल मर्डर: दिसंबर 2024 में पंचकुला के पिंजौर स्थित एक होटल की पार्किंग में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या हुई थी. पुलिस के मुताबिक, असली निशाना दिल्ली के मित्रांव निवासी विनीत उर्फ विक्की और उसका नाबालिग भतीजा तीर्थ थे, जबकि हरियाणा की वंदना भी गोलीबारी में मारी गई थी. पुलिस ने इसे सांगवान के जीजा की हत्या का बदला बताया था.
- 5 करोड़ रुपये की रंगदारी: जुलाई 2025 में रोहतक के कारोबारी और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष अवतार सिंह कोचर उर्फ डॉली सरदार ने पुलिस में शिकायत दी कि कपिल सांगवान के नाम से उनसे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है. धमकी में उन्हें और उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी.
राजनीतिक कनेक्शन और हालिया कार्रवाई
2023-24 में नंदू का नाम आप विधायक नरेश बाल्यान से जुड़ा था. एक ऑडियो क्लिप में दोनों के बीच रंगदारी की बातचीत का दावा किया गया था. इसी मामले में नरेशल बाल्यान की गिरफ्तारी भी हुई थी और उनका नाम मकोका केस में जुड़ा था. पुलिस ने नंदू गैंग पर मकोका लगाया और कई सदस्यों को गिरफ्तार किया. 2025-26 में भी उनके शूटरों की गिरफ्तारियां जारी रहीं. कुछ मामलों में कनाडा से जुड़े गैंगस्टर्स के निर्देशों का भी जिक्र आया है.
ऐप्स से चलना लगा कपिल सांगवान का गैंग
यूके से गैंग चलाने के लिए सोशल मीडिया कपिल सांगवान के लिए काफी मददगार साबित हुआ. वह सिग्नल, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स के जरिए भारत में शूटरों को सुपारी देता था. साथ ही, इन्हीं एप्स के जरिए गैंग एक्सटॉर्शन, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और हथियारों की सप्लाई को अंजाम तक पहुंचाता था. पुलिस के अनुसार 2015 के बदले की हत्याओं से शुरू हुआ यह सिंडिकेट 2021-24 तक ऑर्गनाइज्ड नेटवर्क में बदल गया. इन सालों गैंग का असर दिल्ली से बढ़कर हरियाणा, पंजाब सहित कई दूसरे राज्यों तक पहुंच गया था.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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