2026 की शुरुआत से ही सोने के बाजार में भू-राजनीतिक तनाव, ईरान संघर्ष और क्रूड ऑयल की कीमतों के चलते भारी हलचल देखने को मिली है। रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद कीमतों में आए बड़े करेक्शन से लेकर आयात ड्यूटी के नियमों में बदलाव तक, सर्राफा बाजार की तस्वीर काफी तेजी से बदली है। मध्यम से लंबी अवधि का दृष्टिकोण अब भी मजबूत बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है, अगले साल तक सोना फिर से एक नए स्तर को छू सकता है…
साल 2026 सोने के लिए बेहद अस्थिर रहा है। टैरिफ युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,600 डॉलर और घरेलू स्तर पर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड शिखर पर पहुंच गया था। लेकिन मुनाफावसूली और अमेरिका-ईरान जंग के कारण क्रूड ऑयल के दाम चढ़ने से कीमतों में 21.5% की जोरदार गिरावट आई और भाव गिरकर अब 1,43,000 रुपये के आसपास आ गए।
पिछले साल दिवाली से इस साल दिवाली तक सोने ने करीब 12 फीसदी का रिटर्न दिया है। पिछले साल 20 अक्तूबर को एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,28,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि इस साल 29 अक्तूबर को एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,43,243 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
अगली दिवाली भी होगी सोने वाली ?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं, तकनीकी मोर्चे पर 1,38,000 से 1,40,000 का दायरा मजबूत सपोर्ट जोन है। हालांकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं, लेकिन मध्यम से लंबी अवधि का दृष्टिकोण मजबूत बना हुआ है। अगले 8 से 10 महीनों में सोना फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5,100 से 5,400 डॉलर प्रति औंस और घरेलू स्तर पर 1,90,000 से 2,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है।
- सोने का समर्थन करने वाली ताकतें
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी
- मौद्रिक अनिश्चितता
- भू-राजनीतिक जोखिम
- बढ़ती वित्तीय निवेश भागीदारी
भारतीय निवेशकों के लिए बड़ा बदलाव
सोना शादियों और त्योहारों के लिए खरीदे जाने वाली संपत्ति से विकसित होकर अब विविध धन प्रबंधन का एक अनिवार्य घटक बन रहा है। इसका सबूत गोल्ड ईटीएफ में बढ़ता निवेश है। सितंबर 2026 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 71% बढ़कर 4,451 करोड़ रुपये रहा।
पोर्टफोलियो में सोना क्यों और कितना?
आर मनी की मौमीता समांता कहती हैं, सोना हमेशा से सबसे मजबूत ढाल साबित हुआ है।
सोना पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है और महंगाई, मुद्रा के अवमूल्यन व इक्विटी बाजार की मंदी के खिलाफ एक बेहतरीन बचाव का काम करता है।
रूढ़िवादी निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो में लगभग 15% सोना रखना उचित है, वहीं उच्च धारणा वाले निवेशक अपने पोर्टफोलियो का 18% से 20% हिस्सा सोना और चांदी के संयुक्त रूप में आवंटित कर सकते हैं, ताकि जोखिम कम हो और लॉन्ग टर्म वेल्थ सुरक्षित रहे।
अगली दिवाली नई ऊंचाई छुएगा सोना?
सोना फिर एक बार अपनी चमक बढ़ाएगा?
अमर उजाला ‘द बोनस’ ने दिग्गज गोल्ड विशेषज्ञों के बीच एक सर्वे किया। सर्वे के परिणाम इस प्रकार हैं:
| विशेषज्ञ | अनुमान (रुपये/10 ग्राम) |
|---|---|
| तरुण सतसंगी, डायरेक्टर, आर सनी | 2,20,000 |
| अजय केडिया, डायरेक्टर, केडिया एडवाइजरी | 1,80,000 |
| वंदना भारती, रिसर्च हेड, एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज | 1,80,000 |
| अनीदय बनर्जी, कमोडिटी रिसर्च हेड, कोटक सिक्योरिटीज | 1,80,000 |
| अंकित कपूर, को-फाउंडर, कमोडिटी समाचार सिक्योरिटीज | 1,80,000 |
| सुगंधा सचदेवा, फाउंडर, एसएस वेल्थस्ट्रीट | 1,80,000 |
| वत्सल खेमका, वीके वेल्थवाइज एंड एसोसिएट | 1,80,000 |
| भाविक पटेल, रिसर्च एनालिस्ट, ट्रेडबुल्स सिक्योरिटीज | 1,75,000 |
| प्रियांक उपाध्याय, वीपी, रिसर्च, एसएसजे फाइनेंस | 1,70,000 |
| मानव मोदी, एनालिस्ट, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज | 1,70,000 |
| वरुण जोशी, सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट | 1,70,000 |
| अमित खरे, वीपी, कमोडिटी रिसर्च, जीसीएल ब्रोकिंग | 1,69,000 |
निष्कर्ष: सर्वे के मुताबिक, दिवाली 2027 तक सोने का औसत अनुमानित भाव 1.71 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो सकता है।
नोट: निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
अनुमानों पर खरा उतरा पिछला सर्वे
पिछले साल अक्टूबर में भी अमर उजाला ‘द बोनस’ ने विशेषज्ञों के बीच सर्वे के आधार पर बताया था कि दिवाली 2026 पर सोने का औसत दाम 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहेगा।29 अक्टूबर 2026 को एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,43,243 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो अनुमान के बहुत नजदीक है।
गोल्ड ईटीएफ में निवेश (करोड़ रुपये)
| महीना | निवेश |
|---|---|
| अप्रैल | 3,040 |
| मई | -725 |
| जून | 3,443 |
| जुलाई | 1,558 |
| अगस्त | 2,597 |
| सितंबर | 4,451 |
स्रोत: एएमएफआई, 2026