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समुद्र के बीच खड़ा है रहस्यमयी मंदिर, 1964 में उजड़ गया था पूरा शहर


तमिलनाडु के रामेश्वरम और धनुषकोडी में आपको समुद्र, आस्था और इतिहास का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. एक तरफ समुद्र से घिरा प्राचीन मंदिर है, तो दूसरी तरफ चक्रवात में तबाह हुए शहर के खंडहर. यहां तक पहुंचने का रास्ता भी बेहद खूबसूरत है, जहां सड़क के दोनों ओर दूर-दूर तक समुद्र दिखाई देता है.

धनुषकोडी रामेश्वरम द्वीप के दक्षिणी छोर पर स्थित है. यहां का सबसे खास आकर्षण कोठंडारामस्वामी मंदिर है. समुद्र से घिरे इस मंदिर तक पहुंचते हुए चारों ओर पानी और रेत का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी स्थान पर विभीषण ने भगवान राम से शरण मांगी थी.

धनुषकोडी के आसपास बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर का मिलन क्षेत्र भी देखने को मिलता है. यहां समुद्र का रंग, लहरों का बहाव और आसपास का शांत वातावरण इस जगह को बेहद खास बनाते हैं. हालांकि, समुद्र में उतरने या तैरने से बचना चाहिए और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है.

1964 के चक्रवात ने उजाड़ दिया था पूरा शहर

धनुषकोडी सिर्फ अपनी खूबसूरती ही नहीं, बल्कि अपने दर्दनाक इतिहास के लिए भी जाना जाता है. साल 1964 में आए भीषण चक्रवात ने इस पूरे कस्बे को तबाह कर दिया था. कभी यहां रेलवे स्टेशन, चर्च, स्कूल और लोगों के घर हुआ करते थे. चक्रवात के बाद यह इलाका लगभग वीरान हो गया. आज भी यहां पुराने रेलवे स्टेशन और चर्च के खंडहर देखे जा सकते हैं. इन्हीं अवशेषों की वजह से धनुषकोडी को घोस्ट टाउन यानी भूतिया शहर भी कहा जाता है.

रामेश्वरम जाएं तो पंबन ब्रिज देखना न भूलें

धनुषकोडी की यात्रा के साथ रामेश्वरम घूमना भी अच्छा अनुभव हो सकता है. यहां स्थित रामनाथस्वामी मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है. यह मंदिर अपने विशाल गलियारों, सुंदर नक्काशी और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है.

रामेश्वरम पहुंचने के रास्ते में पंबन ब्रिज भी आपका ध्यान खींचेगा. यह पुल मुख्य भूमि को रामेश्वरम द्वीप से जोड़ता है. इसके आसपास फैला नीला समुद्र और गुजरती ट्रेन का नजारा काफी आकर्षक लगता है. फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह जगह खास है.

धनुषकोडी से आगे अरिचल मुनाई तक सड़क जाती है. इसे भारत के आखिरी सड़क योग्य छोरों में गिना जाता है. यहां से समुद्र का विशाल विस्तार दिखाई देता है. आसपास का शांत वातावरण और दूर तक फैली रेत आपको कुछ देर ठहरने पर मजबूर कर सकती है.

कैसे पहुंचें रामेश्वरम और धनुषकोडी?

रामेश्वरम पहुंचने के लिए ट्रेन सबसे सुविधाजनक विकल्पों में से एक है. यहां रेलवे स्टेशन मौजूद है और देश के कई शहरों से ट्रेनें मिलती हैं. हवाई यात्रा करना चाहते हैं तो मदुरै एयरपोर्ट तक फ्लाइट ले सकते हैं. वहां से सड़क मार्ग से रामेश्वरम पहुंचा जा सकता है.

रामेश्वरम से धनुषकोडी की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है. यहां टैक्सी, स्थानीय वाहन या अन्य उपलब्ध परिवहन से पहुंच सकते हैं. घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच का समय अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है.

अगर आप ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां प्राकृतिक खूबसूरती के साथ इतिहास और धार्मिक मान्यताओं को करीब से जानने का मौका मिले, तो रामेश्वरम और धनुषकोडी को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें.



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