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पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन गैंगस्टर ते वार’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है. 10 महीने से फरार चल रहे 5 लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से डिपोर्ट करवाकर भारत लाया गया है. अफरीदी डोनी बल-प्रभ दासूवाल गैंग का सरगना बताया गया है और 30 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामलों में वांटेड था.
पंजाब पुलिस 5 लाख रुपए के ईनामी बदमाश को डिपोर्ट कराकर भारत लाई है. (एआई इमेज)
Punjab Crime News: पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन गैंगस्टर ते वार’ के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है. पंजाब पुलिस कुख्यात गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को आखिरकार इथियोपिया से डिपोर्ट करवाकर भारत लाने में सफल हो गई है. 10 महीने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश चल रही थी. पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है.
गुरविंदर उर्फ अफरीदी डोनी बल-प्रभ दासूवाल गैंग का सरगना बताया गया है. उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था. वह 30 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामलों में वांटेड था. इथियोपिया से डिपोर्ट होने के बाद उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया है. पंजाब पुलिस अब उसे पंजाब लेकर जा रही है.
10 महीने तक चला इंटरनेशनल ऑपरेशन
- पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि करीब 10 महीने की सर्विलांस और इंटरनेशनल ट्रैकिंग के बाद पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है. उन्होंने कहा कि किसी भी अफ्रीकन देश से पंजाब पुलिस की यह पहली सफल डिपोर्टेशन कार्रवाई है.
- उन्होंने बताया कि गुरविंदर अफरीदी 2025 में लखनऊ से बने फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से फरार हुआ था. इसके बाद वह यूएई पहुंच गया. पंजाब पुलिस ने उसकी जानकारी सीबीआई के साथ शेयर की और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया.
- पुलिस की लगातार बढ़ती निगरानी और इंटरनेशनल एजेंसियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए अफरीदी ने अपना ठिकाना लगातार बदल रहा था. अप्रैल 2026 में वह कीनिया पहुंचा और इसके बाद नवंबर में इथियोपिया चला गया. आखिरकार इथियोपिया में उसे ट्रेस कर लिया गया और डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू हुई.
- पंजाब पुलिस के अनुसार, अफरीदी की तलाश 30 से ज्यादा जघन्य अपराधों के तहत की जा रही थी. वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और विदेश में बैठकर अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था.
- वहीं, पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखी और इंटरनेशनल स्तर पर उसकी लोकेशन ट्रैक की. रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए अलग-अलग एजेंसियों के साथ जानकारी शेयर की गई. इसी इंटरनेशनल कोऑर्डिनेशन का नतीजा है कि आखिरकार अफरीदी इथियोपिया में पकड़ा गया.
गैंगस्टरों को पंजाब पुलिस का सीधा मैसेज
डीजीपी गौरव यादव ने साफ कहा कि पंजाब पुलिस का गैंगस्टरों के लिए सीधा संदेश है कि अपराध करके कहीं भी भाग जाओ, लेकिन कानून से बच नहीं सकते. पुलिस देश से बाहर भाग चुके अपराधियों को भी ट्रैक कर रही है और उन्हें वापस लाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि जो युवा गैंगस्टर कल्चर और अपराध की तरफ जा रहे हैं, वे इस रास्ते को छोड़ दें.
‘ऑपरेशन गैंगस्टर ते वार’ में लगातार कार्रवाई
पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया है. डीजीपी के अनुसार, जनवरी 2026 में ऑपरेशन गैंगस्टर ते वार के तहत कार्रवाई तेज की गई और अब तक 13 आरोपियों की डिपोर्टेशन करवाई जा चुकी है. पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई में 25 रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी करवाए हैं. विदेश भागने वाले आरोपियों को वापस लाने के लिए इंटरनेशनल एजेंसियों के साथ लगातार कोऑर्डिनेशन किया जा रहा है.
सैकड़ों गैंगस्टर मॉड्यूल ध्वस्त कर हुई हजारों गिरफ्तारियां
डीजीपी ने बताया कि अप्रैल 2022 के बाद से पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. इस साल अब तक 3339 गिरफ्तारियां की गई हैं और 1293 गैंगस्टर मॉड्यूल को बस्ट किया गया है. कार्रवाई के दौरान 2500 से ज्यादा हथियार और 700 से ज्यादा गाड़ियां भी बरामद की गई हैं. पंजाब पुलिस का दावा है कि गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने के लिए गिरफ्तारी से लेकर हथियार और गाड़ियों की बरामदगी तक लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं.