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ग्वालियर की झांसीरोड पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. मुख्य आरोपी अजय चौहान ने अपनी दूसरी पत्नी को अनाथ और मुंहबोली बहन बताकर एक युवक से शादी कराई और बाद में दहेज केस में फंसाने की साजिश रची.
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर से जालसाजी और धोखाधड़ी का एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई. यहां झांसीरोड थाना पुलिस ने शादी के नाम पर मोटी रकम ऐंठने और फर्जी शादी कराने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह के मास्टरमाइंड अजय उर्फ सोनू चौहान ने अपनी ही दूसरी पत्नी को गरीब और अनाथ ‘मुंहबोली बहन’ बताकर एक सीधे-साधे दूसरे मर्द से शादी करा दी. इसके बाद जो हुआ, वो किसी के भी होश उड़ा दे. दरअसल, इस पूरी साजिश का मकसद शादी के कुछ समय बाद पीड़ित परिवार को घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के झूठे केस में फंसाकर लाखों रुपये ऐंठना था. पुलिस ने मुख्य आरोपी पति अजय चौहान और उसकी पत्नी राधा उर्फ दीक्षा को हिरासत में ले लिया है.
यह पूरी साजिश जबलपुर के एक निजी हॉस्पिटल में टीम लीडर के पद पर कार्यरत रतन शर्मा के साथ रची गई. पीड़ित परिवार को 15 अप्रैल को सोनू तिवारी नाम के एक शख्स ने रिश्ता सुझाया था. उन्हें बताया गया कि अजय चौहान अपनी एक गरीब, अनाथ और मुंहबोली बहन राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल की शादी करना चाहता है. 20 अप्रैल को लड़की दिखाई गई और परिवार को रिश्ता पसंद आने के बाद 27 अप्रैल को सगाई हो गई. इसके बाद 7 मई को हिंदू रीति-रिवाज से दोनों की धूमधाम से शादी संपन्न हुई, जिसमें शादी और जेवर के नाम पर पीड़ित रतन शर्मा के करीब 6 लाख रुपये खर्च हो गए. इतना ही नहीं, आरोपियों ने ब्यूटी पार्लर और अन्य खर्चों के नाम पर अलग से 50 हजार रुपये ऐंठे.
वॉट्सऐप चैट ने खोला ‘पति-पत्नी’ का गंदा राज
शादी के बाद जब दुल्हन राधा उर्फ दीक्षा अपने नए घर यानी रतन शर्मा के यहां रहने लगी, तो उसकी संदिग्ध हरकतों से परिवार को शक हुआ. वह दिन-रात छिपकर मोबाइल पर किसी से बात करती रहती थी. एक दिन जब उसका मोबाइल चेक किया गया, तो उसके वॉट्सऐप चैट से एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ. चैट से पता चला कि जिसे अजय चौहान अपनी बहन बता रहा था, वह असल में उसकी पत्नी है. दोनों ने साल 2024 में आगरा के एक आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था और दोनों साथ रह रहे थे.
पहली पत्नी को खुश रखने के लिए रचा खेल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी अजय चौहान की पहली शादी साल 2009 में हो चुकी है और पहली पत्नी से उसके बच्चे भी हैं. दीक्षा उसकी दूसरी पत्नी थी. अजय ने अपनी पहली पत्नी और बच्चों को खुश रखने, उनका खर्च उठाने और केवल दिखावे के लिए अपनी इस दूसरी पत्नी दीक्षा की शादी रतन शर्मा से कराई थी, ताकि बाद में ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूली जा सके. झांसीरोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव के अनुसार, मुख्य आरोपी अजय चौहान को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है. पुलिस अब गिरोह में शामिल सोनू तिवारी सहित अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है.
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