Homeअपराधअमेरिकन एक्सेंट में अंग्रेजी बोलकर करोड़ों की ठगी, 10वीं-12वीं के युवा रात...

अमेरिकन एक्सेंट में अंग्रेजी बोलकर करोड़ों की ठगी, 10वीं-12वीं के युवा रात में करते थे फर्जीवाड़ा


Last Updated:

Fake international call center busted: ग्वालियर पुलिस ने जिले में चल रहे फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है. 4 युवक अमेरिकन एक्सेंट में अंग्रेजी बोलकर रोज हजारों रुपए की ठगी करते थे. पुलिस ने मौके से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल, 4 हेडफोन, स्क्रिप्ट, कस्टमर डिटेल और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं.

Zoom

ग्वालियर में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश

ग्वालियर. ग्वालियर के मोहना हाइवे स्थित होटल जैनपथ के एक कमरे से चल रहे फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश होने के बाद आरोपी पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे कर रहे हैं. यहां 10वीं-12वीं पास 4 युवक अमेरिकन एक्सेंट में अंग्रेजी बोलकर अमेरिका के नागरिकों को ठग रहे थे. यह असली नाम छुपाकर खुद को अमेरिकन नागरिक फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल बताकर रोज 400 से ज्यादा कॉल करते थे. पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में गिरोह द्वारा 5 महीने में करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी सामने आई है. मामला इतना गंभीर है कि पुलिस अब इसकी जानकारी FBI को भी दे रही है.

दअरसल, ग्वालियर मोहना थाना क्षेत्र के आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर स्थित होटल जैनपथ के रूम नंबर-6 में पिछले 5 महीने से यह फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहा था. पुलिस ने यहां से 4 युवकों को छापा मारकर पकड़ा था. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह सभी सिर्फ 10वीं और 12वीं पास हैं. लेकिन अमेरिकन एक्सेंट में धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते थे.आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन अमेरिकन एक्सेंट बोलना सीखा था. ठगी के लिए उन्हें मास्टरमाइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार पहले से तैयार स्क्रिप्ट और अमेरिकी नागरिकों का डेटा देता था. यह डेटा डार्क वेब से लाया जाता था. कॉल के दौरान लैपटॉप स्क्रीन पर स्क्रिप्ट खुली रहती थी और उसी के आधार पर बातचीत की जाती थी.

रोज 50 से 70 हजार रुपए की करते थे ठगी
अमेरिका और भारत के टाइम जोन में 12 घंटे का अंतर होने के कारण आरोपी दिनभर सोते थे. रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक यह कॉल सेंटर चलाते थे और 12 से 15 लोग गिफ्ट कार्ड और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर झांसे में आ जाते थे. गिरोह रोज 50 से 70 हजार रुपए की ठगी करता था. 5 महीने में करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुका है. ठगी की पूरी रकम सरगना के खातों में जाती थी. आरोपियों को सिर्फ 15 से 20 हजार रुपए महीने सैलरी और ठगी गई रकम में से 5% का कमीशन मिलता था.

अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे साइबर ठगी रैकेट की जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती है. ग्वालियर पुलिस इस मामले की जानकारी विदेश मंत्रालय के माध्यम से अमेरिका की जांच एजेंसी FBI को भेजेगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ने पर FBI की टीम भी जांच के लिए ग्वालियर आ सकती है. होटल के कमरे से पुलिस ने मौके से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल, 4 हेडफोन, स्क्रिप्ट, कस्टमर डिटेल और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं. जब्त माल की कीमत करीब 3 लाख 75 हजार रुपए है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अमेरिका में कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है.

About the Author

authorimg

Mohd Majid

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…

और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments