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ईटानगर9 मिनट पहलेलेखक: सत्यनारायण मिश्र
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लोगों ने पुलिस स्टेशन और बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिले के पासीघाट में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट के सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट (SUMP) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को अचानक हिंसक हो गया।
खुद को ‘जेन जी’ (Gen Z) बताने वाले सैकड़ों उपद्रवियों ने कई सरकारी दफ्तरों, दो पुलिस स्टेशन और 8 पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कलिंग मोयोंग, मारियांग-गेकू विधायक ओनी पनयांग और पूर्व केंद्रीय मंत्री व पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग एरिंग के घर में भी तोड़फोड़ की गई। पथराव में डीएसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
प्रदर्शनकारियों में अधिकांश युवा थे। विधायक एरिंग के मुताबिक रात 2 बजे उनके घर 300-400 युवा प्रदर्शनकारी घुस आए थे। उन्होंने तोड़फोड़ कर संपत्ति लूट ली।
विरोध प्रदर्शन और हिंसा की तीन तस्वीरें…

भीड़ ने पासीघाट में पुलिस थाने को आग के हवाले कर दिया।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसूगैस के गोले दागे।

पासीघाट में विरोध प्रदर्शन करते हुए स्थानीय लोग।
भीड़ ने पथराव किया, पुलिस ने आंसूगैस के गोले छोड़े
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को सियांग, अपर सियांग और पूर्वी सियांग जिलों में 12 घंटे का बंद बुलाया गया था। बंद समाप्त होने के बाद रात 11 बजे हिंसा भड़क गई। इससे पहले बंद के दौरान सियांग जिले में 150 से 200 प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने और वाहनों में तोड़फोड़ की कोशिश की। आदि समुदाय के प्रमुख संगठन के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।
ये लोग हथियार, लाठियां और गुलेल से लैस थे। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे युवाओं पर आंसू गैस और लाठीचार्ज किया गया, जिसके बाद गुस्सा भड़क उठा।

पासीघाट में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट के प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए लोग।
चीन से आने वाला पानी रोकेगा बांध, लेकिन लोगों को गांव डूबने की चिंता
सियांग जिले में सियांग नदी पर 11,200 मेगावाट क्षमता वाला सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट (USMP) प्रस्तावित है। इसका मकसद चीन से आने वाले पानी को नियंत्रित और बाढ़ का खतरा कम करना है। सियांग नदी तिब्बत से आती है। अरुणाचल में यह सियांग और असम में ब्रह्मपुत्र नदी का हिस्सा बनती है।
चीन तिब्बत में इस नदी पर 60,000 मेगावाट क्षमता वाला प्रोजेक्ट बना रहा है। भारत की चिंता है कि चीन के बांध से नदी के पानी के प्रवाह में बदलाव या अचानक बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने का खतरा हो सकता है। अप्रैल 2022 में जल शक्ति मंत्रालय ने एनएचपीसी को प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट बनाने को कहा था।
2025 में तकनीकी जांच की कोशिशों का विरोध होने लगा। आदि समुदाय सियांग नदी को मां मानता है। सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम का दावा है कि प्रोजेक्ट से 27 गांव डूब सकते हैं, दर्जनों प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों की सहमति के बिना सर्वेक्षण आगे बढ़ाया जा रहा है।
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