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oi-Bhavna Pandey
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान से जुड़ा सैन्य संघर्ष अब “काफी हद तक समाप्त” हो चुका है। उन्होंने इसे एक तेज़ और निर्णायक अभियान बताते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की रक्षा व्यवस्था को लगभग पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है और उसके परमाणु खतरे को निष्क्रिय कर दिया गया है।
ट्रंप के मुताबिक यह सैन्य कार्रवाई बेहद कम समय में पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन “दो या तीन दिनों में ही काफी हद तक समाप्त हो गया।” उनके अनुसार, यह अभियान पहले से तैयार रणनीति के तहत तेज़ी से अंजाम दिया गया।

नौसेना से वायु रक्षा तक सब तबाह
ट्रंप ने दावा किया कि सबसे पहले ईरान की नौसेना को “लगभग तुरंत खत्म कर दिया गया,” जिसके बाद उसकी वायुसेना और विमान-रोधी प्रणालियों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा, “उनके पास न कोई रडार है, न एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम-उनके पास अब कुछ भी नहीं बचा है।”
ईरानी हवाई क्षेत्र पर अमेरिकी नियंत्रण
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अब अमेरिकी सेना ईरान के हवाई क्षेत्र में बिना किसी बाधा के उड़ान भर रही है। उनके मुताबिक, ईरान की रक्षा क्षमता इतनी कमजोर हो चुकी है कि वह आगे किसी बड़े हमले का जवाब देने की स्थिति में नहीं है।
बुनियादी ढांचे को पंगु बनाने की चेतावनी
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका चाहे तो ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे-जैसे बिजली प्रणाली-को बहुत कम समय में नष्ट कर सकता है। उन्होंने कहा, “हम एक घंटे में उनकी बिजली क्षमता खत्म कर सकते हैं… उनके पास जवाब देने की क्षमता नहीं है।”
ट्रंप ने ईरान के तेल और शिपिंग सेक्टर को भी संभावित लक्ष्य बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि इन्हें अभी तक निशाना नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा कि तेल पाइपलाइनों को नष्ट करने से पुनर्निर्माण में वर्षों लग सकते हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो जाती।
परमाणु खतरे को किया निष्क्रिय
ट्रंप ने दावा किया कि इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना था, जिसमें अमेरिका सफल रहा। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर उन्हें परमाणु हथियार मिल जाता, तो वे 24 घंटे के भीतर उसका इस्तेमाल कर सकते थे।”
B-2 बमवर्षकों की भूमिका
ट्रंप ने B-2 स्पिरिट बमवर्षकों से किए गए हमलों को “शानदार और निर्णायक” बताया। उनके अनुसार, इन हमलों ने युद्ध की दिशा बदल दी और संभावित बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को रोक दिया।
संघर्ष के वैश्विक असर की आशंका
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह संघर्ष मध्य पूर्व से आगे बढ़कर यूरोप तक फैल सकता था। उन्होंने कहा, “यह सबको प्रभावित करता-शायद यूरोप तक पहुंच जाता।” ट्रंप ने यह भी कहा कि वे लंबे समय से ईरान को वैश्विक खतरा बताते रहे हैं। उन्होंने ईरान को “48 वर्षों से एक क्रूर और खतरनाक खिलाड़ी” करार दिया। उन्होंने खर्ग द्वीप जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही ऐसे लक्ष्यों पर कार्रवाई की जरूरत जताई थी।
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