मानव इतिहास में मृत्यु एक ऐसा अटल सत्य रहा है जिससे किसी भी राजा, महाराजा या प्राचीन काल के समृद्ध व्यक्ति ने कभी समझौता नहीं किया। लेकिन आज, सिलिकॉन वैली के अरबपतियों, वैज्ञानिकों और निवेशकों का एक नया गठबंधन तकनीक के दम पर इस अकाट्य सत्य को चुनौती दे रहा है। जेफ बेजोस, सैम ऑल्टमैन, पीटर थिएल और भारत के दीपिंदर गोयल जैसे दिग्गज उद्यमी मानव जीवन को अप्रत्याशित रूप से लंबा करने और बुढ़ापे को पलटने (रिवर्स एजिंग) की तकनीकों पर पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार, वैश्विक स्तर पर दीर्घायु बनाने का यह बाजार साल 2025 के 27 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 67 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।



