भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद हुए। पश्चिम एशिया में बनी अनिश्चितताओं के कारण प्रमुख सूचकांकों की तेजी सीमित रही। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 3 अंक से अधिक बढ़कर 77,541 के स्तर पर पहुंचा। वहीं, निफ्टी 50 में 20 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई और यह 24,252 पर बंद हुआ।
बाजार में शुक्रवार का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहा। हालांकि, अंततः बाजार ने सकारात्मक रुख के साथ कारोबार समाप्त किया। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इस कारण बाजार में बड़ी तेजी देखने को नहीं मिली। व्यापक बाजारों ने प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। कुछ चुनिंदा शेयरों में अच्छी हलचल देखी गई। पावर ग्रिड के शेयरों में 3 फीसदी की वृद्धि हुई। इसके विपरीत, ट्रेंट के शेयरों में 2 फीसदी की गिरावट आई।
भारतीय बाजार में तेजी क्यों थमी?
भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को अपनी बढ़त को आगे बढ़ाया। परंतु मध्य पूर्व में बनी अनिश्चितताओं ने इस तेजी को रोक दिया। निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों को लेकर सतर्क बने रहे। इस सतर्कता के चलते बेंचमार्क सूचकांकों में बड़ी उछाल नहीं आ सकी। बाजार में निवेशकों ने सावधानीपूर्वक कारोबार किया। यह स्थिति वैश्विक तनाव के कारण बनी हुई है।
वैश्विक बाजारों का क्या हाल रहा?
वैश्विक बाजारों में शुक्रवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। एसएंडपी 500 वायदा में लंदन समय अनुसार सुबह 6:54 बजे तक बहुत कम बदलाव आया। नैस्डैक 100 वायदा में 0.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। एमएससीआई एशिया प्रशांत सूचकांक 0.7 फीसदी ऊपर रहा। एमएससीआई उभरते बाजार सूचकांक में 0.9 फीसदी की वृद्धि हुई। जापान का टॉपिक्स सूचकांक लगभग अपरिवर्तित रहा।
अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा?
ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक 0.3 फीसदी गिर गया। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.8 फीसदी ऊपर चढ़ा। शंघाई कंपोजिट सूचकांक में 0.2 फीसदी की गिरावट आई। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा में भी बहुत कम बदलाव देखा गया। यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर बाजार में कोई स्पष्ट दिशा नहीं थी। निवेशक विभिन्न भू-राजनीतिक और आर्थिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।



