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Rishikesh Tourism: कल-कल करती मां गंगा की लहरें, ऊंचे पहाड़, दूर तक फैली हरियाली और सुरम्य वातावरण किसको अपनी कशिश में नहीं बांध लेगा. ऋषिकेष की यही खासियत है. सदियों से ऋषिकेष ऐसा ही है लेकिन अब इसकी सुंदरता में और ज्यादा पैनापन आ गई है. देश के दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा इसी आकर्षण में ऐसे मंत्रमुग्ध हुए है कि वे तस्वीरों के माध्यम से अपनी भावुकता को छुपा नहीं सके. वक्त के साथ शहर बदलते हैं, लेकिन यादों की खुशबू कभी धुंधली नहीं होती. आनंद महिंद्रा ने इसी को अपनी यादों की दुनिया में उतारा है. उन्होंने आधुनिक ऋषिकेश और दशकों पहले के शांत, सुरम्य ऋषिकेश के बीच के फर्क को बयां किया है. अगर आप आज के ऋषिकेष में जाएं तो आपको क्या देखना चाहिए, आइए इस अनमोल खजाने की दीदार करते हैं.
आनंद महिंद्रा इन तस्वीरों को देखकर भावुक हो गए और उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर यह पोस्ट लिखी जो इस प्रकार है- इन तस्वीरों को देखकर मुझे ऋषिकेष में बिताए अपने पुराने दिन याद आ गए. तब मैं रिसर्च के लिए फिल्म मैकिंग कर रहा था. जब मैं अपनी थीसिस के लिए फिल्म बना रहा था, तब ‘चोटीवाला रेस्टोरेंट’ लगभग मेरी कैंटीन जैसा ही था. मैं अक्सर साधु बानखंडी बाबा पर शूटिंग करने के लिए स्वर्गाश्रम के पीछे पहाड़ियों पर जाता था. काफी समय से वापस नहीं गया हूं. लेकिन ऋषिकेश में काफी बदलाव और नयापन देखने को मिल रहा है! नदी के किनारे नए रिवर फ्रंट बन गए हैं जहां आप पैदल चल सकते हैं. रास्ते और संवरे हुए और सार्वजनिक स्थान बेहतरीन दिख रहे हैं. एक ऐसे शहर के लिए यह एक अच्छा और नया रूप है, जहां प्रकृति ने हमेशा से सबसे ज्यादा खूबसूरती बिखेरी है. लेकिन मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि इन सभी बदलावों के बीच, ऋषिकेश अपनी आत्मा अपनी मूल पहचान को बनाए रखे. समय आ गया है कि ऋषिकेष वापस जाऊँ और खुद जाकर देखूं… Photo: @anandmahindra के एक्स पोस्ट से साभार
आज जहां एक तरफ ऋषिकेश आज कैफे कल्चर, राफ्टिंग और भीड़भाड़ का केंद्र बन चुका है, वहीं आनंद महिंद्रा की ये बातें हमें उस दौर में ले जाता है जब गंगा की कल-कल ध्वनि हर कोने में साफ सुनाई देती थी. अगर आप भी भीड़-भाड़ से दूर उसी पुराने शांत ऋषिकेश को महसूस करना चाहते हैं, तो हम आपको ले चलते हैं ऋषिकेश के उन 7 अनछुए और छिपे हुए खजानों की सैर पर, जहां आज भी कुदरत का असली सुकून बसता है… Photo: @anandmahindra के एक्स पोस्ट से साभार
तपोवन का नया रिवरफ्रंट बोर्डवॉक : ऋषिकेष में गंगा किनारे कई जगह रिवर फ्रंट बना दिया दिया गया है. तपोवन सदियों से पर्यटकों का केंद्र रहा है. यहां आधुनिक रिवरफ्रंट वॉकवे ने इस पारंपरिक घाट क्षेत्र को एक नया रूप दे दिया है. यहां एक तरफ गंगा जी की बहती निर्मल धारा, गंगा आरती की मधुर ध्वनियां और मंदिरों का शांत वातावरण मन को सुकून देता है, तो दूसरी तरफ साफ-सुथरे पैदल रास्ते, व्यवस्थित बैठने की जगहें और रोशनी का आधुनिक इंतजाम इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं. शाम के समय यहां टहलना पुरानी आध्यात्मिक शांति और नए दौर के सुव्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अद्भुत अहसास कराता है. Photo : News18
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स्वर्गाश्रम और राम झूला का आसपास का इलाका : स्वर्गाश्रम आधुनिक समय का सबसे बड़ा केंद्र रहा है. अब इसमें और निखार आ गया है. स्वर्गाश्रम ऋषिकेश का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दिल माना जाता है. गीता भवन और परमार्थ निकेतन जैसे पुराने आश्रमों के कारण यहां की हवा में एक गहरा आध्यात्मिक ठहराव और शांति है. वहीं, हाल के वर्षों में यहां वॉकवे का सौंदर्यीकरण हुआ है और पुराने आश्रमों के पास ही आधुनिक ऑर्गेनिक कैफे और बटीक शॉप्स खुल गई हैं. यहां आप एक तरफ पुरानी पारंपरिक गंगा आरती और ध्यान का हिस्सा बन सकते हैं तो दूसरी तरफ आधुनिक और साफ-सुथरे माहौल में बैठकर किताबें पढ़ने या शांत समय बिताने का आनंद ले सकते हैं. Photo: @anandmahindra के एक्स पोस्ट से साभार
मुनिकीरेती और ढालवाला इलाका : गंगा का यह किनारे वाली जगह है. ऋषिकेष मेन और लक्ष्मण झूले की तुलना में यहां काफी कम भीड़ रहती है. यहां आप पुरानी शांति सहज ही महसूस होती है. हाल के शहरी विकास में इस पूरे क्षेत्र को वेलनेस और लग्जरी स्टे के रूप में विकसित किया गया है. यहां आपको नदी किनारे आधुनिक बुटीक होटल, रिवर-व्यू कैफे और मेडिटेशन सेंटर मिलेंगे. गंगा की लहरों की शांत आवाज़ के बीच आधुनिक सुविधाओं और लग्जरी का अनुभव करने के लिए यह जगह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो सुकून के साथ-साथ प्रीमियम आराम भी चाहते हैं. Photo : https://www.incredibleindia.gov.in/en/uttarakhand/rishikesh से साभार
तपोवन : तपोवन कभी साधु-संतों की तपस्या का केंद्र हुआ करता था. लेकिन आज यहां की फिजां बदली हुई है. आज तपोवन अपनी उस पुरानी शांत आत्मा को बनाए रखते हुए तो है लेकिन योग और लाइफस्टाइल का एक आधुनिक हब बन चुका है. यहां आपको गंगा के मनोरम दृश्यों के साथ-साथ बेहतरीन आधुनिक कैफे, वाई-फाई युक्त वर्कफ्रॉम-होलम स्टे और वेलनेस रिट्रीट मिलेंगे. यहां आने वाले पर्यटक दिन में शांतिपूर्ण योग और ध्यान सत्रों का आनंद लेते हैं और शाम को कैफे कल्चर और संगीत का अनुभव करते हैं. परंपरा और आधुनिकता का ऐसा संतुलन आपको एक ही स्थान पर मानसिक शांति और जीवन की आधुनिक सुविधाएं दोनों प्रदान करता है. Photo: canva
परमार्थ निकेतन के आसपास का इलाका: परमार्थ निकेतन के आसपास का इलाका अब बेहद खुबसूरत हो गया है. परमार्थ निकेतन और स्वर्गाश्रम के पास का यह इलाका ऋषिकेश का सबसे लोकप्रिय और वाइब्रेंट पर्यटक केंद्र बन चुका है. यहां आपको विश्व स्तरीय कैफे कल्चर देखने को मिलेगा. यहां शानदार इंटीरियर, रेट्रो वाब और आधुनिक म्यूजिक के साथ-साथ शानदार ऑर्गेनिक फूड सर्व किया जाता है. इसके अलावा,नदी किनारे बने नए वाई-फाई जोन, ट्रेंडी बुटीक दुकानें और आर्ट गैलरीज पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती हैं. यहां पारंपरिक और आधुनिक का संगम मिलेगा. एक तरफ जहां दुनिया भर से आए पर्यटक शाम को परमार्थ निकेतन की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में आध्यात्मिक शांति का अनुभव करने पहुंचते हैं, वहीं दूसरी तरफ वे आधुनिक कैफे में बैठकर गंगा के सूर्यास्त का आनंद लेते हैं. Photo : Canva