मुंबई में एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि पिछले तीन वर्षों में कंपनी ने 1000 से अधिक कर्मचारियों को नैतिक उल्लंघन (Ethical Breach) के मामलों में नौकरी से हटाया है। यह कार्रवाई उन मामलों में की गई है जिनमें कर्मचारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन, गलत तरीके से सुविधाओं का उपयोग और विमानन सुरक्षा मानकों की अनदेखी शामिल थी।
गलत आचरण पर सख्त रुख
एअर इंडिया के सीईओ ने कहा कि हर साल सैकड़ों कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है क्योंकि वे कंपनी के नियमों का पालन नहीं करते। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कर्मचारियों को तब भी सही काम करना चाहिए जब कोई देख न रहा हो। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ कर्मचारियों द्वारा सामान की तस्करी, अतिरिक्त बैगेज पर शुल्क न लेना और कर्मचारी लीजर ट्रैवल सिस्टम का दुरुपयोग जैसे मामले सामने आए हैं।
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4000 कर्मचारियों पर जांच और कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, एअर इंडिया ने अपने कर्मचारी अवकाश यात्रा (ELT) सिस्टम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का पता लगाया है, जिसमें 4000 से अधिक कर्मचारी शामिल पाए गए। इसके बाद कंपनी ने कई सुधारात्मक कदम उठाए और जुर्माना भी लगाया।
लागत कटौती और मुश्किल समय की चेतावनी
टाटा समूह की एअर इंडिया ने हाल ही में लागत घटाने के कई उपाय लागू किए हैं। इनमें कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकना और गैर-जरूरी खर्चों में कटौती शामिल है। सीईओ ने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर वैश्विक परिस्थितियों और मिडिल ईस्ट के हालात को देखते हुए। रिपोर्ट के अनुसार, एअर इंडिया समूह को वित्त वर्ष 2026 में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। कंपनी फिलहाल वित्तीय सुधार और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
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