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एमपी-यूपी सहित 17 राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेट होगी: SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का आदेश; 20 राज्यों से 13 करोड़ नाम हटाए गए थे




चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने का निर्देश दिया है। इसके तहत 1 जनवरी 2027 तक 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा सकेंगे। इन राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां SSR का शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा। SSR के जरिए वोटर लिस्ट अपडेट करने का मकसद क्या है? चुनाव आयोग के मुताबिक, SSR का मकसद वोटर लिस्ट में पात्र लोगों के नाम जोड़ना, पहले से दर्ज जानकारी में गलतियां सुधारना और सूची को अपडेट रखना है। इसमें खास तौर पर युवाओं और पहली बार वोट देने वाले लोगों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। आयोग के निर्देश के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 के अलावा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी पहले से आवेदन कर सकेंगे। इससे उन्हें पात्र होने पर वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा। UP समेत 5 राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव SSR की प्रक्रिया ऐसे समय हो रही है, जब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस पांचों राज्यों में भी SSR के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश की 403 सीटों वाली विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को खत्म होगा। मणिपुर की 60, गोवा की 40, पंजाब की 117 और उत्तराखंड की 70 सीटों वाली विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर खत्म होगा। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत चुनाव आयोग विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले भी चुनाव करा सकता है। मतदान केंद्रों की व्यवस्था भी सुधारी जाएगी आयोग ने मतदान केंद्रों की संख्या और उनकी जगह की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य तौर पर एक मतदान केंद्र पर 1,200 से ज्यादा मतदाता नहीं होने चाहिए। जरूरत पड़ने पर नए मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं। अधिकारियों को मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मतदाताओं को वहां पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय न करनी पड़े। हाईराइज सोसायटियों, रिहायशी कॉलोनियों और शहरी झुग्गी-बस्तियों में भी नए मतदान केंद्रों की जरूरत का आकलन किया जाएगा।



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