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एशिया के सबसे स्वच्छ गांव ने सैलानियों के लिए बंद किए दरवाजे, जानें इसके पीछे.


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Asia’s cleanest village bans tourists on Sundays: अगर आप मावलिननोंग घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको पहले से ही इस खास नियम के बारे में पता होना चाहिए. यह गांव रविवार को पर्यटकों के लिए बंद रहता है. आइए, इसके पीछे की असली वजह जानते हैं.

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Asia’s cleanest village bans tourists on Sundays

Asia’s cleanest village bans tourists on Sundays: मेघालय का मावलिननोंग गांव अपनी साफ़-सफ़ाई, प्राकृतिक सुंदरता और सामुदायिक अनुशासन के लिए दुनिया भर में मशहूर है. इसे लंबे समय से “एशिया का सबसे साफ़-सुथरा गांव” माना जाता रहा है और यहां हर साल हज़ारों पर्यटक आते हैं जो इसकी साफ़-सुथरी सड़कों, बांस से बने स्काई-व्यू पॉइंट और हरियाली का आनंद लेते हैं. हालांकि, क्या आप जानते हैं कि हर रविवार को इस गांव में पर्यटकों का प्रवेश वर्जित है? यह फ़ैसला किसी विवाद या सुरक्षा कारणों से नहीं, बल्कि गांव की परंपराओं और वहां के लोगों की जीवनशैली का सम्मान करने के लिए लिया गया है…

क्यों बंद रहता है मावलिननोंग?
मावलिननोंग के ज़्यादातर निवासी ईसाई समुदाय से हैं. उनके लिए रविवार का दिन प्रार्थना, परिवार और सामुदायिक गतिविधियों के लिए होता है. इस दिन, गांव वाले चर्च में विशेष प्रार्थना करते हैं और अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं. इसलिए, गांव की शांति और धार्मिक माहौल को बनाए रखने के लिए पर्यटकों के प्रवेश पर रोक है.

साफ़-सफ़ाई इस गांव की सबसे बड़ी पहचान है
मावलिननोंग की सबसे खास बात यहां की बेहतरीन सफ़ाई व्यवस्था है. गांव वाले मिलकर सड़कों, गलियों और सार्वजनिक जगहों की रोजाना सफ़ाई करते हैं. पूरे गांव में बांस के कूड़ेदान लगाए गए हैं और प्लास्टिक कचरे के इस्तेमाल पर सख़्त रोक है. अनुशासन की यही भावना इस गांव को खास बनाती है.

घूमने का सबसे अच्छा समय
मावलिननोंग घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल के बीच माना जाता है. हालांकि मॉनसून के मौसम में भी यहां की हरियाली बहुत आकर्षक होती है, लेकिन भारी बारिश के कारण यात्रा थोड़ी मुश्किल हो सकती है.

मावलिननोंग न सिर्फ़ साफ़-सफ़ाई, बल्कि संस्कृति, अनुशासन और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी एक उदाहरण है. रविवार को पर्यटकों के आने पर रोक लगाने का मकसद गांव की परंपराओं और वहां के लोगों की जीवनशैली को बचाए रखना है. अगर आप यहां घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो अपनी यात्रा सोमवार से शनिवार के बीच तय करें और इस खूबसूरत गांव की साफ़-सफ़ाई और संस्कृति का सम्मान करते हुए एक यादगार अनुभव का आनंद लें.

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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.

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Rajvant Prajapati

With more than 4 years above of experience in Digital Media. Currently I am working with News 18. Here, I am covering Hyperlocal News, Agriculture, Lifestyle, Health & Wellness, Beauty, Fashion, Religion an…और पढ़ें



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