वैशाली जिले में पुलिस ने डबल मर्डर के आरोपी को गोली मार दी है। पुलिस ने आरोपी के दोनों पैर में गोली मारी है। हाफ एनकाउंटर के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बिहार के वैशाली जिले में पुलिस का ताबड़तोड़ ऐक्शन दिखा है। यहां कल जिस अपराधी ने डबल मर्डर किया था उसे पुलिस ने एनकाउंटर कर लंगड़ा बना दिया है। वैशाली में रविवार को आर्मी के जवान और उनके पिता की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी जगदीश राय के दोनों पैर में पुलिस ने गोली मार दी है। बताया जा रहा है कि बिदुपुर थाना क्षेत्र के दिलावरपुर हेमती गाछी में पुलिस ने रजासन में रविवार को पिता और उसके फौजी पुत्र को गोली मार कर हत्या करने वाले जगदीश राय का हाफ एनकाउंटर कर दिया। जगदीश राय के दोनों पैर में गोली लगने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एनकाउंटर में घायल जगदीश राय की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
भतीजे पर डबर मर्डर का आरोप
आपको बता दें कि बिदुपुर थाने के राजसन गांव के वार्ड पांच में रविवार सुबह करीब सात बजे रास्ते के विवाद में भतीजे ने चाचा और चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। चचेरा भाई आर्मी में सिग्नल कोर में काम करता था। मरने वाले पिता-पुत्र राजसन गांव निवासी स्वर्गीय नंदा राय के 52 वर्षीय पुत्र मुनारिक राय और उनके पुत्र 32 वर्षीय पुत्र जितेंद्र कुमार राय थे। दोहरे हत्याकांड के बाद से गांव में तनाव का माहौल था। घटना के संबंध में बताया जाता है कि मुनारिक राय और भतीजे जगदीश राय दोनों के बीच छले 10 वर्षों से जमीन एवं केला बागान में बने मकान में आने-जाने के लिए रास्ते का विवाद चल रहा था।
रविवार को घर से लगभग 300 मीटर की दूरी पर भतीजे समेत चार लोगों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने मौके से चार खोखा बरामद किया था। इधर, परिजनों का आरोप था कि मुनारिक राय के भतीजे ने अपने भाई एवं अन्य लोगों के साथ मिलकर पहले मारपीट कर घायल किया फिर अवैध हथियार निकालकर गोली मार दी। जिससे दोनों की मौत हो गई।
घर से 300 मीटर की दूरी पर हुई घटना
कहा जा रहा है कि रास्ते को लेकर कई दिनों से झगड़ा चल रहा था। बताया गया कि झगड़े को लेकर सेना के जवान ने स्थानीय थाने की पुलिस को सूचना दी थी। परिजनों का आरोप है कि झगड़े की बात को बिदुपुर थाने की पुलिस ने गंभीरता पूर्वक नहीं लिया। जिसके कारण रविवार की सुबह करीब 7:00 बजे मुनारिक राय और जितेंद्र कुमार किसी काम से अपने घर के करीब 300 मीटर की दूरी पर पहुंचे ही थे कि पहले से घात लगाए जगदीश राय एवं अन्य लोगों मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते जगदीश राय ने हथियार निकाला और मुनारिक राय पर ताबड़तोड़ तीन गोली दाग दी, वहीं पिता को बचाने के दौरान आर्मी के जवान पर एक गोली दागी। जिससे मुनरिका राय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि जितेंद्र कुमार राय को गंभीर हाल में हाजीपुर सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
प्राथमिकी दर्ज कराना चाहता था मुनारिक राय
बताया गया कि मुनारिक राय भूमि विवाद को लेकर थाने में प्राथमिकी करना चाहता था, लेकिन स्थानीय लोगों ने आपस में पंचायत कर मामले को शांत करवा दिया था। पंचायत की बात मान मुनारिक राय शांत बैठ जाते थे, जबकि जगदीश राय अपने पूरे परिवार के साथ हमेशा लड़ाई के लिए व्याकुल रहते थे। इसी क्रम में 9 जुलाई को आर्मी जवान जितेंद्र कुमार के बहनोई दिनेश कुमार राय की मौत सददेई थाना क्षेत्र के बाजितपुर त्रिभुवन गांव में घर में काम करने के दौरान करंट लगने से हो गई। सूचना पर आर्मी जवान जितेंद्र छुट्टी लेकर घर पहुंचा था। 9 जुलाई को आर्मी जवान अपने बहनोई के दास संस्कार में लगा रहा। दूसरे दिन 10 जुलाई को आर्मी जवान अपने घर पहुंचा तभी जगदीश राय अपने पूरे परिवार के साथ पूर्व के विवाद को लेकर झगड़ा करने लगा।



