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Neem Karoli Baba Mandir: नैनीताल के पास कैंची में स्थित बाबा नीम करोली का आश्रम पूरी दुनिया में फेमस है. यहां स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्ग, विराट कोहली, अनुष्का शर्मा और मनोज वाजपेयी जैसी हस्तियां आ चुकी हैं. लेकिन सिर्फ यही एक आश्रम नहीं है जहां आप आज भी बाबी उपस्थिति को महसूस कर सकते हैं. यहां जानिए उन दो जगहों के बारे में जहां बाबा कैंची छोड़ ध्यान के लिए जाते थे.
‘एक समय आएगा जब कैंची को पूरी दुनिया जानेगी’ नीम करोली बाबा ने अपने भक्तों से ये बात उस समय कही थी जब यहां मंदिर बनना शुरू ही हुआ था. आज इस बात को सच होते आप अपनी आंखों से देख सकते हैं. फिर वो चाहे 2 करोड़ में बनी मूवी हनुमान अंश के 400करोड़ कमाई हो या फिर वीकेंड पर कैंची धाम पहुंचे हजारों लोगों की भीड़.
हालांकि बाबा ने अपना ज्यादा समय भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कैंची धाम आश्रम में साधना करते बिताया. लेकिन ये इकलौती जगह नहीं थी जहां बाबा घंटों ध्यान में बैठे रहते थे, जहां उनके आशीर्वाद से हजारों लोगों की परेशानियां खत्म हुई.
नीम करोली बाबा के कैंची आश्रम में ज्यादा भीड़ का एक कारण ये भी है कि यहां आकर स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्ग, विराट कोहली, अनुष्का शर्मा और मनोज वाजपेयी जैसी हस्तियों ने भी मार्गदर्शन पाया है. लेकिन यदि आप बाबा की उपस्थिति को नजदीक से महसूस करना चाहते हैं, तो भूमियाधार में स्थित हनुमान मंदिर और वृंदावन में बाबा नीम करोली बाबा के समाधि आश्रम में जाए.
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भूमियाधार कैंची से 1-2 घंटे की दूरी पर स्थित मेन रोड से सटा हुमा मंदिर है. बाहर भगवान हनुमान जी की पावन मुर्ति के दर्शन कर, चालीसा का पाठ करने बाद आप यहां पंडित जी की अनुमति से बाबा के कक्ष में भी कुछ समय ध्यान कर सकते हैं. चारों तरफ पहाड़ों से घिरा इस मंदिर में आप उस शांति को महसूस करेंगे जो आपके मन के सारे विचारों पर पूर्णविराम लगा देगा. यहां ज्यादा भीड़ नहीं आती क्योंकि ज्यादातर लोग इस मंदिर के बारे में जानते ही नहीं है.
वृंदावन में ही बाबा ने अपने अंतिम सांस ली थी. यहां भी उनका आश्रम है, और यहीं उनकी समाधि भी है. यहां भी बाबा के कक्ष में जानकर बैठकर ध्यान करने की अनुमति सबको होती है
दिल्ली से वृंदावन पहुंचकर आप आसानी से बाबा के इस आश्रम में दर्शन कर सकते हैं. यहां भी कोई ज्यादा भीड़ या लंबी लाइन नहीं होती है. यहां पहुंचने के लिए एक दिन की भी छुट्टी काफी है. लेकिन यदि आपको ठाकुर जी के भी दर्शन करने हो तो 2 दिन का समय काफी है.