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सोनिया विहार इलाके में हुए हत्या की वारदात को सुलझाते हुए दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया है. दोनों आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, दो कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. हालांकि अभी तक हत्या की असल वजह सामने नहीं आई है. पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की सभी कडि़यों को जोड़ने में जुटी हुई है.
सोनिया विहार ब्लाइंड मर्डर केस मामले में दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया है. (Image: AI)
दिल्ली क्राइम न्यूज. दिल्ली के सोनिया विहार में मनीष नामक शख्स की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान उमेश मौर्य और विवेक सिंह के तौर पर की है. वहीं, पुलिस ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वारदात की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी में सीसीटीवी कैमरों में अहम भूमिका अदा की है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, दो कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. फिलहाल पुलिस हत्या की वजह व्यक्तिगत रंजिश मान रही है.
पुलिस के अुनसार, बीते दिनों पुलिस को सोनिया बिहार इलाके में गोलीबारी की जानकारी मिली थी. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हो गई. मौके की पुलिस टीम ने एक शख्स को लहुलहान हालत में मौके पर पाया. इस शख्स की पहचान मनीष के तौर पर हुई. पुलिस ने बिना देरी किए मनीष को समीप के अस्पताल में भर्ती कराया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. वहीं, मौके से सबूत जुटाने के लिए क्राइम और सीएफएसएल की टीम भी मौका-ए-वारदात पर पहुंच गई.
शुरुआत में आरोपियों की पहचान नहीं होने के कारण यह मामला ब्लाइंड मर्डर की तरह था. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती वारदात को अंजाम देने वालों तक पहुंचना था. इसके बाद जांच टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. आरोपियों की पहचान के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. इस कवायद के दौरान पुलिस को वह बाइक दिख गई, जिसमें सवार होकर कर हत्यारे वारदात को अंजाम देने के लिए मौके पर पहुंचे थे. लंबी कवायद के बाद पुलिस ने दोनों संदिग्धों को भी खोज निकाला.
पूछताछ में सामने आया पुराना कनेक्शन
जांच के दौरान पुलिस ने उमेश मौर्य और विवेक सिंह को संदिग्ध मानकर पूछताछ शुरू की. पुलिस के मुताबिक, दोनों के बयानों में विरोधाभाष सामने आने के बाद उनकी भूमिका की गहराई से जांच की गई. जांच में एक अहम बात यह सामने आई कि मृतक मनीष और आरोपी उमेश मौर्य पहले एक ही कक्षा में पढ़ते थे. इसी पुरानी जान पहचान के आधार पर पुलिस अब दोनों के बीच के संबंधों को खंगालना शुरू कर दिया. पुलिस को आशंका है कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश हो सकती है. हालांकि, रंजिश की असल वजह का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है.
विवेक ने की थी वारदात के लिए हथियारों का इंतजाम
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए उमेश मौर्य ने विवेक सिंह से संपर्क किया था. आरोप है कि वारदात के लिए हथियार की व्यवस्था विवेक ने ही की थी. पुलिस ने पूछताछ और सामने आए सबूतों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने इनके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, दो कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. अब पूहनस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कैसे रची गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं.