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दुनिया में एक ऐसी झील भी है, जहां पानी में उतरते ही शरीर अपने आप सतह पर तैरने लगता है. इसकी वजह कोई जादू नहीं, बल्कि पानी में मौजूद नमक और खनिजों की बेहद ज्यादा मात्रा है. आइए जानते हैं आखिर यह झील कहां है और इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है.
पानी में उतरते ही अपने आप तैरने लगता है शरीर.
दुनिया में कई ऐसी प्राकृतिक जगहें हैं, जो अपनी अनोखी विशेषताओं की वजह से लोगों को हैरान कर देती हैं. इन्हीं में से एक है डेड सी (Dead Sea). नाम में “सी” यानी समुद्र होने के बावजूद यह वास्तव में एक खारे पानी की झील है, जो इज़राइल, वेस्ट बैंक और जॉर्डन के बीच स्थित है. इस झील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें उतरने के बाद इंसान को तैरने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती. पानी इतना घना होता है कि शरीर अपने आप सतह पर आ जाता है. यही कारण है कि हर साल दुनियाभर से लाखों पर्यटक यहां इस अनोखे अनुभव का आनंद लेने पहुंचते हैं.
डेड सी को दुनिया की सबसे निचली स्थलीय जगहों में से एक भी माना जाता है. यह समुद्र तल से लगभग 430 मीटर नीचे स्थित है. यहां का वातावरण और खनिजों से भरपूर पानी इसे दूसरी झीलों से अलग बनाता है. देखने में यह किसी सामान्य झील की तरह लग सकती है, लेकिन इसके पानी की संरचना इसे पूरी दुनिया में खास पहचान दिलाती है.
क्यों नहीं डूबता शरीर?
डेड सी के पानी में नमक और अन्य खनिजों की मात्रा सामान्य समुद्री पानी की तुलना में कई गुना अधिक होती है. जहां समुद्र के पानी में औसतन लगभग 3.5 प्रतिशत नमक होता है, वहीं डेड सी में यह मात्रा करीब 30 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच जाती है. नमक की अधिकता की वजह से पानी का घनत्व (Density) बढ़ जाता है. जब कोई व्यक्ति इसमें उतरता है, तो पानी शरीर को ऊपर की ओर ज्यादा बल देता है. इसी कारण इंसान आसानी से सतह पर तैरने लगता है और डूबने की संभावना सामान्य पानी की तुलना में काफी कम हो जाती है.
आखिर इसे ‘डेड सी’ क्यों कहा जाता है?
इस झील का नाम सुनकर कई लोग सोचते हैं कि शायद यहां कोई दुर्घटना होती होगी, लेकिन ऐसा नहीं है. इसे डेड सी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके अत्यधिक खारे पानी में अधिकांश मछलियां और जलीय पौधे जीवित नहीं रह पाते. हालांकि कुछ सूक्ष्म जीव और विशेष प्रकार के सूक्ष्मजीव यहां मौजूद हो सकते हैं, लेकिन सामान्य जलीय जीवन यहां लगभग नहीं के बराबर है. इसी वजह से इसे “मृत सागर” या डेड सी कहा जाने लगा.
क्या यहां नहाना सुरक्षित है?
डेड सी में पर्यटकों को तैरने की बजाय सिर्फ पानी पर आराम से लेटने की सलाह दी जाती है. यहां गोता लगाना या पानी में छलांग लगाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि अत्यधिक खारा पानी आंखों और मुंह में जाने पर तेज जलन पैदा कर सकता है. अगर शरीर पर कोई खुला घाव हो, तो उसमें भी काफी जलन महसूस हो सकती है. इसलिए यहां आने वाले लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है.
मिट्टी भी है खास
डेड सी सिर्फ अपने पानी के लिए ही नहीं, बल्कि यहां की काली खनिजयुक्त मिट्टी के लिए भी मशहूर है. कई लोग इस मिट्टी को त्वचा पर लगाते हैं. माना जाता है कि इसमें मौजूद मैग्नीशियम, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे खनिज त्वचा की देखभाल में मदद कर सकते हैं. हालांकि किसी भी चिकित्सीय लाभ का दावा करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.
क्यों है यह जगह दुनियाभर में मशहूर?
डेड सी प्रकृति का ऐसा अजूबा है, जहां विज्ञान और पर्यटन एक साथ देखने को मिलते हैं. यहां पानी में बिना प्रयास के तैरने का अनुभव लोगों के लिए बेहद खास होता है. यही वजह है कि यह झील सिर्फ वैज्ञानिकों के अध्ययन का विषय ही नहीं, बल्कि एडवेंचर और प्रकृति प्रेमियों की पसंदीदा जगहों में भी शामिल है. अगर आप कभी मध्य-पूर्व की यात्रा की योजना बनाते हैं, तो डेड सी का यह अनोखा अनुभव आपकी ट्रिप को यादगार बना सकता है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



