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Karauli Hindi News: करौली जिले का मामचारी डैम (Mamchari Dam) मानसून के दौरान प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत नजारा पेश करता है. पूरे साल शांत दिखाई देने वाला यह बांध बारिश के मौसम में चादर चलने के साथ ही पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बन जाता है. बहते पानी का मनमोहक दृश्य देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं, जिससे कई बार पर्यटकों की इतनी भीड़ हो जाती है कि खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती. हरियाली, ठंडी हवाएं और बहते पानी का संगम इस स्थान को मानसून पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए करौली के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल कर देता है.
करौली. राजस्थान के करौली जिले का मामचारी बांध मानसून आते ही प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन जाता है. सालभर शांत दिखाई देने वाला यह बांध बारिश के मौसम में पूरी तरह बदल जाता है. जैसे ही बांध लबालब भरता है और इसकी चादर चलने लगती है, यहां का नजारा देखने लायक हो जाता है. आसपास के जिलों के अलावा जयपुर, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर और दौसा से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचने लगते हैं. कई बार छुट्टियों के दिनों में यहां इतनी भीड़ हो जाती है कि लोगों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती.
करौली जिले में पांचना बांध सबसे बड़ा बांध माना जाता है, लेकिन प्राकृतिक सुंदरता और मानसून के दौरान पर्यटकों की पसंद के मामले में मामचारी बांध की अलग पहचान है. हरियाली से घिरा यह बांध बरसात में किसी पर्यटन स्थल से कम नजर नहीं आता. बांध से बहती पानी की चादर, चारों ओर फैली हरियाली और ठंडी हवाएं लोगों को घंटों यहां रुकने के लिए मजबूर कर देती हैं.
बांध की तस्वीरें और वीडियो खूब साझा किए
मामचारी बांध करौली मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. बारिश के दिनों में यहां सुबह से शाम तक पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है. परिवार, युवा और फोटोग्राफी के शौकीन लोग यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं. सोशल मीडिया पर भी इस बांध की तस्वीरें और वीडियो खूब साझा किए जाते हैं, जिससे हर साल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जैसे ही अच्छी बारिश होती है और बांध पर चादर चलना शुरू होती है, वैसे ही यहां मेले जैसा माहौल बन जाता है. सड़क किनारे खाने-पीने की अस्थायी दुकानें भी सज जाती हैं, जिससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त रोजगार का अवसर मिलता है.
चादर के बेहद करीब जाकर सेल्फी
हालांकि प्रशासन और स्थानीय लोग पर्यटकों से अपील करते हैं कि वे बांध की चादर के बेहद करीब जाकर सेल्फी लेने या पानी में उतरने का जोखिम न उठाएं. बरसात के दौरान पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है. यदि सावधानी बरती जाए तो मामचारी बांध का मानसूनी नजारा करौली आने वाले हर पर्यटक के लिए यादगार अनुभव बन जाता है.
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