Homeटेक्नोलॉजीजालंधर में वाल्मीकि जयंती पर हरियाणा सीएम चीफ गेस्ट होंगे: नायब...

जालंधर में वाल्मीकि जयंती पर हरियाणा सीएम चीफ गेस्ट होंगे: नायब सैनी दलित समुदाय से संवाद भी करेंगे; आयोजक बोले- 50 हजार लोग शामिल होंगे




पंजाब के जालंधर में वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। वाल्मीकि जयंती 26 अक्टूबर को है, लेकिन राज्य में करीब एक हफ्ते पहले से ही कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। 18 अक्टूबर को जालंधर से अमृतसर के श्री रामतीर्थ तक विशाल तीर्थयात्रा निकाली जाएगी। इसमें करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। पंजाब में दलित समुदाय की आबादी करीब 32% पंजाब में दलित समुदाय की आबादी करीब 32% है। इसमें वाल्मीकि समुदाय की बड़ी हिस्सेदारी है। इसलिए राज्य में वाल्मीकि जयंती बड़े उत्सव के रूप में मनाई जाती है। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी श्रद्धालुओं की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दौरान वे वाल्मीकि समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे और खास संदेश देंगे। चुनाव से पहले पहली बार वे इतनी बड़ी संख्या में वाल्मीकि समुदाय के लोगों के बीच अपनी बात रखेंगे। कार्यक्रम में राज्य से 1 हजार बसें शामिल होंगी कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों करेंगे। भगवान वाल्मीकि उत्सव कमेटी के प्रधान विपन सभ्रवाल ने बताया कि शांति नगर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम में 15 अक्टूबर से उत्सव शुरू हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 18 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे आश्रम पहुंचकर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे पैदल मार्च में शामिल होंगे, लोगों को संबोधित करेंगे और तीर्थयात्रा की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कमेटी के पदाधिकारियों के मुताबिक, यात्रा में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से करीब 1 हजार बसें शामिल होंगी। इनके जरिए लगभग 50 हजार श्रद्धालु यात्रा में पहुंचेंगे। आयोजकों ने बताया कि इस तीर्थयात्रा का उद्देश्य भगवान वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा जताने के साथ उनकी शिक्षाओं, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश लोगों तक पहुंचाना है। श्री रामतीर्थ पहुंचकर श्रद्धालु भगवान वाल्मीकि के पवित्र स्थल पर नमन करेंगे। सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर हरियाणा के मुख्यमंत्री और पंजाब के प्रमुख नेताओं के शामिल होने से इस आयोजन पर सामाजिक और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। यह कार्यक्रम पंजाब और हरियाणा के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का मौका भी होगा। आयोजकों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य भगवान वाल्मीकि की शिक्षाओं का प्रचार करना और समाज में भाईचारे, समानता व समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा में शामिल होने की अपील की।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments