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जिन चार मासूमों के कत्‍ल पर मां को ढूंढ रही थी पुल‍िस, 100 मीटर दूर ही पड़ी म‍िली लाश, अंबेडकरनगर हत्‍याकांड की उलझी मिस्‍ट्री


Ambedkar Nagar Crime News: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के अकबरपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने रूह कंपा दी है. जिस मां पर अपने ही चार कलेजे के टुकड़ों के कत्ल का शक था, अब उसकी भी लाश मिल गई है. शनिवार को मीरानपुर के एक घर में चार भाई-बहनों के खून से लथपथ शव मिलने के बाद से लापता मां, गासिया खातून का शव रविवार को घर से महज 100 मीटर की दूरी पर एक नाले के किनारे बरामद हुआ. पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया था, जिसके बाद यह बड़ी कामयाबी मिली.

इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है. पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि क्या मां ने ही अपने बच्चों को मारकर खुदकुशी की या इस खौफनाक मंजर के पीछे कोई और तीसरा खिलाड़ी भी शामिल है.

घर से 100 मीटर दूर मिला मां का शव
शनिवार को जब अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद मीरानपुर मोहल्ले में चार बच्चों शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और मासूम बेटी बयान (8) की सिर कुचली हुई लाशें मिली थीं, तब से मां गासिया खातून (34) गायब थी. पुलिस को शक था कि मां ने ही बच्चों को मौत के घाट उतारा और फरार हो गई. लेकिन, रविवार सुबह पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और ड्रोन आसमान में उड़ाए, तो घर से कुछ ही दूरी पर झाड़ियों और नाले के पास एक महिला का शव दिखाई दिया. पास जाकर शिनाख्त की गई तो वह बच्चों की मां गासिया ही थी. पुलिस ने फौरन शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

ईंट और हथौड़े से उजाड़ दी बच्चों की दुनिया
यह पूरी वारदात किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं है. पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं. घर अंदर से बंद था और चारों बच्चों के शव खून से सने फर्श पर पड़े थे. शक जताया जा रहा है कि बच्चों को पहले कोई नशीला पदार्थ खिलाया गया ताकि वे विरोध न कर सकें और फिर ईंट व हथौड़े से उनके सिर कूच दिए गए. हत्या इतनी बेरहमी से की गई थी कि देखने वालों की आंखों में आंसू आ गए.

सऊदी में था पिता, घर में बिछ गई लाशें
महरुआ के कसड़ा गांव का रहने वाला नियाज (37) सऊदी अरब में रहकर मेहनत-मजदूरी करता है. उसने अपनी कमाई से चार साल पहले मीरानपुर में अपनी पत्नी गासिया के नाम पर मकान बनवाया था ताकि बच्चे अच्छी तालीम हासिल कर सकें. लेकिन उसे क्या पता था कि जिस घर को उसने खुशियों के लिए बनाया था, वही उसके बच्चों की कब्रगाह बन जाएगा. जैसे ही नियाज को इस घटना की खबर मिली, उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

जब गांव पहुंचे 4 मासूमों के शव, हर आंख हुई नम
रविवार दोपहर करीब एक बजे जब पोस्टमार्टम के बाद चारों बच्चों के शव उनके पैतृक गांव कसड़ा पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर पत्थर दिल इंसान भी रो पड़ता. गांव की गलियों में चीख-पुकार मच गई. हर कोई उन मासूमों की एक झलक पाने के लिए बेताब था. गांव वाले सुबह तक माँ को कोस रहे थे, लेकिन दोपहर होते-होते जब मां की भी मौत की खबर आई, तो पूरा गांव स्तब्ध रह गया. सुरक्षा के लिहाज से गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था.

एक साथ उठी चार अर्थियां, भारी मन से दी गई विदाई
जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई. गांव के कब्रिस्तान में एक साथ चार जनाजे निकले तो पूरा इलाका गमगीन हो गया. सऊद (12) और उमर (10) को एक ही कब्र में दफन किया गया, जबकि बड़े बेटे शफीक (14) और इकलौती बेटी बयान (8) को पास की कब्रों में सुपुर्द-ए-खाक किया गया.

पुलिस के सामने अब भी कई अनसुलझे सवाल
अंबेडकरनगर पुलिस के लिए यह मामला अब एक बड़ी गुत्थी बन गया है. अगर गासिया ने बच्चों को मारा, तो उसने नाले के पास जाकर जान क्यों दी? क्या यह डिप्रेशन का मामला था या घर में कोई कलह चल रही थी?

  • क्या किसी तीसरे व्यक्ति की संलिप्तता है?
  • क्या बच्चों को वाकई जहर या नशीला पदार्थ दिया गया था?
  • घर अंदर से बंद होने के बावजूद मां बाहर कैसे निकली और उसकी मौत कैसे हुई?

अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी. फिलहाल, पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही इस सामूहिक हत्याकांड और संदिग्ध मौत का पर्दाफाश कर दिया जाएगा.



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