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पंजाब के मानसा में चर्चित परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में अदालत ने चारों आरोपियों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. दूसरी ओर, मृतक के परिवार और एक्शन कमेटी ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया है. परिजनों का कहना है कि जब तक पंजाब सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करती है, तबतक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें आगे.
मानसा में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड मामले में धरने पर बैठे परिजन और एक्शन कमेटी के सदस्यों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है.
क्राइम न्यूज. पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर गुरुवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. इस मामले में गिरफ्तार किए चारों आरोपियों को अब 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा. दूसरी तरफ, मृतक के परिवार और एक्शन कमेटी ने साफ कर दिया है कि जब तक पंजाब सरकार उनकी मांगें स्वीकार नहीं करती, तब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जाएगा. ऐसे में इस मामले में अब सरकार के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं.
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के चारों आरोपी अश्वनी कुमार, नीलम रानी, विपन और लड्डी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) राजिंदर नागपाल की अदालत में पेश किया गया. चारों आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई. लंबी सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने ने चारों आरोपियों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया. फिलहाल चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे.
सरकार पहले मांगें पूरी करे
इस मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अब पोस्टमॉर्टम को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है. परविंदर सिंह झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने स्पष्ट किया है कि परिवार अपनी मांगों पर कायम है. परिवार और एक्शन कमेटी का कहना है कि धरना शुरू होने से पहले पंजाब सरकार के सामने कुछ मांगें रखी गई थीं. पहले उन मांगों स्वीकार किया जाए. जब तक सरकार मांगें पूरी नहीं करती, तब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जाएगा. परिवार ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने के बाद ही पोस्टमॉर्टम को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा.
13 अक्टूबर को मेडिकल स्टोर में हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वारदात एक मेडिकल स्टोर के अंदर हुई थी. झोटा को नशीले पदार्थों की खरीफ-फरोख्त के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाना जाता था. इस हत्या के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया. फिलहाल इस हत्याकांड की जांच सीबीआई कर रही है. इस मामले में अबतक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और अब उन्हें 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
अमित शाह ने भी पीड़ित परिवारों से की थी मुलाकात
इस हत्याकांड के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पंजाब के गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में तीन पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की थी. इनके अपनों की नशीले पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाने के बाद हत्या कर दी गई थी. इन मुलाकातों के दौरान अमित शाह ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई थी और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया था. उन्होंने तीनों मामलों की सीबीआई जांच कराने का वादा भी किया था.