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भोपाल के हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस में नया सस्पेंस खड़ा हो गया है. फरार पति समर्थ और पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में याचिका लगाकर ट्विशा के कमरे से मिलीं कार-मकान की चाबियों और एक सीलबंद पार्सल की जांच कराने की मांग की है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में हुई पूर्व ‘मिस पुणे’ और दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह कानूनी पेचीदगियों में उलझ गया है. इस मामले में फरार चल रहे आरोपी पति व अधिवक्ता समर्थ सिंह और उनकी मां रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह की ओर से भोपाल की जिला अदालत में एक नई याचिका दायर की गई है. इस याचिका में ससुराल पक्ष ने कुछ ऐसे तकनीकी और भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं, जो जांच की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं. न्यायालय ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए इस पर अगली सुनवाई के लिए शनिवार, 23 मई की तारीख तय की है. इस नई याचिका के सामने आने के बाद अब दोनों पक्षों के बीच चल रही कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है. ससुराल पक्ष द्वारा दायर की गई इस नई याचिका में सबसे महत्वपूर्ण दावा ट्विशा के कमरे से बरामद हुई कुछ चीजों को लेकर किया गया है.
याचिका के अनुसार, घटना के पश्चात जब पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने ट्विशा के कमरे की जांच की थी, तब वहां से एक अज्ञात कार की चाबी और एक मकान की चाबी बरामद हुई थी. इसके अलावा, ट्विशा की मौत के ठीक बाद उनके नाम से कूरियर द्वारा भेजा गया एक पार्सल भी ससुराल के पते पर प्राप्त हुआ है, जिसे फिलहाल सीलबंद रखा गया है. समर्थ और गिरिबाला सिंह के वकीलों ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि पुलिस तुरंत इन दोनों चाबियों, संबंधित वाहन व मकान तथा उस पार्सल को अपनी आधिकारिक जब्ती में ले और उनकी गहनता से फोरेंसिक जांच कराए. ससुराल पक्ष का तर्क है कि इन चीजों की जांच से मृतका की मृत्यु के कारणों से जुड़े कुछ अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं. इसके साथ ही, याचिका में पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन की प्रक्रिया पर गंभीर प्रक्रियात्मक सवाल उठाए गए हैं.
याचिका के माध्यम से न्यायालय को सूचित किया गया है कि पुलिस ने घटना के बाद रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के निवास स्थान से जो सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर जब्त किया था, उसकी टाइमिंग और वास्तविक रिकॉर्डिंग के समय में 2 दिन, 2 घंटे और 20 मिनट का बहुत बड़ा अंतर है. इसके अलावा, याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने इस बेहद महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत को जब्त करते समय कानून के नियमों का पालन नहीं किया और पांच स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में नियम के मुताबिक पंचनामा तैयार नहीं किया गया. याचिका का एक और मुख्य बिंदु उस ऑडियो रिकॉर्डिंग की सच्चाई से जुड़ा है, जिसे ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मीडिया के सामने जारी किया था. इस ऑडियो में ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और भाई हर्षित के बीच तीखी बहस होने की बात कही गई है. अब ससुराल पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए मांग की है कि पुलिस को वह मूल मोबाइल फोन जब्त करना चाहिए, जिससे यह रिकॉर्डिंग की गई थी, ताकि यह साफ हो सके कि ऑडियो के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ या एडिटिंग तो नहीं की गई है.
इसके साथ ही, याचिका में ट्विशा के बैंक खातों के बैंक स्टेटमेंट की जांच कराने की भी मांग की गई है. याचिका में समर्थ सिंह का दावा है कि उन्होंने डिजिटल माध्यम से ट्विशा के खाते में साढ़े सात लाख रुपये ट्रांसफर किए थे, और पुलिस को यह जांचना चाहिए कि वह पैसा कब और कहां खर्च किया गया, ताकि दहेज प्रताड़ना के आरोपों की सच्चाई जांची जा सके. उल्लेखनीय है कि 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में हुई थी और विवाह के मात्र 5 महीने बाद 12 मई की रात को भोपाल स्थित उनके ससुराल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी. ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने दहेज हत्या और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया था. एम्स भोपाल की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण फांसी लगाना बताया गया है, लेकिन साथ ही शरीर पर मृत्यु-पूर्व की चोटों के निशान भी पाए गए हैं. वर्तमान में मुख्य आरोपी समर्थ सिंह पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित है और पुलिस उसकी तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है. अब सभी पक्षों की नजरें 23 मई को भोपाल कोर्ट में होने वाली सुनवाई और उस पर आने वाले निर्णय पर टिकी हैं.
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न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें



